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मनमोहन पवार किये गये एसडीएम मुलताई से सम्मानित


सम्मान/प्रशंसा

चित्र -एसडीएम मुलताई श्री मनमोहन पवार को प्रशस्ति-पत्र देते हुए


मुलताई। श्री मनमोहन पवार मुलतापी समाचार पत्र के संपादक और
शारदा राम मनमोहन शेक्षणिक एवं समाज सेवा समिति मुलताई के अध्यक्ष हैं।

कोरोना काल में आपके द्वारा स्वयंसेवक के रूप में क्षेत्र में जनजागृति लाने हेतु लगातार कारगर प्रयास किये गये और शासन द्वारा निर्धारित मानदंडों को मानने हेतु आम जनता को सदैव सचेत और जागरूक करते रहें।

आपकी इन्हीं सेवाओं को ध्यान में रखकर SDM मुलताई श्रीमती हर सिमरनप्रीत कौर,जनपद पंचायत प्रभात पटट्न के
सीईओ श्री सुरेश कुमार इंदोरकर जी एवं जनपद पंचायत मुलताई के सीईओ श्री मनीष शेंडे जी
द्वारा प्रशस्ति-पत्र देकर आपको सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर श्री जय प्रकाश परते ब्लॉक कोर्डिनेटर जनअभियान परिषद और उनकी टीम की भी प्रशंसा की गई।

आपका सुखवाड़ा ई-दैनिक और मासिक भारत।

कोरोना वॉलिंटियर का प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मान मुलताई एसडीएम द्वारा


सभी कोरोनावायरस क्यों रोका प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया सम्मान जन अभियान परिषद के द्वारा ग्रुप फोटो

जन अभियान परिषद् विकासखंड प्रभात पट्टन एवं मुलताई के संयुक्त तत्वावधान में ” मै कोरोना वालेंटियर अभियान ” अन्तर्गत सक्रिय वालेंटियर्स हेतु प्रशस्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन जनपद पंचायत मुलताई में किया गया।

मुलतापी समाचार के संपादक मनमोहन पवार का मुलताई एसडीएम द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मान


जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में अनुविभागीय अधिकारी मुलताई सुश्री हरमनप्रीत कौर मैडम ,मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात पट्टन श्री सुरेश कुमार इंदौरकर जी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुलताई श्री मनीष शेंडे जी की उपस्थिति रही


कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत विकास खंड समन्वयक राधा बरोदे एवं जय प्रकाशी परते द्वारा किया गया। विकास खंड समन्वयक राधा बरोदे द्वारा मै कोरोना वालेंटियर अभियान अन्तर्गत किए गए कार्यों का संक्षिप्त परिचय दिया गया,साथ ही कोरोंना वालेंटियर ने अपने अनुभव साझा किए । इसके पश्चात अनुविभागीय अधिकारी मैडम द्वारा अपने उद्भोधन में वालेंटियर्स को उनके कार्यों के लिए बधाई दी एवं कार्यों की प्रशंसा भी की सभी को शुभकामनाएं देते हुए आगामी समय में अन्य कार्यों में वालेंटियर्स को सहयोग करने हेतु भी कहा गया ।अंत में सभी वालेंटियर्स को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। कोरोना वेलेंटियर नारायण राव देशमुख जी के द्वारा आभार प्रदर्शन कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोंढा में 121 नागरिकों को लगा कोरोना का टीका


बैतूल – बैतूल जिले के सेहरा ब्लॉक में आने वाले प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र रोंढा में वैक्सीनेशन महाअभियान के चलते वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के अन्तर्गत शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र रोंढा पर 121 नागरिकों को कोविशील्ड वैक्सीन की डोज लगाई गई।

स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइज़र श्री एनके चौधरी, डॉक्टर श्री हरीश सरले, वैक्सीन लगाने वाली एएनएम श्रीमती आभा डिगरसे, आशा कार्यकर्ता श्रीमती सुनिता डोगरें, शिक्षक श्री सुभाष खातरकर, समाजसेवी और कोरोना वॉलेंटियर प्रदीप डिगरसे के नेतृत्व में शांतिपूर्ण रुप से सम्पन्न हुआ।

