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रोंढा में पंचायत द्वारा स्कूली बच्चों के साथ निकाली तिरंगा रैली


बैतूल। हर घर तिरंगा योजना का लक्ष्य घर-घर तिरंगा लहराने का है। जिसके तहत 20 करोड़ घरों में तिरंगा लहराने का लक्ष्य निश्चिय किया है। 11 अगस्त से 15 अगस्त के बीच सभी के घरों में आजादी के अमृत-महोत्सव के अंतर्गत तिरंगा के सम्मान और जुड़ाव को बढ़ाना है। इस अभियान के सफल क्रियावयन के उद्देश्य को लेकर ग्राम पंचायत रोंढा, स्कूल छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आँगनवाडी कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधियों ने रैली निकालकर इस अभियान में सभी जनमानस का सहयोग मांँगा।

तिरंगा हमारा है गौरव- इस मौके पर ग्राम पंचायत के उपसरपंच प्रदीप डिगरसे और माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक सुभाष खातरकर ने कहा कि तिरंगा हमारा गौरव है। सभी लोग हर्ष उल्लास व त्यौहार के रूप में घर-घर तिरंगा लहरकर लोगों में तिरंगे के प्रति सम्मान व जनजाग्रति को बढ़ाने के उद्देश्य से यह रैली का आयोजन किया गया। जिसके तहत आगामी सप्ताह भर स्कूल में कार्यक्रम आयोजित कर पालकों को इस अभियान से जोडने का निरंतर प्रयास किया। इस अवसर पर ग्राम रोजगार सहायक उषा मालवी, शिक्षक गोविन्द रैकवार, राकेश त्रिपाठी, राजेश बाजपेयी, रेखा माथुरकर, अर्चना पवार, आँगनवाडी कार्यकर्ता आशा पवार, सुनिता पवार सहित ग्राम के वरिष्ठजन और जनप्रतिनिधी उपस्थित रहे।

जोन स्तरीय विज्ञान मेले में डाइट बैतूल की सहायक शिक्षण सामग्री को तृतीय स्थान प्राप्त


बैतूल। प्राचार्य डाइट प्रभात पट्टन श्रीमती सरिता प्र. आंडे ने बताया कि राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान एवं शिक्षा महाविद्यालय जबलपुर के निर्देशानुसार प्रगत शैक्षिक संस्थान (IASE) भोपाल में दिनांक 04.08.22 को आयोजित जोन स्तरीय विज्ञान मेला वर्ष 2021-22 के आयोजन में डाइट बैतूल से टीएलएम (सहायक शिक्षण सामग्री) प्रतियोगिता, प्रश्न मंच प्रतियोगिता और तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता हेतु D.El.Ed प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष की छात्राध्यापिकाओं ने भाग लिया जिसमें डाइट बैतूल का टीएलएम 3D आकृतियों की समझ विकसित करना, पाइथागोरस प्रमेय का सत्यापन को तृतीय स्थान मिला। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया। जिले से श्री रितेश पठाड़े प्राथमिक शिक्षक एवं शिक्षिका श्रीमती शीला इवने टीम प्रभारी एवं मार्गदर्शक के रुप में शामिल हुए । आयोजक आईएएसई भोपाल द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं मार्गदर्शक को सहभागिता-प्रशस्ति प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।
इस उपलब्धि पर डाइट प्राचार्य श्रीमती सरिता आंडे , श्री अंकुर धोटे सहित समस्त स्टाफ द्वारा बधाई प्रेषित की गई ।

अजब एमपी की गजब कहानी: पंचायत सचिव की 3 पत्नियां, तीनों बीवी चुनावी मैदान में उतरीं, सीईओ ने थमाया नोटिस


सिंगरौली। अजब एमपी की गजब कहानी का ताजा मामला सिंगरौली जिले के देवसर तहसील से सामने आया है. एक पंचायत सचिव की तीन पत्नी चुनावी मैदान में हैं. तीनों पत्नियों ने अपना नामांकन दाखिल किया है. नामांकन दाखिल करने के बाद गांव के ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लोग बेहद हैरान हैं. हालांकि तीनों पत्नी अलग-अलग पंचायत से चुनावी मैदान में उतरी हैं।

