6 मई को ग्राम रोंढा का गौरव दिवस मनाया गया परन्तु ग्रामीण जनता को खबर नही।


बैतूल। जिले का पंचायती राज काज कैसे चल रहा है यह बताने के लिए ग्राम रोंढा का गौरव दिवस का उल्लेख करना जरूरी है। जिला मुख्यालय से मात्र 9 किमी दूर बेतूल जनपद की ग्राम पंचायत ने बीती 6 मई को ग्राम गौरव दिवस मना लिया। बैतूल जिले के आदिवासी सासंद एवं बैतूल विधायक को कार्यक्रम की भनक तक नहीं हुई और गांव ने गौरव दिवस मना लिया। गांव के लोगो से जब इस बारे मेें पुछा तो पता चला कि गांव में आयोजित कार्यक्रम की गांव में किसी को सूचना तक नहीं दी गई। ग्राम गौरव दिवस पर गांव के पूर्व सरपंच वर्तमान सरपंच और जनपद सदस्यों को तक बुलाया नहीं गया। पंचायत सचिव रघुनाथ ठाकरे जो कि महदगांव और रोंढा दोनो का प्रभार देख रहे है उसके द्वारा यह कहा गया कि अभी तारीख तय नहीं हुई और जब उनके पास कार्यक्रम भेजा गया तो जवाब आया कि गांव ने तो गौरव दिवस 6 मई को ही मना लिया गया। बैतूल जिले का सबसे अधिक साक्षर एवं सम्पन्न गांव के गौरव बने गांव के एक मात्र आई ए एस अधिकारी रहे श्री प्रदीप कालभोर सहित गांव के एक दर्जन लोगो का गांव के गौरव दिवस पर अभिनंदन करने का कार्यक्रम बनाने वाले ग्राम रोंढा में जन्मे पत्रकार – लेखक रामकिशोर दयाराम पवार ने बीते एक माह से ग्राम रोंढा के गौरव दिवस मनाने के लिए पूरे गांव को व्हाटसएप से जोड रखा है। 23 मई 2022 को अपने गांव में अपना जन्मदिन एवं ग्राम गौरव दिवस मनाने की तैयारी में लगे श्री पंवार ने जिले के सासंद एवं पूर्व सासंद से बकायदा कार्यक्रम ले रखा था लेकिन अचानक पंचायत सचिव ने किसके दबाव में आकर ग्राम रोंढा का गौरव दिवस मना लेने की जानकारी देकर लोगो की भावनाओ के साथ खिलवाड किया है। श्री पंवार ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मिले और उन्हे भी जानकारी दी लेकिन उस समय मुख्य कार्यपालन अधिकारी यह कहती रही कि मैने सचिव को आज बुला कर जानकारी दे दी है। उस समय सचिव ने उन्हे जानकारी क्यों नही दी कि ग्राम रोंढा का गौरव दिवस मना लिया गया। गौरव दिवस मना लेने की जानकारी 5 – 6 मई से अभी तक पूरे गांव से क्यों छुपा कर रखी गई।

क्या कहते है ग्रामीण
ग्राम पटवारी संदीप चौरगडे़ को खबर नहीं –
ग्राम रोंढा के पटवारी संदीप चौरगडे़ का कहना है कि मुझे कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं है। मै उस कार्यक्रम में मौजूद नहीं था।
ग्राम के वरिष्ठ समाजसेवी दिलीप ओमंकार –
मुझे नहीं पता कब गौरव दिवस मनाया….. हमें तो पता भी नहीं वल पाता है कि ग्राम पंचायत में क्या हो रहा है। ग्राम पंचायत के कर्मचारी शायद हमे इस लायक समझते नहीं है।
जनपद सदस्य ललित बारंगे-
बैतूल जनपद के सदस्य ललीत बारंगे ने बताया कि ग्राम पंचायत ने ग्राम रोंढा का गौरव दिवस मनाया इस बात की मुझे कोई जानकारी नहीं। मैं बैतूल जनपद पंचायत का सदस्य हूं , मुझे तो मेरे गृह ग्राम रोंढा का गौरव दिवस की जानकारी मिलनी चाहिए थी। प्रदेश में हमारी पार्टी की सरकार होने के बाद भी मुझे ग्राम पंचायत मेे बुलाया नहीं गया। गौरव दिवस की जानकारी आपके माध्यम से मिली है। मैं इस बारे में शिकायत करूंगा।
समाजसेवी, पर्यावरणप्रेमी, शिक्षक प्रदीप डिगरसे –
मेरी कोचिंग क्लास ग्राम पंचायत के बगल में चलती है। मुझे तक नहीं मालूम के गांव का गौरव दिवस कब मनाया गया इसकी जानकारी नहीं है।
समाजसेवी तरूण पाठा –
ग्राम रोंढा के पूर्व सरपंच रहे स्वर्गीय संपत पाठा के सुपुत्र तरूण पाठा ने बताया कि उनके पिताजी सरपंच रहे है लेकिन गांव गौरव दिवस के कार्यक्रम में उनके परिवार के किसी सदस्य को न तो कोई सूचना दी और न हमें बुलाया गया।
समाजसेवी अशोक जग्गू बारंगे
बैतूल जनपद पंचायत के अध्यक्ष रहे स्वर्गीय शेषराव बारंगे के परिवार के सदस्य जग्गू बारंगे ने भी कहा कि गांव में गौरव दिवस मनाने की उन्हे कोई खबर नहीं है। अब गांव में या ग्राम पंचायत में कोई कार्यक्रम हो और हमारे परिवार को खबर तक नहीं ऐसा आज तक नहीं हुआ है।