मप्र / तवा में अवैध खनन; ठेकेदार पर ‌280 करोड़ का जुर्माना


तवा नदी क्षेत्र से रेत के अवैध खनन करने वाले ठेकेदार पर होशंगाबाद एडीएम केडी त्रिपाठी ने 280 करोड़ रु. का बड़ा जुर्माना ठोका

रेत माफिया पर जुर्माने से प्रहार, इसमें 140 करोड़ रु. जुर्माना है, अन्य 140 करोड़ क्षतिपूर्ति के

होशंगाबाद  . तवा नदी क्षेत्र से रेत के अवैध खनन करने वाले ठेकेदार पर होशंगाबाद एडीएम केडी त्रिपाठी ने 280 करोड़ रु. का बड़ा जुर्माना ठोका है। यह जुर्माना निमसाड़िया रेत खदान के ठेकेदार हाेशंगाबाद निवासी संतोषराज पर लगा है। 30 दिन में राशि नहीं भरने पर चल-अचल संपत्तियों की कुर्की के अादेश दिए हैं। पिछले साल कई खदानों के आसपास अवैध खनन को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की थी।

इस दाैरान निमसाड़िया में द्विवेदी द्वारा नपती क्षेत्र में 2 लाख 33 हजार घन मीटर पर अवैध खनन करना पाया गया। एडीएम के अनुसार, अवैध रूप से खनन की गई रेत की राॅयल्टी दो करोड़ 33 लाख रु. होती है। इस आधार पर राॅयल्टी का न्यूनतम 60 गुना यानी 140 करोड़ रुपए जुर्माना किया है, इतनी ही राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में चुकाने के आदेश दिए गए हैं। 

एडीएम काेर्ट का फैसला

पूरे जिले की खदान ही 217 करोड़ रु. में गई है
प्रशासन ने खनन माफिया पर जो 280 करोड़ रु. जुर्माना किया है, वह कितना भारी है, इसका अंदाजा इससे लगाइए कि इस बार पूरे जिले की रेत खदान का ठेका ही 217 करोड़ रु. में गया है। 

हमारे खिलाफ गलत तरीके से केस बनाया
इतना बड़ा खनन अवैध तरीके से हम कर लेते तो पहले ही प्रशासन कार्रवाई कर देता। आज क्या फैसला अाया, यह जानकारी नहीं है, हमारे खिलाफ साजिश करके गलत तरीके से प्रकरण बनाया गया था। 
-मनीष राज, निमसाड़िया खदान मैनेजर

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भगवान को लगी ठंड तो पहनाई स्वेटर उड़ाई साल


Multai ki Maa tapti ji

कड़कड़ाती ठंड के बाद ताप्ती मंदिर में मां ताप्ती की प्रतिमा को टोपा पहनाया

मुलताई कड़कड़ाती ठंड के बाद नगर के ताप्ती मंदिर में मां ताप्ती की प्रतिमा को टोपा और सेटर पहनाए जा रहे हैं। लगातार चल रही ठंडी हवाओं के बाद क्षेत्र में ठंडक बढ़ गई है। क्षेत्र में पड़ रही ठंड का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मां ताप्ती की प्रतिमा को भी गर्म कपड़े पहन आए हैं। सुबह-सुबह गर्म कपड़ों में ही मां की आरती की जा रही है, इसके बाद रात में भी मां को गर्म कपड़े पहनाकर मंदिर बंद किया जा रहा है।

5.5 डिग्री पर पहुंचा न्यूनतम तापमान शीत लहर चली

उत्तर भारत में जारी बर्फबारी की वजह से बैतूल जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। रात में कड़ाके की ठंड के चलते ओस की बूंदें जहां जमने लगी है। वही दिन में सर्द हवाओं का सितम जारी है। न्यूनतम तापमान 4 डिग्री गिरावट के साथ 5.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। दिन में तापमान शीतलहर के चलते तापमान लुढ़क कर 20 डिग्री पर आ गया है। सर्द हवाओं ने लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। खास करके बच्चे और उम्रदराज लोगों को ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। दिन में कड़ाके के ठंड होने के बावजूद नगर पालिका द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। रात्रि में ही अलाव जला रहे हैं जबकि मौसम सर्द होने की वजह से दिन में भी कड़ाके की ठंड का एहसास लोगों को हो रहा है।ठंड के दौरान पहली मर्तबा न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री पर पहुंचा है। जबकि इसके पहले तापमान 7 डिग्री तक पहुंचा था। जिस तरह से सर्द हवाओं का दौर जारी है उससे तापमान में और अधिक गिरावट आने की बात कही जा रही है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आगामी दिनों में तापमान और नीचे तक जा सकता है। सुबह से ही कोहरा छाया रहने एवं शीतलहर के चलते लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा।सुबह कोहरे की वजह से लोगों को वाहन चलाने में भी भारी परेशानी हुई।कोहरे और शीतलहर के चलते दिन के तापमान में 4 डिग्री की गिरावट आई !

