Category Archives: जनता कर्फ्यू

दुर्घटना बाइक चालक सहित दो घायल


Multapi Samachar

शाहपुर। ग्राम के पतौवापुरा में अपने घर से निकलकर सड़क पार कर रहे एक वृद्ध को मोटरसाइकिल चालक ने टक्कर मार दी. इससे वृद्घ एवं बाइक चालक घायल हो गया. दोनों को नागरिकों ने निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार किया जा रहा है. बताया गया कि पतौवापुरा निवासी उमेश प्रजापति (50) अपने घर से निकलकर रोड पार कर रहे थे. इस दौरान भक्तनढाना निवासी बस्तीराम ने उमेश प्रजापति को टक्कर मारकर घायल कर दिया और स्वयं भी बाइक सहित गिरकर घायल हो गया. दोनों घायलों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है. 

पूरें देश में 21 दिनों तक लॉक डाउन घबराएं नहीं, इन जरूरी सामानों की दुकानें चालू रहेंगी, यहां देखें पूरी लिस्‍ट


PM मोदी जी का खास संदेश कोराना – कोई रोड पर ना निकले

21 Days Lockdown : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए आज एक बड़ा ऐलान करते हुए 21 दिनों तक के संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। इसे सुनकर कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। किराना, सब्‍जी, दूध, दवा, पेट्रोल लेने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है। लेकिन सरकार ने स्‍पष्‍ट किया है कि जरूरी सामान इन 21 दिनों में बाजार में उपलब्‍ध रहेंगे। किसी भी प्रकार से घबराने की जरूरत नहीं है। यहां हम आपको बता रहे हैं सरकार की गाइडलाइन। जानिये कितने तरह की जरूरी दुकानें, सेवाएं चालू रहेंगी। देखें पूरी लिस्‍ट।

इन सेवाओं पर रोक नहीं

सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं पर रोक नहीं रहेगी और दवा की दुकानें यानी मेडिकल स्‍टोर, मेडिकल इक्विपमेंट की दुकानें, पैथ लैब और राशन की दुकानें खुली रहेंगी… यानी अस्पताल, डिस्पेंसरी, क्लीनिक, नर्सिंग होम खुले रहेंगे। यही नहीं लोगों को डॉक्टर के यहां जाने और अस्‍पताल से घर आने की छूट होगी। पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी जैसी जरूरी सेवाओं पर भी रोक नहीं लगेगी।

खुले रहेंगे पेट्रोल पंप

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी CNG, LPG, PNG जैसी जरूरी सेवाओं पर भी रोक नहीं लगेगी। यही नहीं बिजली उत्‍पादन, बिजली वितरण भी निर्बाध जारी रहेगा और विद्युत विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को भी काम पर जाने की इजाजत होगी। यही नहीं प्राइवेट सिक्‍योरिटी सेवाएं भी जारी रहेंगी।

इनका उत्‍पादन नहीं होगा बंद

सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी उद्योग और कल कारखाने बंद रहेंगे। हालांकि, जरूरी सामानों का उत्‍पादन करने वाली इकाइयों को अपवाद के दायरे में रखा गया है। उत्‍पादन इकाइयों को भी अपवाद की श्रेणी में रखा गया है लेकिन इसके लिए राज्‍य सरकार से इजाजत लेनी होगी।

Lockdown लॉकडाउन पर ये हैं सरकार के निर्देश

मंत्रालयों, सरकारी विभागों, राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के लिए निर्देश

1.भारत सरकार के सभी कार्यालय, स्वायत्त एवं अनुषंगी इकाइयां और सरकारी कंपनियां बंद रहेंगी।

इन्हें रहेगी छूट : रक्षा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राजस्व, सीएनजी, पीएनजी, एलपीजी, पेट्रोलियम जैसी जन सुविधाएं, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, डाकघर, राष्ट्रीय सूचना केंद्र, चेतावनी एजेंसियां

