रोंढा में पंचायत द्वारा स्कूली बच्चों के साथ निकाली तिरंगा रैली


बैतूल। हर घर तिरंगा योजना का लक्ष्य घर-घर तिरंगा लहराने का है। जिसके तहत 20 करोड़ घरों में तिरंगा लहराने का लक्ष्य निश्चिय किया है। 11 अगस्त से 15 अगस्त के बीच सभी के घरों में आजादी के अमृत-महोत्सव के अंतर्गत तिरंगा के सम्मान और जुड़ाव को बढ़ाना है। इस अभियान के सफल क्रियावयन के उद्देश्य को लेकर ग्राम पंचायत रोंढा, स्कूल छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आँगनवाडी कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधियों ने रैली निकालकर इस अभियान में सभी जनमानस का सहयोग मांँगा।

तिरंगा हमारा है गौरव- इस मौके पर ग्राम पंचायत के उपसरपंच प्रदीप डिगरसे और माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक सुभाष खातरकर ने कहा कि तिरंगा हमारा गौरव है। सभी लोग हर्ष उल्लास व त्यौहार के रूप में घर-घर तिरंगा लहरकर लोगों में तिरंगे के प्रति सम्मान व जनजाग्रति को बढ़ाने के उद्देश्य से यह रैली का आयोजन किया गया। जिसके तहत आगामी सप्ताह भर स्कूल में कार्यक्रम आयोजित कर पालकों को इस अभियान से जोडने का निरंतर प्रयास किया। इस अवसर पर ग्राम रोजगार सहायक उषा मालवी, शिक्षक गोविन्द रैकवार, राकेश त्रिपाठी, राजेश बाजपेयी, रेखा माथुरकर, अर्चना पवार, आँगनवाडी कार्यकर्ता आशा पवार, सुनिता पवार सहित ग्राम के वरिष्ठजन और जनप्रतिनिधी उपस्थित रहे।

कावड़ यात्रियों ने उज्जैन पहुंच किया बाबा महाकाल का जलाअभिषेक…


ग्राम जाबड़िया भील से कावड़ यात्रियों का जत्था पैदल उज्जैन के लिए रवाना हुआ था जो की आज सोमवार कांवड़ियों ने बाबा महाकाल का जलाअभिषेक किया कावड़ यात्री अर्जुन सिंह परमार ने बताया की कावड़ यात्रा के पूर्व सभी कावड़ यात्रियों ने अपने ग्राम के प्रमुख शिवालयों पर जाकर भगवान भोलेनाथ का जलाअभिषेक किया वही कावड़ यात्रियों के जत्था रवाना होने से पूर्व ग्राम वासियों ने सभी कावड़ यात्रियों को पुष्प माला पहना कर सभी का स्वागत किया था कावड़ यात्रियों मे 13 से 15 साल के बच्चे भी सम्मलित थे….

जोन स्तरीय विज्ञान मेले में डाइट बैतूल की सहायक शिक्षण सामग्री को तृतीय स्थान प्राप्त


बैतूल। प्राचार्य डाइट प्रभात पट्टन श्रीमती सरिता प्र. आंडे ने बताया कि राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान एवं शिक्षा महाविद्यालय जबलपुर के निर्देशानुसार प्रगत शैक्षिक संस्थान (IASE) भोपाल में दिनांक 04.08.22 को आयोजित जोन स्तरीय विज्ञान मेला वर्ष 2021-22 के आयोजन में डाइट बैतूल से टीएलएम (सहायक शिक्षण सामग्री) प्रतियोगिता, प्रश्न मंच प्रतियोगिता और तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता हेतु D.El.Ed प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष की छात्राध्यापिकाओं ने भाग लिया जिसमें डाइट बैतूल का टीएलएम 3D आकृतियों की समझ विकसित करना, पाइथागोरस प्रमेय का सत्यापन को तृतीय स्थान मिला। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया। जिले से श्री रितेश पठाड़े प्राथमिक शिक्षक एवं शिक्षिका श्रीमती शीला इवने टीम प्रभारी एवं मार्गदर्शक के रुप में शामिल हुए । आयोजक आईएएसई भोपाल द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं मार्गदर्शक को सहभागिता-प्रशस्ति प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।
इस उपलब्धि पर डाइट प्राचार्य श्रीमती सरिता आंडे , श्री अंकुर धोटे सहित समस्त स्टाफ द्वारा बधाई प्रेषित की गई ।

