रेलवे पायलट की ट्रेन से कटकर मौत


बैतूल। शुक्रवार रात में एक रेलवे पायलट की इंजन से गिर कर और ट्रेन से कट कर मौके पर ही मौत हो गई। आमला पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार आमला निवासी रेलवे पायलट चिंतामनी ठाकुर 58 वर्ष की धाराखोह स्टेशन पर ड्यूटी थी। वे आमला से एक इंजन में बैठकर धाराखोह जा रहे थे। आमला और बरसाली स्टेशन के बीच

बैतूल। शुक्रवार रात में एक रेलवे पायलट की इंजन से गिर कर और ट्रेन से कट कर मौके पर ही मौत हो गई। आमला पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार आमला निवासी रेलवे पायलट चिंतामनी ठाकुर 58 वर्ष की धाराखोह स्टेशन पर ड्यूटी थी। वे आमला से एक इंजन में बैठकर धाराखोह जा रहे थे। आमला और बरसाली स्टेशन के बीच किलोमीटर क्रमांक 865 पर एक अन्य ट्रेन से कट कर उनकी मौत हो गई। संभावना जताई जा रही है कि इंजन पर चढ़ने के दौरान उसका गेट बंद रहा होगा और इस बीच वे गिरकर दूसरे ट्रैक पर आ गए। इसी दौरान तेज रफ्तार से निकल रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई। आमला पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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हादसे / कोहरे के कारण बैतूल में खड़े कंटेनर में घुसा पिकअप; चालक की मौत, एक गंभीर


हादसे / कोहरे के कारण बैतूल में खड़े कंटेनर में घुसा पिकअप; चालक की मौत, एक गंभीर

छिंदवाड़ा/बैतूल. बैतूल और छिंदवाड़ा में अलग-अलग सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। बैतूल जिले में बैतूल-खेड़ी रोड़ पर खडे कंटेनर में एक पिकअप वाहन घुस गया, जिससे पिकअप चालक की मौके पर मौत हो गई एक अन्य युवक जख्मी हो गया है। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

असल में, रोड पर खड़े पिकअप चालक को कोहरे के कारण सड़क पर खड़ा कंटेनर नहीं दिखा, ऐसे में पिकअप पीछे से कंटेनर से टकरा गया है। पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार को रात की है, डहर गांव के पास करंजी नाले के पास ये हादसा हुआ। पिकअप वाहन बैतूल की ओर आ रहा था। इस हादसे में पिकअप चालक की मौत हो गयी और एक अन्य युवक घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया। फिलहाल मृतक पिकअप चालक की पहचान नहीं हो सकी है।

हादसों में चार की मौत
छिंदवाड़ा जिले में अलग-अलग दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गयी है। पुलिस के अनुसार, शनिवार की रात उमरिया ग्राम के पास एक खड़े ट्रक से बाइक सवार लीलाधर पाल (40) के टकरा जाने से उसकी मृत्यु हो गयी। वहीं, सिंगोड़ी पुलिस चौकी के अंतर्गत अज्ञात वाहन के टक्कर मार दिए जाने से बाइक में पीछे बैठे मनीष लांबा (50) की मौत हो गई।

इधर, सौंसर के मोहगांव थाना क्षेत्र के जोबनडेरा ग्राम के समीप शनिवार को ही दोपहर दो बाइकों की सीधी टक्कर में एक युवक की मौत हो गई। वही, तीन अन्य सिरपत, कमलेश और संजय परतेती घायल हो गए। पांढुर्णा थाना क्षेत्र में दो बाइकों के टकराने से एक व्यापारी हरीभाई की इलाज के दौरान देर रात नागपुर में मौत हो गई। दो अन्य घायल हुए हैं। 

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patarkar banne ka sunhra moka

