Chain में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या पर राष्ट्रपति ट्रंप को संदेह, कहा- हमें कैसे पता?


Multapi Samachar

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि चीन के साथ अच्छा संबंध है, लेकिन बीजिंग की पारदर्शिता पर विवाद ने तनाव बढ़ा दिया है।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कोरोना वायरस की वजह से चीन में होने वाली मौतों की आधिकारिक संख्या पर संदेह जाहिर किया। दरअसल, एक अमेरिकी सांसंद ने खुफिया जानकारियों के हवाले से बीजिंग पर इस मामले को दबाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि “हम कैसे जानते हैं” कि वे (चीनी सरकार) सटीक आंकड़े दे रहे हैं। ट्रंप ने एक संवाददाता सम्मेलन कहा कि उनकी मौतों की संख्या कम लगती है।

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि चीन के साथ अच्छा संबंध है और वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी हैं। हालांकि, बीजिंग की पारदर्शिता पर विवाद ने तनाव बढ़ा दिया है। चीन ने बुरी भावनाओं को जोड़ते हुए एक साजिश सिद्धांत देते हुए कहा था कि कोरोना वायरस को फैलाने के लिए अमेरिकी सेना दोषी थी। ब्लूमबर्ग द्वारा अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस में रिपब्लिकन्स ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बीजिंग ने स्पष्ट रूप से चीन के संक्रमण और मौतों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह किया है, जो साल 2019 के अंत में वुहान शहर में शुरू हुआ था।

ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कुछ खुफिया अधिकारियों ने बीजिंग की तरफ से आधिकारिक रूप से बताए गए मृतकों की संख्या को फर्जी करार देते हुए कहा है कि चीन ने जानबूझकर अधूरी रिपोर्टिंग की है। जिसमें जिसने पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस को भेजे गए वर्गीकृत खुफिया दस्तावेज को उजागर किया था। जॉन्स होप्स यूनिवर्सिटी के एक रोलिंग ट्रैकर के अनुसार, चीन ने बुधवार को सार्वजनिक रूप से 82,361 पुष्ट मामलों और 3,316 मौतों की सूचना दी है। वहीं, इसकी तुलना में संयुक्त राज्य अमेरिका में अब तक दो लाख 6 हजार 207 मामले सामने आ चुके हैं और 4,542 मौतें हो चुकी हैं।

रिपब्लिकन सीनेटर बेन सासे ने बीजिंग के नंबरों को “कचरा प्रचार” करार देते हुए कहा कि यह दावा झूठा है कि चीन की तुलना में संयुक्त राज्य अमेरिका में कोरोना वायरस की वजह से अधिक मौतें हुई हैं। किसी भी क्लासीफाइड जानकारी पर टिप्पणी किए बिना उन्होंने कहा कि यह , बहुत स्पष्ट है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने झूठ बोला था, झूठ बोल है और अपने शासन को बचाए रखने के लिए वह कोरोना वायरस के बारे में झूठ बोलती रहेगी।

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के शीर्ष रिपब्लिकन माइकल मैककॉल ने रिपोर्ट का जवाब देते हुए कहा कि COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में चीन भरोसेमंद साथी नहीं है। उन्होंने वायरस के इंसान से इंसान में फैलने के बारे में दुनिया से झूठ बोला, सच्चाई को सामने लाने की कोशिश करने वाले डॉक्टरों और पत्रकारों को खामोश कर दिया गया। अब जाहिरा तौर पर इस बीमारी से प्रभावित लोगों और मृतकों की संख्या को वे छिपा रहे हैं।

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CWC बैठक में Sonia Gandhi बोलीं, जल्दबाजी में लिया Lockdown का फैसला, लाखों मजदूर हो रहे परेशान


CWC बैठक में Sonia Gandhi बोलीं, जल्दबाजी में लिया Lockdown का फैसला, लाखों मजदूर हो रहे परेशान
कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार द्वारा 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने सरकार पर आरोप भी लगाया

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देश में 21 दिन का लॉक डाउन किया गया है। देश में कोरोना संक्रमण से बिगड़ रहे हालातों को काबू में लाने की कोशिश की जा रही है। गुरुवार को एक तरफ जहां पीएम मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक की, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक भी VC के जरिये हुए। बैठक के दौरान कोरोना संकट से उपजे देश के हालातों पर भी चर्चा हुई। पार्टी की अंतिरम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने Lockdown का फैसला जल्दबाजी में लिया गया है। खराब ढंग से लॉकडाउन लागू होने की वजह से लाखों मजदूरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि देश के सामने डराने वाली चुनौती है, ऐसे में इससे पार पाने का हमारा संकल्प उससे भी बड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के डॉक्टर्स, हेल्थ वर्कर्स को लोगों के समर्थन की बेहद जरुरत है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी को हजमैट सूट, N-95 मास्क जैसे सभी निजी सुरक्षा उपकरण युद्ध स्तर पर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

लाखों मजदूर हो रहे प्रभावित

सोनिया गांधी ने कहा कि देश के लाखों मजदूर लॉक डाउन की वजह से प्रभावित हो रहे हैं। उनके रहने खाने के लाले पड़ गए हैं। इस दौरान अप्रत्यक्ष तौर पर सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लॉक डाउन का सुनियोजित तरीके से क्रियान्वयन किया जाना चाहिए थे। इसके लिए सरकार को एक विस्तृत रणनीति बनाना चाहिए थी।