देश प्रदेश के पत्रकार विज्ञापन चाहते हैं भीख नहीं


मुलतापी समाचार

भोपाल / चन्द दिनों में ही वो घड़ी आ जायेगी जब देश 75th स्वतंत्रता दिवस मना रहा होगा।इन बीते सालों में बहुत कुछ बदला! हां,मीडिया का स्वरूप और कार्यशैली भी।

जब आम आदमी,सत्ता और अधिकारी का जिक्र किया जाता है तब अकसर यह गौर किया है की पत्रकारों के जिक्र से अक्सर बचा जाता रहा है।अगर हम फिलहाल मोटे तौर पर एक अनुमान के मुताबिक बात करें तो सिर्फ तीस से चालीस प्रतिशत पत्रकार ही ऐसे होंगे जो शासकीय या निजी बड़े संस्थानों में निश्चित और आकर्षक वेतन पर कार्यरत है।बाकी का बचा हुआ वर्ग आज भी कंटेंट पर कमीशन और राष्ट्रीय एवम धार्मिक पर्वों पर विज्ञापन कलेक्शन की दम पर गुजर बसर करता है।इसमें कोई हैरत की बात नही की इन पत्रकारों की आर्थिक स्थिति अनिश्चितता के घोड़े पर सवार रहती है।

ना कोई मंहगाई भत्ता,ना कोई निश्चित वेतन
क्या आपने कभी सोचा भी है? की आप जिन पत्रकारों से न्याय की लड़ाई में शासन,प्रशासन,अपराधी ,काले कारोबारी ,भ्रष्टाचारी,गुंडे मावलियों के सामने सीना तान कर खड़े रहने की उम्मीद करते हैं, वे समाज में आज किस स्तर पर हैं।हम यहां स्पष्ट कर दें की फेक न्यूज चलाने वाले,अवैध वसूली करने वाले, कॉपी पेस्ट करने वाले,स्क्रीन शॉट, मुद्दों की खरीद फरोख्त के जरिए कमाने की कतार में खड़े तथाकथित पत्रकारों की बात बिल्कुल भी नहीं कर रहे हैं।
पत्रकारों को आने वाले फोन कॉल्स पर सिर्फ खबरें और विज्ञापन ही नही होते।अक्सर उन्हें शिकायतों से संबंधित काल भी आते हैं, और समय पर शिकायत या कार्य का निराकरण न होने पर उलाहना भी दी जाती है।

मसलन –

– अधिकारी काम करने के लिए पैसे मांग रहे हैं।
– मनरेगा मजदूरी का पैसा खाते में नहीं आया।
– वहां गांजा बेच रहे,जुआं सट्टा चल रहा हैं।
– मेरे नल में पानी नहीं आ रहा है।
– पड़ोसी ने सड़क और नाली पर अतिक्रमण कर रखा है।
– चरनोई भूमि पर दबंग का कब्जा है।
– मुझे लोग मारने पीटने आए हैं।
– यातायात पुलिस ने रास्ते में रोक लिया है।
– पैसे हैं नही और स्कूल वाले फीस के लिए अभी मान नही रहे हैं।
– हथियार बंद लोग मुझे घेर कर खड़े हुए हैं।
– सरपंच प्र. मं. आवास पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
– जीआरएस मनरेगा मजदूरी नहीं दे रहे हैं, त्योहार आ गया है।


