रामनवमी एवं चैत्र नवरात्रि पर घरों में दीपक प्रज्वलित किये, देश मे  लॉकडाउन समय सेवाकर्मीयों का धन्यवाद किया


रामनवमी के पावन अवसर पर घर के बाहर दीपक से सजाया

बैतूल -रामनवमी पर्व पर लोगो ने लॉक डाउन का पालन कर अपने घरों के सामने दीप जला कर मनाई । जब भगवान श्रीराम चन्द्र जी का जन्म हुआ तब पूरी अयोध्या नगरी में घर-घर दीप प्रज्ज्वलित कर खुशियाँ मनाई गई थी और जब प्रभु श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूर्ण करके अयोध्या में लौटे थे तब भी घर-घर दीप प्रज्वलित कर उनका भव्य स्वागत किया गया था । आज श्रीराम नवमी के शुभ अवसर पर बैतूल जिले के गंज स्थित टैगोर वार्ड में भी घर-घर दीप प्रज्ज्वलित कर भारत को विश्वगुरु बनाने की मंगल कामना के साथ सभी के उत्तम स्वास्थ्य व आयु में वृद्धि  हेतु प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना की गई। युवा सेवा संघ बैतूल के जिलाध्यक्ष व समाजसेवी राजेश मदान ने बताया कि देश भर में सोशल मीडिया के माध्यम से सभी से श्रीराम नवमी की शाम को अपने अपने घर मे अपने परिजनों के ही साथ श्रीरामनवमी का पर्व हर्सोल्लास से मनाने व सभी की खुशहाली हेतु शाम को घर-घर दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील की गई थी।

रामनवमी के पावन पर्व पर बच्चों ने दीपक जलाएं

संजय पवार ने बताया

सारनी। भगवान् राम जी और नवरात्रि नवमी के दिन दीपकों को प्रज्वलित कर महामारी का अंत और मानव जाति जीव जंतु पशु पक्षियों की वातावरण पर्यावरण संरक्षण व मानव संसाधन की रक्षा प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रार्थना करते हुए वर्तमान कोरोना वाईरस कोविड19 जैसी घातक बीमारी से पीड़ित इंसानों के सुधार और आगे यह महामारी न फैले जगत जननी भुवनेश्वरी मां दुर्गा और भगवान् विष्णु के अवतार राम भगवान् से प्रार्थना करते हुए संसार के प्राणियों की रक्षा के लिए और हमारे भारत देश की रक्षा के लिए समर्पित होकर दीपों की ज्योत जलाकर प्रार्थना की ।

घर के बाहर निकल कर और एक जगह एकत्रित होकर हम मौत को ही न्यौता दे रहे हैं


इंसान की तरह मौत धोखा नहीं देती , लोग स्वयं बेमौत मरते हैं।

लॉकडाउन के समय घर से निकले लोगों की फाइल फोटो

मौत तो निर्धारित होती है, पर नासमझ लोग इसको अनिर्धारित कर देते हैं

एक फ़कीर शाम के वक़्त अपने दरवाज़े पर बैठा था, तभी उसने देखा कि एक छाया वहाँ से गुज़र रही है। फ़कीर ने उसे रोककर पूछा- कौन हो तुम ? छाया ने उत्तर दिया- मैं मौत हूँ और गाँव जा रही हूँ क्योंकि गाँव में महामारी आने वाली है। छाया के इस उत्तर से फ़कीर उदास हो गया और पूछा, कितने लोगों को मरना होगा इस महामारी में। मौत ने कहा बस हज़ार लोग। इतना कहकर मौत गाँव में प्रवेश कर गयी। महीने भर के भीतर उस गाँव में महामारी फैली और लगभग तीस हज़ार लोग मारे गए।

