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सद्भावना की शपथ लेकर किया वृक्षारोपण


बैतूल। जिले के शासकीय हाई स्कूल गर्ग कॉलोनी बैतूल में समता प्रभुता बंधुत्व भाईचारा शांति सद्भाव एवं मानव समाज के कल्याण के लिए “सद्भावना” की शपथ लेकर पर्यावरण के प्रति जागरूकता एवं संरक्षण के उद्देश्य से संस्था में पांच फलदार छायादार एवं जीवन उपयोगी पौधे ट्री गार्ड सहित वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर संस्था की प्राचार्य श्रीमती शेल तिवारी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। संस्था के पर्यावरणविद श्री प्रकाश सिंह झरे एवं श्री विजय कुमार लिल्होरे ने अपने वक्तव्य जारी करते हुए कहा आज मानव जीवन संकट में है पर्यावरण इतना दूषित हो गया है कि हमें कोविड-19 के इस युग में प्राणवायु ऑक्सीजन की कमी से जूझना पड़ रहा है। इस प्राकृतिक असंतुलन के लिए हम स्वयं जिम्मेदार है।श्रीमती सविता गुजरकर एवं श्री संतोष कुमार मालवीय ने कहां कि पेड़ों को नष्ट करके हमने हमारे घरों को सजाया है और पर्यावरण को नष्ट किया है अब आवश्यकता इस बात की है हमें अधिक से अधिक पौधों का रोपण करना और उनका संरक्षण करना अतिआवश्यक है। संस्था के श्रीराम दातीर ने वृक्षारोपण का समर्थन करते हुए कहा प्राकृतिक संतुलन के लिए यह आवश्यक है। श्रीमती प्रभा इंदौरकर एवं सुनीता सोलंकी ने इसका भरपूर समर्थन किया। श्रीमती महिमा मालवीय ने वृक्षारोपण की महत्ता को बतलाते हुए मानव जीवन में वृक्षारोपण के अपूरणीय योगदान के संकल्प को दोहराते हुए सभी का आभार माना। इस अवसर पर श्रीमती हीरा चढोकार, श्रीमती मनोरमा भारद्वाज आदि शिक्षकगण उपस्थित थे।

रोटी बैंक को जन्मदिन के अवसर पर 1100 रुपये किये भेट


रोटी बैंक को मिल रहा है खूब जनसहयोग

बैतूल। भैंसदेही तहसील अध्यक्ष अजाक्स श्रीराम भुस्कुटे ने अपने बेटे चिरंजीवी चेतन भुस्कुटे के जन्म दिवस के अवसर पर रोटी बैंक के पदाधिकारियों को गरीब निशक्त एवं असहाय चिन्हित लोगों के लिए आज 19 अगस्त 2021 दिन गुरुवार को रात्रि में भोजन वितरण कार्यक्रम हेतु 1100 रुपए भेंट किए। सोसायटी के पदाधिकारियों को इस नेक और पुनीत कार्य के लिए अनेकानेक शुभकामनाएं दी है। संस्था द्वारा पिता-पुत्र दोनों को पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया गया, इस अवसर पर बेटे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद एवं स्वर्णिम भविष्य की कामना की, सोसाइटी के चेयरमैन श्री आर के विजयकर, वाइस चेयरमैन श्री एस ब्राह्मणे, श्री राम भुस्कुटे तहसील अध्यक्ष अजाक्स भैंसदेही श्री प्रेम पद्माकर आदि पदाधिकारी उपस्थित थे अंत में श्री एस ब्राह्मणे ने अनुकरणीय पहल के लिए श्रीराम भुस्कुटे का आभार माना है। इसके साथ ही सोसायटी के चेयरमैन आरके विजयकर ने इस महाअभियान में ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ने की अपील की ताकि वृहद स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार हो और मानव सेवा के रूप में हम उनकी मदद करें जिन्हें दो वक्त की रोटी नसीब नहीं हो पा रही है। श्री विजयकर ने कहा है कि हम सबको मिलकर रोटी बैंक अभियान को सशक्त और मजबूत बनाने का प्रयास करना है।

75 वें स्वाधीनता दिवस पर दृष्टि एजुकेशन प्वाइंट में सम्पन्न हुआ रक्तदान शिविर


बैतूल। 75 वें स्वाधीनता दिवस की शुभ अवसर पर दृष्टि एजुकेशन संस्थान में जिला चिकित्सालय बैतूल, दृष्टि एजुकेशन संस्थान और पूर्व सैनिक संघ के संयुक्त प्रयास से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें युवाओं ने जोश और जुनून के साथ रक्तदान कर देश भक्ति, समाज सेवा और देश के प्रति बलिदान का जोरदार नमूना पेश करते हुए 25 यूनिट रक्त दान कर स्वाधीनता दिवस मनाया गया।

इस शुभ अवसर पर ब्लड बैंक अधिकारी डॉक्टर अंकिता शीते जिला अस्पताल बैतूल के द्वारा रक्तदान करने वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। मंच पर उपस्थित विजय नरवरे, संजय नरवरे, सचिव पूर्व सैनिक संघ सुदामा जी सूर्यवंशी के द्वारा युवाओं को देश के प्रति देश भक्ति की शिक्षा दी गई।

