पूर्व विधायक स्व. विनोद डागा की जयंती पर विधायक पुत्र निलय डागा ने की निशुल्क एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत


बैतूल – कोरोना काल में आम लोगो सहित फ्रंट लाइन वर्करों के लिए हर संभव मदद पहुँचाने का कार्य बैतूल विधायक निलय डागा द्वारा किया जा रहा है । इसी तारतम्य में बैतूल विधायक निलय डागा ने अपनी क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए एक बार फिर हाथ बढ़ाया है और अपने स्व पिता श्री विनोद डागा की जयंती पर क्षेत्रवासियों के लिए निशुल्क एम्बुलेंस की सेवा प्रारंभ की है। अब गंभीर मरीजो को अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए बिल्कुल भी परेशान नही होना पड़ेगा। बैतूल के कांग्रेसी विधायक निलय डागा से जुड़े डागा फाउंडेशन ने आज बैतूल में आम नागरिकों को फाउंडेशन की तरफ से निशुल्क एंबुलेंस की सुविधा शुरू की है।  22 लाख रुपए की लागत की यह एंबुलेंस बैतूल तहसील में मरीजों के लिए निशुल्क चलाई जाएगी । 

डागा परिवार ने पूजन अर्चन कर की एम्बुलेंस की शुरुआत

पूर्व कांग्रेसी विधायक स्व. विनोद डागा की जयंती पर आज कांग्रेस विधायक निलय डागा ने इस एंबुलेंस की शुरुआत की। इस मौके पर श्रीमती निर्मला विनोद डागा, श्रीमती दीपाली निलय डागा ने एम्बुलेंस का पूजन अर्चन किया। सर्व सुविधायुक्त यह एंबुलेंस आम लोगों की सुविधा के लिए निशुल्क उपलब्ध रहेगी। इसमें मरीजों को घर से अस्पताल तक लाने की सुविधा शुरू की गई है। इस एंबुलेंस का संचालन डागा हाउस द्वारा किया जाएगा। एंबुलेंस में मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।  विधायक निलय डागा ने बताया कि एंबुलेंस बैतूल तहसील क्षेत्र में संचालित की जाएगी । फिलहाल इसमें वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं है। लेकिन जल्दी ही वेंटिलेटर सहित बायपेप मशीन भी लगाने का प्रयास किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि उनके पिता पूर्व विधायक स्व. विनोद डागा की जयंती पर आम लोगों के लिए यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। श्री निलय डागा ने बताया कि क्षेत्र के आमजन के लिए डागा फाउंडेशन इसी तरह की सुविधाएं और व्यवस्थाएं आगे भी उपलब्ध कराता रहेगा। ताकि आम जनों को तकलीफों का सामना न करना पड़े।

स्व. विनोद डागा को दी गई श्रद्धाजंली

पूर्व विधायक एवं पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष स्व. विनोद डागा को श्रद्धाजंलि भी दी गयी , इस अवसर पर डागा परिवार के करीबी शामिल हुए और श्री डागा के छाया चित्र पर 19 दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए। इस अवसर पर डागा परिवार के करीबी अशोक दीक्षित, प्रमोद अग्रवाल,  सुनील शर्मा, धीरू शर्मा, प्रदीप गंगवानी, सिद्दीक पटेल, बाबू भार्गव, कैलाश पटेल, गजानंद वर्मा, यतीन्द्र सोनी, तरुण कालभोर, लवलेश राठौर, प्रफुल्ल काले,  डैनी भावसार, अजाब राव झरबड़े, डब्बू किशोर जैन, राजेन्द्र साठे, उमा शंकर दीवान,प्रशांत मरोठी, लोकेश पगारिया, अमित गोठी, गौरव खातरकर, आकाश भाटिया, शांतनु तिवारी, मोनू पवार, गौरव पवार, आबू खान, अरुण राठौर, मोनू बड़ोनिया, योगेश बचले, ललित राठौर सहित डागा हाउस के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ऐलान – 31 मई तक कर्फ्यू का सख्ती से हो पालन, जून में धीरे-धीरे अनलॉक होगा।