सिंगरौली जिले के पंचायत सचिव सुखराम सिंह की तीन पत्नियां हैं, उसकी पहली पत्नी उर्मिला सिंह देवसर जनपद के पेडरा से जनपद सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए चुनावी मैदान में है. दूसरी पत्नी कुसुम कली ने सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल किया है. तीसरी पत्नी गीता सिंह है, जिसने अलग-अलग पंचायतों से सरपंच पद के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल किया है. तीनों पत्नियों के नामांकन दाखिल करने के बाद जिले में सुखराम की पत्नियों का चर्चा जोरों पर है।

हालांकि इस पूरे मामले को लेकर देवसर जनपद के सीईओ वीके सिंह ने हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के अंतर्गत 2 या उससे अधिक पत्नियों के कारण अनुशासनत्मक कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी कर किया है. बता दें कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 में प्रावधान है कि एक जीवित पत्नी होते हुए दूसरा विवाह किया जाना प्रतिबंधित है।

ऐसा किए जाने पर धारा 494 के अंतर्गत 7 वर्ष की कारावास का भी प्रावधान है. नोटिस में देवसर जनपद सीईओ ने हलफनामा के साथ अपना बयान दर्ज कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और कितनी पत्नियां हैं, उसके बारे में क्रमशः जानकारी देने की नोटिस जारी किया है।

विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर मंगल दिवस का आयोजन


बैतूल। आंगनवाड़ी केन्द्र करजगाँव में विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर मंगल दिवस, गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रुप से हितग्राही गर्भवती माताएं और उनके परिवार के लोगों को आमंत्रित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को जाग्रत करना है कि शिशु के लिए मां का दूध पूर्ण पौष्टिक आहार के साथ-साथ औषधीय गुणों से भरपूर है।

कार्यक्रम के मुख्य रुप से आँगनवाडी कार्यकर्ता यशोमती पवार ने भी हितग्राही के परिवार के लोगों को समझाईश दी और बताया कि जबसे गर्भवती मां बनती है तो उसके साथ साथ उसके परिवार के लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी पूर्ण रूप से निभाना पड़ता है और प्रसव के 1 घंटे के अंदर नवजात शिशु को स्तनपान कराना पड़ता है जो कि शिशु में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। 6 माह तक केवल मां का दूध और 6 माह के बाद शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए मां के दूध के साथ को पौष्टिक आहार देना कितना आवश्यक है यहा सारी जानकारी इस कार्यक्रम द्वारा दी गई। इस कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता यशोमती पवार, सहायिका सुनिता उईके, सहयोगिनी माँ की अध्यक्ष मोनिका पवार, पंच कमलती बाई, माया पवार, ने भी हितग्राहियों को समझाईश दी।

हर्षोल्लास के साथ बालाजी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल ने मनाया आजादी का आजादी का 75 वां अमृत उत्सव


बैतूल। खंजनपुर में स्थित बालाजी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में आज 11 बजे मुख्य अतिथि पूर्व सैनिक विजय नरवरे, जगदीश गडेकर, जगदीश पाल द्वारा भारत माता कि प्रतिमा के सामने दीप प्रज्जवलित करके भारत माता की आरती, राष्ट्रगान एवम राष्ट्रगीत गाकर आजादी का आजादी का 75 वां अमृत उत्सव मनाया गया साथ ही स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए
मुख्य अतिथि पूर्व सैनिक विजय नरवरे द्वारा छात्र-छात्राओं को स्वयं सुरक्षा एवम् देश की सुरक्षा के लिए जागरूक किया, सेना मैं जाने के लिए के लिए प्रेरित किया साथ ही कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे प्राचार्य महेश पवार द्वारा सभी अतिथी पूर्व सैनिकों का श्रीफल और श्याल भेंट करके सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य महेश पवार , शिक्षिका श्रीमती नंदिता पवार, ललिता नगदे, श्रद्धा सोनी, सोलंकी मेम, नेहा राठौर, प्रशंसा चौधरी, जीतपुरे मैडम, कृष्णा यादव, कुसुम पाल, टीना प्रजापति, कविता यादव, शिक्षक अजय सोनी, नागेश्वर सर, अजय राठौर, महेश सर, विजय पवार, अनुराग सर, मोतीलाल पवार सहित विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राये मौजूद रहे।