2.राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के कार्यालय, स्वायत्त एवं अनुषंगी इकाइयां, कंपनियां बंद रहेंगी।

इन्हें रहेगी छूट : क – पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, आपदा प्रबंधन एवं जेल ख – जिला प्रशासन एवं राजस्व ग – बिजली, पानी एवं सफाई घ – नगर निकाय – केवल स्वच्छता एवं जलापूर्ति आदि से संबंधित अनिवार्य कर्मचारी उपरोक्त दोनों श्रेणियों में बताए गए कार्यालय न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करेंगे। अन्य सभी कार्यालय केवल वर्क फ्रॉम होम कराएंगे।

3. अस्पताल एवं संबंधित चिकित्सा इकाइयां, उनके विनिर्माण एवं वितरण से जुड़ी इकाइयां, केमिस्ट, डिस्पेंसरी, नर्सिंग होम, एंबुलेंस एवं इनके आवागमन आदि कायोर् में जरूरी परिवहन चलते रहेंगे। इनके सहयोग के लिए जरूरी पैरा मेडिकल स्टाफ व अन्य को भी अनुमति रहेगी।

4. वाणिज्यिक एवं निजी कंपनियां बंद रहेंगी।

इन्हें रहेगी छूट : क-दुकानें, पीडीएस के तहत चलने वाली राशन दुकानें, खाने-पीने, दूध, रसोई के सामान आदि से संबंधित दुकानें। हालांकि, लोगों को घरों से कम से कम निकलना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन होम डिलीवरी को बढ़ावा देगा। ख -बैंक, इंश्योरेंस ऑफिस, एटीएम ग -प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया घ -दूरसंचार, इंटरनेट, ब्रॉडकास्ट एवं केबल सर्विस। आवश्यक सेवाओं से जुड़ी आइटी इकाइयां, हालांकि यथासंभव वर्क फ्रॉम होम।

5. ई-कॉमर्स के जरिये खाद्य पदार्थ, दवा, मेडिकल उपकरण समेत आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी

UPDATE: All essential services to continue and remain functional. List of essential services remains unchanged since the March 22nd ‘Janta Curfew’ #Coronavirus https://twitter.com/ANI/status/1242465644169199625 …ANI@ANIWe are taking all steps to ensure continuous supply of essential commodities: PM Narendra Modi3,431Twitter Ads की जानकारी और गोपनीयता1,482 लोग इस बारे में बात कर रहे हैंANI@ANI

Ministry of Home Affairs guidelines for offences and penalties during the 21-day countrywide lockdown. #CoronavirusLockdown

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My fellow citizens, THERE IS ABSOLUTELY NO NEED TO PANIC. Essential commodities, medicines etc would be available. Centre & various state governments will work in close coordination to ensure this. Together, we will fight #COVID19 and create a healthier India. Jai Hind!: PM Modi

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https://twitter.com/narendramodi/status/1241673542506180610?s=20

Ministry of Home Affairs will shortly issue guidelines of effective measures and exceptions to the essential services during this 21-day lockdown. There will shortly be an MHA 24/7 hotline to assist states during this period. #CoronavirusLockdown

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Tamil Nadu: People throng a market to purchase vegetables in Coimbatore where restrictions under section 144 of CrPC are in place to contain the spread of #CoronavirusPandemic.

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पाथाखेड़ा में नाले में मिला महिला का शव


बडी घटना

देश मे 22 मार्च से कर्फ्यु लगने के बावजूद महिला की हत्‍या कर नाले में फेंकी लाश

3 दिन से लापता बुजुर्ग महिला का मिला शव

मुलतापी समाचार, अंकित यादव, सारनी

घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के पाथाखेडा कांग्रेस नगर में पिछले 3 दिनों से लापता बुजुर्ग महिला का शव मिला है। जानकारी के अनुसार उक्त बुजुर्ग महिला तीन दिन से कई चली गई थी जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिवार के माध्यम से कराई गई थी । आज सुबह 9 बजे उक्त महिला का शव नाले में पड़े होने की सूचना पुलिस को नागरिकों के माध्यम से मिली, जिसकी सूचना मिलते तत्काल मौके पर पुलिस ने वहां पहुँचकर शव की शिनाख्त की। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए बैतूल से एसएफएल टीम को बुलाया गया। महिला की पहचान दशरी बाई निवासी अम्बेडकर नगर पाथाखेड़ा के रूप में हुई है।