पवार समाज की बेटी ने टेनिस में किया नाम रोशन


*टेनिस की राष्ट्रीय खिलाड़ीहैं कु मान्या बारंगे**स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया में खेलते हुए मान्या ने द्वितीय स्थान अर्जित किया**केंद्रीय विद्यालय संगठन के खेलों में द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल जीता*14 वर्षीया कु मान्या बारंगे,पिता श्री हेमेंद्र बारंगे,माता श्रीमती किरण बारंगे,फस्ट स्टेप विद्यालय छिन्दवाडा़ में अध्ययनरत हैं।कुमारी मान्या ने 4 साल की उम्र से लान टेनिस खेलना शुरू किया । टेनिस में अपनी प्रतिभा के बल पर आपने केंद्रीय विद्यालय संगठन के खेलों में द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल जीता। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया में खेलते हुए आप ने द्वितीय स्थान अर्जित किया। वर्ष 2017 में बालाघाट में खेलते हुए एमपी के लिए आपने गोल्ड जीता।
सेरेना विलियम्स और नोवाक जोकोविच मान्या के पसंदीदा खिलाड़ी हैं। चूंकि खेल में व्यस्त रहने के बावजूद पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन है किन्तु स्कूल कम जा पाती है।आप पुणे स्थित किर्तने टेनिस अकादमी में कोचिंग कर रही है और आगेअपने देश का ब्लेजर पहनना और देश के लिए खेलना उसका लक्ष्य है।मान्या के कोच श्री संदीप किर्तने जी है।
क्रिएटिव कार डेकोर नागपुर रोड, मारूति एरेना के बाजू में छिन्दवाड़ा

Love Marriage : प्रेम विवाह से खफा युवती के परिजन, प्रेमी दुकान जलाई, 24 पर केस दर्ज, गांव में तनाव, धारा 144 लागू


बैतूल के गांव में लड़की पक्ष के लोगों ने दलित युवक के पिता की दुकान में आग लगा दी।
  • शुक्रवार देर रात की घटना, सुबह मौके पर पहुंचे कलेक्टर और एसपी
  • पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 24 लोगों पर एससी एसटी एक्ट में केस दर्ज किया

बैतूल. जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के गांव बिसनूर में दलित युवक द्वारा गांव की एक ऊंची जाति की लड़की से प्रेम विवाह करने से गुस्साई भीड़ ने दलित की जूते चप्पल की दुकान में आग लगा दी। घटना शुक्रवार को देर रात की है। आठनेर पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 24 लोगों के खिलाफ  एफआइआर दर्ज की है।

शनिवार सुबह गांव पहुंचे कलेक्टर तेजस्वी नायक, पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन पीड़ित दलित परिवार से मिले और सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया। कलेक्टर ने गांव में धारा 144 लगाने के भी आदेश दिए हैं। आठनेर पुलिस ने गांव के ही मुख्य आरोपी अतुल ठाकरे समेत 5 को भीड़ को उकसाने और दलित की दुकान में आग लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। 24 अन्य लोगों पर एफआइआर दर्ज की है। 

आठनेर थाना प्रभारी डीएस टेकाम ने बताया कि पीड़ित परिवार की ओर से आशीष पुत्र भोला काटोलकर ने थाने में घटना में शामिल आरोपियों की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

ये है मामला 

बिसनूर गांव के आकाश पुत्र भोला काटोलकलर गांव की लड़की के साथ प्रेम विवाह किया था, जिसके बाद दोनों घर से गायब हो गए थे। इसके बाद गांव में विवाद की स्थिति बन गई। शुक्रवार को लड़की पक्ष की तरफ से उग्र भीड़ ने दलित की जूते-चप्पल की दुकान में आग लगा दी और एक अन्य दुकान का सामान फेंक दिया। पीड़ित परिवार से तुकाराम काटोलकर ने बताया कि शुक्रवार को रात करीब 8 बजे सैकड़ों की संख्या में लोग आए और पथराव किया। इसके बाद दुकान में आग लगा दी। दमकल की गाड़ियाें ने आग बुझाई। 