भोपाल: कोरोना कर्फ्यू को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने राज्य भर में कोरोना कर्फ्यू बढ़ाकर 31 मई तक कर दिया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश भर में 31 मई तक कोरोना कर्फ्यू का कड़ाई से पालन किया जाएगा। अभी कोरोना गया नहीं है इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे जून में कोरोना कर्फ्यू में छूट दी जाएगी। उन्होंने यह घोषणा उज्जैन संभाग में जिला, विकासखंड तथा ग्राम स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप को संबोधित करते हुए की। इस मौके पर उन्होने सभी अधिकारी कर्मचारियों के प्रयासों की तारीफ की और कहा कि प्रशासन बधाई का पात्र है जिसने दिन रात मेहनत कर कोरोना को हराया है।

इस दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि राज्य में कोरोना के रिकीवरी रेट में सुधार हो रहा है। लगातार पॉजिटिविटी रेट घट रही है। लेकिन हमें ओवर कॉन्फिडेंस में नहीं रहना है। कोरोना वायरस अभी भी है और लेकिन स्थिति इसलिए काबू में है क्योंकि हमने कोरोना कर्फ्यू लगाया हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारा टारगेट है कि 31 मई तक हम जीरो कोरोना केस तक पहुंच पाएं। उन्होने कहा कि हम 31 मई से आगे कर्फ्यू नहीं लगा सकते क्योंकि जून में हमें सब खोलना ही पड़ेगा। हालांकि हम अनलॉक भी वैज्ञानिक तरीके से करेंगे। हमें अनुशासन में रहना पड़ेगा। इसके बाद धीरे धीरे राहत दी जाएगी। शादी समारोह की अनुमति भी जून में ही मिलेगी।

वहीं कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे निपटने के लिए हमें अभी से तैयारी करनी होगी।इसके लिए स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की भर्ती कर रहे हैं। सीटी स्कैन सहित अन्य सभी आवश्यक मेडिकल उपकरण लाने की कोशिश की जा रही है। इसी के साथ ब्लैक फंगस पर सीएम ने कहा कि पोस्ट कोविड मरीज एंव ब्लैक फंगस के मरीज इलाज के लिए आगे आए। इस बीमारी से निपटने के लिए सरकार ने दवाईयां उपलब्ध कराने की कोशिश में है। उनका न्यायपूर्ण वितरण हो यह भी सुनिश्चित कराएंगे। सीएम ने कहा कि हर जिले में पोस्ट कोविड सेंटर बनाना है जहां ब्लैक फंगस, हार्ट आदि से संबंधित बीमारियों का इलाज किया जाएगा। जो कोरोना को मात देकर घर लौटने वालों को यदि कोई परेशानी होती है तो उन्हें तुरंत पोस्ट कोविड सेंटर में आएं और समय रहते इलाज कराएं।वहीं रेमडेसिवीर की कालाबाजारी को लेकर कहा कि ऐसे लोगों को किसी कीमत पर छोड़ना नहीं है। ऐसे लोगों पर सीधे एनएसए की कार्रवाई की जाए। 

माटी का तिलक लगाऊं मैं- नरवरे बंधुआलेख प्रस्तुति- एस ब्राह्मणे


माटी का तिलक लगाऊं मैं- नरवरे बंधु
आलेख प्रस्तुति- एस ब्राह्मणे

“भारत माता का वीर सपूत हूं मैं
रणभूमि का तिलक लगाऊंगा मैं
मातृभूमि पर आंच नहीं आने दूंगा
चाहे तिरंगे में लपेटकर आऊंगा मैं
राष्ट्रभक्ति मेरा धर्म है निभाऊंगा में
वतन के लिए भले मिट जाऊं मैं
भारत माता का वीर सपूत हूं -मैं.”