मुलतापी समाचार

Shaheen Bagh से प्रदर्शनकारियों की हटाने की तैयारी


मुलतापी समाचार

Multapi Samachar

दिल्‍ली। शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाने की तैयारी हो रही है. बता दें कि यहां पर पिछले एक महीने से हो रहे प्रदर्शन के कारण लोि‍दिगों को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण लोगों को दूसरे रास्ते से जाना पड़ रहा था, जिसके कारण उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था.

शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों

शिवराज सिंह चौहान चौथी बार बने मुख्यमंत्री, आज तक का राजनीतिक सफर


कहा हमें सबसे पहले काेरोना वायरस से डटकर लडना है, सजग रहना है

मुलतापी समाचार

मुख्‍य मंत्री की शपथ ग्रहण करते हुए शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश में पिछले करीब एक महीने से जारी सियासी संकट अब लगभग खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार रात नौ बजे राजधानी भोपाल स्थित राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। राज्यपाल लालजी टंडन ने उन्हें शपथ दिलाई। इससे पहले भाजपा हाईकमान ने उनके नाम पर अपनी मुहर लगा दी थी। हालांकि शिवराज सिंह चौहान को अभी आने वाले समय में मध्यप्रदेश की विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा। आइए जानते हैं शिवराज सिंह चौहान का अब तक का राजनीतिक सफर कैसा रहा…

राज्‍य पाल लाल जी टंडन मुख्‍य मंत्री की शपथ ग्रहण कराते हुए

शिवराज सिंह चौहान जब पहली बार बने मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान 29 नवंबर 2005 को बाबूलाल गौर की जगह पर मध्य प्रदेश के पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। 61 वर्षीय शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को सीहोर जिले के जैत गांव में हुआ था। शिवराज के पिता का नाम प्रेम सिंह चौहान और माता का नाम सुंदर बाई है। उनके पिता किसान थे।

शिवराज सिंह चौहान किरार राजपूत समुदाय से संबंध रखते हैं। उन्होंने कक्षा चौथी तक की पढ़ाई गांव में ही पूरी की। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए भोपाल आ गए। यहां उन्होंने मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल में दाखिला लिया। यहीं पढ़ाई करते हुए शिवराज सिंह चौहान साल 1975 में छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए।

उच्चतर शिक्षा के लिए शिवराज ने भोपाल के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और दर्शनशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई की। शिवराज बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुके हैं। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं। 

आपात काल में जेल भी गए 

एक किसान का बेटा होने की पहचान लिए शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस सरकार में लगाए गए आपात काल का विरोध किया था, इस दौरान वह साल 1976-77 में जेल भी गए। शिवराज सिंह चौहान जब महज 13 साल के थे तब साल 1972 में वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए थे। इसके बाद वे समय-समय पर जन सामान्य के मुद्दों को उठाते रहे।

एबीवीपी से जुड़े और फिर पहली बार लड़ा विधानसभा का चुनाव

  • शिवराज सिंह चौहान साल 1977-1978 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री बने। साल 1978 से 1980 तक मध्यप्रदेश में एबीवीपी के संयुक्त मंत्री रहे।
  • वह 1980 से 1982 तक अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के प्रदेश महासचिव रहे और 1982-1983 में परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। 
  • साल 1984-1985 में शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश में भारतीय जनता युवा मोर्चा का संयुक्त सचिव और वर्ष 1985 में महासचिव बनाया गया। इस पद पर वे 1988 तक बने रहे। जबकि साल 1988 में भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया। इस पद पर वे 1991 तक बने रहे। 
  • वर्ष 1990 के विधानसभा चुनाव के दौरान पहली बार शिवराज ने बुधनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और विधायक बने।

