करवा चौथ पर यातायात सप्ताह का आयोजन वाहन एवं राहगीरों को बगैर हेलमेट बिना मास्क सीट बेल्ट लगाकर चलने की समझाइस दी


थाना रानीपुर जागरूकता अभियान वर्ष २०२०

इस करवाचौथ पति को लम्‍बी आयु के लिए हेलमेंट और माक्‍स का दे उपहार

सड़क दुर्घटना एवं कोरोना से बची रहेगी पति की जान

Betul Ranipur News

Multapi Samachar

बैतूल रानिपुर । पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद एवं एडिशनल एसपी श्रद्धा जोशी के नेतृत्व में आज रानीपुर बस स्टैंड पर करवा चौथ पर यातायात सप्ताह का आयोजन आयोजित किया गया जिसमें सड़क पर चलने वाले वाहन एवं राहगीरों को बगैर हेलमेट बिना मास्क सीट बेल्ट की अनिवार्यता को लेकर दिशा निर्देश दिए गए बैतूल टू परासिया मार्ग पर बने टोल नाके पर रानीपुर पुलिस द्वारा

सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत बैनर लगाए गए इस मौके पर थाना प्रभारी रमेश पिपलोदिया एसआई अवधेश तिवारी एवं रानीपुर थाना का समस्त स्टॉप मौजूद रहा

एक्टर विजय राज पर लगा छेड़छाड़ का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार


बॉलीवुड एक्टर विजय राज को पुलिस ने महाराष्ट्र के गोंदिया जिले से गिरफ्तार किया है। विजय पर फिल्म की महिला क्रू मेंबर के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा है।हालांकि बाद में विजय को जमानत मिल गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि सोमवार को महिला ने पुलिस में अभिनेता के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत की थी।

महिला ने आरोप लगाया कि राज ने सोमवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में फिल्म ‘शेरनी की शूटिंग के दौरान उनसे छेड़छाड़ की। उन्होंने बताया कि अभिनेता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। राज को गोंदिया के एक होटल से गिरफ्तार किया गया जहां क्रू सदस्य ठहरे हुए हैं।

विरोध के बाद भी हल नहीं, मक्का के दामों में सुधार नहीं


✍️ राहुल सारोडे

बैतूल मुलताई (मूलतापी सामाचार)। सोयाबीन की जगह मक्का उत्पादन को फायदेमंद मान रहे किसान अब पछताने को मजबूर हैं। एक ओर जहां शासन द्वारा भावांतर या समर्थन मूल्य पर मक्का की खरीदी नहीं की जा रही है वहीं दूसरी ओर मंडी में इसके बेहद कम दाम मिल पा रहे हैं। सोमवार को विरोध जताने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। यही कारण है कि अब किसानों को उनका हक दिलाने भारतीय किसान संघ द्वारा मोर्चा संभाला जा रहा है। संघ की इसे लेकर बुधवार को महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है।

बीते कई सालों से जिले के किसान सोयाबीन का उत्पादन कर रहे थे। इसके चलते जमीन की उर्वरा क्षमता खत्म होती जा रही थी और उत्पादन में भी कमी आ रही थी। इसे देखते हुए कृषि विज्ञानियों और कृषि विभाग ने किसानों को सोयाबीन की जगह मक्का का उत्पादन करने की सलाह दी थी। उनकी सलाह को सिर आंखों पर रखते हुए किसानों ने पिछले कुछ सालों में मक्का का रकबा काफी बढ़ा लिया है। यही कारण है कि सीजन आते ही मंडी में मक्का का अंबार लग जाता है। पहले शासन ने किसानों को उचित दाम दिलाने के लिए भावांतर भाव योजना के तहत मक्का की खरीदी की, लेकिन इस साल शासन की किसी योजना का अता-पता नहीं है। शासन ने मक्का का समर्थन मूल्य 1850 रुपये प्रति क्विंटल घोषित तो कर दिया पर समर्थन मूल्य किसानों को दिलवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। यही कारण है कि किसानों को औने-पौने दामों पर मक्का बेचना पड़ रहा है। इसे लेकर सोमवार को किसानों ने जमकर विरोध जताया। हंगामे को देखते हुए एसडीएम सीएल चनाप को भी मंडी पहुंचना पड़ा। इसके बावजूद मंगलवार को स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। आज भी मक्का के दाम में कोई इजाफा नहीं हो सका।

