धर्म कार्य के साथ नए साल की शुरुआत करेंगे विधायक निलय डागा


धर्म कार्य के साथ नए साल की शुरुआत करेंगे विधायक निलय डागा
भगवान श्रीराम की कथा श्रवण के साथ मंदिर निर्माण सहभागिता अभियान में जुटेंगे

बैतूल। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी विधायक निलय विनोद डागा नए वर्ष की शुरुआत धर्म कार्य के साथ करेंगे। विधायक श्री डागा का 31 दिसम्बर का दिन श्री खाटू श्याम के नाम, व 1 जनवरी भगवान श्री राम के नाम रहेगा। विधायक 31 दिसंबर को भगवान श्री खाटू श्याम जी की भजन संध्या में सिरकत करेंगे व 1 जनवरी 2022 को बडोरा में चल रही रामकथा में राष्ट्रीय संत प्रेम भूषण महाराज के मुखार बिंद से रामचरितमानस पाठ का श्रवण करेंगे। वे शाम 6:30 बजे कृष्णपुरा वार्ड में चल रही भागवत महापुराण में भाग लेकर हनुमान मंदिर में आरती कर राम मंदिर सहभागिता अभियान चलाएंगे।
–मंदिर निर्माण से जुड़ सकेंगे आमजन–
उल्लेखनीय है कि विधायक निलय विनोद डागा के सहभागिता अभियान के माध्यम से आमजन स्वेच्छा से अयोध्या के श्रीराम मंदिर निर्माण से जुड़ सकेंगे। अयोध्या में समाज के सहयोग से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण साकार होगा। उन्होंने कहा कि सहभागिता अभियान के तहत घर-घर जाकर लोगों से सहयोग मांगने के कार्य के पीछे निहितार्थ यह है कि प्रभु श्री राम के काज से हर एक व्यक्ति को जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त हो। राम मंदिर गौरव और अस्मिता का मंदिर है। अयोध्या में समाज के सहयोग से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण साकार होगा। धर्म, मर्यादा, चरित्र, संस्कार के स्वरूप श्री राम जी के इस मंदिर से विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ने की मंशा से कांग्रेस विधायक निलय डागा यह अभियान चला रहे हैं।

बैतूल इंदौर नेशनल हाइवे पर पेड़ से कार टकराई, चार की मौत


बैतूल। बैतूल-इंदौर नेशनल हाइवे पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ है। चिचोली से 6 किलोमीटर दूर जोगली शुगर मिल के पास एक कार अनियंत्रित होकर आम के पेड़ से टकरा गई। इस भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोग गम्भीर हैं। दोनों घायलों को चिचोली से जिला अस्पताल रैफर किया गया है। जिला अस्पताल से भी दोनों को भोपाल रैफर कर दिया है। कार सवार एक शादी समारोह से लौट रहे थे।

108 एम्बुलेंस सेवा के योगेश पवार ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि टेमागांव से एक विवाह समारोह में शामिल होकर राजू चडोकार, रीता पत्नी राजू चडोकार, गोलू घोड़की, हेमलता, दीपा पत्नी बलवंत कुंभारे, लक्की पिता गोलू घोड़की कार क्रमांक एमपी-09/सीजे-7018 से लौट रहे थे। इस बीच उनकी कार जोगली शुगर मिल के पास अनियंत्रित होकर आम के पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक घायल ने अस्पताल में दम तोड़ा। मृतकों में 3 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस एवं 108 की सहायता से कार में फंसे मृतकों के शवों को बाहर निकाला गया। एक की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए चिचोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखे गए हैं। दोनों घायलों को जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया है, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जिला अस्पताल से भी दोनों घायलों को भोपाल रैफर कर दिया है।

इस हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए हैं और वह बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भीषण रहा होगा। कार में सवार मृतक और घायल, झल्लार के पास स्थित आमला एवं  गोरेगांव और इंदौर निवासी बताए जा रहे हैं।

पंचायती राज में पहली बार बेमिसाल बना रोंढा, 14 वार्ड मेम्बर चुने गए निर्विरोध, चुनाव निरस्त होने के बाद भी बने चर्चा का बने केन्द्र ।


