Category Archives: गायत्री परिवार

घर-घर गायत्री यज्ञ, वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के निवारण एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु गायत्री परिवार का आवाहन


वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के निवारर्णार्थ एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के विशेष आवाहन पर संपूर्ण विश्व में दिनांक 26 मई 2021 बुधवार बुद्ध पूर्णिमा को प्रातः 8:00 बजे से 10:30 बजे तक विश्व के 200 से अधिक देशों में एक साथ गृहे – गृहे यज्ञ संपन्न होगा इसी श्रृंखला में विकासखंड प्रभात पट्टन एवं मुलताई के सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों में एक ही समय पर गायत्री यज्ञ करने हेतु गायत्री परिवार मुलताई निवेदन करता है,जो भाई-बहन यज्ञ विधान जानते हैं वे मंत्रों के साथ पूर्ण करने की कृपा करें साथ ही वे सभी परिजन जो यज्ञ अनुष्ठान मंत्रों द्वारा पूर्ण नहीं कर सकते वे भी इस समय अपने अपने घरों में यज्ञ कुंड की आकृति में बने किसी पात्र में गुड एवं घी मिलाकर 24 बार गायत्री महामंत्र एवं पांच बार महामृत्युंजय मंत्र के साथ आहुति अवश्य प्रदान करें यदि यह भी संभव न हो तो प्लेट में 24 बार गायत्री महामंत्र तथा पांच बार महामृत्युंजय मंत्र के साथ साथ जल अर्पण करके भी सूक्ष्म यज्ञ संपन्न कर सकते हैं अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए गायत्री शक्तिपीठ मुलताई के मोबाइल नंबर 9406879453 संजू बरोदे, 99935 09326 नारायण देशमुख, 9424408065 रामदास गढेकर, 9407512021 संपत राव धोटे से संपर्क कर सकते हैं।,,,,,,,,,,,,,,,, मीडिया प्रभारी,,,,, नारायण देशमुख ,,गायत्री परिवार ट्रस्ट मुल्ताई

घर घर पहुंचेगा गंगाजल प्रशिक्षण देकर किया गंगाजल और देव स्थापना


Multapi Samachar

मुलताई। गायत्री शक्तिपीठ मुलताई में हर हर गंगे घर घर गंगे कुंभ हरिद्वार पहुंचा आपके द्वार अभियान अंतर्गत आज दोपहर 12:00 बजे से प्रशिक्षण संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें घर-घर गंगा जल पहुंचाने एवं देव स्थापना का प्रशिक्षण दिया गया। गायत्री परिवार के परिजनों के द्वारा विकासखंड प्रभात पट्टन एवं विकास खंड मुलताई के ग्रामों के 3600 घरों में गंगाजल एवं देव स्थापना कि जाकर देव परिवार से जोड़ा जाएगा , गायत्री परिवार के संजू बरोदे ने विभिन्न ग्रामों से पधारे गायत्री परिवार के परिजनों को शांतिकुंज द्वारा निर्धारित क्रमानुसार गंगाजल एवं देव स्थापना का प्रशिक्षण प्रदान किया जिसमें हरिद्वार में चल रहे महाकुंभ की शाही स्नान की तिथियों को बताया गया एवं शाही स्नान एवं सामान्य स्नान की विधि को विस्तार पूर्वक बताया गया । इस प्रशिक्षण के पश्चात विकासखंड प्रभात पट्टन एवं विकास खंड मुलताई के गायत्री परिजन पुरोहित की भूमिका का निर्वहन करते हुए घर-घर गंगाजल पहुंचाने का कार्य करेंगे एवं सभी परिजनों को महाकुंभ के महत्व पर विस्तार से जानकारी देंगे । सभी परिजनों द्वारा 30 मार्च तक 3600 घरों में देव स्थापना एवं गंगाजल पहुंचाने का संकल्प लिया गया। प्रशिक्षण में लगभग 40 ग्रामों से गायत्री परिवार के भाई और बहन उपस्थित रहे. गायत्री परिवार का मुख्य उद्देश्य परिवारों को देव परिवार से जोड़ना एवं परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी का सपना मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण साकार करना है नए परिवारों को साधना आराधना से जोड़कर परिवार को संस्कारवान बनाना है। प्रशिक्षण में विकासखंड प्रभात पट्टन एवं मुलताई के विकास खंड समन्वय समिति के पदाधिकारियों , सदस्यों , गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं गायत्री परिजनों ने भाग लिया । (मीडिया प्रभारी नारायण देशमुख की रिपोर्ट)

