रोटी बैंक के पदाधिकारियों ने दिव्यांगों को बांटे वस्त्र


बैतूल- रोटी बैंक के पदाधिकारियों ने आज निशक्त पति पत्नी एवं उनके बच्चों के लिए नए वस्त्र खरीद कर बांटे गए। सोसाइटी के श्री देवेंद्र बरथे ने कहा की भूखे को रोटी रहने को मकान और पहनने को वस्त्र यदि मिल जाए तो उसका जीवन धन्य हो जाता है।आज भी मानव समाज में ऐसे निशक्त एवं असहाय लोग है जिन को दो वक्त की रोटी तन पर कपड़े और रहने के लिए मकान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है संभवत सोसाइटी के माध्यम से भूखे को रोटी उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी है। जिला मुख्यालय पर पुलिस ग्राउंड से लगा हुआ गोकुल सेन परिवार पूर्णत निशक्त है, रोटी और कपड़ों के लिए लगातार उनका संघर्ष जारी है, रहने को छत नहीं है, ऐसी स्थिति में रोटी बैंक द्वारा उन्हें प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराया जाता है, आज पूरे परिवार को नए वस्त्र श्री आर के विजयकर, श्री एस ब्राह्मणे, श्रीमती माला खातरकर, श्रीमती उषा सातनकर श्री महेंद्र सोनकर, श्री रमेश पद्माकर आदि पदाधिकारियों के विशेष उपस्थिति में वस्त्र वितरित किया गए आगे भी सोसाइटी के माध्यम से गरीब असहाय लोगों की मदद के लिए हमेशा वचनबद्ध हैं कटिबद्ध है।