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सुखदेव पाँसे ने दुर्ग में प्रेस वार्ता को संबोधित कर जानकारी दी।


मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री मा. श्री सुखदेव पाँसेजी ने दुर्ग में प्रेस वार्ता को संबोधित कर प्रदेश में कमलनाथ सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी।
भाजपा ने देश को दिया बेरोजगारी का तोहफा
भिलाई प्रवास के दौरान बृजमोहन के नेतृत्व में भव्य स्वागत


भिलाईनगर। मध्यप्रदेश सरकार के पीएचर्ई मंत्री श्री सुखदेव पांसेजी ने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी के 5 वर्षीय शासनकाल ने देश को 50 वर्षों के सबसे अधिक बेरोजगारी का तोहफा दिया है। कांँग्रेस पार्टी का इतिहास बलिदान, त्याग, तपस्या कर रहा है दूसरी ओर भाजपा का शासन काल केवल छल और कपट का रहा है। भाजपा ने जनता को केवल धोखा दिया है पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे अच्छी अर्थव्यवस्था थी। निजी प्रवास पर भिलाई पहुँचे मंत्री श्री सुखदेव पांसेजी पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमा रेखाएं भले ही अलग हो गई हों लेकिन रिश्ते वही पुराने हैं। यूथ कांग्रेस के समय एमपी व सीजी एक हुआ करते थे और उस समय यहांँ के युवा नेताओं से गहरी मित्रता थी जो आज भी है। काँंग्रेस पार्टी ने सदैव से ही जनता की सेवा की है और जनता को अधिकार भी काँंग्रेस ने ही दिए हैं चाहे वह सूचना का अधिकार हो शिक्षा का अधिकार हो या फिर पंचवर्षीय योजनाएं केवल कांँग्रेसी जनता के लिए लोक कल्याणकारी कार्य करते आ रही है।
मध्यप्रदेश के केबिनेट मंत्री मा. सुखदेव पांसेजी ने कहा देश में काँंग्रेस पार्टी ऐसी पार्टी है जिसने लोगों को अधिकार दिया। मोदी सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि, केन्द्र सरकार हर मोर्चे पर विफल है और अपनी विफलताओं को छिपाने व जनता का ध्यान भटकाने के लिए दूसरे पैंतरे आजमाती है। मंत्री सुखदेव ने चुटकी लेते हुए कहा कि, मध्यप्रदेश भाजपा के शासनकाल में चार साल सूखा रहा वहीं कमलनाथ की सरकार बनने के बाद ऐसी बारिश हुई कि पिछले कई वर्षों का रिकार्ड टूट गया। उन्होंने कहा कि, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में एक साथ कांँग्रेस की सरकार बनी और दोनों राज्यों में सरकार जनता के हित में कार्य कर हैं। काँंग्रेस पार्टी ने जनता के हित को देखते हुए किसानों का कर्ज माफ किया। वहीं एक साल के भीतर दोनों राज्यों में ऐसी कई योजनाओं पर काम हुआ जो लोगों के हित में रहे।
इसके ठीक विपरीत उन्होंने कहा कि, मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार जनता को पानी का अधिकार देने जा रही है प्रदेश की भुपेश बघेल सरकार ने भी धान के लिए सर्वाधिक समर्थन मूल्य दिया है साथ ही बिजली के बिल को आधा किया है।
भिलाई प्रवास पर आये पीएचई मंत्री मा. सुखदेव पांसेजी का संक्षिप्त व गरिमामय समारोह में काँग्रेस के नेताओं ने फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर वरिष्ठ काँग्रेसी नेता जितेन्द्र साहू व जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तुलसी साहू ने संबोधित करते हुए सुखदेव पाँसेजी का स्वागत करते हुए छ.ग. शासन के एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धि बतायी। इस मौके पर पूर्व साडा उपाध्यक्ष बृजमोहन सिंह, वशिष्ठ नारायण मिश्रा, अमित जैन, केशव चौबे, संजीत चक्रवर्ती, अमीर अहमद, अशोक गुप्ता, दिनेश पाठक, दीपक भाटिया, निरंजन मिश्रा, महेश जायसवाल, चन्द्रशेखर गवई, पंकज गौर, निरंजल दलई, उमेश सिंह, चवनराम साहू, राधेकांत मिश्रा, साकेत कुशवाहा, प्रदीप महाजन सहित सैंकड़ों काँग्रेसियों ने भव्य स्वागत किया। स्वागत समारोह का संचालन संजीत चक्रवर्ती ने किया।