बड़ी खबर देशी गाय के उत्पाद से निर्माण कर 5 से 10 हजार की आय प्राप्त कर सकते है प्रतिमाह


मुलतापी समाचार

यह प्रशिक्षण आज के समय में व्याप्त बेरोजगारी को दूर करने महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं

मुलताई। गायत्री पाक्तिपीठ मुलताई में गौ विज्ञान, गौ संवर्धन, गो उत्पाद निर्माण, गौ नस्ल सुधार, गौ आधारित कृषि एवं स्यावलंबन प्रशिक्षण कार्यशाला रविवार जो आयोजित हुई। प्रशिक्षण का शुभारंभ स्वानंद गौशाला सॉसर जिला छिंदवाड़ा के संचालक एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षक डा. जीतेंद्र भकने ने डॉ भाग्यश्री भकने एवं गायत्री ट्रस्ट मुलताई के मुख्य ट्रस्टी संपतराव धोटे ने गायत्री परिवार के सदस्यों एवं प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन कर किया। प्रशिक्षण के प्रारंभिक सत्र में डॉ भकने ने देशी गाय के महत्व को बताते हुए कहा कि केवल देशी गाय के गोबर और गोमूत्र का सही उपयोग किया जाए तो 5 से 10 हजार रुपए प्रति माह एक गाय से कमाया जा सकता है।गाय के गोमूत्र अर्क सेवन से हजारों बीमारियां दूर होती है। व्यक्ति जीवन में कभी बीमार नहीं हो सकता।

देसी गाय के रीढ़ की हइडी ने सूर्य नाड़ी होती है जो सूर्य से ऊर्जा लेकर स्वर्णकार का निर्माण करती है जिससे गाय के दूध का रंग पीला स्वर्ण युक्त एवं पौष्टिकता से भरपूर बनता है। इस प्रकार देशी गोवधा के नस्ल के सुधार के बारे में भी प्रशिक्षण देते हुए बताया कि जिस गाय के बछड़े को भरपूर दूध पीने को मिलेगा यह हष्ट पुष्ट होगा एवं बछिया भी हष्ट पुष्ट होकर ज्यादा दूध देने वाली गाय बनती है।इसलिए गाय के बछड़ों को भरपूर दूध पिलाना आवश्यक है। जिससे देशी गाय की नस्ल को सुधारा जा सकता है। उन्होंने गो उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण देते हुए दीपक, अगरबत्ती ,साबुन हवन कुंड, गणेशजी एवं राधा कृष्ण जी की मूर्तियां, गृह सज्जा की वस्तुएं शुभ लाभ जैसे छोटे-छोटे आकर्षक एवं सुंदर वस्तुओं का गाय के गोबर से निर्माण करना बताया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने भी स्वयं सामग्री बनाकर तैयार की। प्रशिक्षक डॉ भकने ने केयल गाय के गोबर से ही अनेक प्रकार के गृह सज्जा की वस्तुओं सहित धूपबत्ती अगरबत्ती निर्माण करना बताया साथ ही वस्तुओं के निर्माण हेतु सांचे बनाने का प्रशिक्षण दिया। गाय के गोबर से गोमय भस्म दंतमंजन, उबटन, गोमूत्र अर्क पयं कीटनाशक दवाई गोमूत्र से केचुआ खाद इत्यादि निर्माण करने का भी प्रशिक्षण दिया।


105 लोगो ने लिया प्रशिक्षण
गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी नारायण देशमुख ने बताया कि प्रशिक्षण में विकासखंड मुलताई पवं विकास खंड प्रभात पट्टन के 105 प्रशिक्षणार्थी भाई बहनों ने भाग लिया। जिसमें मुलताई, चौथिया, सांडिया, जामगांय, खेडीकोर्ट ,कुजया, घाट बिरोली, नरखेड भोपाल गोपालतलाई बघोड़ा,सिरसाबाड़ी, चंदोरा कला, मंगोना कला, पारडसिंगा,परमंडल खड़आमला, जाम,मासोद साईखेड़ा सहित करीब 40 ग्रामों के भाई बहनों ने भाग लिया। आगामी समय में ग्राम नरखेड में बनने वाले गा विज्ञान एवं स्वावलंबन प्रशिक्षण केंद्र में भी इसी प्रकार गौ आधारित प्रशिक्षण सत्र चलाकर किसानों एवं गौ पालकों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य गायत्री परिवार मुलताई डारा किया जाएगा। इस अवसर पर साधकों को गायत्री महामंत्र लेखन की पुस्तिका भी वितरित की गई