क्षत्रिय पवार समाज संगठन ने किया वृक्षारोपण


जिला क्षत्रिय पवार समाज संगठन बैतूल भारत भारती ईकाई के अध्यक्ष सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों समाज के वरिष्ठ जनों की उपस्थिति में कड़ाई देव बाबा टेकडी हनुमान मंदिर परिसर में आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में 24/07/2022 रविवार को क्षत्रिय पवार समाज संगठन बैतूल के जिलाध्यक्ष बाबूलाल कालभोर, उपाध्यक्ष बीआर पवार, सचिव श्री लक्ष्मीनारायण पवार, कोषाध्यक्ष एम.एल. डहारे संगठन सचिव, पूर्व सैनिक हरीराम कालभोर, भारत भारती ईकाई के अध्यक्ष श्यामराव देशमुख, उपाध्यक्ष रामरतन खपरिए, सदस्य श्यामा बारंगे, किसनलाल ओमकार, प्रेमलाल ढोंडी, बिनक कोडले, प्रेमलाल ढोले, सेवाराम कोडले, धनराज बोबड़े, मनोज बारंगे, बल्लू बोबडे, गणपत देशमुख, माधव पवार, राजेंद्र यादव अन्य सामाजिक सदस्यों ने छायादार, औषधि के फलदार पौधों का रोपण किया जिसमें नीम गुलमुहर, जामून, सीताफल, करंजी, बेलपत्ती आदि प्रजातियों के पौधे रोपित कर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।

आयोजन को सफल बनाने में सभी प्रतिभागी महानुभावों का सराहनीय योगदान रहा। समिति सदस्यों ने प्रतिभागी अतिथि महानुभावों का आभार व्यक्त किया। सभी ने भविष्य में और अधिक पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलजुल कर काम करने की सहमति जताई।

शाहपुर नगरीय निकाय चुनाव में निर्दलीयों ने फहराया परचम, 15 में से 9 वार्डों में जमाया कब्जा


शाहपुर नगरीय निकाय चुनाव में निर्दलीयों ने फहराया परचम, 15 में से 9 वार्डों में जमाया कब्जा। भाजपा का 4 और कांग्रेस का 2 पर कब्जा।

नगरीय निकायों के लिए हुए चुनाव की रविवार के प्रथम चरण की मतगणना हो रही है। प्रथम चरण में जिले के बैतूल, शाहपुर और आमला नगरों के लिए चुनाव की मतगणना जारी है। सबसे पहले शाहपुर नगर परिषद के परिणाम सामने आए हैं। इसमें चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिले हैं। यहां अधिकांश वार्डों में मतदाताओं ने भाजपा और कांग्रेस जैसे दिग्गज दलों के बजाय निर्दलीय प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है।