संस्था के पूर्व शिक्षक श्री प्रदीप डिगरसे ने अपने जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान कर शिविर का शुभारंभ किया साथ ही संस्था के शिक्षक श्री प्रदीप सिंह कुशवाह, सुश्री रिचा बहेरिया, श्री रुपेश पवार, श्री दीपक साहू ने रक्तदान किया। जिसमें दृष्टि एजुकेशन के छात्र छात्राओं ने भरपूर उत्साह के साथ भारत माता के जय घोष के साथ रक्तदान किया। संस्था के शिक्षक निखिल घोड़की, कुमारी शालू लिखितकर, कुमारी विद्या कवड़कर ने रक्तदाताओं का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए स्वल्पाहार वितरित किया।

दृष्टि एजुकेशन संस्था के संचालक श्री कमलेश निरापुरे ने बताया कि स्वाधीनता दिवस के अवसर पर यह कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आगे आने वाले वर्षों में बढ़ते क्रम में रक्तदान शिविर को सफल बनाने का पूर्ण प्रयास किया जाएगा। श्री निरापुरे ने बताया की दृष्टि एजुकेशन संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को देशभक्ति, समाज सेवा से जोड़ने का भरपूर प्रयास किया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस के जिला स्तरीय समारोह में कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज


स्वतंत्रता दिवस के जिला स्तरीय समारोह में कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

मुख्यमंत्री के संदेश का किया वाचन, परेड की सलामी ली

भारत का 75वां स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को जिले में पारंपरिक उत्साह एवं हर्षोल्लास से मनाया गया। जिला मुख्यालय पर पुलिस ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने ध्वजारोहण किया एवं परेड की सलामी ली। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद भी मौजूद थीं। समारोह में मुख्य अतिथि श्री बैंस ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया।
इस दौरान आयोजित परेड में विशेष सशस्त्र बल 13वीं वाहिनी ई कंपनी, जिला पुलिस बल महिला एवं पुरूष, जिला नगर सेना, वन विभाग, एनसीसी सीनियर डिवीजन जेएच कालेज बालक, एनसीसी सीनियर डिवीजन जेएच कालेज बालिका एवं बालिका, प्लाटून ट्रेफिक वार्डन, प्लाटून ब्लू गैंग, शौर्य दल, नगर रक्षा समिति एवं प्लाटून ग्राम कोटवार की टुकडिय़ों द्वारा भव्य परेड प्रस्तुत की गई। परेड में राष्ट्रगान की धुन के साथ हर्ष फायर भी किया गया।
मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने सांसद श्री डीडी उइके के साथ इस समारोह में आकर्षक परेड प्रस्तुत करने वाली विभिन्न बलों की टुकडिय़ों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। सीनियर डिवीजन की परेड प्रस्तुति में प्रथम स्थान पर प्लाटून ब्लू गैंग बैतूल, द्वितीय जिला पुलिस बल पुरूष एवं तृतीय स्थान पर विशेष सशस्त्र बल 13वीं वाहिनी ई कंपनी की टुकडिय़ां रहीं। साथ ही एनसीसी सीनियर डिवीजन जेएच कॉलेज बालिका एवं प्लाटून ग्राम कोटवार को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में तहसीलदार शाहपुर श्री बैधनाथ वासनिक, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी भैंसदेही श्री शिवचरण बोहित, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी मुलताई सुश्री नम्रता सोंधिया, थाना प्रभारी गंज श्री प्रवीण कुमरे, उप निरीक्षक थाना सारनी सुश्री अल्का राय, उप निरीक्षक आम्र्स रक्षित केन्द्र बैतूल श्री नवीन सोनकर, सहायक उप निरीक्षक पुलिस अधीक्षक कार्यालय बैतूल श्री संदीप सोनी, आरक्षक क्र. 395 थाना मुलताई श्री नागेन्द्र सिंह, आरक्षक क्र. 387 थाना शाहपुर श्री योगेश राठौर, सहायक उप निरीक्षक जिला पुलिस कार्यालय श्री अनुराग तिवारी, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक रक्षित केन्द्र बैतूल श्री हरदयाल मालवीय, बीएमओ मुलताई डॉ. पल्लव अमृतफले, बीएमओ घोड़ाडोंगरी डॉ. संजीव शर्मा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद मालवीय, आरएमओ डॉ. रानू वर्मा, डाटा मैनेजर श्री तापीदास चढ़ोकार, ओम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज जामठी, विजय कोविड केयर सेंटर, भूतपूर्व सैनिक श्री विजय कुमार नरवरे, श्री केवलराम यादव, श्री सचिन सोनी, श्री जेपी अग्रवाल, श्री देवेन्द्र नरवरे, श्री संजय कुमार नरवरे, विजय ब्रास बैंड दल, महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक ग्रेड-3 श्री मनीष सोनी, मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि. बैतूल (दक्षिण) के प्रबंधक श्री राहुल ठाकरे, जिला सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री ओमप्रकाश सूर्यवंशी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के सहायक ग्रेड-3 श्री सतीश चौधरी, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के सहायक ग्रेड-3 श्री रवि कुमार उइके, नगरपालिका परिषद् के राजस्व निरीक्षक श्री ब्रजगोपाल परते, जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के विकासखंड समन्वयक श्री संतोष सिंह राजपूत, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड की प्लाटून कमांडर श्रीमती सुनीता पन्द्रे, जिला प्रबंधक एमपीएसीएससी श्री गिरधरलाल लुधियानी, जिला शिक्षा केन्द्र के एपीसी (ईएंडआर) श्री विशाल भोपले, वन क्षेत्रपाल तत्कालीन परिक्षेत्र अधिकारी सारनी श्री विजय कुमार बारस्कर, समग्र सामाजिक विस्तार अधिकारी श्री विशाल माकोड़े, राष्ट्रीय खिलाड़ी सुश्री प्रेरणा सिसोदिया एवं कु. विशाखा लिखितकर, कलेक्टर कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 श्री हेमराज झाड़े, श्री नत्थू पाटनकर, सुश्री दिव्यानी कपले, श्री रामेश्वर भलावी एवं जिला खनिज विभाग के सहायक ग्रेड-3 श्री नकल सिंह गंजाम को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री अमनबीर सिंह बैंस द्वारा शहीद लांस नायक श्री सुखनंदन पाल की पत्नी श्रीमती गंगाबाई को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान सांसद श्री डीडी उइके, विधायक आमला डॉ. योगेश पंडाग्रे, प्रधान जिला पंचायत श्री सूरजलाल जावलकर, उप प्रधान श्री नरेश फाटे, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री आदित्य शुक्ला, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिलाष मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री श्यामदेव ब्राह्मणे एवं श्रीमती कृष्णा हजारे द्वारा किया गया।