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मप्र / 20 लाख बच्चों के 160 करोड़ रु. के नाश्ते पर नजर; एक ही समूह को जिम्मेदारी देने की तैयारी


सांझा चूल्हा व्यवस्था में कुछ जिलों से शिकायतें थीं कि नाश्ता नहीं मिल रहा। इसलिए प्रस्ताव तैयार किया

पोषण आहार पर खींचतान के बीच एक और व्यवस्था बदलने का प्रस्ताव

भोपाल | पोषण आहार की नई व्यवस्था को लेकर मची खींचतान के बीच प्रदेश की करीब 97 हजार आंगनवाड़ियों में 3 से 6 साल के बच्चों को हर दिन बंटने वाले पके हुए नाश्ते  (खिचड़ी-लप्सी) की व्यवस्था को बदलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। महिला एवं बाल विकास संचालनालय द्वारा तैयार प्रस्ताव में नाश्ता वितरण की जिम्मेदारी स्व सहायता समूहों के हाथ से लेकर हर जिले में किसी एक समूह को देनी की बात है। हालांकि शासन ने यह प्रस्ताव संचालनालय को फिलहाल यह कहकर लौटा दिया है कि वे शिकायतों को दूर करने के प्रयास करें।

फैक्ट फाइल 
1. मप्र में इस समय 84 हजार आंगनबाड़ी व 13 हजार सहायक आंगनबाड़ियां हैं। इनमें 28 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। 
2. करीब 8 लाख शहरों में हैं, जबकि गांव में 20 लाख बच्चे हैं। 
3. शहरों में केंद्रीयकृत किचन है, जबकि गांवों में यह काम 20 से 30 हजार स्व सहायता समूहों के पास है। 
 
प्रस्ताव का परीक्षण चल रहा
‘स्कूलों और आंगनबाड़ियों के लिए एक ही स्व सहायता समूह नाश्ता व खाना बनाते हैं। इस सांझा चूल्हा व्यवस्था में कुछ जिलों से शिकायतें थीं कि नाश्ता नहीं मिल रहा। इसलिए प्रस्ताव तैयार किया, जिसका परीक्षण चल रहा है। – नरेश पाल, आयुक्त, महिला एवं बाल विकास

अभी जिले में 300 से ज्यादा स्वसहायता समूह के पास ये जिम्मेदारी

बदलाव इसलिए… 

  • सालाना करीब 160 करोड़ रुपए के बजट वाली नाश्ता व्यवस्था को संचालनालय इसलिए बदल रहा है, क्योंकि उसके पास स्व सहायता समूहों के खिलाफ कई शिकायत मिली हैं।
  • करीब 20% शिकायतें है कि उन्हें नाश्ते की बजाए सीधे खाना मिल रहा है। लिहाजा जिले में काम कर रहे 300-400 स्वसहायता समूहों की बजाए किसी एक समूह को जिले का काम सौंप दिया जाए।

खर्च का गणित…

  • विभाग आंगनवाड़ी में पोषण आहार के अलावा नाश्ते और खाने में पकी हुई सामग्री देता है।  प्रति बच्चा कुल खर्च 8 रुपए।  नाश्ते पर 3 और खाने पर 5 रुपए ।
  • शहरों को छोड़ दें तो गांवों में इस समय 20 लाख बच्चे नाश्ता और खाना खाते हैं।
  • यानी नाश्ते पर प्रति दिन 60 लाख रुपए और एक माह में 14 से 15 करोड़ और साल में 160 से 180 करोड़ रुपए खर्च होते हैं।