▪️ वार्ड क्रमांक 1 : यहां भाजपा प्रत्याशी दीपिका बोरबन विजयी हो गई है। उन्हें 166 मत मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 133 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 2 : यहां भाजपा प्रत्याशी आशीष शुक्ला जीत गए हैं। उन्हें 146 मत मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 109 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 3 : यहां भाजपा प्रत्याशी नीतू गुप्ता जीती हैं। उन्हें 191 मत मिले हैं जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 54 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 4 : यहां भाजपा प्रत्याशी सूर्यकांत सोनी जीते हैं। उन्हें 132 मत मिले हैं जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 83 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 5 : यहां निर्दलीय प्रत्याशी कुसुम परसाई जीती हैं। उन्हें 100 मत मिले हैं। भाजपा प्रत्याशी को 91 और कांग्रेस प्रत्याशी को 56 मत मिले।
▪️ वार्ड क्रमांक 6 : यहां निर्दलीय प्रत्याशी रिंकू राठौर जीते हैं। उन्होंने 263 मत हासिल किए। भाजपा प्रत्याशी को 144 और कांग्रेस प्रत्याशी को 32 मत मिले।
▪️ वार्ड क्रमांक 7 : यहां निर्दलीय प्रत्याशी उमेश बागड़े जीते हैं। उनको 163 मत मिले हैं। भाजपा प्रत्याशी को 106 और कांग्रेस प्रत्याशी को 16 मत प्राप्त हुए।
▪️ वार्ड क्रमांक 8 : यहां निर्दलीय प्रत्याशी सुशीला/मोनू पंद्राम जीती हैं। उनको 180 मत मिले हैं। भाजपा प्रत्याशी को 61 और कांग्रेस प्रत्याशी को 10 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 9 : यहां निर्दलीय प्रत्याशी इंद्रा/प्रकाश कापसे जीती हैं। उनको 129 मत मिले हैं। भाजपा प्रत्याशी को 80 और कांग्रेस प्रत्याशी को 128 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 10 : यहां निर्दलीय प्रत्याशी रोहित विक्की नायक जीते हैं। उन्हें 245 मत मिले हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी को 79 और कांग्रेस प्रत्याशी को 6 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 11 : यहां निर्दलीय प्रत्याशी ललित बारस्कर जीते हैं। उन्हें 230 मत मिले हैं। भाजपा प्रत्याशी को 13 और कांग्रेस प्रत्याशी को 96 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 12 : यहां कांग्रेस प्रत्याशी कविता/रवि बारस्कर जीती हैं। उन्हें 178 मत मिले हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी को 96 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 13 : यहां कांग्रेस प्रत्याशी फूलवती/कैलाश यादव जीती हैं। उन्हें 149 मत मिले हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी को 119 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 14 : यहां निर्दलीय प्रत्याशी कमलेश प्रजापति जीते हैं। उन्हें 118 मत मिले हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी को 104 मत मिले हैं जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 44 मत मिले हैं।
▪️ वार्ड क्रमांक 15 : यहां निर्दलीय प्रत्याशी पम्मी/छोटु राठौर जीते हैं। उन्हें 190 मत मिले हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी को 156 और कांग्रेस प्रत्याशी को 24 मत मिले हैं।

