पांढुरना गोटमार मेला पर लगा प्रतिबंध प्रतिबंध, कलेक्टर ने लगाई धारा 144, 48 घंटे के लिए


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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की पांढुरना तहसील में 6 सितंबर की प्रात: 8 बजे से 8 सितंबर को प्रात: 8 बजे तक के लिये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

छिंदवाड़ा से पैंसठ किलोमीटर दूर, पांढुर्णा के मुख्यालय में गोटमार मेला नाम से एक अनूठा मेला हर साल दूसरे दिन भाद्रपद अमावस्या के दिन मनाया जाता है। यह मेला ‘जाम’ नदी के तट पर मनाया जाता है। एक लंबे पेड़ को नदी के बीच में एक झंडे के साथ खड़ा किया जाता है। गाँवों के निवासी ‘सावरगाँव’ और ‘पांढुर्ना’ नदी के दोनों किनारों पर इकट्ठा होते हैं, और विपरीत गाँव के व्यक्तियों पर पथराव (‘पकड़’) शुरू करते हैं, जो नदी के बीच में जाकर झंडा हटाने की कोशिश करते हैं पेड़ के तने के ऊपर। जिस गांव का निवासी झंडा हटाने में सफल होता है, उसे विजयी माना जाएगा। पूरी गतिविधि मां दुर्गाजी के पवित्र नाम के जप के बीच होती है।

छिंदवाड़ा जिले की तहसील पांढुरना में गोटमार मेले को देखते हुए कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिये भारत शासन, मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग और जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक रूप से एकत्रीकरण, धार्मिक त्यौहार, जुलूस, रैली पर लगाये गये प्रतिबंध और मास्क व सोशल डिस्टेसिंग की अनिवार्यता को देखते हुये दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत जिले के पांढुरना नगर में 6 सितंबर की प्रात: 8 बजे से 8 सितंबर को प्रात: 8 बजे तक के लिये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये गये हैं। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूध्द भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी। प्रशासन द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के अंतर्गत संपूर्ण नगरपालिका क्षेत्र पांढुरना एवं गोटमार मेला क्षेत्र पांढुरना में कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के घातक हथियार जैसे चाकू, लोहे की छड़, लाठी, तलवार, भाला, बरछी, फरसा, गंडासा व आग्नेय शस्त्रों, पत्थर, गोफन को लेकर चलना, उनका गोटमार के लिये उपयोग करना और सार्वजनिक प्रदर्शन करना प्रतिबंधित रहेगा। ग्राम सांवरगांव और पांढुरना के मध्य स्थित मेला स्थल के पहुंच मार्ग, गुजरी चौक से हनुमन्ती वार्ड और ग्राम बम्हनी की ओर जाने वाले मार्ग पर मार्ग के दोनों ओर अस्थाई दुकानें लगाया जाना प्रतिबंधित रहेगा।

ग्राम सांवरगांव और पांढुरना के मध्य स्थित मेला स्थल व मेला स्थल के दोनों ओर के 500 मीटर की परिधि में स्थित पांढुरना और सांवरगांव क्षेत्र के अम्बेडकर वार्ड, भवानी वार्ड, अम्बा वार्ड, सुभाष वार्ड, राधाकृष्ण वार्ड व हनुमंती वार्ड में किसी भी प्रकार के पत्थरों के परिवहन, एकत्रीकरण और पत्थर का गोटमार खेल में उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

इसी प्रकार ग्राम सांवरगांव और पांढुरना के मध्य स्थित मेला स्थल एवं मेला स्थल के दोनों ओर के 500 मीटर की परिधि में स्थित पांढुर्णा और सांवरगांव क्षेत्र के अम्बेडकर वार्ड, भवानी वार्ड, अम्बा वार्ड, सुभाष वार्ड, राधाकृष्ण वार्ड व हनुमंती वार्ड में किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र, डी.जे. और उच्च तीव्रता के वाद्ययंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

इन स्थलों पर बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश शासकीय/अर्ध्दशासकीय निकायों के सुरक्षा कर्मियों, पुलिस कर्मियों, विशेष पुलिस कर्मियों एवं ऐसे शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जिन्हें जिला प्रशासन अथवा पुलिस प्रशासन द्वारा गोटमार मेले के दौरान शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिये नियुक्त किया गया हो । चूंकि वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां नहीं हैं और न ही यह संभव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति को दी जाये, इसलिये यह आदेश एकपक्षीय तौर पर पारित किया गया है। उन्होंने लोक सूचना के लिये स्थानीय तहसीलदार पांढुरना और सहायक संचालक जनसंपर्क को इस संबंध में पर्याप्त प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये है ।