दिन में लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा।मौसम विभाग के अनुसार आने वाले सप्ताह तक इसी प्रकार की स्थिति रहने की बात कह रहा है वहीं अगले सप्ताह में हल्की बूंदाबांदी होने की बात कही जा रही है।

मनमोहन पवार

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Betul News : मुंबई के गोताखोर भी नहीं सुधार सके रानीपुर डैम का गेट


रानीपुर

Betul News : एक पखवाड़ से अधिक समय से बैतूल जिले के रानीपुर डैम का गेट क्षतिग्रस्‍त है। अब तक इसकी मरक्‍मत नहीं हो सकी।

रानीपुर डैम का गेट सुधारने मुंबई से बुलाए गए गोताखोर भी उसे दुरुस्त नहीं कर पाए, बल्कि अब समस्या और बढ़ गई है। सुधारने की मशक्कत के दौरान गेट और उठ गया। संतुलन बनाने के लिए नदी वाला गेट भी खोलना पड़ा। अब दोनों गेटों से निकला पानी करीब 3 किलोमीटर क्षेत्र में किसानों की फसल बहा ले गया। डैम के पूरी तरह से खाली होने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है।

दो बार गोताखोर बुलवाने पड़े

रानीपुर डैम का गेट पिछले 20-22 दिनों से खराब पड़ा है। पहले इसे सुधारने के लिए मुंबई से गोताखोर बुलाए गए थे। पहले तो चेन पुल्ली टूट गई तो फिर मजबूत चेन पुल्ली बुलवाई गई, लेकिन फिर भी गेट नहीं सुधर पाया। इसके बाद अब दोबारा गोताखोर बुलाए गए थे।

घंटों मशक्कत के बाद भी सुधार नहीं हुआ

जानकारी के अनुसार शनिवार को गोताखोरों और विभाग की टीम ने गेट को दुरुस्त करने की कोशिश की, लेकिन घंटों मशक्कत के बाद भी सुधार नहीं पाए। बल्कि गेट और ऊंचा हो गया। इस गेट से पानी का दबाव कम करने के लिए नदी वाला गेट भी खोलना पड़ा। इससे पानी तेज बहाव के साथ आसपास के खेतों में घुस गया, जिससे 12 से अधिक किसानों की फसलें बह गई।

इधर इस मामले में जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री एके डहेरिया का कहना है कि अब इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल विंग से गेट सुधरवाया जाएगा। विंग को पत्र लिख दिया है, लेकिन जल्द काम हो सके, इसलिए सीधे मुख्य अभियंता से बात करके प्रयास किए जाएंगे।

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बैतूल के जंगल में महुआ पेड़ से चमत्कार की अफवाह, वन विभाग और पुलिस ने हटाई सामग्री


एक सप्ताह से चिचोली रेंज के संरिक्षत वन क्षेत्र में लग रही लोगों की भीड़ फोटो———–26 बीटीएल 36 बैतूल। महुआ के पेड़ के आसपास की गई सफाई और हो रहा पूजन। फोटो———–26 बीटीएल 35 बैतूल। महुआ पेड़ के पास लगी लोगों की भीड़। फोटो———–26 बीटीएल 34 बैतूल। वन विभाग और पुलिस ने महुआ पेड़ के आसपास से हटाई पूजन सामन्


– एक सप्ताह से चिचोली रेंज के संरिक्षत वन क्षेत्र में लग रही लोगों की भीड़

फोटो———–26 बीटीएल 36

बैतूल। महुआ के पेड़ के आसपास की गई सफाई और हो रहा पूजन।

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बैतूल। महुआ पेड़ के पास लगी लोगों की भीड़।

फोटो———–26 बीटीएल 34

बैतूल। वन विभाग और पुलिस ने महुआ पेड़ के आसपास से हटाई पूजन सामग्री।

बैतूल। नवदुनिया प्रतिनिधि

जिले के पश्चिम वन मंडल के अंतर्गत आने वाली चिचोली रेंज में पिछले एक सप्ताह से एक महुआ के पेड़ से चमत्कार होने की अफवाह के कारण लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। हालांकि गुरुवार को वन विभाग ने पुलिस की मदद से महुआ पेड़ के पास पूजा अर्चना की सामग्री हटाने के साथ ही लोगों को ठीक करने का दावा करने वाली दो महिलाओं को पकड़कर चिचोली थाने ले आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम वन मंडल की चिचोली रेंज की असाड़ी बीट के संरक्षित वन क्षेत्र क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1443 लगे एक महुए के पेड़ को ग्राम बिघवा निवासी मालती पति लल्लन एवं एक अन्य महिला के द्वारा चमत्कारी बताते हुए स्वयं को भगवान बताना शुरू कर दिया। पेड़ के आसपास त्रिशूल लगा दिए साफ सफाई कर पूजा अर्चना की जाने लगी। इस अफवाह के फैलते ही अंधविश्वास का शिकार हुए लोग दूर-दूर से यहां पंहुचने लगे और महुए के पेड़ के पास बैठकर अपने दुख बीमारियों के ठीक होने की मन्नाते मांग रहे हैं। इस महुए के पेड़ के पास हर समय कथित देवी मालती मौजूद रहती है। यहां एक पंडा भी है, जो लाभ लेने के लिए लोगों को महुए के पेड़ की परिक्रमा करने के साथ ही देवी स्वरूपा मालती मर्सकोले के भी दर्शन करने पर लाभ होने का दावा करते हैं। पश्चिम वन मंडल के डीएफओ मयंक चांडिवाल का कहना है कि पिछले चार दिनों से इस तरह का कुछ मूवमेंट वहां चल रहा था। वन विभाग की टीम और पुलिस ने मिलकर सभी को वहां से हटा दिया है। हमने अपने कर्मचारियों को वहां तैनात कर दिया है और आगे भी इसका ध्यान रखा जाएगा कि वहां कोई नहीं पहुंचे। पूर्व में महिलाओं को वन क्षेत्र में ऐसी गतिविधि न करने के लिए समझाइश दी गई थी लेकिन उनके द्वारा अनसुना कर दिया। इस कारण से पुलिस के सहयोग से कार्रवाई कर दोनो महिलाओं को चिचोली थाने पहुंचाया गया है।

मनमोहन पवार ()