दिव्यांग जियालाल खपरिये ने लगवाया कोरोना का दूसरा टीका


बैतूल- जिले में लगातार अब सभी वर्ग के नागरिक कोविड टीकाकरण हेतु सहमत हो रहे हैं। सोमवार 19 जुलाई 2021 को रोंढा निवासी 56 वर्षीय जियालाल खपरिये के द्वारा ग्राम पंचायत रोंढा स्थित कोविड टीकाकरण सत्र स्थल पर कोरोना से बचाव हेतु द्वितीय टीका लगवाया गया।
श्री जियालाल खपरिये दोनों आँखों से दिव्यांग हैं उसके बावजूद कोविड टीकाकरण कराने स्वयं आगे आये और स्वास्थ विभाग की एएनएम श्रीमती आभा डिगरसे द्वारा वैक्सीन लगाने का कार्य किया गया।

जियालाल खपरिये का कहा कि कोरोना बीमारी से बचाव के लिये शासन द्वारा नि:शुल्क टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में सभी पात्र नागरिकों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिये। उन्होंने संदेश दिया कि टीका लगवाकर इस बीमारी से स्वयं भी बचें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।

बारात रोककर दूल्हे ने लगवाई वैक्सीन फिर रचाई शादी


बैतूल – कोरोना के वैक्सीन को लेकर आई जागरूकता का नतीजा है कि अब वैक्सीन लगाने लोग अपने जरूरी कामों को भी टाल देते है। इसका नजारा मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के गांव रोंढा में नजर आया । जब एक दूल्हे ने अपनी बारात रोककर पहले वैक्सीन लगवाई और फिर दुल्हन लाने के लिए रवाना हुआ।

दरअसल दूल्हा राजेश डिगरसे अपनी बारात लेकर गांव मलकापुर जा रहा था। इसी बीच रास्ते में जब उसने वैक्सिनेशन सेंटर पर लोगो को वैक्सीन लगवाते देखा तो अपनी बारात रोक दी। दूल्हे ने सेंटर पर पहुँचकर न केवल पहले वैक्सीन लगवाई बल्कि वहां बनाये गए सेल्फी स्टैंड पर अपनी सेल्फी भी खिंचवाई।

इसे जिसने भी देखा वह दूल्हे की तारीफ किये बिना नही रहा। दूल्हे ने इस मौके पर कहा कि वैक्सीन लगवाकर उसने अपना फर्ज निभाया है।

वर्षगांठ, विवाह के अवसर पर कोरोना का टीका जरूर लगाएं, अभियान की शुरुआत


बैतूल – एससी वेलफेयर एम्पलाई सोसायटी एवं सजाक्स संगठन बैतूल के द्वारा चंद्रशेखर वार्ड निवासी श्री एन डी ब्राह्मणे प्राचार्य आदिवासी विकास बैतूल एवं उर्मिला ब्राह्मणे की 26 वी वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर लक्ष्मीतरु का पौधा भेंट करते हुए 21 जून से पूरे देश में कोविड-19 वैक्सीनेशन राष्ट्रीय अभियान के पोस्टर्स उनको भेंट करके शपथ दिलवाई गई खुद टीका लगाओ और दूसरों को भी कोरोना का टीका लगवाने का संदेश देने संबंधी शपथ दिलवाई गई।

साथ ही समीप के ग्राम खेड़ी सावलीगढ़ में राठौर परिवार के यहां आयोजित शादी समारोह में वर एवं वधू को सम्मान स्वरूप लक्ष्मीतरु का पौधा भेंट कर उनको भी राष्ट्रीय वैक्सीनेशन जनअभियान के तहत खुद टीका लगाओ और दूसरों को कोविड-19 का टीका लगवाने के लिए प्रेरित करो का संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए शुभकामनाएं स्वरूप कहां गया।