आज यह रहे मक्का के दाम

मंगलवार को कृषि उपज मंडी में 7166 मक्का की आवक हुई जबकि सभी तरह की जिंसों की 15344 बोरे आवक हुई। मक्का के आज न्यूनतम दाम 1000 रुपये और उच्चतम दाम 1409 रुपये रहे वहीं प्रचलित मूल्य 1320 रुपये रहा। इससे पहले सोमवार को 14011 बोरे मक्का और सभी तरह की जिंसों की 30463 बोरे आवक हुई थी। मक्का का न्यूनतम मूल्य 1002 रुपये और उच्चतम मूल्य 1401 रुपये रहा वहीं प्रचलित मूल्य 1350 रुपये रहा। जाहिर है कि आज भी दाम में कोई सुधार नहीं हुआ और किसानों को समर्थन मूल्य से काफी कम दामों पर अपनी मक्का बेचना पड़ रहा है।

अब किसान संघ उठाएगा किसानों की मांग

मंडी में भी उपज के वाजिब दाम नहीं मिल पाने का देखते हुए अब भारतीय किसान संघ द्वारा इस मुद्दे को उठाया जा रहा है। इस सिलसिले में संघ की महत्वपूर्ण बैठक 4 नवंबर को दोपहर 12.30 बजे से कृषि उपज मंडी बडोरा में रखी गई है। इसमें जिला एवं तहसील के सभी कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है। संघ के जिला मंत्री मनोज नावंगे ने बताया कि मक्का के समर्थन मूल्य से कम दामों पर बिकने को लेकर पहले प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बावजूद यदि स्थिति नहीं सुधरती है तो फिर बैठक में जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसके अनुसार कदम उठाए जाएंगे। यदि जरुरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा।

वे बोले…

मक्का के कम दाम मिलने और किसानों के विरोध को देखते हुए इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय और जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया है। व्यापारियों से भी चर्चा की गई है, लेकिन उनका कहना है कि अभी बाजार में मक्का के कम ही रेट चल रहे हैं। इसलिए वे अधिक दाम नहीं दे पा रहे हैं। इस संबंध में शासन स्तर से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

एसके भालेकर, सचिव, कृषि उपज मंडी, बडोरा, बैतूल

नगर पालिका की बड़ी लापरवाही गौशाला लेजाने की बजाए इटारसी रोड पर छोड़ दिया घायल गौ वंश।