अटल के इस्तीफे के बाद बने सांसद

  • विदिशा लोकसभा सीट से साल 1991 में तत्कालीन सांसद अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी सीट से त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने यहां से लोकसभा का उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर सांसद बनकर संसद में पहुंचे।
  • शिवराज सिंह चौहान सांसद बनने के बाद 6 मई 1992 को साधना के साथ शादी के बंधन में बंध गए। साधना गोंदिया के मतानी परिवार की बेटी थीं। साधना से शिवराज को दो बेटे हैं। वह शहरी स्वर्णकार कॉलोनी के एक छोटे से मकान में रहा करते थे।
  • परंतु सांसद बनने पर लोगों का आना-जाना बढ़ा तो उन्होंने विदिशा में शेरपुरा स्थित दो मंजिला भवन किराए पर ले लिया था। शिवराज जब सांसद बने तब कांग्रेस पार्टी की सरकार थी, इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों को उठाया और क्षेत्र में कई पदयात्राएं भी कीं। यही वजह रही कि वह विदिशा संसदीय क्षेत्र में पांव-पांव वाले भैया के नाम से भी पहचाने जाने लगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री पद तक

  • शिवराज सिंह चौहान ने साल 1996 में हुए 11वें लोकसभा चुनाव के दौरान फिर विदिशा दे चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद 1998 में जब 12वीं लोकसभा का चुनाव हुआ तो वह विदिशा से ही तीसरी बार सांसद चुने गए।
  • इसके बाद साल 1999 में हुए 13वें लोकसभा चुनाव के दौरान शिवराज चौथी बार सांसद बने। इस चुनाव के बाद केंद्र में भाजपा समर्थित एनडीए की सरकार सत्ता में आई। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार की ओर से गठित की गई विभिन्न समिति के सदस्य भी रहे।
  • वर्ष 2004 में हुए 14वें लोकसभा चुनाव के दौरान शिवराज पांचवीं बार सांसद चुने गए। जबकि साल 2005 में शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया। 29 नवंबर 2005 को जब बाबूलाल गौर ने अपने पद से इस्तीफा दिया तो शिवराज पहली बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके अगले ही साल उन्होंने बुधनी विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

राजस्थान के भीलवाड़ा में केरल के कुछ क्षेत्रों में कोरोना तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है।


Korona virus steps ditals

अच्छी बात यह है कि मध्यप्रदेश में यह स्टेज 1से 2 तक है।

ये स्टेज क्या होती हैं?

पहली स्टेज

विदेश से नवांकुर आया। एयरपोर्ट पर उसको बुखार नहीं था। उसको घर जाने दिया गया। पर उससे एयरपोर्ट पर एक शपथ पत्र भरवाया गया कि वह 14 दिन तक अपने घर में कैद रहेगा। और बुखार आदि आने पर इस नम्बर पर सम्पर्क करेगा।
घर जाकर उसने शपथ पत्र की शर्तों का पालन किया।
वह घर में कैद रहा।
यहां तक कि उसने घर के सदस्यों से भी दूरी बनाए रखी।

नवांकुर की मम्मी ने कहा कि अरे तुझे कुछ नहीं हुआ। अलग थलग मत रह। इतने दिन बाद घर का खाना मिलेगा तुझे, आजा किचिन में… मैं गरम गरम् परोस दूं।

नवांकुर ने मना कर दिया।

अगली सुबह मम्मी ने फिर वही बात कही। इस बार नवांकुर को गुस्सा आ गया। उसने मम्मी को चिल्ला दिया। मम्मी की आंख में आंसू झलक आये। मम्मी बुरा मान गयीं।