इसी श्रंखला में आज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंज बैतूल में राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत दृष्टि एजुकेशन एकेडमी सदर बेतूल के संचालक श्री कमलेश निरापुरे के नेतृत्व में एकेडमी के छात्र एवं छात्राओं ने इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करते हुए पहले स्वयं कोरोना टीका लगाया एवं बाद में अन्य लोगों को भी इस अनुकरणीय पहल को अपने जीवन में उतारते हुए टीका लगवाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर संगठन के तमाम पदाधिकारियों की ओर से संगठन के प्रांतीय महासचिव श्री आर के विजयकर श्री एस ब्राह्मणे जिला अध्यक्ष सजाक्स दृष्टि एजुकेशन एकेडमी सदर के संचालक श्री कमलेश निरापुरे महिला युवा नेत्री श्रीमती माला खातरकर ,देशभक्ति का अदम्य उदाहरण , निरंतर कोरोना कॉल में मानव सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने वाले सहज सरल अदम्य साहस वीरता के परिचायक श्री विजय नरवरे ,श्री हेमराज पाटिल श्रीमती उषा सातनकर, श्रीमती निर्मला भटनाकर ,श्री विनोद खातरकर, श्री गजानन पंडाग्रे श्री खुशराज कापसे आदि पदाधिकारियों की विशेष उपस्थिति मे यह कार्यक्रम संयोजित किए गए।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

सेवा की मिसाल- स्वयं सेवकों ने कोविड सेंटर में मृत बुजुर्ग महिला का विधिवत अंतिम संस्कार कराया


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला मुलतापी

मुलतापी समाचार

नगर मुलताई आज संघ की उत्कृष्ट सेवा का भी प्रत्यक्ष दर्शन हुआ जिसमें आज कोविड केयर सेंटर पर एक ग्रामीण इलाके की बुजुर्ग महिला इलाजरत थी दुर्भाग्य से उनका निधन हो गया एवं उनके साथ परिवार में सिर्फ उनकी पोती अकेली थी

जिलाप्रचारकजी के मार्ग दर्शन में स्वयंसेवको ने कोविड केयर सेंटर से ले जाकर स्वयं पीपीई किट पहनकर लकडी बुलवाकर विधिवत पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार स्थानीय श्मशान घाट में व्यवस्था करा कर किया अंतिम संस्कार उनकी उतराधिकारी पोती के दारा संपन्न कराया धन्य भारत माता के लाल
महामारी ने बढ़ाई दूरियां …
स्वयं सेवको ने बढ़ाए हाथ…

पूर्व विधायक स्व. विनोद डागा की जयंती पर विधायक पुत्र निलय डागा ने की निशुल्क एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत


बैतूल – कोरोना काल में आम लोगो सहित फ्रंट लाइन वर्करों के लिए हर संभव मदद पहुँचाने का कार्य बैतूल विधायक निलय डागा द्वारा किया जा रहा है । इसी तारतम्य में बैतूल विधायक निलय डागा ने अपनी क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए एक बार फिर हाथ बढ़ाया है और अपने स्व पिता श्री विनोद डागा की जयंती पर क्षेत्रवासियों के लिए निशुल्क एम्बुलेंस की सेवा प्रारंभ की है। अब गंभीर मरीजो को अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए बिल्कुल भी परेशान नही होना पड़ेगा। बैतूल के कांग्रेसी विधायक निलय डागा से जुड़े डागा फाउंडेशन ने आज बैतूल में आम नागरिकों को फाउंडेशन की तरफ से निशुल्क एंबुलेंस की सुविधा शुरू की है।  22 लाख रुपए की लागत की यह एंबुलेंस बैतूल तहसील में मरीजों के लिए निशुल्क चलाई जाएगी । 