प्रदीप डिगरसे, कविता डिगरसे

रोंढा बैतूल। पंचायत चुनाव में अब तस्वीर साफ हो गई है । पहले और दूसरे चरण के लिए होने वाले चुनाव में उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह दे दिए गए है । उम्मीदवार भी अब चुनावी सरगर्मी में कूद गए हैं और मतदाताओं से जनसंपर्क में जुट गए हैं । पंचायत चुनाव की रोचकता रोज बढ़ने लगी है और इसमें अलग-अलग तस्वीरें सामने आएंगी ।

ऐसा ही एक नजारा जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पंचायत रोंढा में सामने आया है जहाँ जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों को निर्विरोध पंच चुन लिया है । वार्ड क्रमांक 17 में रहने वाले श्यामकिशोर डिगरसे के दो पुत्रों और दो पुत्रवधुओं, जिसमें वार्ड क्रमांक 4 से संदीप डिगरसे, वार्ड क्रमांक 14 से प्रदीप डिगरसे गणित, वार्ड क्रमांक 3 से निर्मला डिगरसे और वार्ड क्रमांक 17 से कविता डिगरसे को निर्विरोध पंच चुन लिया गया है। प्रदीप डिगरसे गणित और कम्प्यूटर में पोस्ट ग्रेजुएट हैं तो उनकी पत्नी कविता डिगरसे एमसीए ( मास्टर ऑफ कम्प्यूटर ऐप्लिकेशन) है।

संदीप डिगरसे, निर्मला डिगरसे

रोंढा के वार्ड क्रमांक 5 में रहने वाले मोहनलाल पवार की पत्नी रामकला पवार वार्ड क्रमांक 15 और पुत्र शैलेंद्र पवार वार्ड क्रमांक 5 से निर्विरोध पंच चुने गए। वार्ड क्रमांक 18 में रहने वाले स्व. मारुतीराव कोड़ले के दो पुत्रों राजेश कोड़ले को वार्ड क्रमांक 10 और दिनेश कोड़ले को वार्ड क्रमांक 18 से निर्विरोध चुन लिया गया। साथ ही वार्ड क्रमांक 2 से निर्विरोध चुनी गई मालती चौधरी पेशे से वकील है।

वैसे तो पंच का चुनाव बड़ा नहीं होता है लेकिन इस पंच के चुनाव में बड़ी बात है कि यहां से चुनाव लड़ रहे ज्यादा पढ़े लिखे होने के बाद भी पंच का चुनाव लड़ने मैदान में आए हैं । इतना पढ़ा-लिखा होने के बाद भी अगर कोई पंच का चुनाव लड़ रहा है। तो विचारधारा खास ही होगी।

निर्विरोध चुने गए अभ्यर्थी प्रदीप डिगरसे ने बताया कि कोई चुनाव छोटा या बड़ा नहीं होता है । मैं चुनाव मैदान में इसलिए आया हूँ कि जिला मुख्यालय से महज 10 किमी दूर होने के बावजूद भी गांव में विकास दूर-दूर तक नजर नही आता है तो कही ना कही शासन की योजना का सही लाभ जनता तक ना पहुँच पाना है। गाँव की गरीब जनता को अपने अधिकारों से अवगत कराने और हक दिलाने, उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने, गांव के विकास को लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मैंने और मेरी पत्नी ने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। वैसे हम दोनों ही प्रत्याशी चुनाव में निर्विरोध विजयी हो गए है अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा होना शेष है।

प्रदीप डिगरसे ने बताया है कि उनका लक्ष्य पहले गांव में निर्विरोध सरपंच और पंच का चुनाव करवा कर पूरे प्रदेश और जिले में गांव का गौरव बढ़ाना था। जिसके बाद शासन से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग ग्राम विकास के लिए करवाना था, साथ ही जिले सहित प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को संदेश देना था कि वह भी अपने गांव के विकास के लिए इसी प्रकार से पढ़े लिखे सरपंच और पंचों का निर्विरोध चुनाव कर एकता की मिसाल पेश करे। जिसमें वे काफी हद तक सफल भी हुई है परंतु पेच तब फँस गया जब सरपंच की सीट अनुसूचित जनजाति की महिला होने और उनके पीछे रहने वाले पार्टीगत नेताओं के साथ भी बातचीत की परन्तु पार्टीगत नेताओं ने अपनी कुर्सी और पार्टी में अपनी साख बचाने के लिए अपने अपने सरपंच प्रत्याशियों का नामांकन वापस लेने से इंकार कर दिया और सरपंच का चुनाव दो अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के बीच रह गया।