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Mandu Utsav 2019 : धरोहर की गोद में दिखे कला- संस्कृति के रंग


Mandu Utsav 2019: पर्यटन नगरी मांडू में पांच दिवसीय खोजने में खो जाओ विचार पर आधारित मांडू उत्सव का शुभारंभ शनिवार को हुआ।

मांडू। Mandu Utsav 2019 मांडू में पांच दिवसीय उत्सव का शुभारंभ मां नर्मदा आरती के साथ हुआ। शनिवार शाम पर्यटन मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल ने रेवा कुंड पहुंचकर महाआरती की। रात में देश के जाने-माने बैंड दल प्रेम जोशून ने प्रस्तुति देकर श्रोताओं को आनंदित कर दिया। कला और संस्कृति का नया अध्याय उत्सव के माध्यम से शुरू हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद एडवेंचर स्पोर्ट्स हुए। प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ और पर्यटन मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल ने उत्सव के तहत आर्ट एंड कल्चरल डिस्ट्रिक्ट का उद्घाटन किया।

भोज उत्सव की शुरुआत

धार में दो दिवसीय भोज उत्सव की शुरुआत प्रदेश सरकार के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने शनिवार रात किया। पहले दिन शोध संगोष्ठी हुई और रविवार को अंतिम राजा भोज पर आधारित नाटक का मंचन होगा।

पर्यटन नगरी मांडू में पांच दिवसीय खोजने में खो जाओ विचार पर आधारित मांडू उत्सव का शुभारंभ शनिवार को जिले के पर्यटन मंत्री सुरेंद्रसिंह हनी बघेल एवं जिले की प्रभारी व संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने किया। कारवां सराय में लगे हैंडीक्रॉफ्ट एवं स्थानीय वस्तुओं पर आधारित प्रदर्शनी मेले का फीता काटकर शुभारंभ करते हुए प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मेले में देशभर के 40 से अधिक कलाकारों ने अनूठे तरीके से प्रदर्शनी को संजोया। शाम को मां रेवा कुंड पर मां नर्मदा की आरती की गई। कारवां सराय में जिले के दोनों मंत्री व विधायकों ने ढोल-मांदल पर जमकर नृत्य किया। वहीं देर शाम इंडियन ओशियन बैंड दल ने शानदार प्रस्तुति दी। मां रेवा… जैसे ही गूंजा, पूरा परिसर झूम उठा। इस बार पर्यटन मंत्री की विशेष रुचि के चलते मांडू उत्सव को महा उत्सव का रूप दिया गया है। यही वजह है कि उत्सव के पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

उत्सव का औपचारिक शुभारंभ दोपहर 3.30 बजे कारवां सराय में टाट का फीता काटकर कि या गया। इसके पूर्व कारवां सराय में मंत्रियों एवं अतिथियों की अगवानी पारंपरिक भगोरिया नृत्य के साथ की गई। ढोल-मांदल नृत्य दल ने समूचे क्षेत्र में भगोरिया की मादकता घोल दी। कारवां सराय में अतिथियों का आगमन कि या गया। प्रदर्शनी का अतिथियों ने करीब डेढ़ घंटे तक अवलोकन किया। इस दौरान धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेड़ा, मनावर विधायक डॉ. हीरालाल अलावा, सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल आदि मौजूद थे।

गूंजा रेवा कुंड परिसर

पर्यटन मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल एवं धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेड़ा की उपस्थिति में ओंकारेश्वर के पं. गिरजाशंकर ने रेवा कुंड पर पहले मां नर्मदा का कलश पूजन करवाया। पश्चात गणेश पूजन कर 21 दीपकों से आरती की गई। 108 दीपक की महाआरती कर पुष्पांजलि अर्पित की।