आइए
मैं आपको वर्तमान समय में पूरा विश्व जब आज जीवन और मृत्यु के बीच में संघर्ष करते हुए नजर आ रहा है ऐसे समय में कुछ योद्धा अपने कर्तव्य के मार्ग पर डटे हुए हैं ऐसे योद्धाओं की व्याख्या मेरे शब्दों के द्वारा, मेरे विचारों के द्वारा , मेरी लेखनी के द्वारा किया जा रहा है
क्योंकि किसी ने कहा है
“कुछ योद्धाओं की चमक नहीं जाती
कुछ यादों की कसक नहीं जाती कुछ लोगों से होता है गहरा रिश्ता दूर रहकर भी उनकी महक नहीं जाती”……
एक ऐसे राष्ट्र प्रेमी ,देशभक्त अदम्य साहस और वीरता के पर्याय जिन्होंने सेना में अपनी सेवाएं देते हुए देश प्रेम की भावना का का पालन किया , जांबाज योद्धा स्वरूप सेवाएं दी और सेना में नौकरी करने के बाद जब उनकी योद्धा के बतौर घर सकुशल वापसी हुई , रिटायरमेंट के बाद अपने लोगों के बीच में हुई तो वे कहां चुप बैठने वाले थे, उनके पास अदम्य साहस और वीरता वाला पराक्रम ,हिम्मत ,हौसला देश प्रेम की भावना ,लोगों की मदद करना ,लोगों के सुख दुख में काम आना ,बिना किसी स्वार्थ के बिना किसी लोभ प्रलोभन के ,वे देशभक्ति की खातिर ,राष्ट्रप्रेम के खातिर ,निरंतर सेवा भाव से जनता की सेवा में लगे हुए हैं , वे आज भी कोरोना काल में पुलिस प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे हुए हैं साथ ही स्वास्थ्य विभाग में जहां दल बल की आवश्यकता होती है वे अपना योगदान दे रहे हैं वे निरंतर वैक्सिंग के लिए लोगों को तैयार कर रहे हैं और सेंटरों पर व्यवस्था बनाए हुए हैं लोगों को रक्त दान देने के लिए भी हमेशा आगे खड़े रहते हैं
आइए मैं उनसे आपका परिचय करवाते हुए मैं आपको बताना चाहूंगा की किस तरह से दो फौजी भाइयों की कर्मठता , देश प्रेम वीरता साहस पराक्रम जन सेवा, राष्ट्र सेवा ,मानव सेवा जिनके दिलों में हो, ऐसे जांबाज योद्धा के बारे में दो शब्द लिखकर मैं अपने आप को सौभाग्यशाली समझता हूं ,धन्यवाद का पात्र समझता हूं आज दो भाइयों की वीरगाथा को अपने शब्दों में बयां करने का जो सौभाग्य मिला है ऐसा लगता है मानो मेरी लिखनी ने आज अमरत्व को प्राप्त कर लिया है .
आइए इन दोनों भाइयों की वीर गाथा को बयां करने से पहले उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि से मैं तुम्हें अवगत कराना चाहूंगा