डागा परिवार ने पूजन अर्चन कर की एम्बुलेंस की शुरुआत

पूर्व कांग्रेसी विधायक स्व. विनोद डागा की जयंती पर आज कांग्रेस विधायक निलय डागा ने इस एंबुलेंस की शुरुआत की। इस मौके पर श्रीमती निर्मला विनोद डागा, श्रीमती दीपाली निलय डागा ने एम्बुलेंस का पूजन अर्चन किया। सर्व सुविधायुक्त यह एंबुलेंस आम लोगों की सुविधा के लिए निशुल्क उपलब्ध रहेगी। इसमें मरीजों को घर से अस्पताल तक लाने की सुविधा शुरू की गई है। इस एंबुलेंस का संचालन डागा हाउस द्वारा किया जाएगा। एंबुलेंस में मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।  विधायक निलय डागा ने बताया कि एंबुलेंस बैतूल तहसील क्षेत्र में संचालित की जाएगी । फिलहाल इसमें वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं है। लेकिन जल्दी ही वेंटिलेटर सहित बायपेप मशीन भी लगाने का प्रयास किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि उनके पिता पूर्व विधायक स्व. विनोद डागा की जयंती पर आम लोगों के लिए यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। श्री निलय डागा ने बताया कि क्षेत्र के आमजन के लिए डागा फाउंडेशन इसी तरह की सुविधाएं और व्यवस्थाएं आगे भी उपलब्ध कराता रहेगा। ताकि आम जनों को तकलीफों का सामना न करना पड़े।

स्व. विनोद डागा को दी गई श्रद्धाजंली

पूर्व विधायक एवं पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष स्व. विनोद डागा को श्रद्धाजंलि भी दी गयी , इस अवसर पर डागा परिवार के करीबी शामिल हुए और श्री डागा के छाया चित्र पर 19 दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए। इस अवसर पर डागा परिवार के करीबी अशोक दीक्षित, प्रमोद अग्रवाल,  सुनील शर्मा, धीरू शर्मा, प्रदीप गंगवानी, सिद्दीक पटेल, बाबू भार्गव, कैलाश पटेल, गजानंद वर्मा, यतीन्द्र सोनी, तरुण कालभोर, लवलेश राठौर, प्रफुल्ल काले,  डैनी भावसार, अजाब राव झरबड़े, डब्बू किशोर जैन, राजेन्द्र साठे, उमा शंकर दीवान,प्रशांत मरोठी, लोकेश पगारिया, अमित गोठी, गौरव खातरकर, आकाश भाटिया, शांतनु तिवारी, मोनू पवार, गौरव पवार, आबू खान, अरुण राठौर, मोनू बड़ोनिया, योगेश बचले, ललित राठौर सहित डागा हाउस के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

माटी का तिलक लगाऊं मैं- नरवरे बंधुआलेख प्रस्तुति- एस ब्राह्मणे


माटी का तिलक लगाऊं मैं- नरवरे बंधु
आलेख प्रस्तुति- एस ब्राह्मणे

“भारत माता का वीर सपूत हूं मैं
रणभूमि का तिलक लगाऊंगा मैं
मातृभूमि पर आंच नहीं आने दूंगा
चाहे तिरंगे में लपेटकर आऊंगा मैं
राष्ट्रभक्ति मेरा धर्म है निभाऊंगा में
वतन के लिए भले मिट जाऊं मैं
भारत माता का वीर सपूत हूं -मैं.”