बड़ी खबर देसी गाय के उत्पाद से निर्माण कर 5 से 10 हजार की आय प्राप्त कर सकते है प्रतिमाह


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मुलताई। गायत्री पाक्तिपीठ मुलताई में गौ विज्ञान, गौ संवर्धन, गो उत्पाद निर्माण, गौ नस्ल सुधार, गौ आधारित कृषि एवं स्यावलंबन प्रशिक्षण कार्यशाला रविवार जो आयोजित हुई। प्रशिक्षण का शुभारंभ स्वानंद गौशाला सॉसर जिला छिंदवाड़ा के संचालक एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षक डा. जीतेंद्र भकने ने डॉ भाग्यश्री भकने एवं गायत्री ट्रस्ट मुलताई के मुख्य ट्रस्टी संपतराव धोटे ने गायत्री परिवार के सदस्यों एवं प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन कर किया। प्रशिक्षण के प्रारंभिक सत्र में डॉ भकने ने देशी गाय के महत्व को बताते हुए कहा कि केवल देशी गाय के गोबर और गोमूत्र का सही उपयोग किया जाए तो 5 से 10 हजार रुपए प्रति माह एक गाय से कमाया जा सकता है।गाय के गोमूत्र अर्क सेवन से हजारों बीमारियां दूर होती है। व्यक्ति जीवन में कभी बीमार नहीं हो सकता।

देसी गाय के रीढ़ की हइडी ने सूर्य नाड़ी होती है जो सूर्य से ऊर्जा लेकर स्वर्णकार का निर्माण करती है जिससे गाय के दूध का रंग पीला स्वर्ण युक्त एवं पौष्टिकता से भरपूर बनता है। इस प्रकार देशी गोवधा के नस्ल के सुधार के बारे में भी प्रशिक्षण देते हुए बताया कि जिस गाय के बछड़े को भरपूर दूध पीने को मिलेगा यह हष्ट पुष्ट होगा एवं बछिया भी हष्ट पुष्ट होकर ज्यादा दूध देने वाली गाय बनती है।इसलिए गाय के बछड़ों को भरपूर दूध पिलाना आवश्यक है। जिससे देशी गाय की नस्ल को सुधारा जा सकता है। उन्होंने गो उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण देते हुए दीपक, अगरबत्ती ,साबुन हवन कुंड, गणेशजी एवं राधा कृष्ण जी की मूर्तियां, गृह सज्जा की वस्तुएं शुभ लाभ जैसे छोटे-छोटे आकर्षक एवं सुंदर वस्तुओं का गाय के गोबर से निर्माण करना बताया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने भी स्वयं सामग्री बनाकर तैयार की। प्रशिक्षक डॉ भकने ने केयल गाय के गोबर से ही अनेक प्रकार के गृह सज्जा की वस्तुओं सहित धूपबत्ती अगरबत्ती निर्माण करना बताया साथ ही वस्तुओं के निर्माण हेतु सांचे बनाने का प्रशिक्षण दिया। गाय के गोबर से गोमय भस्म दंतमंजन, उबटन, गोमूत्र अर्क पयं कीटनाशक दवाई गोमूत्र से केचुआ खाद इत्यादि निर्माण करने का भी प्रशिक्षण दिया।