फ़कीर बहुत क्षुब्ध हुआ और क्रोधित भी कि पहले तो केवल इंसान धोखा देते थे, अब मौत भी धोखा देने लगी। फ़कीर मौत के वापस लौटने की राह देखने लगा ताकि वह उससे पूछ सके कि उसने उसे धोखा क्यूँ दिया। कुछ समय बाद मौत वापस जा रही थी तो फ़कीर ने उसे रोक लिया और कहा, अब तो तुम भी धोखा देने लगे हो। तुमने तो बस हज़ार के मरने की बात की थी लेकिन तुमने तीस हज़ार लोगों को मार दिया। इस पर मौत ने जो जवाब दिया वह गौरतलब है।
मौत बोली- मैंने तो बस हज़ार ही मारे हैं, बाकी के लोग (उनतीस हज़ार) तो नादानी और नासमझी से मारे गए। महामारी से बचाव जरुरी है,सुरक्षा जरुरी है। मौत के मुंह में खुद जाने वालों से मौत का कोई वास्ता नहीं। वे बेमौत मर कर उन्होंने भगवान की सृष्टि का अपमान ही किया। इसमें मेरा कोई दोष नहीं ,दोषी वे सब स्वयं है ।

दिल्ली की जनाजे की फाइल फ़ोटो

सही है, आज की संकट की इस घड़ी में देश के प्रधानमंत्री की बात न मानकर और घर के बाहर निकल कर,एक जगह एकत्रित होकर हम मौत को ही तो न्यौता दे रहे हैं।
मुलतापी समाचार

रीवा: थाना प्रभारी ने मंदिर पुजारी पर बरसाई लाठी , जनता में आक्रोश


मुलतापी समाचार

रीवा न्‍यूज । सिविल लाइन थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा का तबादला पहले ही हो चुका है बावजूद इसके वह रीवा में ही सेवा दे रहे है। बीते दिनों धारा 144 के उल्लंघन के दौरान कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी द्वारा मंदिर में की गई थी क्रूरता,देवी मंदिर परिसर में जूता पहनकर घुसकर मंदिर के पुजारी को जमीन में गिराकर मारने के बाद पूजा की सामग्री को फेकते हुए नजर आए थे। जिसके बाद सोशल मीडिया में फोटो वायरल होने के साथ लोगों में काफी आक्रोश दिखा।

बता दे कि कोरोना वायरस के चलते एहतियातन के चलते बीते दिनों पुलिस अधीक्षक आबिद खान द्वारा मंदिरों मस्जिदों में दबिश दी गई। इस दौरान सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत पदमधर कॉलोनी स्थित थाना प्रभारी राजकुमार मिश्र द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने बल प्रयोग कर सभी को खदेड़ा गया। वही पुजारी को थाना प्रभारी द्वारा मंदिर के अंदर घुसकर डंडे से मारा गया था जिसके बाद से ही लोगों में आक्रोश है।

धाना प्रभारी के इस कृत्य से जहाँ एक ओर इमानदार व बेदाग एसपी आबिद खान पर धर्म विशेष को लेकर आरोप लग रहे हैं वहीं दूसरी ओर सामाजिक सद्भावना बिगड़ती दिख रही है। हालांकि थाना प्रभारी के इस कृत्य की शिकायत द्वीट पर्व पत्राचार के माध्यम से सीधे सीएम शिवराज सिंह चौहान, पुलिस मुख्यालय समेत पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ला से भी की गई है। वहीं अब यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि निरीक्षक राजकुमार मिश्रा के विरुद्ध जल्द ही कार्यवाही होगी।

अपनी जान जोखिम में डाल ,पुलिस करा रही अनुशासन का पालन


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

दमोह: आज पूरे विश्व के साथ कोरोना संक्रमण की समस्या से भारत भी लड़ रहा है और जहां बात हो शौर्य की वहां पुलिस का नाम न आए शायद ऐसा संभव नहीं! दमोह जिले में भी शौर्य की कमी नहीं है, यहां के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों ने भी इस चुनौती को आगे बढ़कर स्वीकारा है! यह लड़ाई मगर कुछ अलग है, यह शक्ति एवं पराक्रम से ज्यादा सोच बदलने की लड़ाई है! लोगों में कोरोना के खतरे को समझाने एवं उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी! इस अलग किस्म की लड़ाई में भी सभी पुलिस अधिकारियों ने एसपी हेमंत चौहान के नेतृत्व में अपने आप को ढाल लिया है!