लॉकडाउन के बाद भी बिगड़ रही स्थिति

देश में भले ही 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया गया हो लेकिन कई इलाकों में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। प्रशासन भी लोगों से लॉकडाउन का पालन कराने में असहाय नजर आ रहा है। कई राज्यों में तो डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ लोगों ने अभद्रता और मारपीट तक कर डाली है।

रेलवे ने चालू की E – Ticket Booking आगामी तारीख से विमानों में भी शुरू हो सकेगा सफर


मुलतापी समाचार

अप्रैल-मई-जून महीनों की बुकिंग के लिए रेलवे, एयरलाइन तथा राज्य परिवहन निगमों की वेबसाइटों पर हिट्स बढ़ने लगी है।

कोरोना वायरस को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन जारी है। इस बीच, उन लोगों के लिए खुशखबरी है जो यहां-वहां फंस गए हैं। रेलवे और 15 अप्रैल से टिकट बुकिंग शुरू कर दी है। लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल से आगे नहीं बढ़ाने के सरकार के ऐलान के बाद रेलवे ने यह बुकिंग शुरू कर दी है। इसी तरह घरेलू एयरलाइन्स ने भी बुकिंग शुरू कर दी है। खबर है कि लोगों में 15 अप्रैल और आगे की तारीखों के ट्रेन, विमान और बसों के टिकट बुक कराने की होड़ शुरू हो गई है। अप्रैल-मई-जून महीनों की बुकिंग के लिए रेलवे, एयरलाइन तथा राज्य परिवहन निगमों की वेबसाइटों पर हिट्स बढ़ने लगी है।

IRCTC के एक अधिकारी के अनुसार, उनके पास फोन आ रहे हैं जिसमें लोग पूछ रहे हैं कि 15 अप्रैल के बाद किस तारीख का टिकट उपलब्ध है क्योंकि उन्हें चुनिंदा ट्रेनों में अगले कुछ दिनों का आरक्षण नहीं मिल रहा है। हालांकि अधिकारियों का यह भी कहना है कि हो सकता है कि 15 अप्रैल से रेल सेवा पूरी तरह बहाल न हो पाए।

रेलवे ने 23 मार्च को ऐलान किया था कि 31 मार्च तक यात्री ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा। इसके बाद 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद इसे 14 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया। विमानन मंत्रालय ने भी घरेलू उड़ानों के लिए यही ऐलान किया था।

अब खत्म हुई बुकिंग की झिझक

रेलवे और एयरलाइंस दोनों ही 15 अप्रैल और उसके बाद की तारीखों की बुकिंग स्वीकार कर रही थीं, लेकिन लॉकडाउन बढ़ने की आशंका के चलते लोग बुकिंग कराने से झिझक रहे थे। मंगलवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने ऐसी खबरों का खंडन किया और फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं होने का बयान दिया। हालांकि यह आशंका अभी भी बनी हुई है कि यदि 14 अप्रैल तक कोरोना वायरस पर कंट्रोल नहीं हुआ तो लॉकडाउन आगे भी बढ़ाना पड़ सकता है।

चैत्र नवरात्रि: नवमी के दिन सिद्धियों को देने वाली मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

नवरात्र के 9 दिनों में नौ देवियों की आराधना की जाती है! मान्यता है कि नवरात्र में देवियों की विधि विधान के साथ पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं! नवरात्र की नवमी और अंतिम दिन देवी सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है! माता सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना के साथ ही चैत्र नवरात्रि पर्व का समापन हो जाता है!

देवी सिद्धिदात्री की आराधना से भक्तों को सभी सिद्धियों की सहज प्राप्ति हो जाती है! पौराणिक कथा के अनुसार भगवान महादेव ने माता सिद्धिदात्री से कई सिद्धियों की प्राप्ति की थी! देवी की कृपा से ही भोलेनाथ का आधा शरीर देवी का हो गया था! इसलिए शिव को ‘अर्धनारीश्वर ‘भी कहा जाता है! मार्कंडेय पुराण के अनुसार अणिमा ,लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, महिमा, ईशित्व, और वाशित्व यह आठ सिद्धियां है! सिद्धियों को देने वाली देवी सिद्धिदात्री का स्वरूप अत्यंत सौम्य और बेहद आकर्षक है! माता चार भुजा धारी हैं और उनके एक हाथ में चक्र, एक हाथ में गदा, एक हाथ में कमल का फूल और एक हाथ में शंख धारण किए हुए हैं! देवी का वाहन सिंह है और माता कमल पर विराजमान है!

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भोपाल से आए 12 लोग मस्जिद में मिले


मुलतापी समाचार. मनोज कुमार अग्रवाल

दमोह: दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के बोतराई गांव में मौजूद मस्जिद में 12 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है! बुधवार शाम पुलिस को सूचना मिली थी कि पथरिया क्षेत्र के बोतराई गांव की मस्जिद में कुछ लोग छुपे हुए हैं! इसके बाद पुलिस ने जब वहां जाकर तहकीकात की तो वहां 11 लोग भोपाल के और एक स्थानीय व्यक्ति मिला! इन सभी 12 लोगों के खिलाफ पुलिस ने धारा 188 के तहत कार्रवाई की है!

पुलिस ने सभी को पकड़कर पथरिया स्वास्थ्य केंद्र लाकर सभी को आइसोलेट किया! पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह सभी लोग आखिर किस लिए यहां छुपे हुए थे और पुलिस व प्रशासन को इन्होंने अपने यहां होने की सूचना क्यों नहीं दी!

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