92 वर्षीय जानकी बाई, 28 वर्षीय जय कालभोर, 3 माह के मयंक ने जीती कोरोना की जंग


ग्राम बडोरा की 92 वर्षीय जानकी बाई झाड़े ने कोरोना से जीती जंग

जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम बडोरा निवासी 92 वर्षीय श्रीमती जानकी बाई झाड़े की कोविड के संभावित लक्षण होने के कारण 21 अप्रैल 2021 को रैपिड एंटीजन टेस्ट द्वारा जांच की गई। इनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारण तथा बुखार एवं श्वास लेने की तकलीफ होने के कारण कोविड केयर सेन्टर सेहरा में भर्ती किया गया।

कोविड केयर सेन्टर सेहरा में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अतुल राय, स्टाफ नर्स सुश्री ज्योति साहू, फार्मासिस्ट सुश्री मीनाक्षी पेन्द्राम एवं वार्ड बाय श्री पिरमू सलामे, आया सुश्री सीता बाई द्वारा नियमित देखभाल एवं उपचार के बाद श्रीमती जानकी बाई अब स्वस्थ हैं। मंगलवार 27 अप्रैल को श्रीमती जानकी बाई की पूर्ण स्वस्थ होने के उपरांत कोविड केयर सेन्टर से खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयप्रताप सिंह तोमर द्वारा प्रमाण पत्र देकर करतल ध्वनि से सम्मानित कर छुटटी की गई। जानकी बाई को सम्मान एवं शुभकामनाओं के साथ वाहन से उनके निवास स्थान पर पहुंचाया गया। उन्हें मुंह पर मास्क लगाने, बार-बार साबुन से हाथ धोने एवं अन्य लोगों से दूरी बनाये रखने हेतु समझाइश दी गई। जानकी बाई द्वारा जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया गया।

ग्राम रोंढा निवासी 28 वर्षीय जय कालभोर ने दी कोरोना को मात

जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम रोंढा निवासी 28 वर्षीय श्री जय पिता श्री मदनलाल कालभोर की कोविड के संभावित लक्षण होने के कारण 20 अप्रैल 2021 को रैपिड एंटीजन टेस्ट द्वारा जांच की गई। जय की कोरोना रिपोर्ट 20 अप्रैल 2021 को पॉजिटिव आने के कारण तथा बुखार एवं सांस लेने में तकलीफ होने के कारण कोविड केयर सेन्टर सेहरा में भर्ती किया गया। कोविड केयर सेन्टर सेहरा में नियमित देखभाल एवं उपचार के बाद श्री जय स्वस्थ हैं। सोमवार 26 अप्रैल 2021 को खंड चिकित्सा अधिकारी सेहरा डॉ. उदय प्रताप सिंह तोमर द्वारा प्रमाण पत्र देकर पुष्प गुच्छ से सम्मानित कर इनकी छुटटी की गई।

जय को एसएमएस का पालन करने की समझाइश दी गई। उनके द्वारा जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का बेहतर व्यवस्थाओं हेतु धन्यवाद दिया गया।

3 माह के नन्हे शिशु मयंक की जिजीविषा शक्ति कोरोना पर पड़ी भारी

डॉ घोरे के प्रयास लाये रंग

मयंक ने जीती कोरोना की जंग

जिले में जहां कोरोना से जंग जीतने वालों में वयोवृद्ध और युवा सम्मिलित हैं वहीं 3 माह के नन्हे शिशु मयंक ने भी कोरोना की जंग जीत ली है।

मयंक पंडोले पिता श्री कैलाश पंडोले माता श्री काजोल पंडोले उम्र 3 माह निवासी ग्राम शिरडी विकासखंड मुलताई जिला बैतूल 18 अप्रैल 2021 को तेज बुखार की शिकायत के साथ गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय बैतूल में उपचार हेतु लाया गया। भर्ती के समय मयंक का बुखार 105.4 फेरेनहाइट, ह्रदय गति 170 प्रति मिनट, रेंडम ब्लड शुगर 117 एवं ऑक्सीजन का स्तर 60 प्रतिशत था | रैपिड एंटीजन किट से टेस्ट किए जाने पर मयंक कोविड पॉजिटिव आया | मयंक को नवीन कोविड वार्ड में भर्ती कर उपचार प्रारंभ किया गया |

जिला चिकित्सालय में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश घोरे द्वारा मयंक का पूरा उपचार किया गया | 20 अप्रैल 2021 को मयंक का बुखार कम होने लगा एवं मयंक को मां का दूध देने हेतु कहा गया | दिनांक 21अप्रैल 2021 को मयंक को पूर्ण स्वस्थ होने के उपरांत जिला चिकित्सालय बैतूल से छुट्टी दी गई | डिस्चार्ज होते समय मयंक का ऑक्सीजन स्तर 99 प्रतिशत था |

डॉ घोरे का कहना है कि आमतौर पर इतनी छोटी आयु के शिशुओं में इतनी जिजीविषा शक्ति नहीं देखी जाती जो नन्हे मयंक में थी | मेरे द्वारा पूर्ण प्रयास कर सम्पूर्ण उपचार देकर उसे स्वस्थ होने में योगदान दिया गया लेकिन शिशु का आत्मबल भी काबिले तारीफ़ रहा |

मयंक के माता पिता एवं परिजनों ने रविवार को चर्चा में बताया कि अब मयंक पूरी तरह से स्वस्थ है |शासन द्वारा प्रदाय नि:शुल्क उपचार हेतु परिजनों द्वारा चिकित्सालय स्टॉफ एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया है ।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s