बांग्लादेश ने ब्रेस्ट मिल्क बैंक बंद किया, मौलवियों ने विरोध में कहा था शरिया के खिलाफ है यह


ढाका। बांग्लादेश के एक अस्पताल ने दान में मिले ब्रेस्ट मिल्क को अनाथ बच्चों को पिलाने की योजना को बंद कर दिया है। इस योजना को इसी महीने शुरू किया गया था, जिसका मकसद कमजोर और बिन मां के अनाथ बच्चों को मां का दूध मुहैया कराना था। मगर, कट्टरवादी मौलवियों की धमकी के बाद इस बैंक को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है।

दरअसल, मौलवियों ने इस योजना का विरोध करते हुए कहा था कि इसकी वजह से इस्लामिक कानूनों का उल्लंघन होता है। इस कार्यक्रम के तहत 500 अनाथ बच्चों और कामकाजी महिलओं के नवजात बच्चों को दूध पिलाया जाना था। ढाका में मिल्क बैंक की शुरुआत इस महीने की गई थी। मगर, परियोजना के सह-संयोजक मुजीबुर रहमान ने कहा कि व्यापक आलोचना के कारण इस परियोजना को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है।

आलोचकों का कहना है कि यदि दो बच्चों ने एक ही मां का दूध पिया है, तो शरिया कानून के अनुसार, वे बाद में कभी शादी नहीं कर सकते हैं। प्रभावशाली इस्लामिक अंदोलन बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टी के प्रवक्ता गाजी अताउर रहमान ने कहा कि उनका विवाह और वंश अवैध हो जाएगा। 16.8 करोड़ की आबादी वाले इस देश में मुस्लिम की आबादी 90 फीसद है, जहां बच्चों के कुपोषण की दर सर्वाधिक है। हालांकि, बांग्लादेश के शीर्ष इस्लामिक नेतृत्व ने अभी तक मिल्क बैंक को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। मगर, मौलवियों के विरोध के बाद अस्पताल में इस योजना को बंद कर दिया गया है।

एक अन्य इस्लामवादी अहमद अब्दुल कय्यूम ने कहा कि शरिया कानून में मिल्क बैंक को इजाजत नहीं दी है। यह इस्लाम के खिलाफ है। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया है कि उन्हें मौलवियों के साथ इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। हालांकि, प्रमुख इस्लामिक धर्मगुरु फरीदउद्दीन मसूद ने इस विवादास्पद विषय में सुलह करने के लिए एक रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह पता करना चाहिए कि पाकिस्तान, ईरान, इराक और मलेशिया जैसे मुस्लिम बहुसंख्यक देशों ने मिल्क बैंक स्थापित किए हैं या नहीं। हमें देखना चाहिए कि उन्होंने इस मसले का क्या हल निकाला है। हमें भी इसके हल के लिए एक साथ बैठना चाहिए।

मुजीबुर ने कहा कि हम अलग से और कठोरता से मिल्क डोनर का रिकॉर्ड रखते हैं। प्रमुख बाल विशेषज्ञों ने मिल्क बैंक का समर्थन करते हुए कहा है कि बच्चे के जीवन को बचाने में मदद करने के साथ-साथ उनकी वृद्धि में सहायता करना जरूरी है। ढाका के मुख्य बच्चों के अस्पताल में एक शीर्ष डॉक्टर महबूबुल हक ने कहा कि मिल्क बैंक अनाथ बच्चों और गंभीर रूप से बीमार बच्चों के लिए जरूरी है। खासतौर पर उन बच्चों की जिंदगी को बचाने के लिए, जो अस्पताल के आईसीयू में हैं और जिनकी मां नहीं हैं।

मुलतापी समाचार न्‍युज नेटवरक 9753903839

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