स्वतंत्रता संग्राम सैनानी, लोकतंत्र सैनानी एवं शहीदों के परिजनों का घर जाकर किया गया सम्मान

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कोविड-19 के दृष्टिगत एसडीएम बैतूल श्री सीएल चनाप, तहसीलदार श्री प्रभात मिश्रा एवं राजस्व अधिकारियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीद हुए सैनिकों के परिजनों एवं लोकतंत्र सेनानियों को घर जाकर शाल, श्रीफल से सम्मानित किया गया।

75 वें स्वाधीनता दिवस और जन्मदिन के अवसर पर किया रक्तदान और वृक्षारोपण


75 वें स्वाधीनता दिवस और जन्मदिन के अवसर पर किया रक्तदान और वृक्षारोपण

बैतूल। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम रोंढा के पर्यावरणप्रेमी और समाजसेवी प्रदीप डिगरसे ने अपने जन्मदिन और 75 वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर दृष्टि एजुकेशन पाईट तत्वावधान और ब्लड बैक के सहयोग से होने वाले रक्तदान शिविर में पहुँच कर रक्तदान किया और ब्लड बैंक अधिकारी डॉक्टर अंकिता शीते से प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया।

उसके बाद अपने परिवारजनों के साथ वृक्षारोपण कर पालन पोषण करने का संकल्प लिया।

पर्यावरण प्रेमी और समाजसेवी प्रदीप डिगरसे का कहना है कि सभी लोगों को अपने जन्मदिन, विवाह, राष्ट्रीय पर्व, त्यौहार सहित शुभ अवसरों पर रक्तदान और वृक्षारोपण का चाहिए, दोनों ही कार्य एक प्रकार से गुप्त दान है। इसलिए ऐसे कार्यों को सहज ही कर लेना चाहिए। श्री डिगरसे ने सभी देशवासियों को 75 वें स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी है।

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी का 75 वें स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन


मेरे प्यारे देशवासियो,

नमस्कार!

  1. देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! यह दिन हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और उल्लास का दिन है। इस वर्ष के स्वाधीनता दिवस का विशेष महत्व है क्योंकि इसी वर्ष से हम सब अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई!
  2. स्वाधीनता दिवस हमारे लिए पराधीनता से मुक्ति का त्योहार है। कई पीढ़ियों के ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमारी आज़ादी का सपना साकार हुआ था। उन सभी ने त्याग व बलिदान के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए। उनके शौर्य और पराक्रम के बल पर ही आज हम और आप आज़ादी की सांस ले रहे हैं। मैं उन सभी अमर सेनानियों की पावन स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।
  3. अनेक देशों की तरह हमारे राष्ट्र को भी, विदेशी हुकूमत के दौरान बहुत अन्याय और अत्याचार सहने पड़े। परंतु भारत की विशेषता यह थी कि गांधीजी के नेतृत्व में हमारा स्वाधीनता आंदोलन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित रहा। उन्होंने तथा अन्य सभी राष्ट्र-नायकों ने भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त करने का मार्ग तो दिखाया ही, साथ ही राष्ट्र के पुनर्निर्माण की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उन्होंने भारतीय जीवन-मूल्यों और मानवीय गरिमा को पुनः स्थापित करने के लिए भी भरपूर प्रयास किए।
  4. अपने गणतन्त्र की विगत 75 वर्षों की यात्रा पर जब हम नजर डालते हैं तो हमें यह गर्व होता है कि हमने प्रगति पथ पर काफी लंबी दूरी तय कर ली है। गांधीजी ने हमें यह सिखाया है कि गलत दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने से अच्छा है कि सही दिशा में धीरे ही सही लेकिन सधे हुए कदमों से आगे बढ़ा जाए। अनेक परम्पराओं से समृद्ध भारत के सबसे बड़े और जीवंत लोकतन्त्र की अद्भुत सफलता को विश्व समुदाय सम्मान के साथ देखता है।