आइए
मैं आपको वर्तमान समय में पूरा विश्व जब आज जीवन और मृत्यु के बीच में संघर्ष करते हुए नजर आ रहा है ऐसे समय में कुछ योद्धा अपने कर्तव्य के मार्ग पर डटे हुए हैं ऐसे योद्धाओं की व्याख्या मेरे शब्दों के द्वारा, मेरे विचारों के द्वारा , मेरी लेखनी के द्वारा किया जा रहा है
क्योंकि किसी ने कहा है
“कुछ योद्धाओं की चमक नहीं जाती
कुछ यादों की कसक नहीं जाती कुछ लोगों से होता है गहरा रिश्ता दूर रहकर भी उनकी महक नहीं जाती”……
एक ऐसे राष्ट्र प्रेमी ,देशभक्त अदम्य साहस और वीरता के पर्याय जिन्होंने सेना में अपनी सेवाएं देते हुए देश प्रेम की भावना का का पालन किया , जांबाज योद्धा स्वरूप सेवाएं दी और सेना में नौकरी करने के बाद जब उनकी योद्धा के बतौर घर सकुशल वापसी हुई , रिटायरमेंट के बाद अपने लोगों के बीच में हुई तो वे कहां चुप बैठने वाले थे, उनके पास अदम्य साहस और वीरता वाला पराक्रम ,हिम्मत ,हौसला देश प्रेम की भावना ,लोगों की मदद करना ,लोगों के सुख दुख में काम आना ,बिना किसी स्वार्थ के बिना किसी लोभ प्रलोभन के ,वे देशभक्ति की खातिर ,राष्ट्रप्रेम के खातिर ,निरंतर सेवा भाव से जनता की सेवा में लगे हुए हैं , वे आज भी कोरोना काल में पुलिस प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे हुए हैं साथ ही स्वास्थ्य विभाग में जहां दल बल की आवश्यकता होती है वे अपना योगदान दे रहे हैं वे निरंतर वैक्सिंग के लिए लोगों को तैयार कर रहे हैं और सेंटरों पर व्यवस्था बनाए हुए हैं लोगों को रक्त दान देने के लिए भी हमेशा आगे खड़े रहते हैं
आइए मैं उनसे आपका परिचय करवाते हुए मैं आपको बताना चाहूंगा की किस तरह से दो फौजी भाइयों की कर्मठता , देश प्रेम वीरता साहस पराक्रम जन सेवा, राष्ट्र सेवा ,मानव सेवा जिनके दिलों में हो, ऐसे जांबाज योद्धा के बारे में दो शब्द लिखकर मैं अपने आप को सौभाग्यशाली समझता हूं ,धन्यवाद का पात्र समझता हूं आज दो भाइयों की वीरगाथा को अपने शब्दों में बयां करने का जो सौभाग्य मिला है ऐसा लगता है मानो मेरी लिखनी ने आज अमरत्व को प्राप्त कर लिया है .
आइए इन दोनों भाइयों की वीर गाथा को बयां करने से पहले उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि से मैं तुम्हें अवगत कराना चाहूंगा