इन दोनों भाइयों के नाम विजय नरवरे एवं संजय नरवरे है इनके पिता जी का नाम_ लखनलाल नरवरे, माता का नाम_ श्रीमती काशीबाई नरवरे है एक मध्यम एवं साधारण परिवार में जन्म लेने के पश्चात परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण माता पिता ने दोनों बच्चों को शिक्षा प्राप्त करवाई माता-पिता से प्रेरणा लेकर दोनों ही बेटों में एक जुनून एक जज्बा हिम्मत हौसला देश के प्रति अपनी जवाबदेही निश्चित की सबसे पहले सेना में भर्ती हुए
एक ही दिन दोनों भाइयों की जॉइनिंग हुई 2003 में हुई लेकिन जज्बा जुनून और जन सेवा बिल्कुल किसी बहादुर योद्धा से कम नहीं था और सफलता भी हाथ लगी देश प्रेम की भावना इनकी दिलों मे विराजमान थी दोनों ही बेटे विजय ( बेटा) भारतीय सेना में शामिल होकर अपने परिवार के लिए इतिहास बना दिया ,
बड़े भाई विजय नरवरे के बारे में बात करते हैं तो हमें जानकारी प्राप्त होती है कि इन्होंने अपने स्कूली जीवन में ही एनसीसी लेकर बीएलसी मे लीडरशिप प्राप्त की और 12वीं क्लास में मात्र 17 वर्ष 6 महिने की आयु में सेना ज्वाइन कर ली, सरल सहज मिलनसार व्यवहार कुशल के साथ-साथ अनुशासन के पक्ष में अपने जीवन को व्यतीत करने वाले बेदाग छवि और कर्तव्य पालन के साथ-साथ अनुशासन का पालन करते रहे हमेशा दुश्मनों के छक्के छुड़ाने में कभी पीछे नहीं रहे, इन्होंने दुश्मनों की कई बार छक्के छुड़ाए है इसी प्रयास में एक बार आतंकवादी हमले की शिकार हुए थे लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था स्वस्थ होकर अपने कर्तव्य मार्ग पर डटे रहे
अब मैं उनके छोटे बेटे संजय नरवरे के व्यक्तित्व के बारे में बताना चाहूंगा हष्ट पुष्ट आकर्षण युक्त व्यक्तित्व सादगी और सरलता के पुजारी अनुशासन का अपने जीवन में कड़ाई से पालन कर अपने जीवन को बड़े ही सहज रूप से जीने वाले संजय बचपन से ही मेधावी छात्रों के रूप में अपना विशिष्ट स्थान रखते थे परिवार की आर्थिक ना होने के कारण , देश के प्रति उनकी लगन और समर्पण भाव को देखते हुए सेना में भर्ती हो गए आप भी बड़े सहज सरल आकर्षक सुडोल व्यक्तित्व वाणी की मिठास विशिष्ट कार्य शैली से लोगों के दिलों पर राज करने वाले जांबाज योद्धा के रूप में सेना में नौकरी की और आप बचपन से ही स्काउट के शौकीन रहे है और कई जगह कैंप लगाए और लोगों की मदद की स्कूली जीवन में ही मात्र ग्यारहवीं क्लास पढ़ते पढ़ते 16 वर्ष 6 महीने की आयु में आपने सेना ज्वाइन कर ली
यह अजीब संयोग है, इसे ईश्वर का संयोग ही कहा जा सकता है, देश प्रेम की भावना दोनों ही भाइयों में कूट-कूट कर भरी हुई थी साथ ही जनसेवा एवं परमार्थ के कार्य को करने में इन्हें जो आनंद मिलता है उसे शब्दों में बयां कर पाना बड़ा मुश्किल है ,लेकिन हां
2003 में दोनों ही भाइयों ने एक ही दिन एक ही साथ सेना में भर्ती होकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे
2010 में दोनों ही सैनिक योद्धाओं की शादी भी एक ही दिन हुई,
इनके दोनों पुत्रों का जन्म भी एक ही दिनांक को हुआ
इसके अलावा सेना से सेवानिवृत्ति भी एक ही दिन हुई,