बैतूल :- सोमवार को गौरक्षा कमांडो फोर्स के नगर अध्यक्ष शुभम मालवीय एवं संगठन के कार्यकर्ताओं ने गंज लोहिया वार्ड में एक घायल गौ वंश का इलाज करवाया था जिसे इलाज़ के बाद नगर पालिका कर्मचारी यह कहकर के गए थे कि इस घायल गौ वंश को वह गौशाला पहुंचा देगे पर मंगलवार शाम को गौ रक्षा कमांडो फोर्स के जिला संयोजक आदर्श अग्निहोत्री को सूचना मिली कि वह घायल गौ वंश सदर इटारसी रोड में घूम रहा है जिसके बाद आदर्श ने मौके पर पहुंच कर गौ वंश को देखा तो पता चला ये वही गौ वंश हे जिसे नगर पालिका कर्मचारी गौशाला पहुंचाने के गए थे, जब इस बात की जानकारी आदर्श ने नगर पालिका कर्मचारी से ली तो उन्होंने बताया कि उनके द्वारा सोमवार को इस घायल गौ वंश को गौशाला पहुंचा दिया था पर गौ वंश गौशाला की बाउंड्री तोड़ कर भाग गया। अब सवाल ये आता हे की वह घायल सांड जिसकी एक आंख में चोट लगी हे और वह ठीक से देख भी नहीं पा रहा है वह सांड बैतूल से 25 किलोमीटर दूर गौशाला से भाग कर बैतूल सदर इटारसी रोड तक कैसे आया। यह बात तो साफ हे की नगर पालिका कर्मचारी साफ झूठ बोल रहे हे की उन्होंने गौ वंश को गौशाला पहुंचाया था। गौरक्षा कमांडो फोर्स के जिला प्रभारी सागर करकरे ने बताया कि संगठन द्वारा नगर पालिका कर्मचारियों की इस लापरवाही की शिकायत बैतूल कलेक्टर महोदय से किंजाएगी, नगर पालिका की इस लापरवाही की वजह से ही आज बैतूल में गौ वंश सड़क पर इस तरह आवारा घूम रहे हे जिसकी वजह से आय दिन गौ वंश की सड़क दुर्घटना होती है। नगर पालिका कर्मचारी ने लापरवाही से जिस घायल बैल को गौशाला पहुंचाने कि जगह सदर में छोड़ दिया हे अगर वह घायल बैल किसी को हानि पहुंचाता है या उस की सड़क दुर्घटना हो गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ?

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

28 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उप चुनाव के मतदान


देवास विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन कार्यलय के बाहर लंबी कतार में खडे मतदाता अपने वोट डालने का इंताजर करते हुए,सभी मतदाता ने सोसल डिस्‍टेंस का पालन करते हएु दुगज दूरी माक्‍स है जरूरी का पालन किया

फिर आयेगी चुनकर सरकार मध्‍यप्रदेश में किसकी ?

मध्‍यप्रदेश में फिर हुए उप चुनाव

मप्र में सफल मतदान उप चुनाव

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भोपाल। प्रदेश के 19 जिलों के 28 विधानसभा क्षेत्रों में विधानसभा निर्वाचन 2018 में 72.93 और लोकसभा निर्वाचन 2019 में 66.22 प्रतिशत मतदान हुआ था। धानसभा निर्वाचन 2018 में इन 28 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहा। जौरा में 72.3, सुमावली में 71.83, मुरैना में 63.92, दिमनी में 70.34, अम्‍बाह में 59.32, मेहगांव में 63.82, गोहद में 59.33, ग्‍वालियर में 63.37, ग्‍वालियर पूर्व में 58.18, डबरा में 68.64, भांडेर में 69.55, करेरा में 73.62, पोहरी में 75.92, बमौरी में 79.63, अशोकनगर में 74.46, मुंगावली में 75.02 प्रतिशत, सुरखी में 75.77, मलहरा में 72.13, अनूपपुर में 76.63, सॉची में 75.37, ब्‍यावरा में 80.78, आगर में 83.11, हाटपिपल्‍या में 85.57, मांधाता में 78.98, नेपानगर में 77.77, बदनावर में 86.14, सांवेर में 80.97 और सुवासरा में 82.67 प्रतिशत मतदान हुआ था।

देवास विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन कार्यलय के बाहर लंबी कतार में खडे मतदाता अपने वोट डालने का इंताजर करते हुए,सभी मतदाता ने सोसल डिस्‍टेंस का पालन करते हएु दुगज दूरी माक्‍स है जरूरी का पालन किया


इसी प्रकार लोकसभा निर्वाचन 2019 में इन 28 विधानसभा क्षेत्रों मतदान का प्रतिशत इस प्रकार रहा। जौरा में 56.88, सुमावली में 55.36, मुरैना में 56.32, दिमनी में 57.04, अम्‍बाह में 58.11, मेहगांव में 50.72, गोहद में 50.36, ग्‍वालियर में 58.53, ग्‍वालियर पूर्व में 54.83, डबरा में 63.85, भांडेर में 61.92, करेरा में 63.56, पोहरी में 66.50, बमौरी में 74.56, अशोकनगर में 72.43, मुंगावली में 70.22, सुरखी में 63.06, मलहरा में 66.27, अनूपपुर में 74.05, सॉची में 69.63, ब्‍यावरा में 73.72, आगर में 80.22, हाटपिपल्‍या में 81.89, मांधाता में 76.04, नेपानगर में 79.16, बदनावर में 82.94, सांवेर में 78.02 और सुवासरा में 78.62 प्रतिशत मतदान हुआ था।

