Weather मौसम विभाग/ दिल्ली में सर्दी का 119 साल का रिकॉर्ड टूटा, दिन में 9.4° से ऊपर नहीं चढ़ पाया पारा, उत्तर भारत के 8 राज्यों में


Multapi samachar capstan photo Delhi India gate

कोल्ड डे और सीवियर कोल्ड डे: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तरी राजस्थान, उत्तर प्रदेशतीव्र शीतलहर: उत्तर-पश्चिम और उत्तर भारत के 8 राज्यों में अगले दो दिनों तक तीखी सर्दीकोहरा: पंजाब हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तरी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्यप्रदेशबारिश: मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की संभावना, 1 और 2 जनवरी को ओले भी गिर सकते हैं

नई दिल्ली/जयपुर/भोपाल/चंडीगढ़/शिमला/श्रीनगर. दिल्ली में सर्दी ने 119 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिल्ली के तीनों केंद्रों पर सोमवार (30 दिसंबर) को दिन का अधिकतम तापमान 9.4° रहा, जो 1901 के बाद सबसे कम है। सोमवार को दोपहर 2:30 बजे पालम में 9.0°, आया नगर में 7.8°, रिज में 8.4° और लोधी रोड में 9.2° अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली में 28 दिसंबर, 1997 सबसे ज्यादा सर्दी पड़ी थी। उस समय दिन का अधिकतम तापमान 11.3° सेल्सियस रहा था, लेकिन सोमवार को यह रिकॉर्ड टूट गया। सोमवार सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 3° से नीचे दर्ज हुआ था। वहीं, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में शीतलहर चल रही है। घने कोहरे के कारण दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से 16 उड़ानें डायवर्ट हुईं और 4 को रद्द कर दिया गया। यहां 530 फ्लाइटों ने देरी से उड़ान भरी।

लद्दाख की द्रास घाटी और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में तापमान लगातार माइनस में बना हुआ है। राजस्थान के जयपुर में सर्दी ने 55 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सोमवार को जयपुर में न्यूनतम तापमान 1° रहा। एक सप्ताह से जारी सर्दी से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने 30 दिसंबर से 02 जनवरी तक देश के कई राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके बाद तापमान में और गिरावट आ सकती है। सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है।

दिल्ली: तेज सर्दी के साथ घना कोहरा

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सोमवार का न्यूनतम तापमान 3° सेल्सियस ने नीचे दर्ज किया गया। लोधी रोड में 2.2°, आया नगर में 2.5°, सफदरजंग में 2.6° और पालम में न्यूनतम तापमान 2.9° दर्ज हुआ। दिल्ली हवाई अड्डे पर कम दृश्यता के चलते केवल कंप्यूटर संचालित लैंडिंग प्रणाली ही काम कर पा रही है। केट-III B (कंप्यूटर की मदद से विमान को लैंड कराने की प्रक्रिया) तकनीक से लैस विमान और प्रशिक्षित पायलट ही यहां से टेक ऑफ और लैंडिंग कर पा रहे हैं। कैट-III B का मतलब है कि रनवे पर विजुअल रेंज (आरवीआर) 50 मीटर और 175 मीटर के बीच है। दिल्ली की एयर क्वालिटी भी बेहद खराब श्रेणी में आ गई है।

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