इन दोनों भाइयों के नाम विजय नरवरे एवं संजय नरवरे है इनके पिता जी का नाम_ लखनलाल नरवरे, माता का नाम_ श्रीमती काशीबाई नरवरे है एक मध्यम एवं साधारण परिवार में जन्म लेने के पश्चात परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण माता पिता ने दोनों बच्चों को शिक्षा प्राप्त करवाई माता-पिता से प्रेरणा लेकर दोनों ही बेटों में एक जुनून एक जज्बा हिम्मत हौसला देश के प्रति अपनी जवाबदेही निश्चित की सबसे पहले सेना में भर्ती हुए
एक ही दिन दोनों भाइयों की जॉइनिंग हुई 2003 में हुई लेकिन जज्बा जुनून और जन सेवा बिल्कुल किसी बहादुर योद्धा से कम नहीं था और सफलता भी हाथ लगी देश प्रेम की भावना इनकी दिलों मे विराजमान थी दोनों ही बेटे विजय ( बेटा) भारतीय सेना में शामिल होकर अपने परिवार के लिए इतिहास बना दिया ,
बड़े भाई विजय नरवरे के बारे में बात करते हैं तो हमें जानकारी प्राप्त होती है कि इन्होंने अपने स्कूली जीवन में ही एनसीसी लेकर बीएलसी मे लीडरशिप प्राप्त की और 12वीं क्लास में मात्र 17 वर्ष 6 महिने की आयु में सेना ज्वाइन कर ली, सरल सहज मिलनसार व्यवहार कुशल के साथ-साथ अनुशासन के पक्ष में अपने जीवन को व्यतीत करने वाले बेदाग छवि और कर्तव्य पालन के साथ-साथ अनुशासन का पालन करते रहे हमेशा दुश्मनों के छक्के छुड़ाने में कभी पीछे नहीं रहे, इन्होंने दुश्मनों की कई बार छक्के छुड़ाए है इसी प्रयास में एक बार आतंकवादी हमले की शिकार हुए थे लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था स्वस्थ होकर अपने कर्तव्य मार्ग पर डटे रहे
अब मैं उनके छोटे बेटे संजय नरवरे के व्यक्तित्व के बारे में बताना चाहूंगा हष्ट पुष्ट आकर्षण युक्त व्यक्तित्व सादगी और सरलता के पुजारी अनुशासन का अपने जीवन में कड़ाई से पालन कर अपने जीवन को बड़े ही सहज रूप से जीने वाले संजय बचपन से ही मेधावी छात्रों के रूप में अपना विशिष्ट स्थान रखते थे परिवार की आर्थिक ना होने के कारण , देश के प्रति उनकी लगन और समर्पण भाव को देखते हुए सेना में भर्ती हो गए आप भी बड़े सहज सरल आकर्षक सुडोल व्यक्तित्व वाणी की मिठास विशिष्ट कार्य शैली से लोगों के दिलों पर राज करने वाले जांबाज योद्धा के रूप में सेना में नौकरी की और आप बचपन से ही स्काउट के शौकीन रहे है और कई जगह कैंप लगाए और लोगों की मदद की स्कूली जीवन में ही मात्र ग्यारहवीं क्लास पढ़ते पढ़ते 16 वर्ष 6 महीने की आयु में आपने सेना ज्वाइन कर ली
यह अजीब संयोग है, इसे ईश्वर का संयोग ही कहा जा सकता है, देश प्रेम की भावना दोनों ही भाइयों में कूट-कूट कर भरी हुई थी साथ ही जनसेवा एवं परमार्थ के कार्य को करने में इन्हें जो आनंद मिलता है उसे शब्दों में बयां कर पाना बड़ा मुश्किल है ,लेकिन हां
2003 में दोनों ही भाइयों ने एक ही दिन एक ही साथ सेना में भर्ती होकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे
2010 में दोनों ही सैनिक योद्धाओं की शादी भी एक ही दिन हुई,
इनके दोनों पुत्रों का जन्म भी एक ही दिनांक को हुआ
इसके अलावा सेना से सेवानिवृत्ति भी एक ही दिन हुई,