प्यारे देशवासियो,

  1. हाल ही में संपन्न टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। भारत ने ओलंपिक खेलों में अपनी भागीदारी के 121 वर्षों में सबसे अधिक मेडल जीतने का इतिहास रचा है। हमारी बेटियों ने अनेक बाधाओं को पार करते हुए खेल के मैदानों में विश्व स्तर की उत्कृष्टता हासिल की है। खेल-कूद के साथ-साथ जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और सफलता में युगांतरकारी परिवर्तन हो रहे हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों से लेकर सशस्त्र बलों तक, प्रयोगशालाओं से लेकर खेल के मैदानों तक, हमारी बेटियां अपनी अलग पहचान बना रही हैं। बेटियों की इस सफलता में मुझे भविष्य के विकसित भारत की झलक दिखाई देती है। मैं हर माता-पिता से आग्रह करता हूं कि वे ऐसी होनहार बेटियों के परिवारों से शिक्षा लें और अपनी बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें।
  2. पिछले साल की तरह, महामारी के कारण, इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े पैमाने पर नहीं मनाए जा सकेंगे लेकिन हम सबके हृदय में हरदम भरपूर उत्साह बना हुआ है। हालांकि महामारी की तीव्रता में कमी आई है लेकिन कोरोना-वायरस का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ है। इस वर्ष आई महामारी की दूसरी लहर के विनाशकारी प्रभाव से हम अभी तक उबर नहीं पाए हैं। पिछले वर्ष, सभी लोगों के असाधारण प्रयासों के बल पर, हम संक्रमण के प्रसार पर काबू पाने में सफल रहे थे। हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत ही कम समय में वैक्सीन तैयार करने का कठिन काम सम्पन्न कर लिया। इसलिए, इस वर्ष के आरंभ में हम सब विश्वास से भरे हुए थे क्योंकि हमने इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया था। फिर भी, कोरोना-वायरस के नए रूपों और अन्य अप्रत्याशित कारणों के परिणाम-स्वरूप हमें दूसरी लहर का भयावह प्रकोप झेलना पड़ा। मुझे इस बात का गहरा दुख है कि दूसरी लहर में बहुतेरे लोगों की प्राण रक्षा नहीं की जा सकी और बहुत से लोगों को भारी कष्ट सहने पड़े। यह अभूतपूर्व संकट का समय था। मैं, पूरे देश की ओर से, आप सभी पीड़ित परिवारों के दुख में, बराबर का भागीदार हूं।
  3. यह वायरस एक अदृश्य व शक्तिशाली शत्रु है जिसका विज्ञान द्वारा सराहनीय गति के साथ सामना किया जा रहा है। हमें इस बात का संतोष है कि इस महामारी में हमने जितने लोगों की जानें गंवाई हैं, उससे अधिक लोगों की प्राण रक्षा कर सके हैं। एक बार फिर, हम अपने सामूहिक संकल्प के बल पर ही दूसरी लहर में कमी देख पा रहे हैं। हर तरह के जोखिम उठाते हुए, हमारे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासकों और अन्य कोरोना योद्धाओं के प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाया जा रहा है।
  4. कोविड की दूसरी लहर से हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे पर बहुत दबाव पड़ा है। सच तो यह है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं समेत, किसी भी देश का बुनियादी ढांचा, इस विकराल संकट का सामना करने में समर्थ सिद्ध नहीं हुआ। हमने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए युद्ध-स्तर पर प्रयास किए। देश के नेतृत्व ने इस चुनौती का डटकर सामना किया। केंद्र सरकार के प्रयासों के साथ-साथ राज्य सरकारों, निजी क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं, गैर सरकारी संगठनों तथा अन्य समूहों ने सक्रिय योगदान किया। इस असाधारण अभियान में, कई देशों ने, उदारता से, अनिवार्य वस्तुएं उसी तरह साझा कीं, जैसे भारत ने बहुत से देशों को दवाइयां, उपकरण और वैक्सीन उपलब्ध कराई थी। इस सहायता के लिए मैं विश्व समुदाय का आभार प्रकट करता हूं।
  5. इन सभी प्रयासों के परिणाम-स्वरूप, काफी हद तक, सामान्य स्थिति बहाल हो गई है और अब हमारे अधिकांश देशवासी राहत की सांस ले रहे हैं। अब तक के अनुभव से यही सीख मिली है कि अभी हम सबको लगातार सावधानी बरतने की जरूरत है। इस समय वैक्सीन हम सबके लिए विज्ञान द्वारा सुलभ कराया गया सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है। हमारे देश में चल रहे विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 50 करोड़ से अधिक देशवासियों को वैक्सीन लग चुकी है। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि वे प्रोटोकॉल के अनुरूप जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगवा लें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