बैतूल नगरपालिका चुनाव में भाजपा ने 23 और कांग्रेस ने 10 सीटे जीती


बैतूल नगर पालिका के 33 वार्डों के परिणाम सामने आए हैं……..
वार्ड 1 सुभाष वार्ड से भाजपा की किरण चंद्र खातरकर,
वार्ड 2 अर्जुन वार्ड से भाजपा के नरेंद्र हरसूले,
वार्ड 3 दुर्गा वार्ड भाजपा के संतोष भलावी,
वार्ड 4 मालवीय वार्ड से भाजपा की कायम कावरे,
वार्ड 5 शिवाजी वार्ड से भाजपा की आभा श्रीवास्तव,
वार्ड 6 गांधी वार्ड से कांग्रेस के राजकुमार यादव,
वार्ड 7 किदवई वार्ड से कांग्रेस की फरजाना,
वार्ड 8 आजाद वार्ड से कांग्रेस के कदीर खान,
वार्ड 9 तिलक वार्ड से कांग्रेस अब्दुल नफीस,
वार्ड 10 वार्ड कृष्णपुरा से भाजपा के तरुण ठाकरे,
वार्ड 11 मोती वार्ड से भाजपा की कल्पना धोटे,
वार्ड 12 देशबंधु वार्ड से भाजपा के राजेश पानकर,
वार्ड 13 अंबेडकर वार्ड से भाजपा के महेश राठौर,
वार्ड 14 प्रताप वार्ड से भाजपा की रजनी वर्मा,
वार्ड 15 इंदिरा वार्ड से भाजपा के रघुनाथ लोखंडे,
वार्ड 16 चंद्रशेखर वार्ड से भाजपा की पार्वती बाई बारस्कर,
वार्ड 17 भगत सिंह वार्ड से कांग्रेस के संतोष दीवान,
वार्ड 18 पटेल वार्ड से भाजपा की रेणुका पवन यादव,
वार्ड 19 शास्त्री वार्ड से कांग्रेस ओम प्रकाश दीवान,
वार्ड 20 महावीर वार्ड से भाजपा की वर्षा बारस्कर,
वार्ड 21 आर्यपुरा वार्ड से कांग्रेस की शबीना बानो,
वार्ड 22 टैगोर वार्ड से भाजपा के नितेश परिहार,
वार्ड 23 जयप्रकाश वार्ड भाजपा शोभा निरापुरे,
वार्ड 24 जाकिर हुसैन वार्ड से कांग्रेस की नंदिनी तिवारी,
वार्ड 25 राम नगर वार्ड से कांग्रेस अशोक नागले,
वार्ड 26 जवाहर वार्ड से भाजपा के विकास प्रधान,
वार्ड 27 गणेश वार्ड से भाजपा के विजय जसूजा,
वार्ड 28 विकास वार्ड से भाजपा के आनंद प्रजापति,
वार्ड 29 राजेंद्र वार्ड से कांग्रेस की अर्चना गोविंद साहू,
वार्ड 30 लोहिया वार्ड से भाजपा की सोमती धुर्वे,
वार्ड 31 विनोवा वार्ड से भाजपा की शीला महाले,
वार्ड 32 शंकर वार्ड से ममता मालवीय,
वार्ड 33 विवेकानंद वार्ड से भाजपा की अंजू रानी शर्मा चुनाव जीत गई है ।

बैतूल जनपद पंचायत चुनाव के परिणाम 2022


त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बैतूल जनपद पंचायत के 25 निर्वाचित सदस्यों के नाम इस प्रकार है—

वार्ड 1 प्रीति नितिन बारस्कर 502 मतों से,
वार्ड 2 मुकुंदराव केशोराव 483 मतों से,
वार्ड 3 नमिता सुक्कल 358 मतों से,
वार्ड 4 सरोज जितेन्द्र राठौर 428 मतों से,
वार्ड 5 कंचना कमलकिशोर 87 मतों से,
वार्ड 6 दुर्गा बाई भाऊराव लोनारे 425 मतों से,
वार्ड 7 अकलेश वाघमारे 470 मतों से,
वार्ड 8 माला संतोष बोलारे 368 मतों से,
वार्ड 9 अनिता कुंडलिक राव 35 मतों से,
वार्ड 10 सुमन मंगल सिंह नर्रे 246 मतों से,
वार्ड 11 कैलाश सोनी 658 मतों से,
वार्ड 12 राधा रामप्रसाद उइके 157 मतों से,
वार्ड 13 कृष्णा लोखंडे 432 मतों से,
वार्ड 14 सयाबाई धोटे 53 मतों से,
वार्ड 15 रामबाई 1531 मतों से,
वार्ड 16 मीरा धुर्वे 481 मतों से,
वार्ड 17 पिंटू काकोड़िया 323 मतों से,
वार्ड 18 इमला बाई केवलराम जावलकर 3 मतों से,
वार्ड 19 रामाधर यादव 416 मतों से,
वार्ड 20 कचरा भुमरकर लल्लू भुमरकर 258 मतों से,
वार्ड 21 धन्नूलाल उइके 387 मतों से,
वार्ड 22 लक्ष्मी शिवराज वट्टी 24 मतों से,
वार्ड 23 माधोराव नानकर 410 मतों से,
वार्ड 25 सावित्री सरियाम 386 मतों से विजयी हुए हैं