अभी ग्राम के 19 वार्डों में से 14 वार्डो पर निर्विरोध पंच चुन लिए गए जबकि 5 वार्ड ओबीसी आरक्षण के तहत अभी प्रत्याशियों का नामांकन भरना शेष है। प्रदीप डिगरसे का कहना है कि आगे आने वाले समय में वे उन 5 वार्ड़ो में होने वाले चुनाव को भी निर्विरोध कराने का सफल प्रयास करेंगे।

सरपंच के लिए इन दो प्रत्याशियों में मुकाबला
रोंढा पंचायत में सरपंच के चयन के लिए जरूर मुकाबला होगा। सरपंच पद अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। यहां सरपंच बनने 2 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें सविता सालकू कवड़े और विमला संजू धुर्वे शामिल हैं। सविता कवड़े को चश्मा और विमला धुर्वे को गिलास चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ है।

यह 14 उम्मीदवार चुने गए निर्विरोध पंच
पंचायत में 14 पंच निर्विरोध चुन लिए गए है और केवल 5 ओबीसी के लिए आरक्षित पंचों का ही चुनाव बाकी हैं। निर्विरोध चुन लिए गए पंचों में सुमित्रा महेंद्र पवार, मालती प्रदीप चौधरी, निर्मला संदीप डिगरसे, संदीप श्यामकिशोर डिगरसे, शैलेंद्र मोहनलाल पवार, सरोज चुन्नीलाल चौधरी, वंदना भीम डोंगरे, राजेश मारुतीराव कोड़ले, प्रदीप श्यामकिशोर डिगरसे, रामकला मोहनलाल पवार, आशा चन्द्रेश ओमकार, कविता प्रदीप डिगरसे, दिनेश मारुतीराव कोड़ले और मुन्नी बाई बलदेव शामिल है।

अखिल भारतीय साहू वैश्य महासभा बैतुल जिला साहू समाज ने मुलताई ब्रांड एम्बेसडर बनने पर कृष्णा साहू का किया सम्मान।।


अखिल भारतीय साहू वैश्य महासभा दिल्ली की ओर से मध्यप्रदेश के बैतूल नगर में हो रहे युवा युक्ति परिचय सम्मेलन में मुलताई नगर के समाज सेवी पर्यावरण के क्षेत्र में प्रेणा दाय अभियान अनुसया सेवा संगठन के माध्यम से चलाने एवं साहू समाज का मुलताई में ब्रान एम्बेसडर बनने पर साहू समाज बैतूल एवं साहू समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश साहू एवं छिंदवाड़ा जिला भाजपा अध्यक्ष विवेक बंटी साहू द्वारा कृष्णा साहू को बधाई व सम्मानित किया गया सभी साहू समाज द्वारा बधाई व उज्जवल भविष्य की कामना की एवं सभी युवाओ को समाज का नाम रोसन करने के लिए सम्मानित किया गया।।

मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव टलने की आशंका, शिवराज कैबिनेट में लिया गया फैसला


बडी खबर मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव:-

मध्यप्रदेश में पंचायत चुनावों पर लगी रोक

पंचायत चुनाव टालने पर कैबिनेट में बनी सहमति

राज्यपाल को प्रस्ताव भेजेगी सरकार

ओबीसी आरक्षण के साथ ही होगे पंचायत चुनाव : शिवराज सरकार

ओबीसी वर्ग के हितो को ध्यान में रखते हुए लिया फैसला-गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा

पंचायत चुनाव अध्यादेश सरकार ने लिया वापस

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जल्द ले सकता है बडा फैसला

भाजपा समर्थित जिला पंचायत उम्मीदवार घोषित


बैतूल। भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला ने समन्वय समिति एवं वरिष्ठ नेताओ की सहमति से जिला पंचायत सदस्य के पहले और दूसरे चरण के चुनाव हेतू भाजपा समर्थित उम्मीदवार घोषित किए है।