मेरे प्यारे देशवासियो,

  1. इस महामारी का प्रभाव अर्थव्यवस्था के लिए उतना ही विनाशकारी है, जितना लोगों के स्वास्थ्य के लिए। सरकार गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्योगों की समस्याओं के विषय में भी चिंतित रही है। सरकार, उन मजदूरों और उद्यमियों की जरूरतों के प्रति भी संवेदनशील रही है जिन्हें लॉकडाउन और आवागमन पर प्रतिबंधों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उनकी जरूरतों को समझते हुए सरकार ने पिछले वर्ष उन्हें राहत प्रदान करने के लिए बहुत से कदम उठाए थे। इस वर्ष भी सरकार ने मई और जून में करीब 80 करोड़ लोगों को अनाज उपलब्ध कराया। अब यह सहायता दीपावली तक के लिए बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, कोविड से प्रभावित कुछ उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने हाल ही में 6 लाख 28 हजार करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है। यह तथ्य विशेष रूप से संतोषजनक है कि चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए एक वर्ष की अवधि में ही तेईस हजार दो सौ बीस करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
  2. मुझे इस बात की खुशी है कि सभी बाधाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में – विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में – बढ़ोतरी जारी रही है। हाल ही में, कानपुर देहात जिले में स्थित अपने  पैतृक गांव परौंख की यात्रा के दौरान, मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की मनोवैज्ञानिक दूरी अब पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। मूलतः, भारत गांवों में ही बसता है, इसलिए उन्हें विकास के पैमानों पर पीछे नहीं रहने दिया जा सकता। इसीलिए, प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि सहित, हमारे किसान भाई-बहनो के लिए विशेष अभियानों पर बल दिया जा रहा है।
  3. ये सभी प्रयास आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के अनुरूप हैं। हमारी अर्थव्यवस्था में निहित विकास की क्षमता पर दृढ़ विश्वास के साथ सरकार ने रक्षा, स्वास्थ्य, नागरिक उड्डयन, विद्युत तथा अन्य क्षेत्रों में निवेश को और अधिक सरल बनाया है। सरकार द्वारा पर्यावरण के अनुकूल, ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों, विशेष रूप से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के नवीन प्रयासों की विश्वव्यापी प्रशंसा हो रही है। जब ‘ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में सुधार होता है, तब उसका सकारात्मक प्रभाव देशवासियों की ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ पर भी पड़ता है। इसके अलावा जन कल्याण की योजनाओं पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। उदाहरण के लिए 70,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना की बदौलत, अपना खुद का घर होने का सपना अब साकार हो रहा है। एग्रीकल्चरल मार्केटिंग में किए गए अनेक सुधारों से हमारे अन्नदाता किसान और भी सशक्त होंगे और उन्हें अपने उत्पादों की बेहतर कीमत प्राप्त होगी। सरकार ने प्रत्येक देशवासी की क्षमता को विकसित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं जिनमें से कुछ का ही उल्लेख मैंने किया है।

प्यारे देशवासियो,

  1. अब जम्मू-कश्मीर में नव-जागरण दिखाई दे रहा है। सरकार ने लोकतंत्र और कानून के शासन में विश्वास रखने वाले सभी पक्षों के साथ परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मैं जम्मू-कश्मीर के निवासियों, विशेषकर युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी आकांक्षाओं को साकार करने के लिए सक्रिय होने का आग्रह करता हूं।
  2. सर्वांगीण विकास के प्रभाव से, अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का कद ऊंचा हो रहा है। यह बदलाव, प्रमुख बहुपक्षीय मंचों पर हमारी प्रभावी भागीदारी में तथा अनेक देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने में परिलक्षित हो रहा है।   

