पंचायती राज में पहली बार बेमिसाल बना रोंढा, 14 वार्ड मेम्बर चुने गए निर्विरोध, चुनाव निरस्त होने के बाद भी बने चर्चा का बने केन्द्र ।


प्रदीप डिगरसे, कविता डिगरसे

रोंढा बैतूल। पंचायत चुनाव में अब तस्वीर साफ हो गई है । पहले और दूसरे चरण के लिए होने वाले चुनाव में उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह दे दिए गए है । उम्मीदवार भी अब चुनावी सरगर्मी में कूद गए हैं और मतदाताओं से जनसंपर्क में जुट गए हैं । पंचायत चुनाव की रोचकता रोज बढ़ने लगी है और इसमें अलग-अलग तस्वीरें सामने आएंगी ।

ऐसा ही एक नजारा जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पंचायत रोंढा में सामने आया है जहाँ जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों को निर्विरोध पंच चुन लिया है । वार्ड क्रमांक 17 में रहने वाले श्यामकिशोर डिगरसे के दो पुत्रों और दो पुत्रवधुओं, जिसमें वार्ड क्रमांक 4 से संदीप डिगरसे, वार्ड क्रमांक 14 से प्रदीप डिगरसे गणित, वार्ड क्रमांक 3 से निर्मला डिगरसे और वार्ड क्रमांक 17 से कविता डिगरसे को निर्विरोध पंच चुन लिया गया है। प्रदीप डिगरसे गणित और कम्प्यूटर में पोस्ट ग्रेजुएट हैं तो उनकी पत्नी कविता डिगरसे एमसीए ( मास्टर ऑफ कम्प्यूटर ऐप्लिकेशन) है।

संदीप डिगरसे, निर्मला डिगरसे

रोंढा के वार्ड क्रमांक 5 में रहने वाले मोहनलाल पवार की पत्नी रामकला पवार वार्ड क्रमांक 15 और पुत्र शैलेंद्र पवार वार्ड क्रमांक 5 से निर्विरोध पंच चुने गए। वार्ड क्रमांक 18 में रहने वाले स्व. मारुतीराव कोड़ले के दो पुत्रों राजेश कोड़ले को वार्ड क्रमांक 10 और दिनेश कोड़ले को वार्ड क्रमांक 18 से निर्विरोध चुन लिया गया। साथ ही वार्ड क्रमांक 2 से निर्विरोध चुनी गई मालती चौधरी पेशे से वकील है।

वैसे तो पंच का चुनाव बड़ा नहीं होता है लेकिन इस पंच के चुनाव में बड़ी बात है कि यहां से चुनाव लड़ रहे ज्यादा पढ़े लिखे होने के बाद भी पंच का चुनाव लड़ने मैदान में आए हैं । इतना पढ़ा-लिखा होने के बाद भी अगर कोई पंच का चुनाव लड़ रहा है। तो विचारधारा खास ही होगी।

निर्विरोध चुने गए अभ्यर्थी प्रदीप डिगरसे ने बताया कि कोई चुनाव छोटा या बड़ा नहीं होता है । मैं चुनाव मैदान में इसलिए आया हूँ कि जिला मुख्यालय से महज 10 किमी दूर होने के बावजूद भी गांव में विकास दूर-दूर तक नजर नही आता है तो कही ना कही शासन की योजना का सही लाभ जनता तक ना पहुँच पाना है। गाँव की गरीब जनता को अपने अधिकारों से अवगत कराने और हक दिलाने, उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने, गांव के विकास को लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मैंने और मेरी पत्नी ने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। वैसे हम दोनों ही प्रत्याशी चुनाव में निर्विरोध विजयी हो गए है अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा होना शेष है।

प्रदीप डिगरसे ने बताया है कि उनका लक्ष्य पहले गांव में निर्विरोध सरपंच और पंच का चुनाव करवा कर पूरे प्रदेश और जिले में गांव का गौरव बढ़ाना था। जिसके बाद शासन से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग ग्राम विकास के लिए करवाना था, साथ ही जिले सहित प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को संदेश देना था कि वह भी अपने गांव के विकास के लिए इसी प्रकार से पढ़े लिखे सरपंच और पंचों का निर्विरोध चुनाव कर एकता की मिसाल पेश करे। जिसमें वे काफी हद तक सफल भी हुई है परंतु पेच तब फँस गया जब सरपंच की सीट अनुसूचित जनजाति की महिला होने और उनके पीछे रहने वाले पार्टीगत नेताओं के साथ भी बातचीत की परन्तु पार्टीगत नेताओं ने अपनी कुर्सी और पार्टी में अपनी साख बचाने के लिए अपने अपने सरपंच प्रत्याशियों का नामांकन वापस लेने से इंकार कर दिया और सरपंच का चुनाव दो अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के बीच रह गया।

अभी ग्राम के 19 वार्डों में से 14 वार्डो पर निर्विरोध पंच चुन लिए गए जबकि 5 वार्ड ओबीसी आरक्षण के तहत अभी प्रत्याशियों का नामांकन भरना शेष है। प्रदीप डिगरसे का कहना है कि आगे आने वाले समय में वे उन 5 वार्ड़ो में होने वाले चुनाव को भी निर्विरोध कराने का सफल प्रयास करेंगे।

सरपंच के लिए इन दो प्रत्याशियों में मुकाबला
रोंढा पंचायत में सरपंच के चयन के लिए जरूर मुकाबला होगा। सरपंच पद अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। यहां सरपंच बनने 2 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें सविता सालकू कवड़े और विमला संजू धुर्वे शामिल हैं। सविता कवड़े को चश्मा और विमला धुर्वे को गिलास चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ है।

यह 14 उम्मीदवार चुने गए निर्विरोध पंच
पंचायत में 14 पंच निर्विरोध चुन लिए गए है और केवल 5 ओबीसी के लिए आरक्षित पंचों का ही चुनाव बाकी हैं। निर्विरोध चुन लिए गए पंचों में सुमित्रा महेंद्र पवार, मालती प्रदीप चौधरी, निर्मला संदीप डिगरसे, संदीप श्यामकिशोर डिगरसे, शैलेंद्र मोहनलाल पवार, सरोज चुन्नीलाल चौधरी, वंदना भीम डोंगरे, राजेश मारुतीराव कोड़ले, प्रदीप श्यामकिशोर डिगरसे, रामकला मोहनलाल पवार, आशा चन्द्रेश ओमकार, कविता प्रदीप डिगरसे, दिनेश मारुतीराव कोड़ले और मुन्नी बाई बलदेव शामिल है।

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अखिल भारतीय साहू वैश्य महासभा दिल्ली की ओर से मध्यप्रदेश के बैतूल नगर में हो रहे युवा युक्ति परिचय सम्मेलन में मुलताई नगर के समाज सेवी पर्यावरण के क्षेत्र में प्रेणा दाय अभियान अनुसया सेवा संगठन के माध्यम से चलाने एवं साहू समाज का मुलताई में ब्रान एम्बेसडर बनने पर साहू समाज बैतूल एवं साहू समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश साहू एवं छिंदवाड़ा जिला भाजपा अध्यक्ष विवेक बंटी साहू द्वारा कृष्णा साहू को बधाई व सम्मानित किया गया सभी साहू समाज द्वारा बधाई व उज्जवल भविष्य की कामना की एवं सभी युवाओ को समाज का नाम रोसन करने के लिए सम्मानित किया गया।।

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