मध्य प्रदेश के मेडिकल टीचर्स 9 जनवरी से करेंगे काम बंद आंदोलन


मेडिकल टीचर्स (medical teachers association) 1 जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान और एमसीआई के हिसाब से प्रमोशन पॉलिसी बनाने की मांग कर रहे हैं.

भोपाल. मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के मेडिकल टीचर्स (medical teachers association) 9 जनवरी से काम बंद कर आंदोलन करेंगे. तमाम मंत्रियों से बातचीत बेनतीजा रहने के बाद ऐसोसिएशन ने ये फैसला किया. इससे पहले प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेजों (medical colleges) के 7 टीचर्स अपने इस्तीफे डीन को सौंप चुके हैं. मेडिकल टीचर्स (medical teachers association) 1 जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान और एमसीआई के हिसाब से प्रमोशन पॉलिसी बनाने की मांग कर रहे हैं.

अपनी मांगों पर अड़े मेडिकल टीचर्स एसोसिशन की जनसंपर्क मंत्री पी सी शर्मा से गुरुवार को हुई मुलाकात बेनजीता रही थी. उसके बाद इन टीचर्स की चिकित्सा शिक्षा मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ औऱ प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला से चर्चा हुई थी.लेकिन चर्चा में मांगों पर कोई सहमित नहीं बन पायी थी. कोई रास्ता ना निकलते देख अब मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने 9 जनवरी से काम बंद करने का फैसला लिया है. इस बीच प्रदेश भर के 13 मेडिकल कॉलेजों के सात टीचर्स ने अपने इस्तीफे डीन को सौंप दिए हैं.

सातवां वेतनमान और प्रमोशन
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.सुनील अग्रवाल का कहना है कि सातवां वेतनमान एक जनवरी 2018 से देने की बात हो रही है, जबकि ये वेतन 1 जनवरी 2016 से दिया जाना चाहिए.समयवद्ध पदोन्नति को लेकर भी अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है. मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात के लिए भी अब तक समय नहीं मिला है. इसलिए अब 9 जनवरी से काम बंद कर आंदोलन किया जाएगा

मंत्री से मुलाक़ात
प्रदेश भर के मेडिकल टीचर्स अपनी मांगों को लगातार इस्तीफे दे रहे है.गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन को भी इस्तीफे सौंपे भी गए हैं.मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को कमलनाथ सरकार के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा से मुलाकात की थी. इन लोगों ने सातवां वेतनमान और समयबद्ध प्रमोशन देने की दो लंबित मांगें रखी थीं.चिकित्सा शिक्षकों ने सरकार पर भेदभाव करने का आरोप भी लगाया है.जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन को सीएम कमलनाथ से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया था.

दो प्रमुख मांग और सामूहिक इस्तीफेमेडिकल टीचर्स एसोसिशन के अध्यक्ष का कहना है लंबे समय से हम लोग मांगें पूरी करने के लिए गुहार लगा रहे हैं.लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई है.हमारी सिर्फ दो प्रमुख मांगें हैं. पहली तो एमसीआई के हिसाब से प्रमोशन पॉलिसी बनाई जाए.दूसरा सांतवा वेतमान लागू किया जाए.सातवां वेतनमान 1 जनवरी 2016से अटका हुआ है.सभी विभागों को सातवां वेतमनाम का लाभ मिल चुका है.केवल चिकित्सा शिक्षक संवर्ग ही रह गया है.

17 सितंबर को दिया था धरना
प्रदेश भर के मेडिकल टीचर्स ने बीते साल 17 सितंबर 2019 को धरना दिया था.प्रदेश भर में के मेडिकल टीचर्स राजधानी भोपाल में जुटे थे.लेकिन सरकार ने उन्हें पैदल मार्च करने की अनुमति भी नहीं दी थी. मार्च करने से पहले ही सरकार ने जीएमसी के आसपास धारा-144लगा दी थी.कलेक्टर,डीआईजी से लेकर तमाम अधिकारियों ने मेडिकल टीचर्स से चर्चा की थी. उस वक़्त आंदोलन स्थगित हो गया था.लेकिन अब साल 2020 शुरू होते ही मेडिकल टीचर्स ने हल्ला बोल दिया है.

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