यहां मां नर्मदा की आरती

मां नर्मदा की आरती अमरकंटक से शुरू की जाती है। मुख्य रूप से अमरकंटक, जबलपुर के ग्वारीघाट, आंवली घाट, होशंगाबाद के सेठानी घाट, ओंकारेश्वर के खेड़ी घाट, महेश्वर, खलघाट, गुजरात के भरुच में नर्मदा आरती के बाद मांडू के रेवा कुंड में भी नर्मदा आरती शुरू हो चुकी है।

मांडू के रेवा कुंड का इतिहास

मां नर्मदा के महत्व के बारे में नर्मदा महापुराण में मांडू का वर्णन दिया गया है कि यहां मार्कंडेय ऋषि ने तपस्या कर मां रेवा को प्रसन्न् कि या था। मां रेवा ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए। मार्कंडेय ऋषि ने मां रेवा की अखंड परिक्रमा की है और मार्कंडेय ऋषि की कोई भी कालगणना अब तक नहीं की गई। रेवा कुंड का महत्व नर्मदा परिक्रमा में भी आता है। जब तक रेवा कुंड को परिक्रमा में नहीं लिया जाता, परिक्रमा अधूरी मानी जाती है। इसीलिए परिक्रमावासी मां रेवा की परिक्रमा करने के दौरान मांडू रेवा कुंड के दर्शन करने के लिए भी आते हैं। मार्कंडेय ऋषि द्वारा मांडू का नाम मंडप दुर्ग रखा गया था, जो कि प्राचीन नाम है।

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उद्योगों के लिए अब कमलनाथ सरकार लाएगी समयबद्ध स्वीकृति कानून


Sarni power Plant fill photo

जमीन आवंटन से लेकर पानी, बिजली, फैक्टरी लाइसेंस सहित तीन दर्जन से ज्यादा अनुमतियां एक समयसीमा के भीतर मिलेंगी।

भोपाल। कमलनाथ सरकार ने मध्य प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए गवर्नेंस में सुधार करने की रणनीति बनाई है। इस मकसद से नया कानून ‘समयबद्ध स्वीकृति अधिनियम’ का मसौदा तैयार किया है। इसमें जमीन आवंटन से लेकर पानी, बिजली, फैक्टरी लाइसेंस सहित तीन दर्जन से ज्यादा अनुमतियां एक समयसीमा के भीतर मिलेंगी। यदि आवेदन करने के बाद तय समयसीमा में आवेदन का निराकरण नहीं किया जाता है तो डीम्ड अनुमति अपने आप मिल जाएगी। साथ ही जिस स्तर से लापरवाही प्रमाणित होगी, उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। अधिनियम के मसौदे को मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति ने हरी झंडी दे दी है। अब इसे कैबिनेट में रखकर अध्यादेश के जरिए प्रभावी किया जाएगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ को तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव से जानकारी मिली थी कि उद्योगों को विभिन्न् प्रकार की अनुमतियों के लिए ऑफिसों के चक्कर न काटने पड़े, इसके लिए तेलंगाना में कानून बनाया है। कमलनाथ ने उद्योग विभाग को कानून का अध्ययन करके प्रदेश में व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।

राजस्थान ने भी इसी तरह का मॉडल लागू किया है। सूत्रों का कहना है कि मैग्नीफिसेंट एमपी के बाद उद्योगों में मध्यप्रदेश को लेकर बने निवेश के माहौल को देखते हुए उन चीजों पर फोकस किया जा रहा है, जिसकी वजह से वे पिछली सरकार के समय निवेश से पीछे हटे थे। इसमें सबसे बड़ा कारण अनुमतियों में होने वाली लेटलतीफी और लालफीताशाही थी। तेलंगाना में जिला और राज्य स्तर पर अनुमतियां देने के लिए समितियां बनाई गई हैं। वहीं, राजस्थान में एक जगह पर सभी अनुमतियां दी जाने की व्यवस्था बनाई गई है।