सिवलि कोर्ट के पुराने भवन को तोडने के हूए आदेश


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मुलताई। मुलताई तहसील का पुराना न्यायालय भवन क्षतिग्रस्त हो चुका है। भवन को ताला लगा कर आने जाने का रास्ता बंद कर दिया गया था। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गिरधर यादव अधिवक्ता ने बताया कि पुराने भवन क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण आने जाने का रास्ता बंद कर दिया था। अधिवक्ताओं को पक्षकार भवन के सामने से नये न्यायालय भवन जाना पड़ता था, जिसके कारण पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जिसके लिए उनके द्वारा पुराने न्यायालय भवन को गिराने के लिए जिला सत्र न्यायाधीश बैतूल को ज्ञापन दिया था। जिसको गिराने के लिए जिला सत्र न्यायाधीश ने आदेश दे दिये है, जिससे अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों को नए न्यायालय भवन जाने की समस्या शीघ खत्म हो जाएगी।

उर्मकेद के केदी ने जिला जेल में गला काटकर जान देने की कोशिश की


जिला जेल में आजीवन  सजा काट रहे बंदी ने गिलास से अपना गला काटा

15 दिनों में जेल के भीतर 3 बंदियों ने की आत्महत्या करने की कोशिश 

मुलतापी समाचार

बैतूल – जिला जेल में बंदियों द्वारा आत्महत्या करने जैसे गम्भीर अपराध लगातार किये जा रहे जेल में बंदियों की इस तरह की कोशिशों से यह लगता है कि जेल में कुछ ठीक नही चल रहा है | मंगलवार को एक बंदी ने अपना गला काटकर जान देने की कोसिश की गई घायल अवस्था मे बंदी को जिला अस्पताल लाया गया था उपचार के बाद वापस जेल ले जाया गया है|

307 के मामले में आजीवन कारावास  की सजा काट रहा बंदी दुलारी पिता सोमलाल ने मंगलवार की सुबह खाना खाते समय पानी पीने के गिलास से अपने गले को काटने की कोशिश की थी जिसमे वह घायल हो गया था बंदी ने बीमारी से परेशान होने की वजह से यह कदम उठाया था घायल अवस्था मे जेल से बंदी को अस्पताल लाया गया और इलाज के बाद वापिस जेल लेजाया गया है|

दो बंदियों ने एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश पहले भी कर चुके 

जिला जेल में खाना नही मिलने को लेकर और उनके साथ मारपीट करने से परेशान दो बंदियों ने 21 अक्टूबर टॉयलेट एसिड पीकर जान देने की कोशिश की थी जिसमे से एक बंदी की भोपाल में मौत हो चुकी है बंदियों द्वारा इस तरह के उठाये जा रहे कदम से जेल की व्यवस्थाओं पर और जेल अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है /

इनका कहना 307 मामले में आजीवन सजा काट रहे बंदी जो कि थोड़ा मानसिक बीमार है खाना खाते समय गिलास से गला काटने की कोशिश थी जिसे जिला अस्पताल ले जाया गया था डॉक्टरों ने उसके गले मे टांके लगा दिए है अभी वह ठीक है जेल वापिस लाया गया/बी के कुडापे जिला जेल अधीक्षक बैतूल

किसकी होंगी जीत ओर किसकी होंगी हार ‘कमल’ या ‘कमल नाथ’ की होंगी सरकार, जनता का फैसला मंगलवार को