अंग्रेजों के जमाने का रोंढा स्कूल तरस रहा है दर्ज संख्या के लिए, कोई सुध लेने वाला नही, सब निजी स्कूलों की चकाचौंध में बेसुध


7 लाख रूपैया प्रति माह खर्च करने के बाद भी नही बढ पाई दर्ज संख्या।
1906 में बने प्रायमरी स्कूल से लेकर हायर सेकेण्डरी स्कूल पर मंडराया खतरा।

बैतूल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भले ही शिक्षा और उसकी गुणवत्ता में सुधार के दावे कर ले लेकिन सरकारी स्कूल और स्कूल में पढाने मास्टर इन स्कूलो में बच्चो की दर्ज संख्या को बढाने में नाकाम साबित हो रहे है। इसका खामियाजा ग्राम रोंढा का लगभग सौ सवा सौ साल पुराना स्कूल भुगतने जा रहा है। अग्रेंजो के शासनकाल में बने ग्राम रोंढा के प्रायमरी स्कूल में हर साल बच्चो की दर्ज संख्या घटती जा रही हैै। एक समय में ग्राम रोंढा आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवो के बच्चे पैदल चल पढने आते थे लेकिन इस गांव में आधा दर्जन से ज्यादा नीजी स्कूलो की बसो के आने – जाने से बच्चो और उनके पालको का सरकारी स्कूल से मोह भंग होने लगा है। गांव के स्कूल को निगलने के लिए आसपास के कुकरमुत्तें की तरह ऊग आए स्कूल से लेकर आरडी पब्लिक स्कूल जैसे बडे स्कूलो तक तैयार बैठे है। इस गांव के हालात कुछ इस कदर बदले है कि जिन स्कूल उनकी पीढी दर पीढी पढती आई है आज वे अपने बच्चो को उन स्कूल में भेजने से कतरा रहे है। जानकार बताते है कि इस गांव ऐसे भी शिक्षक वर्तमान में पदस्थ है उनकी प्राथमिक शिक्षा तक इस स्कूल में होने के बाद भी वे इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है जबकि इन्ही स्कूलो में पढाने के लिए सरकार उन पर लाखो रूपये खर्च कर रही है। ग्राम रोंढा के स्कूलो में बच्चो की दर्ज संख्या के लगातार कम होने के कारण यहां के स्कूलो में बच्चो के अनुपात में शिक्षक ज्यादा हो गए है। प्रायमरी स्कूल से लेकर कक्षा 12 वी तक लगभग 75 को पढाने के लिए करीब 11 शिक्षक – शिक्षिका पदस्थ है। इसके अलावा दो भृत्य एक लिपीक सहित कुल 14 शासकीय सेवक है। जहां एक ओर मध्यप्रदेश शासन को प्रति माह लगभग 7 लाख रूपये खर्च करने पड रहे है 75 बच्चो पर औसतन एक बच्चे पर लगभग 10 हजार रूपैया महिना खर्च आ रहा है वही दुसरी ओर गांव से नीजी स्कूलो में पढने जाने वाले एक बच्चे पर लगभग 4 हजार रूपैया आता है। वर्तमान में लगभग 2 हजार आबादी वाले इस गांव से लगभग 300 बच्चे गांव से बाहर पढने जा रहे है। बेहद चौकान्ने वाली बात यह सामने आई है कि इन 3 सौ बच्चो के पालको द्वारा लगभग प्रतिवर्ष नीजी स्कूलो के एक करोड से अधिक की भेट चढाई जा रही है। गांव का यह पैसा गांव के स्कूलो पर खर्च होता तो 1906 में बना प्रायमरी, 1933 में बना मीडिल स्कूल और 1981 में शुरू हुए हायर सेकेण्डरी स्कूल पर बंद होने का खतरा नहीं मंडरा रहा होता। आकडे बताते है ेकि इस गांव ने जिले को सबसे अधिक शिक्षक दिये लेकिन उनके बच्चे भी अपने बच्चो को गांव के स्कूल में पढाने केे बजाय नीजी स्कूलो की चकाचौंध में खो