सूची के अनुसार जिला पंचायत निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 1 से संगीता उइके, क्रमांक 2 ममता कमलेश रावत, क्रमांक 3 मालती उइके, क्रमांक 4 भूरेलाल चौहान, क्रमांक 5 मंगलसिंग धुर्वे, क्रमांक 6 अबीता बानसे, क्रमांक 7 रामबाई मानूलाल मर्सकोले, क्रमांक 8 सीमा तपन विष्वास, क्रमांक 9 इंजी.संतोष चिक्का टेकाम, क्रमांक 10 लता प्रमोद धोटे, क्रमांक 11 राजा पंवार, क्रमांक 12 रामपाल मोडक, क्रमांक 13 नंदलाल उइके, क्रमांक 14 उर्मिला दीपक साहू, क्रमांक 19 उर्मिला वासूदेव उइके, क्रमांक 20 कृष्णा गायकी को भाजपा समर्थित उम्मीदवार घोषित किया गया है।

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के श्री एल. बी. सेठ को अध्यक्ष, श्री अरूण गुबरेले भिंड को महामंत्री और एन.आर.अडलक प्रांतीय कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए।


बैतूल।  मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष बी.आर.पवार ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि अनुदान प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक कर्मचारियों का प्रांतीय अधिवेशन 19/12/2021 को जे.सी.मिल. उच्च माध्यमिक विद्यालय बिरला नगर ग्वालियर में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एल.बी.सेठ सागर, श्री प्रहृलाद किरार जबलपुर, श्री अरूण गुबरेले भिंड, श्री विरेन्द्र सिंह चौहान, श्री आर.सी. गुप्ता ग्वालियर, श्री बी.आर.पवार बैतूल, सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों, शिक्षक कर्मचारीयों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

इस अधिवेशन में बैतूल जिले से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में श्री बी.आर. पवार, श्री एन.आर.अडलक, श्रीमती एम. दत्ता, श्री ए.आर. ठाकरे, श्री विजय साबले ने सहभागिता की। कार्यक्रम को श्री एल.बी.सेठ, श्री अरूण गुबरेले, श्री प्रहृलाद किरार, ने संबोधित करते हुए कर्मचारियों की न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों में पेंशन, ग्रेजयुटी, समायोजन, सातवें वेतन मान नियमित वेतन के प्रकरणों की जानकारी दी। सभी को एकजुट होकर कार्य करने का आव्हान किया।

इस अवसर पर चुनाव अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराई। जिसमें उपस्थित सदस्यों ने सर्व सहमति से श्री एल. बी. सेठ को अध्यक्ष, श्री अरूण गुबरेले भिंड को महामंत्री एवं श्री एन. आर. अडलक बैतूल को कोषाध्यक्ष चुना गया। सभी प्रतिभागी सदस्यों ने निर्वाचित पदाधिकारियों सभी सदस्यों ने जिला ईकाई के अध्यक्षों ने संस्था प्राचायों ने बधाई देते हुए मिल जुलकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

बैतूल जिले के पूर्व प्राचार्य संगठन के वरिष्ठ सदस्य श्री डबल्यू.आर.अडलक, श्री एस. आर. महाधुले, श्री एस. एस. पंडाग्रे, श्री व्ही. आर. जैन, न्यूबैतूल प्राचार्य श्री रमेश पवार, श्री सरसोदे जी, श्री नरेन्द्र ठाकुर ईकाई अध्यक्ष, श्री डी.के.पाटील प्राचार्य खेड़ी सांवलीगढ़, श्री ए.आर. मालवीय, संदीप कौशिक, श्री अजय शुक्ला, श्री देवेन्द्र ठाकुर, श्री डी. एस. वर्मा, श्री ए. के. व्यास, श्रीमती स्वरूप मेडम सहित अनुदान प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक कर्मचारियों ने बधाई दी है।

कार्यक्रम का संचालन श्री श्याम सिंह तोमर ने एवं आभार प्रदर्शन अरूण गुबरेले भिंड ने किया। आयोजन को सफल बनाने में संस्था प्राचार्य जिले के ईकाई के सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही

MP राज्य निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला, चुनाव के नतीजे घोषित करने पर लगाई रोक।


मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला, चुनाव के नतीजे घोषित करने पर लगाई रोक, आदेश किए जारी।