दोनों ही भाइयों की कार्य करने की इच्छा शक्ति, विशिष्ट शैली से और लोगों की मदद करना, लोगों के काम आना, बिना किसी स्वार्थ के बिना , बिना किसी प्रलोभन के लोगों के लिए एक आदर्श स्थापित करते हुए इन दोनों भाइयों का जो व्यक्तित्व लोगों के बीच में उभर कर सामने आया है निसंदेह हुआ तारीफ के काबिल है , हम सब के लिए गौरव का विषय है, गर्व महसूस होता है, आज भी इन दोनों जांबाज योद्धाओं के दिलों में देश के लिए, समाज के लिए ,राष्ट्र के लिए, मानव समाज एवं जन कल्याण, मातृभूमि की रक्षा के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना, इनके दिलों में है
के दर्शन हमें तब होते हैं जब उनके द्वारा किए जाने वाले सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों की गतिविधियों पर हम प्रकाश डालते हैं
अवगत है कि बैतूल पुलिस ग्राउंड में बीते साल से 5:30 बजे से सुबह सुबह 7:30 तक महिलाओं एवं बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए महिला सशक्तिकरण (नारी शक्ति) अभियान चलाते हैं एवं उन्हें शारीरिक प्रशिक्षण देते हैं साथ ही गांव एवम शहर के युवा नौजवान हो, जो सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहता है , उनके व्यक्तित्व के निर्माण के लिए, रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य को लेकर रोज शारीरिक शिक्षा जो कि सेना में भर्ती होने के लिए मुख्य परीक्षा कहलाती है को प्रशिक्षित करते हैं, इसके अलावा भी अनेक जनकल्याणकारी, सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों को करते है महिलाओं को उनके अधिकार एवं उनके कर्तव्य नारी का मान सम्मान और अभिमान को लेकर उनके ऊपर हो रहे अत्याचार , अन्याय एवं शोषण घरेलू हिंसा, दुराचार ,बालिका शिक्षा को बढ़ावा के साथ-साथ समय-समय पर जागरूकता रैली, उनके लिए योग शिक्षा को बढ़ावा ,आत्मरक्षा के गुर सिखाना आदि उपायों की जानकारी शिविर के माध्यम से उनको देना ,उन्हें जागरूक करते आ रहे हैं ,आज के इस वैश्विक महामारी के दौर में जब लोग अपने अपने घरों में आराम से रह कर के अपने जीवन चर्या को सीमित कर रहे हैं लेकिन आज भी “नरवरे- बंधु” दोनों भाई कोरोना योद्धा की तरह कोरोना कॉल में भी शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनसेवा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निडरता, साहस, हौसला ,हिम्मत के साथ कर्तव्य मार्ग पर डटे है, लोगों की मदद के लिए, सेवा के लिए ,लोगों के सुख दुख में काम आने के लिए, लोगों को जागरुक करने के लिए ,दृढ़ संकल्प के साथ-साथ जनसेवा , मानव सेवा की भावना का सम्मान करते हुए बिना किसी लोभ या प्रलोभन के पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने राष्ट्र धर्म का पालन कर रहे हैं देशभक्ति की भावना जो इनके दिलों में है वह काबिले तारीफ है उन्हें अपने परिवार की चिंता नहीं है उन्हें चिंता है देश की दुनिया की, हम लोगों की, इसीलिए रात दिन 24 घंटे अनवरत रूप से जन सेवा कर रहे हैं, मानव की सेवा कर रहे हैं, मानव धर्म के साथ राष्ट्र धर्म का पालन कर रहे हैं, इसके अलावा” रक्तदान” है महादान अभियान के तहत भी समय-समय पर इनके द्वारा लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से रक्त कैंप का आयोजन भी किया जाता रहा है कई बार इन्होंने जिन्हें रक्त की आवश्यकता होती है उस समय इन्होंने लोगों को रक्तदान करके उनकी जिंदगी यूं को संवारा है बचाया है, धन्य है ऐसे वीर योद्धा जिनके जन्म से हमारा जिला हमारा शहर हमारा बैतूल अपने आपको गौरवान्वित महसूस करता है बैतूल की धरती मां उनका अभिनंदन करती है ऐसे सेना के जांबाज योद्धाओं को इनकी सकारात्मक सोच ,देश प्रेम की भावना ,त्याग, तपस्या, संकल्प के साथ ,राष्ट्र धर्म का पालन करते हैं पूरी निडरता से बेबाक तरीके से बिना किसी की चिंता किए बिना, परिवार की चिंता किए बिना आज कोरोना योद्धा के रूप में वॉलिंटियर्स के रूप में निरंतर कल्याणकारी एवं जन उपयोगी कार्य करते हुए नजर आ रहे हैं वंदन करते हैं अभिनंदन करते हैं ऐसे वीर पुत्रों को मेरे शब्दों के द्वारा उनका सम्मान किया जाना उनकी कार्यशैली का सम्मान किया जाना उनकी देशभक्ति का सम्मान उनके साहस पराक्रम का सम्मान उनकी लगन कर्तव्य परायणता का सम्मान किया जाना बहुत नितांत आवश्यक है क्योंकि किसी कवि ने कहा है ..
“वह खून कहो किस मतलब का जिसमें उबाल का नाम नहीं ,
वह इंसान भी किसी मतलब का नहीं
जिसमें स्वदेश के प्रति प्यार नहीं”