प्यारे देशवासियो,

  1. पचहत्तर साल पहले जब भारत ने आजादी हासिल की थी, तब अनेक लोगों को यह संशय था कि भारत में लोकतंत्र सफल नहीं होगा। ऐसे लोग शायद इस तथ्य से अनभिज्ञ थे कि प्राचीन काल में, लोकतंत्र की जड़ें इसी भारत भूमि में पुष्पित-पल्लवित हुई थीं। आधुनिक युग में भी भारत, बिना किसी भेद-भाव के सभी वयस्कों को मताधिकार देने में अनेक पश्चिमी देशों से आगे रहा। हमारे राष्ट्र-निर्माताओं ने जनता के विवेक में अपनी आस्था व्यक्त की और ‘हम भारत के लोग’ अपने देश को एक शक्तिशाली लोकतंत्र बनाने में सफल रहे हैं।
  2. हमारा लोकतन्त्र संसदीय प्रणाली पर आधारित है, अतः संसद हमारे लोकतन्त्र का मंदिर है। जहां जनता की सेवा के लिए, महत्वपूर्ण मुद्दों पर वाद-विवाद, संवाद और निर्णय करने का सर्वोच्च मंच हमें उपलब्ध है। यह सभी देशवासियों के लिए बहुत गर्व की बात है कि हमारे लोकतंत्र का यह मंदिर निकट भविष्य में ही एक नए भवन में स्थापित होने जा रहा है। यह भवन हमारी रीति और नीति को अभिव्यक्त करेगा। इसमें हमारी विरासत के प्रति सम्मान का भाव होगा और साथ ही समकालीन विश्व के साथ कदम मिलाकर चलने की कुशलता का प्रदर्शन भी होगा। स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस नए भवन के उदघाटन को विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक प्रस्थान बिन्दु माना जाएगा।
  3. सरकार ने इस विशेष वर्ष को स्मरणीय बनाने के लिए कई योजनाओं का शुभारम्भ किया है। ‘गगनयान मिशन’ उन अभियानों में विशेष महत्व रखता है। इस मिशन के तहत भारतीय वायु सेना के कुछ पायलट विदेश में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। जब वे अंतरिक्ष में उड़ान भरेंगे, तो भारत मानव-युक्त अंतरिक्ष मिशन को अंजाम देने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। इस प्रकार, हमारी आकांक्षाओं की उड़ान किसी प्रकार की सीमा में बंधने वाली नहीं है।
  4. फिर भी, हमारे पैर यथार्थ की ठोस जमीन पर टिके हुए हैं। हमें यह एहसास है कि आज़ादी के लिए मर-मिटने वाले स्वाधीनता सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में हमें अभी काफी आगे जाना है। वे सपने, हमारे संविधान में, ‘न्याय’, ‘स्वतन्त्रता’, ‘समता’ और ‘बंधुता’ इन चार सारगर्भित शब्दों द्वारा स्पष्ट रूप से समाहित किए गए हैं। असमानता से भरी विश्व व्यवस्था में और अधिक समानता के लिए तथा अन्यायपूर्ण परिस्थितियों में और अधिक न्याय के लिए, दृढ़तापूर्वक प्रयास करने की आवश्यकता है। न्याय की अवधारणा बहुत व्यापक हो गयी है जिसमें आर्थिक और पर्यावरण से जुड़ा न्याय भी शामिल है। आगे की राह बहुत आसान नहीं है।  हमें कई जटिल और कठिन पड़ाव पार करने होंगे, लेकिन हम सबको असाधारण मार्गदर्शन उपलब्ध है। यह मार्गदर्शन विभिन्न स्रोतों से हमें मिलता है। सदियों पहले के ऋषि-मुनियों से लेकर आधुनिक युग के संतों और राष्ट्र-नायकों तक हमारे मार्गदर्शकों की अत्यंत समृद्ध परंपरा की शक्ति हमारे पास है। अनेकता में एकता की भावना के बल पर, हम दृढ़ता से, एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। 
  5. विरासत में मिली हमारे पूर्वजों की जीवन-दृष्टि, इस सदी में, न केवल हमारे लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए सहायक सिद्ध होगी। आधुनिक औद्योगिक सभ्यता ने मानव जाति के सम्मुख गम्भीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। समुद्रों का जल-स्तर बढ़ रहा है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं और पृथ्वी के तापमान में वृद्धि हो रही है। इस प्रकार, जलवायु परिवर्तन की समस्या हमारे जीवन को प्रभावित कर रही है। हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत ने, न केवल पेरिस जलवायु समझौते का पालन किया है, बल्कि जलवायु की रक्षा के लिए तय की गई प्रतिबद्धता से भी अधिक योगदान कर रहा है। फिर भी मानवता को विश्व स्तर पर अपने तौर-तरीके बदलने की सख्त जरूरत है। इसीलिए भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर दुनिया का रुझान बढ़ता जा रहा है; ऐसी ज्ञान परंपरा जो वेदों और उपनिषदों के रचनाकारों द्वारा निर्मित की गई, रामायण और महाभारत में वर्णित की गई, भगवान महावीर, भगवान बुद्ध तथा गुरु नानक द्वारा प्रसारित की गई, और महात्मा गांधी जैसे लोगों के जीवन में परिलक्षित हुई।
  6. गांधीजी ने कहा था कि प्रकृति के अनुरूप जीने की कला सीखने के लिए प्रयास करना पड़ता है, लेकिन एक बार जब आप नदियों और पहाड़ों, पशुओं और पक्षियों के साथ संबंध बना लेते हैं, तो प्रकृति अपने रहस्यों को आप के सामने प्रकट कर देती है। आइए, हम संकल्प लें कि गांधी जी के इस संदेश को आत्मसात करेंगे और जिस भारत भूमि पर हम रहते हैं, उसके पर्यावरण के संरक्षण के लिए त्याग भी करेंगे।
  7. हमारे स्वतन्त्रता सेनानियों में देश-प्रेम और त्याग की भावना सर्वोपरि थी। उन्होंने अपने हितों की चिंता न करते हुए हर प्रकार की चुनौतियों का सामना किया। मैंने देखा है कि कोरोना के संकट का सामना करने में भी लाखों लोगों ने अपनी परवाह न करते हुए मानवता के प्रति निस्वार्थ भाव से दूसरों के स्वास्थ्य और प्राणों की रक्षा के लिए भारी जोखिम उठाए हैं। ऐसे सभी कोविड योद्धाओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं। अनेक कोविड योद्धाओं को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। मैं उन सबकी स्मृति को नमन करता हूं।
  8. हाल ही में, ‘कारगिल विजय दिवस’ के उपलक्ष में, मैं लद्दाख स्थित ‘कारगिल युद्ध स्मारक – द्रास’ में अपने बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए जाना चाहता था। लेकिन रास्ते में, मौसम खराब हो जाने की वजह से, मेरा उस स्मारक तक जाना संभव नहीं हो पाया। वीर सैनिकों के सम्मान में, उस दिन मैंने बारामूला में ‘डैगर वॉर मेमोरियल’ पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वह मेमोरियल उन सभी सैनिकों की स्मृति में बनाया गया है जिन्होंने अपने कर्तव्य-पथ पर सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन जांबाज़ योद्धाओं की वीरता और त्याग की सराहना करते हुए मैंने देखा कि उस युद्ध स्मारक में एक आदर्श-वाक्य अंकित है: “मेरा हर काम, देश के नाम।