इस तरह की अन्य सैंकड़ों शिकायतों की फेहरिस्त बहुत लंबी है, जहां एक पत्रकार का उपयोग अपने फायदे के लिए किया जाता है।यदि वह समय पर नहीं ध्यान दे सका तो बिकाऊ है,दलाल है, डील हो गई होगी ऐसे तमाम तमगों से भी नवाजने में कोई गुरेज नहीं किया जाता।
सारी उम्र दूसरों के लिए आवाज उठाने वाला खुद के लिए कभी आवाज नहीं उठा पाता।लेकिन ऐसे पत्रकारों के प्रति समाज गंभीर दिखाई नही देता। एक पत्रकार के क्या अधिकार और कर्तव्य हैं यह तो याद रखा जाता है लेकिन उनके प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई जाती।

पत्रकार विज्ञापन चाहते हैं भीख नहीं। लेकिन वे तमाम पत्रकार जो कलम की आग उगलते रहते हैं उन्हे सत्ता,अधिकारी,पंचायत से विज्ञापन के स्थान पर कुटिलता का सामना करना पड़ता है।शायद “सच लिखने की कीमत चुकानी पड़ती है”।कभी धमकी सहनी पड़ती है,तो कभी असमजिक तत्वों के कोप का भाजन बनना पड़ता है और कभी जान देकर लिखने की कीमत चुकानी पड़ती है।
“साभार” मुलतापी समाचार

अजब एमपी की गजब कहानी: पंचायत सचिव की 3 पत्नियां, तीनों बीवी चुनावी मैदान में उतरीं, सीईओ ने थमाया नोटिस


सिंगरौली। अजब एमपी की गजब कहानी का ताजा मामला सिंगरौली जिले के देवसर तहसील से सामने आया है. एक पंचायत सचिव की तीन पत्नी चुनावी मैदान में हैं. तीनों पत्नियों ने अपना नामांकन दाखिल किया है. नामांकन दाखिल करने के बाद गांव के ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लोग बेहद हैरान हैं. हालांकि तीनों पत्नी अलग-अलग पंचायत से चुनावी मैदान में उतरी हैं।

सिंगरौली जिले के पंचायत सचिव सुखराम सिंह की तीन पत्नियां हैं, उसकी पहली पत्नी उर्मिला सिंह देवसर जनपद के पेडरा से जनपद सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए चुनावी मैदान में है. दूसरी पत्नी कुसुम कली ने सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल किया है. तीसरी पत्नी गीता सिंह है, जिसने अलग-अलग पंचायतों से सरपंच पद के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल किया है. तीनों पत्नियों के नामांकन दाखिल करने के बाद जिले में सुखराम की पत्नियों का चर्चा जोरों पर है।

हालांकि इस पूरे मामले को लेकर देवसर जनपद के सीईओ वीके सिंह ने हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के अंतर्गत 2 या उससे अधिक पत्नियों के कारण अनुशासनत्मक कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी कर किया है. बता दें कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 में प्रावधान है कि एक जीवित पत्नी होते हुए दूसरा विवाह किया जाना प्रतिबंधित है।

ऐसा किए जाने पर धारा 494 के अंतर्गत 7 वर्ष की कारावास का भी प्रावधान है. नोटिस में देवसर जनपद सीईओ ने हलफनामा के साथ अपना बयान दर्ज कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और कितनी पत्नियां हैं, उसके बारे में क्रमशः जानकारी देने की नोटिस जारी किया है।

घर में स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है लोग हमेशा बना रहता है एवं मनचाही नौकरी नहीं मिल पा रही है करें यह 5 में से कोई 1 उपाय, पूरी हो सकती है आपकी मनोकामना


Multai

नौकरी न होने के कारण न तो समाज में मान-सम्मान मिलता है और न ही घर-परिवार में। यदि आप भी बेरोजगार हैं और बहुत प्रयत्न करने पर भी रोजगार नहीं मिल रहा है, तो निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। कुछ साधारण उपाय करने से आपकी इस समस्या का समाधान हो सकता है। ये उपाय इस प्रकार हैं-

1. किसी शनिवार को हनुमानजी के मंदिर में जाकर सवा किलो मोतीचूर के लड्डुओं का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाएं और मंदिर में ही बैठकर लाल चंदन की या मूंगा की माला से 108 बार नीचे लिखी चौपाई का जाप करें-