दोनों ही भाइयों की कार्य करने की इच्छा शक्ति, विशिष्ट शैली से और लोगों की मदद करना, लोगों के काम आना, बिना किसी स्वार्थ के बिना , बिना किसी प्रलोभन के लोगों के लिए एक आदर्श स्थापित करते हुए इन दोनों भाइयों का जो व्यक्तित्व लोगों के बीच में उभर कर सामने आया है निसंदेह हुआ तारीफ के काबिल है , हम सब के लिए गौरव का विषय है, गर्व महसूस होता है, आज भी इन दोनों जांबाज योद्धाओं के दिलों में देश के लिए, समाज के लिए ,राष्ट्र के लिए, मानव समाज एवं जन कल्याण, मातृभूमि की रक्षा के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना, इनके दिलों में है
के दर्शन हमें तब होते हैं जब उनके द्वारा किए जाने वाले सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों की गतिविधियों पर हम प्रकाश डालते हैं
अवगत है कि बैतूल पुलिस ग्राउंड में बीते साल से 5:30 बजे से सुबह सुबह 7:30 तक महिलाओं एवं बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए महिला सशक्तिकरण (नारी शक्ति) अभियान चलाते हैं एवं उन्हें शारीरिक प्रशिक्षण देते हैं साथ ही गांव एवम शहर के युवा नौजवान हो, जो सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहता है , उनके व्यक्तित्व के निर्माण के लिए, रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य को लेकर रोज शारीरिक शिक्षा जो कि सेना में भर्ती होने के लिए मुख्य परीक्षा कहलाती है को प्रशिक्षित करते हैं, इसके अलावा भी अनेक जनकल्याणकारी, सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों को करते है महिलाओं को उनके अधिकार एवं उनके कर्तव्य नारी का मान सम्मान और अभिमान को लेकर उनके ऊपर हो रहे अत्याचार , अन्याय एवं शोषण घरेलू हिंसा, दुराचार ,बालिका शिक्षा को बढ़ावा के साथ-साथ समय-समय पर जागरूकता रैली, उनके लिए योग शिक्षा को बढ़ावा ,आत्मरक्षा के गुर सिखाना आदि उपायों की जानकारी शिविर के माध्यम से उनको देना ,उन्हें जागरूक करते आ रहे हैं ,आज के इस वैश्विक महामारी के दौर में जब लोग अपने अपने घरों में आराम से रह कर के अपने जीवन चर्या को सीमित कर रहे हैं लेकिन आज भी “नरवरे- बंधु” दोनों भाई कोरोना योद्धा की तरह कोरोना कॉल में भी शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनसेवा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निडरता, साहस, हौसला ,हिम्मत के साथ कर्तव्य मार्ग पर डटे है, लोगों की मदद के लिए, सेवा के लिए ,लोगों के सुख दुख में काम आने के लिए, लोगों को जागरुक करने के लिए ,दृढ़ संकल्प के साथ-साथ जनसेवा , मानव सेवा की भावना का सम्मान करते हुए बिना किसी लोभ या प्रलोभन के पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने राष्ट्र धर्म का पालन कर रहे हैं देशभक्ति की भावना जो इनके दिलों में है वह काबिले तारीफ है उन्हें अपने परिवार की चिंता नहीं है उन्हें चिंता है देश की दुनिया की, हम लोगों की, इसीलिए रात दिन 24 घंटे अनवरत रूप से जन सेवा कर रहे हैं, मानव की सेवा कर रहे हैं, मानव धर्म के साथ राष्ट्र धर्म का पालन कर रहे हैं, इसके अलावा” रक्तदान” है महादान अभियान के तहत भी समय-समय पर इनके द्वारा लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से रक्त कैंप का आयोजन भी किया जाता रहा है कई बार इन्होंने जिन्हें रक्त की आवश्यकता होती है उस समय इन्होंने लोगों को रक्तदान करके उनकी जिंदगी यूं को संवारा है बचाया है, धन्य है ऐसे वीर योद्धा जिनके जन्म से हमारा जिला हमारा शहर हमारा बैतूल अपने आपको गौरवान्वित महसूस करता है बैतूल की धरती मां उनका अभिनंदन करती है ऐसे सेना के जांबाज योद्धाओं को इनकी सकारात्मक सोच ,देश प्रेम की भावना ,त्याग, तपस्या, संकल्प के साथ ,राष्ट्र धर्म का पालन करते हैं पूरी निडरता से बेबाक तरीके से बिना किसी की चिंता किए बिना, परिवार की चिंता किए बिना आज कोरोना योद्धा के रूप में वॉलिंटियर्स के रूप में निरंतर कल्याणकारी एवं जन उपयोगी कार्य करते हुए नजर आ रहे हैं वंदन करते हैं अभिनंदन करते हैं ऐसे वीर पुत्रों को मेरे शब्दों के द्वारा उनका सम्मान किया जाना उनकी कार्यशैली का सम्मान किया जाना उनकी देशभक्ति का सम्मान उनके साहस पराक्रम का सम्मान उनकी लगन कर्तव्य परायणता का सम्मान किया जाना बहुत नितांत आवश्यक है क्योंकि किसी कवि ने कहा है ..
“वह खून कहो किस मतलब का जिसमें उबाल का नाम नहीं ,
वह इंसान भी किसी मतलब का नहीं
जिसमें स्वदेश के प्रति प्यार नहीं”