अंत में मैं यही कहना चाहूंगा कि इन दोनों सैनिक बंधुओं से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए, हमें इनसे सीखना चाहिए, देशभक्ति का पाठ , मानव सेवा ,जन कल्याण के कार्य ,सतत सेवा भाव आदि को अपने जीवन में उतार कर हम अपने जीवन को सार्थक और कामयाब बना सकते हैं, मातृभूमि की रक्षा के लिए हम काम आ सकते हैं ,देश की शहादत में, देश की एकता और अखंडता में हम देश के सच्चे सपूत होने का हमें गौरव प्राप्त हो सकता है, बस शर्त यह है कि हम पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे ,वंदन करता हूं ,अभिनंदन करता हूं ,समाज ,राष्ट्र एवं जन कल्याण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए प्रयासों को मैं प्रणाम करता हूं
पंडित श्रीकृष्ण सरल कवि के द्वारा रचित इन भावों के साथ अपनी लेखनी को यहां पर विराम देते हुए कहता हूं, इन दोनों सैनिक बंधुओं से…
मत ठहरो ,सैनिक बंधुओं तुमको आगे चलना है
वतन की राह पर चलने से तुम्हें नहीं डरना है
तुम चलो आगे और जमाना अपने साथ चलाओ
जो पिछड़ गए हैं प्रेरित कर उन्हें आगे बढ़ाओ
तुमको प्रतीक बनना है विश्व शांति और प्रगति का
तुमको जनहित के सांचे में ढलना है
मत ठहरो सैनिक बंधुओं तुम्हें आगे बढ़ना है”
आगे बढ़ने से तुमको नहीं डरना है
मत ठहरो तुमको चलना ही चलना हैह

आलेख एवं संकलन-
एस.ब्राह्मणे “सरल”
लेखक साहित्यकार कवि एवं चिंतक, मानस नगर बैतूल
मोबाइल नंबर 78282 86 568
Syamdevbrahmane0404@gmai

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

शासकीय राशन दुकान पर निशुल्क राशन लेने उमड़ी भीड़, कोविड गाइड लाइनों की उड़ी धज्जियाँ, देखें पूरा वीडियो


बैतूल जिले के आमला विकासखंड के आमला जनपद पंचायत के अधीन, ग्राम तरोडा बुजुर्ग में सामुदायिक भवन में शासकीय राशन वितरण का कार्य संचालित किया जा रहा है। जिसमे सेल्समैन द्वारा हितग्राहियों के प्रति दुर्व्यवहार किया जा रहा है, ना ही कोई उचित दूरी का पालन किया जा रहा है और ना ही हितग्राहियों के द्वारा मास्क का प्रयोग किया जा रहा है। बुजुर्ग पुरुष और महिला हितग्राहियों को राशन के लिए सुबह से आकर धूप में खड़े रहना पड़ता है उसके बाद भी राशन ना मिलने का वाक्या सामने आ रहा है, ऐसी स्थिति में राशन हितग्राही सोसायटी के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