देशभक्ति एवं जनसेवा की भावना लिए हुए वीरों का यह समूह पूरी सेवा एवं तत्परता से लगा हुआ है! ऐसा नहीं है कि यह वैश्विक खतरा पुलिस को छू नहीं सकता, हां पर अनुशासन से वह जरूर डरता है! बस यही अनुशासन अपनाने का संदेश इन वीरों द्वारा दिया जा रहा है! दमोह पुलिस का कहना है, सभी नागरिक घर पर रहे, कोरोना से बचाव के हर अनुशासन का पालन करें, एवं सुरक्षित रहें! जिला प्रशासन इन वीरों के सहयोग एवं समर्पण का सम्मान करता है, साथ ही समस्त नागरिकों से अपेक्षा करता है कि इन वीरों के शौर्य का सम्मान करें एवं सारे निर्देशों का पालन करते हुए अपने घरों में रहें ,सुरक्षित रहें!

मुलतापी समाचार

कोरोना वायरस से America में एक दिन में सबसे ज्यादा 884 मौतें, मृतकों की कुल संख्या 4,475 हुई


अमेरिकी कंपनियों द्वारा उत्पादन बढ़ाने और विदेशों में खरीद के माध्यम से देश में आपूर्ति की कमी को खत्म करने की कोशिश की जा रही।

Multapi Samachar

वॉशिंगटन। अमेरिका में कोरोना वायरस से बुधवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 884 मौतें हुई हैं। इसके साथ ही मृतकों की कुल संख्या बढ़कर पांज हजार के आंकड़े को पार कर गई। गुरुवार सुबह 02:35 बजे तक मृतकों का आंकड़ा 5117 हो चुका था। इससे पहले सोमवार को 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई। वायरस की वजह से एक दिन में होने वाली मौतों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। अमेरिका में कोरोना वायरस की वजह से होने वाली मौतों की संख्या अभी इटली और स्पेन से कम है, लेकिन चीन से अधिक हो गई है, जहां 3,316 मौते हुई थीं।हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले 30 दिनों में सामाजिक दिशा-निर्देशों का कड़ाई के साथ पालन करने का आह्वान किया है, ताकि देश पटरी पर वापस आ जाए। राष्ट्रपति ने रोगियों के परीक्षण और उपचार और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए जरूरी चिकित्सा आपूर्ति की उपलब्धता के बारे में चिंताओं को दूर करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अमेरिका “अच्छे आकार” में होगा जब मृत्यु दर दो सप्ताह में चरम पर पहुंचने की उम्मीद होगी, खासतौर पर वेंटिलेटर की उपलब्धता के संबंध में।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने अमेरिकी कंपनियों द्वारा उत्पादन बढ़ाने और विदेशों में खरीद के माध्यम से देश में आपूर्ति की कमी को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। विशेषकर न्यूयॉर्क राज्य और शहर, न्यूजर्सी, वाशिंगटन आदि जैसे स्थानों पर कमी की शिकायतें बनी हुई हैं।

11 सितंबर के आतंकी हमले में भी मरे थे 3,000

बताते चलें कि अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को आतंकवादी हमलों में भी मारे गए लोगों की संख्या 3,000 से अधिक नहीं थी। अमेरिका में कोरोना वायरस के पुष्टि किए गए मामलों की कुल संख्या एक लाख 75 हजार 67 तक पहुंच गई है। सोमवार को लगभग 24,000 मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई थी।अमेरिका में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हैं, जो पूरी दुनिया में मिले मामलों का पांचवां हिस्सा यानी 20 फीसद है। इसमें भी सबसे ज्यादा प्रभावित न्यूयॉर्क राज्य है , जहां 67,000 मामले मिले हैं और 1,342 मौतों हो चुकी हैं। वहीं, न्यूयॉर्क सिटी में 914 से ज्यादा मौते हो चुकी हैं। न्यूयॉर्क ने राज्य के हालात में मदद करने के लिए देश के अन्य हिस्सों से डॉक्टरों और हेल्थकेयर पेशेवरों को आमंत्रित किया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी दैनिक ब्रीफिंग में विशेषकर वेंटिलेटर की कमी के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि हां, मुझे ऐसा लगता है कि हम बहुत अच्छे आकार में होने जा रहे हैं। उधर, प्रशासन ने आपूर्ति में कमी की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए मास्क, गाउन और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए सुरक्षात्मक गियर, और वेंटिलेटर आदि की आपूर्ति के लिए खरीदारी को बढ़ाया है।