अंत में मैं यही कहना चाहूंगा कि इन दोनों सैनिक बंधुओं से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए, हमें इनसे सीखना चाहिए, देशभक्ति का पाठ , मानव सेवा ,जन कल्याण के कार्य ,सतत सेवा भाव आदि को अपने जीवन में उतार कर हम अपने जीवन को सार्थक और कामयाब बना सकते हैं, मातृभूमि की रक्षा के लिए हम काम आ सकते हैं ,देश की शहादत में, देश की एकता और अखंडता में हम देश के सच्चे सपूत होने का हमें गौरव प्राप्त हो सकता है, बस शर्त यह है कि हम पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे ,वंदन करता हूं ,अभिनंदन करता हूं ,समाज ,राष्ट्र एवं जन कल्याण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए प्रयासों को मैं प्रणाम करता हूं
पंडित श्रीकृष्ण सरल कवि के द्वारा रचित इन भावों के साथ अपनी लेखनी को यहां पर विराम देते हुए कहता हूं, इन दोनों सैनिक बंधुओं से…
मत ठहरो ,सैनिक बंधुओं तुमको आगे चलना है
वतन की राह पर चलने से तुम्हें नहीं डरना है
तुम चलो आगे और जमाना अपने साथ चलाओ
जो पिछड़ गए हैं प्रेरित कर उन्हें आगे बढ़ाओ
तुमको प्रतीक बनना है विश्व शांति और प्रगति का
तुमको जनहित के सांचे में ढलना है
मत ठहरो सैनिक बंधुओं तुम्हें आगे बढ़ना है”
आगे बढ़ने से तुमको नहीं डरना है
मत ठहरो तुमको चलना ही चलना हैह

आलेख एवं संकलन-
एस.ब्राह्मणे “सरल”
लेखक साहित्यकार कवि एवं चिंतक, मानस नगर बैतूल
मोबाइल नंबर 78282 86 568
Syamdevbrahmane0404@gmai

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

निःशुल्क जंगली लहसुन का तेल वितरण किया, कोरोना सक्रमण को कम करने कारगर देशी उपाय


राष्ट्रीय हिंदू सेना द्वारा बैतूल में किया निशुल्क जंगली लहसुन के तेल की डिब्बी वितरित की गई

बैतूल । जिस तरह पुरे देश में कोरोना वायरस बड़ी तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है उसे जड़ से समाप्त करने के लिए पुरे देश के सामाजिक बंधु अपने अपने इतर पर कोरोना को समाप्त करने के लिए सहियोग प्रदान कर रहे हैं उसी तरह राष्ट्रीय हिंदू सेना बैतूल भी कोरोना काल में कोरोना के लक्षणों को समाप्त करने के लिए राम बान की तरह काम आने वाले जंगली लहसुन की तेल की डिब्बी को बैतूल जिले में निशुल्क वितरण करेंगे
यह जंगली लहसुन के तेल को दिन में तीन चार बार सुगने से सर्दी,खांसी, ओर बुखार, और कोरोना के लक्षणों में कम्मी लाने में कारगार साबित हो रहा है

दीपक मालवीय द्वारा बताया गया कि यह जंगली नशुन तेल का निःशुल्क वितरण अभीतक पुलिस विभाग के कर्मचारियो को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मचारियों को एवं बैतूल नगर में सार्वजनिक स्थलों पर स्वंय संघठन के सदस्यों के साथ खड़े हो यह सेवा कार्य कर रहे है ।

ओर साथ ही साथ सभी को उसके उपाय कैसे करना है और उसके फायदे भी बताया जा रहा है

जिस किसी भी लोगों को यह तेल की आवश्यकता पड़े तों आप हम से संपर्क कर सकते हो
9425009659, दीपक मालवीय प्रदेशाध्यक्ष मध्यप्रदेश
7389270116 पवन मालवीय मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष
7024345511 दीपक कोसे जिला उपाध्यक्ष
दीपक मालवीय
प्रदेशाध्यक्ष मध्यप्रदेश
राष्ट्रीय हिंदू सेना