देश में पहली बार : डॉ.राजौरा उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव डॉ.राजेश राजौरा का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की सोच स्पष्ट है कि कोई भी निवेश करने आता है तो उसे सुविधाओं की उम्मीद होती है। मौजूदा व्यवस्था निवेश को प्रोत्साहित करने वाली और समय के साथ नहीं है इसलिए नई व्यवस्था को लेकर कानून बनाया जा रहा है। इसमें पोर्टल पर आवेदन का निपटारा न होने पर स्वत: मंजूरी मिल जाएगी। इस तरह का कदम उठाने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य होगा।

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मप्र / पचमढ़ी-टीकमगढ़ में सबसे सर्द रात; पारा लुढ़ककर एक डिग्री तक पहुंचा, भोपाल में भी गिरावट, पारा 5.3


मप्र के ज्यादातर शहर और जिले शीतलहर की चपेट में हैं। टीकमगढ़ और पचमढ़ी में सबसे सर्द रात रही। रायसेन, रतलाम, टीकमगढ़ में रात को फसलों पर पाला पड़ा, जिससे ओस जम गई।

ग्वालियर चंबल में विजिबिलिटी जीरो रही, मुख्यमंत्री कमलनाथ का दौरा निरस्त 

  • प्रदेश के 25 से ज्यादा शहरों-जिलों में पारा गिरकर 5 या उससे नीचे चला गया है
  • ग्वालियर चंबल में विजिबिलिटी जीरो रही, मुख्यमंत्री कमलनाथ का दौरा निरस्त

भोपाल. मध्यप्रदेश में कडाके की ठंड है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्से शीतलहर की चपेट में है। कई जिलों में तापमान लगातार गिर रहा है। उत्तरी इलाकों से आ रहीं बर्फीली हवाएं प्रदेश में ठिठुरन बढ़ी है। कड़ाके की ठंड से कई शहरों में पाला पड़ गया है और पत्तियों पर ओस की बूंदे जम गईं हैं। राज्य के 25 शहरों में पारा 5 डिग्री या उससे नीचे दर्ज किया गया है। इधर, घने कोहरे और ज़ीरो विसिबिलिटी के कारण ग्वालियर- भिंड का मुख्यमंत्री कमलनाथ का दौरा निरस्त हो गया है। उन्हें रावतपुरा सरकार के यहां मुरारी बापू की कथा के बाद लहार-भिंड में कर्जमाफी के कार्यक्रम में भाग लेना था। 

टीकमगढ़, रायसेन और रतलाम इलाकों में पाले का असर रहा। खेतों में फसलों पर ओस जम गई है। प्रदेश में सबसे सर्द रात टीकमगढ़ में रही, जहां पर पारा पारा 1.5 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं पचमढ़ी में तापमान 1.2 डिग्री दर्ज किया गया है। एक दिन में दो डिग्री से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। दो दिन में भोपाल में लगातार दूसरे दिन पारे में गिरावट जारी रही है और न्यूनतम तापमान एक डिग्री घटकर 5.3 डिग्री दर्ज किया गया, शुक्रवार को ये 6.3 डिग्री था। 

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश कड़ाके की ठंड से ठिठुर गया है। ज्यादातर शहरों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, भिंड, ग्वालियर-चंबल और महाकौशल समेत भोपाल संभाग के इलाकों में ज्यादातर शहरों में शीत लहर और कोल्ड डे जैसे हालात रहे। मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया ने बताया कि नमी कम हो गई है उत्तर से सर्द हवाएं सीधे आ रही हैं, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ग्वालियर चंबल में विजिबिलिटी शुक्रवार को आधी रात से ही जीरो हो गई है। वहीं टीकमगढ़, खजुराहो और शिवपुरी में विजिबिलिटी 50 मीटर तक चली गई। 