एक तरफ प्रशासन उचित मूल्य की दुकानों पर कोरोना प्रोटोकॉल पालने करने की बातें कर रहा है वहीं दूसरी तरफ इन दुकानों पर कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा और न ही लोग मास्क लगा रहे हैं। इन दुकानों पर भारी भीड़ लगी हुई है। मप्र शासन द्वारा जिले के सभी गरीबों को अप्रैल, मई व जून का राशन नि:शुल्क देने का निर्णय लिया है। माह अप्रैल का राशन वितरण हो चुका है। मई एवं जून का राशन दिया जाना है।

यदि जिला प्रशासन की टीम ने इन दुकानों पर जाकर वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास करे तो सच्चाई जमीन पर गोते खाते हुए नज़र आएगी। ग्राम तरोडा बुजुर्ग में स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पर भारी भीड़ दिखाई दी। यहाँ कोरोना नियमों का बिलकुल पालन नहीं हो रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए किसी भी प्रकार के संकेतों का प्रयोग भी नही किया जा रहा है। और बड़ी संख्या में लोग वहां राशन लेने पहुंचे है। सेल्समेन दुकान के अंदर बैठकर राशन का वितरण कर रहे है । उनके टेबल के आगे लोग भीड़ लगाकर खड़े है जिनमें कई लोगों ने तो मास्क तक नहीं लगाया है। साथ ही सेल्समैन का हितग्राहियों से दुर्व्यवहार किया जा रहा है , बुजुर्ग हितग्राही सुबह से आकर धूप में खड़े रहते, कई दिन सोसायटी के चक्कर काटने पड़ते हैं।

दूसरी तरफ व्यवस्थाओं को लेकर आयोजित बैठक में कलेक्टर ने सर्वप्रथम जिला खाद्य अधिकारी से दुकानों के खुलने के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कुछ दुकानें खुल चुकी है, कुछ खुलना शेष हैं। जिस पर कलेक्टर द्वारा कड़ा असंतोष प्रकट करते हुए खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारियों, एसडीएम व सीईओ जनपद को निर्देश दिए कि फील्ड में जाकर सभी उचित मूल्य दुकानें खुलवाएं और खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य को प्राथमिकता दें और यह सुनिश्चित करें कि 15 मई के पूर्व सभी हितग्राहियों को खाद्यान्न मिल जाए।

कलेक्टर ने कोविड-19 तथा गरीबों को तीन माह का एकमुश्त राशन वितरण संबंधी समीक्षा बैठक में जिले की सभी राशन दुकानें न खुलने के संबंध में गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी गरीबों को समय पर खाद्यान्न वितरण करना सुनिश्चित करें, अन्यथा कार्यवाही भुगतने के लिए तैयार रहे।

बेटी ने माता-पिता की वर्षगांठ पर भेंट किए सैनिटाइटर और मास्क


बेटी ने माता पिता के वर्ष वर्षगांठ पर पेस की अनूठी मिसाल

बैतूल। जिले में जन्मदिन और सालगिरह जैसे आयोजनों को यादगार बनाने के लिए विभिन्न सेवाकार्य करने की परंपरा बन चुकी है। इसी तारतम्य में समाजसेवी माधुरी साबले ने अपने माता-पिता की वर्षगांठ पर कोरोना काल में फ्रंटलाइन वारियर की भूमिका का निर्वहन कर रहे पुलिसकर्मियों के लिए आवश्यक सामग्री दान करने की पहल की।

माधुरी साबले ने पुलिसकर्मियों के लिए पानी की बोतलें, सैनिटाइजर और मास्क पुलिस नियंत्रण कक्ष में रक्षित निरीक्षक मनोरमा बघेल को सौंपे ताकि इन्हें जवानों को वितरित किया जा सके।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वास्तविक स्नेह प्रशंसा से नहीं बल्कि सेवा से दर्शाया जाता है। इस अवसर पर समाजसेवी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता संजय (पप्पी) शुक्ला, मनीष मिसर, अखिलेश वाघमारे और अमन राने भी उपस्थित थे।