सर्दी का असर जिले में 14 सालों का रिकॉर्ड टूटा , पारा 1.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा


Chhattisgarh Weather Update : ठंड के कारण अब 15 जनवरी तक एक घंटे देर से खुलेंगे स्कूल

तापमान में और गिरावट आई तो टूट सकता है 14 सालों का रिकॉर्ड

बैतूल। समीपी गांव किल्लौद के खेत में जमी बर्फ।

बैतूल। मुलतापी समाचार

जिले में सर्दी के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं। शुक्रवार-शनिवार की रात को न्यूनतम तापमान में और गिरावट आई और यह 1.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। तापमान और गिरता है तो सर्दी का जिले में 14 सालों का रिकॉर्ड टूट सकता है। कड़ाके की सर्दी के चलते बच्चों को ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ रहा है। दूसरी ओर शीतलहर चलते रहने से दिन भी लोग सर्दी से परेशान होते रहे।

हिमाचल और कश्मीर में हो रही बर्फबारी के बाद उत्तरी हवाओं के कारण पूरा जबलपुर शीतलहर की चपेट में आ गया है। दिन में भी गलन वाली ठंड महसूस हो रही है, जिसके कारण धूप भी लोगों को बेअसर हो रही है। दिन में चल रही ठंडी हवाओं के कारण सड़कों में वाहन चलाने वाले भी पूरी तरह शरीर को ढंक कर चल रहे हैं। महिलाएं, बच्चे और बूढ़ों को भी सर्दी ने ठिठुरा दिया है। सर्दी का सितम ऐसा है कि लोग बिस्तर से बाहर निकलने में भी एक बार सोच रहे हैं। तेज ठंड के कारण लोगों की छुट्टियां घर में कैद होकर बीत रही हैं। पूरा जबलपुर संभाग में शीतलहर का प्रकोप है। पारे में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बर्फीली हवाओं के असर से रातें भी गलन वाली हो रही है। शुक्रवार से शनिवार सुबह तक मौसम विभाग के पारे में इस 2020 की सबसे सर्द रात दर्ज हुई। न्यूनतम पारा 4.8 डिग्री तक चला गया। जबकि शनिवार को दिन का तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि अभी यह ठंड और सितम ढाएगी।

पिछले माह 4.4 डिग्री तक गया था पाराः

2019 में भी जबलपुर की सबसे ठंडी रात पिछले माह पड़ी थी जब 28 दिसंबर को न्यूनतम पारा 4.4 डिग्री तक चला गया था। उसके बाद लगातार मौसम बिगड़ने से पारे में उतार-चढ़ाव जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 7 वर्ष पहले 2013 में सबसे नीचे तक पारा खिसका था तब सबसे कम 3.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। जबकि 2018 में 3.8 तक गया था। 2013 की ठंड का रिकॉर्ड अब तक नहीं टूटा है। हालांकि अभी सर्दी का मौसम बाकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष ठंड अधिक पड़ेगी।

ऐसा रहा शनिवारः

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 5 डिग्री कम रहा। इसी तरह न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 6 डिग्री कम रहा। हवाएं 2 किलोमीटर की रफ्तार से उत्तर दिशा से चलीं। आगे का मौसम शुष्क रहने के साथ संभाग में कहीं-कहीं ठंडे दिन और कुछ इलाकों में तीव्र शीतलहर की संभावना व्यक्त की गई है।

महज 4 दिनों में ही न्यूनतम तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जो कि अब तक का समसे कम तापमान था। शनिवार को यह और कम होकर 1.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। तापमान में भारी कमी आने के चलते कई खेतों में सुबह बर्फ जमी नजर आई। कड़ाके की सर्दी के चलते लोगों के बुरे हाल है। सुबह-सुबह बच्चों को ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ रहा है। दिन में भी शीतलहर चलने से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। आज दिन का तापमान 23.8 रहा। न्यूनतम तापमान में और गिरावट आती है तो पिछले 14 सालों का रिकॉर्ड टूट सकता है। इन 14 सालों में केवल एक बार वर्ष 2018 में ही न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस पर आया था। इसके अलावा अन्य सालों में कभी न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से भी कम नहीं हुआ। तापमान में लगातार गिरावट से किसान यह सोचकर परेशान हैं कि कहीं पाला न पड़ जाए। यदि पाला पड़ता है तो फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। तापमान में गिरावट का ही नतीजा है कि सुबह की सैर करने वालों की संख्या में भी खासी गिरावट आई है। शाम होते ही सड़कें एक बार फिर सूनी हो जाती हैं। दिन में भी लोगों को सर्दी से बचने या तो गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ता है या फिर कहीं जल रहे अलाव को ताप कर थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं।

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