  • इन जिलों में शीतलहर और तीव्र शीतलहर – मौसम विभाग के अनुसार, सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद और भोपाल संभागों में कुछ जिलों में शीत लहर और तीव्र शीतलहर चलेगी। 
  • कोल्ड डे और सीवियर कोल्ड डे इन शहरों में –  सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद और भोपाल संभाग के कुछ जिलों में कोल्ड डे तो कुछ शहरों में सीवियर कोल्ड डे रहेगा। 
  • घना और अत्यधिक घना कोहरा – सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में घना और अत्यधिक घना कोहरा रहेगा। 
  • इन जिलों में पड़ेगा पाला – सागर, रीवा, ग्वालियर, शहडोल, चंबल संभाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं पाला पड़ने की संभावना है।  
जिले – शहरतापमान (डिग्री में)
पचमढ़ी1.2  
टीकमगढ़1.5
उमरिया1.9
बैतूल2.8
भोपाल5.3
जबलपुर4.4
खजुराहो4.0
सीधी3.2
सतना5.2
रीवा4.6
ग्वालियर4.3
गुना5.2
शाजापुर5.0
उज्जैन5.0
रतलाम5.2
सागर4.0
रायसेन3.2
दमोह2.5
इंदौर6.6
बैतूल2.8
खरगोन3.7

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आदिवासी महोत्सव में बिक रहे बस्तर के मशहूर व्यंजन


रायपुर। स्वादिष्ट व्यंजनों की खुशबू लोगों को दूर से ही खींच लाती है। यही नजारा राजधानी में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में देखने को मिल रहा है। बस्तर चो गॅवली रांधा-बाड़ा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजन राजधानीवासियों को अपनी ओर खींच रहे हैं। जय मां काली महिला स्व-सहायता समूह तीरथगढ़ बस्तर की महिलाएं उड़ीद बोबो, गुर

स्वादिष्ट व्यंजनों की खुशबू लोगों को दूर से ही खींच लाती है। यही नजारा राजधानी में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में देखने को मिल रहा है। बस्तर चो गॅवली रांधा-बाड़ा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजन राजधानीवासियों को अपनी ओर खींच रहे हैं।

जय मां काली महिला स्व-सहायता समूह तीरथगढ़ बस्तर की महिलाएं उड़ीद बोबो, गुर बोबो, दार बोबो, गुलगुलिया, भजिया, टमाटर चटनी (माडबांगा), केऊकांदा चटनी, जोंदरा पेज (मक्का), मंडिया पेज, चापड़ा आमट, चापड़ा चटनी, भेंडा (जिर्रा) सुक्सी, सोरंदाकांदा, तरगगरिया कांदा, लांदा, कोचे पिकी (कोचई), कोदो भात, चिकमा भात आदि व्यंजन परोस रही हैं। इनकी खास चटनी लोगों के शरीर में गर्माहट पैदा कर रही है। उड़ीद बोबो में उड़द दाल के बड़े गुलगुलिया भजिया का स्वाद ले रहे हैं।

केऊकांदा की चटनी

बस्तर की पारंपरिक चटनी में केऊकांदा, चापड़ा आमट, चापड़ा चटनी, टमाटर चटनी शामिल हैं। इनमें खास है केऊकांदा की चटनी। केऊकांदा जंगलों में पेड़ के नीचे पाया जाता है। इसे खोद कर निकाला जाता है। फिर पानी में उबाला जाता है। इसके बाद हल्का मिर्च, नमक के साथ चटनी परोसी जाती है। चापड़ा आमट चटनी लाल चींटी से बनाई जाती है। इस चटनी के स्वाद के लोग दीवाने हो रहे हैं।

जोंदरा और मंडिया पेज

बस्तर के आदिवासियों का प्रिय जोंदरा और मंडिया पेज शहरवासियों को अपनी ओर खींच रहा है। जोंदरा पेज मक्का के बीज का बनाया जाता है। इसे हल्की शक्कर, दूध के साथ पकाया जाता है। वहीं मंडिया चावल की एक प्रजाति है। इसे भी जोंदरा पेज की तरह पकाया जाता है।

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