ताप्ती परिक्रमा नाम होगा ताप्ती पदयात्रा के स्थान पर


बैतूल। Multapi Samachar

ताप्ती दर्शन पदयात्रा समिति अध्यक्ष जितेन्द्र कपूर ने बताया कि ताप्ती नदी मप्र, महाराष्ट्र, गुजरात प्रांतो में बहकर अरब सागर में समाहित होती है। बैतूल जिले में पर्वत एवं एवं पहाड़ होने के कारण एक तरफ से पदयात्रा करना कठिन होता था। इस वर्ष 15 जनवरी से शुरू होने वाली पदयात्रा एक तरफ से करने का निर्णय लिया गया। इस हेतु यात्रा स्थानों का परिवर्तन किया गया है। यात्रा तांईखेड़ा, बोरगांव, पचघाट, पारसडोह, मांडवी, पलासपानी, केरपानी, डोक्या, धामन्या, रातामाटी, कुनखेड़ी, खैरा होकर मोहटा पहुंचेगी। समिति के सचिव राजू पाटनकर ने बताया कि 14 वर्ष से पदयात्रा दोनो किनारे से की जाती थी। पहाड़ आ जाने के कारण एक तरफ से ताप्ती पार कर दूसरी ओर से भी पदयात्रा की जाती थी। नए स्थानों पर यात्रियों के रूकने की व्यवस्था ग्रामीणजनों के द्वारा कर ली गई है। समिति के राजेश दीक्षित ने बताया कि सवा माह की यह पदमात्रा का समापन डुमस की खाड़ी में कादीपरिया में 17 फरवरी को किया जाएगा। समापन अवसर पर हवन पूजन तथा एक हजार फिट की चुनरी मां ताप्ती को समर्पित की जाएगी। इस यात्रा में कोई भी स्वस्थ्य व्यक्ति शामिल हो सकता है।

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