यह आदर्श-वाक्य हम सभी देशवासियों को मंत्र के रूप में आत्मसात कर लेना चाहिए तथा राष्ट्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा व समर्पण से कार्य करना चाहिए। मैं चाहूंगा कि राष्ट्र और समाज के हित को सर्वोपरि रखने की इसी भावना के साथ हम सभी देशवासी, भारत को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए एकजुट हो जाएं।

मेरे प्यारे देशवासियो,

  1. मैं विशेष रूप से भारतीय सशस्त्र बलों के वीर जवानों की सराहना  करता हूं, जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता की रक्षा की है, और आवश्यकता पड़ने पर सहर्ष बलिदान भी दिया है। मैं सभी प्रवासी भारतीयों की भी प्रशंसा करता हूं। उन्होंने जिस देश में भी घर बसाया है, वहां अपनी मातृभूमि की छवि को उज्ज्वल बनाए रखा है।
  2. मैं एक बार फिर आप सभी को भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बधाई देता हूं। यह वर्षगांठ मनाते हुए मेरा हृदय सहज ही आज़ादी के शताब्दी वर्ष 2047 के सशक्त, समृद्ध और शांतिपूर्ण भारत की परिकल्पना से भरा हुआ है।
  3. मैं यह मंगलकामना करता हूं कि हमारे सभी देशवासी कोविड महामारी के प्रकोप से मुक्त हों तथा सुख और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ें।   

एक बार पुनः आप सभी को मेरी शुभकामनाएं!

धन्यवाद,

जय हिन्द!

नन्हे बालकों और युवाओं ने मिलकर किया सड़क के गड्ढे भरने का काम


बैतूल। मामला है बैतूल जिले के समीपस्थ ग्राम रोंढा का जहां रोंढा से भडूस की ओर जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क को नहर की पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी द्वारा खोद दिया गया है और क्षतिग्रस्त कर दिया है। जो अब बरसात के दरमियान और भी खस्ताहाल हो चुकी है जिसके कारण सड़क से आने जाने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस स्थान पर से आने जाने ग्रामीण बुजुर्ग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं और ऐसी स्थिति को देखते हुए ग्राम के नन्हे बालकों और युवाओं ने मिलकर सड़क के बाजू पड़ी मुरूम और मिट्टी से सड़क में गड्ढे भरने का काम किया है। सड़क में बने इस गहरे गड्ढे की सूचना ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधि और नहर की पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी को भी मौखिक रूप से अवगत कराया गया पर किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया और आगे आने वाले समय में कोई बड़ी दुर्घटना ना हो इस कारण ग्राम के नन्हें बालकों और युवाओं ने अपने जन सहयोग से इस सड़क में हुए गड्ढे को भरने का कार्य किया है।

बचाएं अपनों की जान, आइए करें रक्तदान


बैतूल- 75 वे स्वाधीनता दिवस के स्वर्णिम अवसर पर दृष्टि एजुकेशन पाईंट सदर बैतूल द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन ब्लड बैंक बैतूल के सहयोग से किया जा रहा है। जिसमें सभी दानवीर रक्तदान दाता सादर आमंत्रित है।

सामाजिक सरोकार की कड़ी में ‘दृष्टि एजुकेशन पाईंट बैतूल की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है। Blood bank बैतूल के सहयोग से लगाए जा रहे इस शिविर का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में खून की बढ़ती कमी को पूरा करने के लिए रक्तदाताओं को जागरूक करने के साथ उनका अहम योगदान हासिल करना है। रक्तदान शिविर सुबह 10 बजे शुरू होगा।
पिछले कई वर्षों से जिले में नियमित तौर पर रक्तदान शिविर लगाया जा रहे है। जागरूकता के अभाव में रक्तदान के लिए अभी भी लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित के साथ तीमारदारों के लिए खून की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन जाती है।
जरूरत पड़ने पर खून न मिलने से कई मरीजों की जान चली जाती है। लोगों में इस प्रवृति और भ्रांतियों को दूर करने के लिए 15 अगस्त के स्वर्णिम अवसर पर पूर्व सैनिक विजय नरवरे एवं दृष्टि एजुकेशन के संचालक कमलेश निरापूरे ने बीड़ा उठाया है। दृष्टि एजुकेशन के सराय में लगाए जा रहे विशेष रक्तदान शिविर में इच्छुक रक्तदानी रक्तदान कर सकते हैं।
रक्तदान के उपरांत रक्तदानी को संस्थान की तरफ से स्वल्पाहार एवं प्रशंसा पत्र दिए जाएंगे।

रक्तदान से पहले ये करें……….