Modi Video Message : मोदी जी 5अप्रैल को रात 9 बजे मन का दीपक जलाये, काेेेेेेेेरोना खिलाफ दीवाली


देश का हाैैैसला बढायें

पीएम मोदी का वीडियो संदेश जारी, 5 अप्रैल को देशवासियों से ऐसा करने को कहा

मुलतापी समाचार

Modi Video Message Live Updates: मानव जाति के लिए चिंता का कारण बने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के तेज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह 9 बजे देशवासियों के नाम एक वीडियो मैसेज जारी किया। (नीचे देखिए वीडियो) पीएम ने कहा, कोरोना वायरस ने हमारी आस्था, परंपरा, विश्वास, विचारधारा पर हमला बोला है। हमें इन्हें बचाने के लिए सबसे पहले कोरोना वायरस को परास्त करना है। आज आवश्यकता है कि सभी मत, पंथ, विचारधारा के लोग एकजुट होकर कोरोना महामारी को परजित करें। पीएम ने कहा कि 5 अप्रैल रविवार को रात नौ बजे घर की सभी लाइट्स बंद करके दीपक, मोम बत्ती या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं। 9 मिनट तक ऐसा करना है। यह प्रकाश उजागर करेगा कि कोरोना के खिलाफ हम सब मिलकर लड़ रहे हैं।

पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

आपने जिस प्रकार 22 मार्च रविवार के दिन कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले हर किसी का धन्यवाद किया वो भी आज सभी देशों के लिए एक मिसाल बन गया है। आज कई देश इसको दोहरा रहे हैं। ये लॉकडाउन का समय जरूर है, हम अपने अपने घरों में जरूर हैं, लेकिन हम में से कोई अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है, हर व्यक्ति का।

हमारे यहां माना जाता है कि जनता जनार्दन, ईश्वर का ही रूप होती है। इसलिए जब देश इतनी बड़ी लड़ाई लड़ रहा हो, तो ऐसी लड़ाई में बार-बार जनता रूपी महाशक्ति का साक्षात्कार करते रहना चाहिए।

हमें निरंतर प्रकाश की ओर जाना है, जो इस कोरोना संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, हमारे गरीब भाई-बहन उन्हें कोरोना संकट से पैदा हुई निराशा से आशा की तरफ ले जाना है।

इस कोरोना संकट से जो अंधकार और अनिश्चितता पैदा हुई है, उसे समाप्त करके हमें उजाले और निश्चितता की तरफ बढ़ना है। इस अंधकारमय कोरोना संकट को पराजित करने के लिए, हमें प्रकाश के तेज को चारो दिशाओं में फैलाना है।

इस रविवार 5 अप्रैल को, हम सबको मिलकर, कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है, उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। इस 5 अप्रैल को हमें, 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है।

घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे पर या बालकनी में, खड़े रहकर, 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं: और उस समय यदि घर की सभी लाइटें बंद करेंगे। चारों तरफ जब हर व्यक्ति एक-एक दीया जलाएगा, तब प्रकाश की उस महाशक्ति का ऐहसास होगा, जिसमें एक ही मकसद से हम सब लड़ रहे हैं, ये उजागर होगा।

उस प्रकाश में, उस रोशनी में, उस उजाले में, हम अपने मन में ये संकल्प करें कि हम अकेले नहीं हैं, कोई भी अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासी, एक ही संकल्प के साथ कृतसंकल्प हैं।

मेरी एक और प्रार्थना है कि इस आयोजन के समय किसी को भी, कहीं पर भी इकट्ठा नहीं होना है। रास्तों में, गलियों या मोहल्लों में नहीं जाना है, अपने घर के दरवाजे, बालकनी से ही इसे करना है।

Social Distancing की लक्ष्मण रेखा को कभी भी लांघना नहीं है। Social Distancing को किसी भी हालत में तोड़ना नहीं है। कोरोना की चेन तोड़ने का यही रामबाण इलाज है।

हमारे यहां कहा गया है-

उत्साहो बलवान् आर्य, न अस्ति उत्साह परम् बलम्।

स उत्साहस्य लोकेषु, न किंचित् अपि दुर्लभम्॥

यानि, हमारे उत्साह, हमारी स्प्रिट से बड़ी फोर्स दुनिया में कोई दूसरी नहीं है।

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