रहे है। अब सवाल यह उठता है कि ग्राम रोंढा के स्कूलो में दर्ज संख्या यूं ही घटती रही और शासन को स्कूल चलाने के एवज में प्रतिवर्ष लगभग एक करोड का जो खर्च करना पड रहा है उसकी भरपाई हो सकती है यदि गांव के बच्चो का स्कूल से और गांव से पलायन रोका जाए। जानकार लोगो को एक तर्क ग्राम रोंढा के बारे में यह भी सामने आया है कि गांव में मौजूद तीन स्कूलो की पढाई का स्तर कहीं न कहीं लोगो को नीजी स्कूलो और अन्य शासकीय स्कूलो की ओर आकर्षित कर रहा है। गांव के गरीब – मजदूर तक के बच्चो का नीजी स्कूल में जाना कहीं न कही न कहीं गांव के स्कूल की गिरती साख मुख्य कारण हो सकता है। गांव के स्कूलो की पढाई में सुधार आने की वर्तमान में संभावना कम ही दिखाई पड रही है। भवन है जहां पर 1907 का प्रायमरी स्कूल, माध्यमिक स्कूल तथा उच्चतर माध्यमिक स्कूल है। एक जानकारी इस गांव को लेकर यह भी सामने आई है कि गांव के पंच – सरपंच – जनपद सदस्य तथा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा ने भी गांव की शिक्षा को मटियामेट करने में कोई कोर कसर नहीं छोडी है। पूर्व जनपद अध्यक्ष शेषराव बारंगे के कार्यकाल को छोड कर कोई भी ऐसा नेता या गांव का जमींदार पटेल महाजन सामने नहीं आया जो गांव की शिक्षा और उसकी गुणवत्ता में सुधार ला सके। गांव के इन्ही स्कूल मे पढा व्यक्ति आगरा विश्व विद्यालय में विभाग प्रमुख के पद तक पहुंच चुका है। गांव से डिप्टी कलेक्टर से लेकर पीएमओ तक लोग पहुंचने के बाद उनके बच्चो से गांव में पढने की उम्मीद करना बेमानी साबित होगा। गांव से गया व्यक्ति गांव नहीं लौटा जिसके कारण भी गांव का स्कूल जर्जर हो गया। सवाल यह उठता है कि उस गांव की शिक्षा की तकदीर और तस्वीर बदलने के लिए गांव में कब शिक्षा क्रांति आएगी। गांव के एक नवनिर्वाचित पंच एवं जागरूक युवा प्रदीप डिगरसे ने गांव की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए कई बार शासन – प्रशासन को पत्राचार कर गांव के हालातो की जानकारी समय – समय पर दी है। बीते 20 वर्षो से गांव में शिक्षा की अलख जगाने वाले प्रदीप डिगरसे गांव में कोचिंग चलाने के साथ – साथ गरीब एवं कमजोर वर्ग के बच्चो को निःशुल्क शिक्षा भी देते चले आ रहे है। चार वर्ष पूर्व उनकी शिकायत पर गांव के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्कूल के सभी शिक्षको एवं कर्मचारियों की दो – दो वेतनवृद्धि रोकने एवं शाला प्राचार्य पर निलम्बन की गाज गिरी। ग्राम रोंढा में ऐसा पहली बार नहीं हुआ इसके पहले भी दो बार शासकीय कर्मचारियों पर गाज गिर चुकी हैै। ग्राम रोंढा के वार्ड क्रमांक 17 से पंच चुने गए प्रदीप डिगरसे ने बैतूल एक्सप्रेस को बताया कि ग्र्राम सरकार बनने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता गांव के स्कूलो की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ – साथ गांव से बच्चो का नीजी स्कूल में पलायन को रोकना रहेगा क्योकि गांव के बच्चे गांव में पढेगें तो गांव के स्कूल सलामत रहेगें।