105 लोगो ने लिया प्रशिक्षण
गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी नारायण देशमुख ने बताया कि प्रशिक्षण में विकासखंड मुलताई पवं विकास खंड प्रभात पट्टन के 105 प्रशिक्षणार्थी भाई बहनों ने भाग लिया। जिसमें मुलताई, चौथिया, सांडिया, जामगांय, खेडीकोर्ट ,कुजया, घाट बिरोली, नरखेड भोपाल गोपालतलाई बघोड़ा,सिरसाबाड़ी, चंदोरा कला, मंगोना कला, पारडसिंगा,परमंडल खड़आमला, जाम,मासोद साईखेड़ा सहित करीब 40 ग्रामों के भाई बहनों ने भाग लिया। आगामी समय में ग्राम नरखेड में बनने वाले गा विज्ञान एवं स्वावलंबन प्रशिक्षण केंद्र में भी इसी प्रकार गौ आधारित प्रशिक्षण सत्र चलाकर किसानों एवं गौ पालकों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य गायत्री परिवार मुलताई डारा किया जाएगा। इस अवसर पर साधकों को गायत्री महामंत्र लेखन की पुस्तिका भी वितरित की गई

बच्चो ने स्वच्छता अभियान चलाकर किया नये साल का अभिनंदन


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प्रभात पटटन वि.ख.के तिवरखेड ग्राम के समीप आमनाथ तीर्थ स्थल पर वायगाव के बाल संस्कार शाला के बच्चो ने पहुंचकर वहा साफ-सफाई अभियान चलाया और वहा स्थित गौशाला का भ्रमण कर वहा एक कुण्डीय गायत्री महायज्ञ भी सम्पन्न कराया । कार्यक्रम प्रभारी दुर्गेश कुमार भोयरे ने बताया कि नये वर्ष के आगमन पर बाल संस्कार शाला वायगाव और तिवरखेड के सहयोग से आमनाथ तीर्थ स्थल पर लाया गया और सभी बच्चो और माता बहनो ने बढ चढ कर साफ-सफाई अभियान चलाया फिर वहा स्थित गौशाला का भ्रमण करने के पश्चात वहा गायत्री परिवार वायगाव के प्रग्या पुत्रो ने एक कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जिसमे सभी गायत्री परिवार के परिवाजक शामिल हुए ।

कार्यक्रम मे श्री सुभाष कुम्भारे जी ने हर हर गंगे घर घर गंगे की जानकारी देते हुए कहा कि आगामी दिनो मे हर गाव गाव घर घर गायत्री परिवार घरो मे जाकर देवस्थापना करके गंगा जल पहुचाने का क्रम चलायेगा । कार्यक्रम आमनाथ तीर्थ अध्यक्ष मुन्नालाल आदवारे, डॉक्टर सुरेश काले , सुभाष कुम्भारे, भुपेश कोल्हे, श्रावण धोटे, दुर्गेश कुमार भोयरे ( शिक्षक ) ,बाबाराव डागे ,महिला मंडल अध्यक्ष पुष्पा भोयरे, शिक्षिका संगीता घोडकी मीना डागे, दुर्गा आदवारे, गीता बर्डे, तुलसी हरफोडे,आदि अतिथि उपस्थित हुए और कार्यक्रम सम्पन्न कराया ।

गायत्री परिजन गांव गांव जाकर सप्त सूत्रीय आंदोलन का करेंगे विस्तार


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मुलताई। गायत्री शक्तिपीठ मुलताई में आज विकास खंड समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। जिसमें करीब 20 ग्रामों के गायत्री परिजन, विकास खंड समन्वय समिति के पदाधिकारीगण उपस्थित हुए। विकासखंड के प्रत्येक ग्राम तक गायत्री परिजन पहुंचकर ग्रामों में स्वच्छता अभियान, बाल संस्कार शाला, ग्रहे ग्रहे यज्ञ ,जल स्वच्छता एवं जल संरक्षण, दीवार लेखन जैसे कार्य को गति देने हेतु अभियान प्रारंभ करेंगे। प्रत्येक ग्रामों में बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए बाल संस्कार शाला संचालित करेंगे, वहीं ग्रामों में सदवाक्य लेखन कर सद विचारों से जोड़ने का प्रयास भी करेंगे।बैठक में सभी उपस्थित परिजनों ने इन कार्यों को करने का संकल्प लिया । कार्यक्रम में मुलताई के अतिरिक्त सोनोरा,खड़आमला खेड़ी कोर्ट, दुनावा,परमंडल,सांडिया व अन्य ग्रामों से परिजन तथा विकास खंड समन्वय समिति मुलताई के समस्त पदाधिकारी व गायत्री परिजन भी उपस्थित हुएl