मुलतापी समाचार

प्रदेश की सत्ता का भविष्य तय करने वाले 19 जिलों की 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए मंगलवार को मतदान किया जाएगा। इसमें 63 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार के जरिये तय करेंगे कि प्रदेश में ‘कमल’ की सरकार बरकरार रहेगी या कमल नाथ को ताज मिलेगा। कोरोना संकट के कारण मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक किया जा सकेगा। इस बार एक घंटे का समय बढ़ाया गया है।

अंतिम एक घंटे में सामान्य मतदाताओं के अलावा कोरोना पॉजिटिव या असामान्य तापमान वाले मतदाताओं को मतदान का अलग से अवसर दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं। कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाने की व्यवस्था की गई है। शाम तक 12 मंत्रियों सहित 355 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद हो जाएगा।

40 फीसद मंत्रियों का भविष्य दांव पर

MP Assembly By Elections:  'कमल' की सरकार या कमल नाथ को ताज, जनता का फैसला मंगलवार को

12 मंत्रियों सहित 355 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में होगा कैद – कोरोना संकट के कारण सुबह सात से शाम छह बजे तक होगा मतदान।

MP Assembly By Elections भोपाल

उपचुनाव में शिवराज सरकार के 34 में से 40 फीसद मंत्रियों का भविष्य दांव पर है। दो पूर्व मंत्रियों (गोविंद सिंह राजपूत और तुलसीराम सिलावट) को छह माह में विधायक नहीं बन पाने के संवैधानिक प्रविधान की वजह से इस्तीफा देना पड़ा, वे चुनाव मैदान में हैं।

साथ ही 12 गैर विधायक मंत्री भी चुनाव मैदान में हैं। उपचुनाव के नतीजों से इन सभी का राजनीतिक भविष्य तय होगा। दरअसल, इन सभी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ी थी और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। सत्ता का समीकरण साधने के लिए भाजपा ने 14 पूर्व विधायकों को मंत्री बनाया और 

National हाईवे पर पुलिस ने भेड़ बकरियों से भरा ट्रक पकड़ा 24 घंटे से खड़े ट्रक में भरी बकरियों  में  से 2 बकरियों की हुईं मौत


प्रशासन ने की कोई व्यवस्था

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 नेशनल हाईवे से भेड़ बकरियों को भरकर जा रहे ट्रक को पुलिस ने पकड़ा। और  ट्रक को एक्सीलेंस स्कूल के खेल मैदान पर खड़ा करा दिया। 22  घंटे से अधिक समय से खेल मैदान पर खड़े ट्रक में भरी बकरियों को चारा पानी नहीं मिलने  से दो बकरियों की मौत हो गई। और तीन बकरियां अचेत हो गई।
     रविवार रात 10 बजे के दरमियान खुरई से भेड़ बकरी भरकर हैदराबाद जा रहा ट्रक फोरलेन मार्ग के बायपास से गुजर रहा था। उसी दौरान पुलिस ने ट्रक को पकड़ा और एक्सीलेंस स्कूल के खेल मैदान पर लाकर खड़ा करने के बाद ट्रक चालक को थाने में ले गया। रविवार रात भर और सोमवार पूरे दिन ट्रक खेल मैदान पर खड़ा रहा। लेकिन 24 घंटे कार्रवाई करने में  बिता दिए इस दौरान ट्रक में भरी भेड़ बकरियों के लिए पानी आदि की व्यवस्था नहीं होने से दो बकरियों की मौत हो गई। ट्रक के साथ चल रहे मजदूर संतोष किरार ने बताया कि रविवार रात 10 बजे से ट्रक खड़ा है। 

इस संबंध में थाना प्रभारी सुरेश सोलंकी ने बताया कि बकरा बकरी का अवैध परिवहन करने सहित अन्य धाराओं के तहत ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में प्रस्तुत किया है। 250 बकरा बकरी और भेड़ जप्त की है। ट्रक से बकरा बकरी और भेड़ उतारने के बाद भूख प्यास से मर रही है। इसकी जवाबदारी ट्रक मालिक की है।