पांढुरना गोटमार मेला पर लगा प्रतिबंध, कलेक्टर ने लगाई धारा 144, 48 घंटे के लिए


मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की पांढुरना तहसील में 6 सितंबर की प्रात: 8 बजे से 8 सितंबर को प्रात: 8 बजे तक के लिये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

छिंदवाड़ा से पैंसठ किलोमीटर दूर, पांढुर्णा के मुख्यालय में गोटमार मेला नाम से एक अनूठा मेला हर साल दूसरे दिन भाद्रपद अमावस्या के दिन मनाया जाता है। यह मेला ‘जाम’ नदी के तट पर मनाया जाता है। एक लंबे पेड़ को नदी के बीच में एक झंडे के साथ खड़ा किया जाता है। गाँवों के निवासी ‘सावरगाँव’ और ‘पांढुर्ना’ नदी के दोनों किनारों पर इकट्ठा होते हैं, और विपरीत गाँव के व्यक्तियों पर पथराव (‘पकड़’) शुरू करते हैं, जो नदी के बीच में जाकर झंडा हटाने की कोशिश करते हैं पेड़ के तने के ऊपर। जिस गांव का निवासी झंडा हटाने में सफल होता है, उसे विजयी माना जाएगा। पूरी गतिविधि मां दुर्गाजी के पवित्र नाम के जप के बीच होती है।

छिंदवाड़ा जिले की तहसील पांढुरना में गोटमार मेले को देखते हुए कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिये भारत शासन, मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग और जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक रूप से एकत्रीकरण, धार्मिक त्यौहार, जुलूस, रैली पर लगाये गये प्रतिबंध और मास्क व सोशल डिस्टेसिंग की अनिवार्यता को देखते हुये दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत जिले के पांढुरना नगर में 6 सितंबर की प्रात: 8 बजे से 8 सितंबर को प्रात: 8 बजे तक के लिये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये गये हैं। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूध्द भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी। प्रशासन द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के अंतर्गत संपूर्ण नगरपालिका क्षेत्र पांढुरना एवं गोटमार मेला क्षेत्र पांढुरना में कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के घातक हथियार जैसे चाकू, लोहे की छड़, लाठी, तलवार, भाला, बरछी, फरसा, गंडासा व आग्नेय शस्त्रों, पत्थर, गोफन को लेकर चलना, उनका गोटमार के लिये उपयोग करना और सार्वजनिक प्रदर्शन करना प्रतिबंधित रहेगा। ग्राम सांवरगांव और पांढुरना के मध्य स्थित मेला स्थल के पहुंच मार्ग, गुजरी चौक से हनुमन्ती वार्ड और ग्राम बम्हनी की ओर जाने वाले मार्ग पर मार्ग के दोनों ओर अस्थाई दुकानें लगाया जाना प्रतिबंधित रहेगा।

ग्राम सांवरगांव और पांढुरना के मध्य स्थित मेला स्थल व मेला स्थल के दोनों ओर के 500 मीटर की परिधि में स्थित पांढुरना और सांवरगांव क्षेत्र के अम्बेडकर वार्ड, भवानी वार्ड, अम्बा वार्ड, सुभाष वार्ड, राधाकृष्ण वार्ड व हनुमंती वार्ड में किसी भी प्रकार के पत्थरों के परिवहन, एकत्रीकरण और पत्थर का गोटमार खेल में उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

इसी प्रकार ग्राम सांवरगांव और पांढुरना के मध्य स्थित मेला स्थल एवं मेला स्थल के दोनों ओर के 500 मीटर की परिधि में स्थित पांढुर्णा और सांवरगांव क्षेत्र के अम्बेडकर वार्ड, भवानी वार्ड, अम्बा वार्ड, सुभाष वार्ड, राधाकृष्ण वार्ड व हनुमंती वार्ड में किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र, डी.जे. और उच्च तीव्रता के वाद्ययंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

इन स्थलों पर बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश शासकीय/अर्ध्दशासकीय निकायों के सुरक्षा कर्मियों, पुलिस कर्मियों, विशेष पुलिस कर्मियों एवं ऐसे शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जिन्हें जिला प्रशासन अथवा पुलिस प्रशासन द्वारा गोटमार मेले के दौरान शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिये नियुक्त किया गया हो । चूंकि वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां नहीं हैं और न ही यह संभव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति को दी जाये, इसलिये यह आदेश एकपक्षीय तौर पर पारित किया गया है। उन्होंने लोक सूचना के लिये स्थानीय तहसीलदार पांढुरना और सहायक संचालक जनसंपर्क को इस संबंध में पर्याप्त प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये है ।