चौपाई- कवन सो काज कठिन जग माही।
जो नहीं होय तात तुम पाहिं।।

इसके बाद 40 दिनों तक रोज अपने घर के मंदिर में इस चौपाई का जाप 108 बार करें। शीघ्र ही आपकी समस्या का समाधान हो सकता है।

2. किसी मंगलवार से प्रारंभ करते हुए 40 दिनों तक रोज सुबह के समय नंगे पैर हनुमानजी के मंदिर में जाएं और लाल गुलाब के फूल चढ़ाएं। ऐसा करने से भी रोजगार मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

3. यदि आप नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जा रहे हैं तो पहले लाल चंदन की माला से नीचे लिखे मंत्र का 11 बार जाप करें-
ऊं वक्रतुंडाय हुं
जाप से पूर्व भगवान गणेश की पूजा करें और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करते हुए दूध से अभिषेक करें।

4. हर महीने के शुक्ल पक्ष के अंत में पूर्णिमा तिथि आती है। इस तिथि पर रात के समय छत या ऐसे खुले स्थान पर जाएं, जहां चंद्रमा की अच्छी रोशनी आती हो। वहां चंद्रमा के दर्शन होने पर अगरबत्ती-दीपक लगाकर पूजा करें और सफेद सामग्री या दूध से बने व्यंजन जैसे- मिठाई, खीर, रबड़ी आदि का भोग लगाएं तथा नौकरी के लिए प्रार्थना करें। दीपक को भोग के पास ही रख दें। यह साधना नैवेद्य यंत्र सिद्धि कहलाती है। ये उपाय करने से आपकी नौकरी लग सकती है और अगर आपको प्रमोशन चाहिए तो वो भी मिल सकता है।

रोगों को दुर करने हेतु उपाय

5. किसी मंगलवार या शनिवार को हनुमानजी के मंदिर में जाकर या पूजा घर में घी का दीपक जलाएं और मंदिर में ही बैठकर लाल चंदन की या मूंगा की माला से 108 बार चौपाई का जाप करें जाप करने के बाद आप रोगी को एक गिलास पानी लेकर चौपाई का उच्चारण कर फुक मारकर पिलाएं लाभ होगा

जय श्री राम

विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर मंगल दिवस का आयोजन


बैतूल। आंगनवाड़ी केन्द्र करजगाँव में विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर मंगल दिवस, गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रुप से हितग्राही गर्भवती माताएं और उनके परिवार के लोगों को आमंत्रित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को जाग्रत करना है कि शिशु के लिए मां का दूध पूर्ण पौष्टिक आहार के साथ-साथ औषधीय गुणों से भरपूर है।

कार्यक्रम के मुख्य रुप से आँगनवाडी कार्यकर्ता यशोमती पवार ने भी हितग्राही के परिवार के लोगों को समझाईश दी और बताया कि जबसे गर्भवती मां बनती है तो उसके साथ साथ उसके परिवार के लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी पूर्ण रूप से निभाना पड़ता है और प्रसव के 1 घंटे के अंदर नवजात शिशु को स्तनपान कराना पड़ता है जो कि शिशु में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। 6 माह तक केवल मां का दूध और 6 माह के बाद शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए मां के दूध के साथ को पौष्टिक आहार देना कितना आवश्यक है यहा सारी जानकारी इस कार्यक्रम द्वारा दी गई। इस कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता यशोमती पवार, सहायिका सुनिता उईके, सहयोगिनी माँ की अध्यक्ष मोनिका पवार, पंच कमलती बाई, माया पवार, ने भी हितग्राहियों को समझाईश दी।

हर्षोल्लास के साथ बालाजी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल ने मनाया आजादी का आजादी का 75 वां अमृत उत्सव


