Milkha Singh का निधन, 91 वर्ष की उम्र में फ्लाइंग सिक्ख ने ली अंतिम सांस


नई-दिल्ली. भारत के महान धावक Milkha Singh का निधन हो गया है। उन्होंने चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में 91 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। 4 बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता Milkha Singh को मई में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

ट्रैक एंड फील्ड में कई रिकॉर्ड बनाने वाले इस दिग्गज को फ्लाइंग सिख कहा जाता है। Milkha Singh को 3 जून को पीजीआई में भर्ती कराया गया था। पहले उनका घर पर इलाज चल रहा था लेकिन ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

हालांकि वह बुधवार को कोरोना नेगेटिव आया था। इसके बाद उन्हें कोविड आईसीयू से सामान्य आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन इस बीमारी से होने वाली जटिलताओं के कारण उनकी हालत गंभीर हो गई थी।इसके तहत शुक्रवार को उनका ऑक्सीजन लेवल कम हो गया था,

और बुखार आ गया था। अस्पताल के सूत्रों ने बताया था कि उनकी हालत गंभीर हो गई थी। इसके बाद उनके परिवार की ओर से भी बयान आया। कहा गया, मिल्खा जी के लिए ये दिन थोड़े मुश्किल हैं। लेकिन वह इससे जूझ रहा है।

इससे पहले उनकी पत्नी निर्मल कौर की 13 जून को मोहाली के एक निजी अस्पताल में कोविड-19 संक्रमण से जूझते हुए मौत हो गई थी। कौर खुद एथलीट रह चुकी हैं। वह भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की कप्तान रह चुकी हैं।

निर्मल कौर की शादी साल 1962 में मिल्खा सिंह से हुई थी। इन दोनों के दो बच्चे हैं। एक बेटा, जीव मिल्खा सिंह, जो एक भारतीय गोल्फर है। वहीं दूसरी उनकी बेटी है, जो अमेरिका में डॉक्टर है।

Milkha Singh 1960 में ओलंपिक पदक से थे चूके

Milkha Singh 4 बार एशियन गेम्स में Gold Medal जीत चुके हैं। वह 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन भी हैं। फिर 1960 के रोम ओलंपिक खेलों में, वह 400 मीटर की दौड़ में एक छोटे से अंतर से पदक से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने 1956 और 1964 के ओलंपिक खेलों में भी भाग लिया। उन्हें 1959 में पद्म श्री पुरस्कार मिला।