  1. खाली पेट रक्तदान के लिए न आएं।
  2. रक्तदान से पहले पर्याप्त पेय पदार्थ और स्वल्पाहार लें।
  3. रक्तदान से पहले तंबाकू, सिगरेट आदि नशीली वस्तु का सेवन न करें।

ये व्यक्ति कर सकते हैं रक्तदान……..

  1. कोई भी स्वस्थ स्त्री या पुरुष तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है।
  2. रक्तदाता की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए।
  3. शरीर का वजन न्यूनतम 45 किलो होना चाहिए।

आयोजक:
विजय नरवरे (पूर्व सैनिक) 8109514122,
कमलेश निरापुरे (संचालक दृष्टि एजुकेशन प्वाइंट) (8103234918)
संजय नरवरे (पूर्व सैनिक) 7000898517
संयोजक: दृष्टि एजुकेशन प्वाइंट गेंदा चौक बेतूल (8103234918) एवं पूर्व सैनिक संघ बैतूल

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

बैतूल एसडीएम को रोटी बैंक स्मारिका की गई भेंट



बैतूल- अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बैतूल श्री सी.एल.चनाप को आज उनके कार्यालय पहुंचकर एस.सी. एम्पलाई वेलफेयर सोसाइटी मध्यप्रदेश बैतूल एवं रोटी बैंक के पदाधिकारियों ने 7 अगस्त 2021 को स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय सदर बैतूल मे आयोजित रोटी बैंक लॉन्चिंग कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय डी.डी.उइके, सांसद बैतूल हरदा हरसूद संसदीय क्षेत्र विधायक आमला सारणी डॉ योगेश पंडाग्रे ,एवं भूतपूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल जी के द्वारा विमोचन की हुई “रोटी बैंक स्मारिका 2021 “स्मृति-स्वरूप” भेंट की। एवं रोटी बैंक वितरण व्यवस्था को लेकर एसडीएम बैतूल से सविस्तार चर्चा की ! इस विषय में उनसे लिखित अनुमति रात्रि कालीन भोजन वितरण की व्यवस्था के संबंध में अनुमति चाही गई है, जिससे कि गरीबों और निशक्तों को शाम का भोजन निर्बाध रूप से संचालित होता रहे इस अवसर पर एसडीएम बैतूल श्री सी.एल.चनाप ने स्मारिका विमोचन एवं रोटी बैंक भोजन वितरण के पदाधिकारियों की एवं कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ करते हुए सोसायटी द्वारा चलाए जा रहे परोपकारी कार्यों की सराहना की एवं संगठन के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए आश्वस्त किया है कि प्रशासन उनके साथ है सोसाइटी के चेयरमैन श्री आर. के.विजयकर सोसाइटी के वाइस चेयरमैन श्री एस. ब्राह्मणे इस अवसर पर उपस्थित थे दोनों ही पदाधिकारियों ने एसडीएम बैतूल को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया जाएगा।

रोटी बैंक के पदाधिकारियों ने दिव्यांगों को बांटे वस्त्र


बैतूल- रोटी बैंक के पदाधिकारियों ने आज निशक्त पति पत्नी एवं उनके बच्चों के लिए नए वस्त्र खरीद कर बांटे गए। सोसाइटी के श्री देवेंद्र बरथे ने कहा की भूखे को रोटी रहने को मकान और पहनने को वस्त्र यदि मिल जाए तो उसका जीवन धन्य हो जाता है।आज भी मानव समाज में ऐसे निशक्त एवं असहाय लोग है जिन को दो वक्त की रोटी तन पर कपड़े और रहने के लिए मकान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है संभवत सोसाइटी के माध्यम से भूखे को रोटी उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी है। जिला मुख्यालय पर पुलिस ग्राउंड से लगा हुआ गोकुल सेन परिवार पूर्णत निशक्त है, रोटी और कपड़ों के लिए लगातार उनका संघर्ष जारी है, रहने को छत नहीं है, ऐसी स्थिति में रोटी बैंक द्वारा उन्हें प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराया जाता है, आज पूरे परिवार को नए वस्त्र श्री आर के विजयकर, श्री एस ब्राह्मणे, श्रीमती माला खातरकर, श्रीमती उषा सातनकर श्री महेंद्र सोनकर, श्री रमेश पद्माकर आदि पदाधिकारियों के विशेष उपस्थिति में वस्त्र वितरित किया गए आगे भी सोसाइटी के माध्यम से गरीब असहाय लोगों की मदद के लिए हमेशा वचनबद्ध हैं कटिबद्ध है।