बैतूल। खंजनपुर में स्थित बालाजी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में आज 11 बजे मुख्य अतिथि पूर्व सैनिक विजय नरवरे, जगदीश गडेकर, जगदीश पाल द्वारा भारत माता कि प्रतिमा के सामने दीप प्रज्जवलित करके भारत माता की आरती, राष्ट्रगान एवम राष्ट्रगीत गाकर आजादी का आजादी का 75 वां अमृत उत्सव मनाया गया साथ ही स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए
मुख्य अतिथि पूर्व सैनिक विजय नरवरे द्वारा छात्र-छात्राओं को स्वयं सुरक्षा एवम् देश की सुरक्षा के लिए जागरूक किया, सेना मैं जाने के लिए के लिए प्रेरित किया साथ ही कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे प्राचार्य महेश पवार द्वारा सभी अतिथी पूर्व सैनिकों का श्रीफल और श्याल भेंट करके सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य महेश पवार , शिक्षिका श्रीमती नंदिता पवार, ललिता नगदे, श्रद्धा सोनी, सोलंकी मेम, नेहा राठौर, प्रशंसा चौधरी, जीतपुरे मैडम, कृष्णा यादव, कुसुम पाल, टीना प्रजापति, कविता यादव, शिक्षक अजय सोनी, नागेश्वर सर, अजय राठौर, महेश सर, विजय पवार, अनुराग सर, मोतीलाल पवार सहित विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राये मौजूद रहे।

राजा पवार जिला पंचायत अध्यक्ष बनने पर अनुसया सेवा संगठन मुलतापी द्वारा पौधा भेट कर स्वागत किया।


श्री राजा पवार जी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनने पर अनुसया सेवा संगठन मुलतापी द्वारा पौधा भेट कर स्वागत किया

श्री राजा पवार जी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनने पर मुलताई आगमन पर अनुसया सेवा संगठन द्वारा पौधा भेट कर बधाई प्रेषित की गई जिसमे राजा पवार जी द्वारा संगठन से पौधा प्राप्त करके उनके द्वारा खुसी जाते हुए राजा पवार जी द्वारा नगर व पुरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण करने व वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया गया इस अवशर पर अनुसया सेवा संगठन के अध्यक्ष कराना साहू, दिलीप साहू, सोनू साहू संदीप तारे, चंद्रशेखर साहू, महेश खत्री, लोकेश साहू, श्याम कुरवाडे, पवन साहू दियावार, महेश साहू, रितिक जोशी,पंकज साहू उपस्थित हुए

क्षत्रिय पवार समाज संगठन ने किया वृक्षारोपण


जिला क्षत्रिय पवार समाज संगठन बैतूल भारत भारती ईकाई के अध्यक्ष सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों समाज के वरिष्ठ जनों की उपस्थिति में कड़ाई देव बाबा टेकडी हनुमान मंदिर परिसर में आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में 24/07/2022 रविवार को क्षत्रिय पवार समाज संगठन बैतूल के जिलाध्यक्ष बाबूलाल कालभोर, उपाध्यक्ष बीआर पवार, सचिव श्री लक्ष्मीनारायण पवार, कोषाध्यक्ष एम.एल. डहारे संगठन सचिव, पूर्व सैनिक हरीराम कालभोर, भारत भारती ईकाई के अध्यक्ष श्यामराव देशमुख, उपाध्यक्ष रामरतन खपरिए, सदस्य श्यामा बारंगे, किसनलाल ओमकार, प्रेमलाल ढोंडी, बिनक कोडले, प्रेमलाल ढोले, सेवाराम कोडले, धनराज बोबड़े, मनोज बारंगे, बल्लू बोबडे, गणपत देशमुख, माधव पवार, राजेंद्र यादव अन्य सामाजिक सदस्यों ने छायादार, औषधि के फलदार पौधों का रोपण किया जिसमें नीम गुलमुहर, जामून, सीताफल, करंजी, बेलपत्ती आदि प्रजातियों के पौधे रोपित कर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।

आयोजन को सफल बनाने में सभी प्रतिभागी महानुभावों का सराहनीय योगदान रहा। समिति सदस्यों ने प्रतिभागी अतिथि महानुभावों का आभार व्यक्त किया। सभी ने भविष्य में और अधिक पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलजुल कर काम करने की सहमति जताई।

सच का प्रवाह

Create your website with WordPress.com
Get started