भोपाल। त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2021 2022 में सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा रोके जाने के संबंध में सभी जिला कलेक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों को जारी किया आदेश । मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने किए आदेश जारी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया रोकी गई आरक्षण के बाद ही होंगे चुनाव कोर्ट का दिया चुनाव आयोग ने हवाला निर्वाचन नहीं, मतगणना रोकने के आदेश हुए भोपाल । पंचायती राज चुनाव परिणाम के लिए अब चुनाव आयोग के निर्देश का इंतजार करना होगा। थोड़ी देर पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने एक आदेश जारी कर इसका विस्तृत ब्योरा दिया है। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बीएस जामोद द्वारा सभी कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन में सारणीकरण और निर्वाचन परिणाम को रोका जाए।
दरअसल पंचायती राज चुनाव व्यवस्था के अंतर्गत पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के परिणामों की घोषणा के लिए अलग-अलग की तिथि तय की गई है। लेकिन अब आयोग ने निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में कोई भी परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा जब तक आयोग अगला कोई निर्देश न दे। यानि अब सारे परिणाम एक साथ आयोग के निर्देश के बाद ही आएंगे।

जिला पंचायत अध्यक्षों का 18 को होने वाला आरक्षण स्थगित


जिला पंचायत अध्यक्षों का 18 को होने वाला आरक्षण भी स्थगित, पंचायत राज संचालनालय ने सभी कलेक्टरों को जारी किए आदेश

मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए आगामी 18 दिसंबर को रखी गई आरक्षण की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। इस संबंध में संचालक पंचायत राज आलोक कुमार सिंह ने सभी कलेक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को आदेश जारी कर दिए हैं।

मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 32 एवं मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के अनुसार अध्यक्ष जिला पंचायत के पदों के आरक्षण की कार्यवाही दिनांक 18 दिसंबर 2021 दिन शनिवार नियत की गई थी। उक्त कार्यवाही अपरिहार्य कारणों से स्थगित की जाती है। इस संबंध में आगामी तिथि की सूचना पृथक से दी जावेगी। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के पंचायत निर्वाचन को लेकर आज सुनाए गए फैसले को लेकर यह कदम उठाया गया है।

पंचायत चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया स्टे


पंचायत चुनाव में नहीं मिलेगा ओबीसी आरक्षण

दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव पर स्टे लगा दिया है। इस मामले पर 27 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने मप्र राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि ओबीसी आरक्षण आधार पर पंचायत चुनाव नहीं कराए जाएं। वहीं निर्देश को न मानने पर पंचायत चुनाव रद्द भी किए जा सकते हैं।

इससे पहले मप्र हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश में होने जा रहे पंचायत चुनाव अंतर्गत परिसीमन और आरक्षण को लेकर दायर याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई, अर्जेंट हियरिंग से इन्कार कर दिया। गुरूवार को याचिकाकर्ताओं की ओर से मामले पर शीघ्र सुनवाई का निवेदन किया गया।

मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व जस्टिस विजय शुक्ला की युगलपीठ ने साफ कर दिया कि शीतकालीन अवकाश के बाद मामले पर अगली सुनवाई की जाएगी। जबकि दमोह निवासी डॉ. जया ठाकुर द्वारा अधिवक्ता वरुण ठाकुर के माध्यम से गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए दायर की गई अन्य याचिका पर सुनवाई की अगली तिथि शीतकालीन अवकाश से पूर्व 21 दिसंबर निर्धारित कर दी गई थी।

पंचायत चुनाव के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि एक मामले में दो कोर्ट को शामिल नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता अपना पक्ष हाई कोर्ट में ही रखें।

इस याचिका के जरिये मध्य प्रदेश शासन पर मनमाने तरीके से पंचायत चुनाव संपन्न कराने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। साथ ही कहा गया है कि राज्य सरकार ने जानबूझकर संवैधानिक त्रुटियां की हैं, जिससे पंचायत चुनाव मामला सुलझने के बजाए और उलझता जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि नौ दिसंबर को हाई कोर्ट ने मामले पर हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था और सरकार के अध्यादेश पर सथगन नहीं दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 243 (ओ) में निहित प्रविधान के तहत चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाने के बाद अदालत को उसमें हस्तक्षेप का अधिकार नहीं रहता।