नवांकुर ने सबसे अलग थलग रहना चालू रखा।

6-7वें दिन नवांकुर को बुखार सर्दी खांसी जैसे लक्षण आने लगे। नवांकुर ने हेल्पलाइन पर फोन लगाया। कोरोना टेस्ट किया गया। वह पॉजिटिव निकला।
उसके घर वालों का भी टेस्ट किया गया। वह सभी नेगेटिव निकले।
पड़ोस की 1 किमी की परिधि में सबसे पूछताछ की गई। ऐसे सब लोगों का टेस्ट भी किया गया। सबने कहा कि नवांकुर को किसी ने घर से बाहर निकलते नही देखा।
चूंकि उसने अपने आप को अच्छे से आइसोलेट किया था इसीलिए उसने किसी और को कोरोना नहीं फैलाया।
नवांकुर जवान था। कोरोना के लक्षण बहुत मामूली थे। बस बुखार सर्दी खांसी बदन दर्द आदि हुआ। 7 दिन के ट्रीटमेंट के बाद वह बिल्कुल ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पाकर घर आ गया।

जो मम्मी कल बुरा मान गईं थीं, वो आज शुक्र मना रहीं हैं कि घर भर को कोरोना नहीं हुआ।

यह पहली स्टेज जहां सिर्फ विदेश से आये आदमी में कोरोना है। उसने किसी दूसरे को यह नहीं दिया।


स्टेज 2- राजू में कोरोना पॉजिटिव निकला।
उससे उसकी पिछले दिनों की सारी जानकारी पूछी गई। उस जानकारी से पता चला कि वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है। वह परसों गहने खरीदने के लिए एक ज्वेलर्स पर गया था। वहां के सेठजी हाल ही में विदेश घूमकर लौटे थे।

सेठजी विदेश से घूमकर आये थे।उनको एयरपोर्ट पर बुखार नहीं था। इसी कारण उनको घर जाने दिया गया। पर उनसे शपथ पत्र भरवा लिया गया, कि वह अगले 14 दिन एकदम अकेले रहेंगे और घर से बाहर नहीं निकलेंगे। घर वालों से भी दूर रहेंगे।
विदेश से आये इस गंवार सेठ ने एयरपोर्ट पर भरे गए उस शपथ पत्र की धज्जियां उड़ाईं।
घर में वह सबसे मिला।
शाम को अपनी पसंदीदा सब्जी खाई।
और अगले दिन अपनी ज्वेलेरी दुकान पर जा बैठा। (पागल हो क्या! सीजन का टेम है, लाखों की बिक्री है, ज्वेलर साब अपनी दुकान बंद थोड़े न करेंगे)

6वें दिन ज्वेलर को बुखार आया। उसके घर वालों को भी बुखार आया। घर वालों में बूढ़ी मां भी थी।
सबकी जांच हुई। जांच में सब पॉजिटिव निकले।

यानि विदेश से आया आदमी खुद पॉजिटिव।
फिर उसने घर वालों को भी पॉजिटिव कर दिया।

इसके अलावा वह दुकान में 450 लोगों के सम्पर्क में आया। जैसे नौकर चाकर, ग्राहक आदि।
उनमें से एक ग्राहक राजू था।

सब 450 लोगों का चेकअप हो रहा है। अगर उनमें किसी में पॉजिटिव आया तो भी यह सेकंड स्टेज है।

डर यह है कि इन 450 में से हर आदमी न जाने कहाँ कहाँ गया होगा।

कुल मिलाकर स्टेज 2 यानी कि जिस आदमी में कोरोना पोजिटिव आया है, वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।


स्टेज 3

रामसिंग को सर्दी खांसी बुखार की वजह से अस्पताल में भर्ती किया, वहां उसका कोरोना पॉजिटिव आया।
पर रामसिंग न तो कभी विदेश गया था।
न ही वह किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।

यानि हमें अब वह स्रोत नहीं पता कि रामसिंग को कोरोना आखिर लगा कहाँ से??

स्टेज 1 में आदमी खुद विदेश से आया था।

स्टेज 2 में पता था कि स्रोत सेठजी हैं। हमने सेठजी और उनके सम्पर्क में आये हर आदमी का टेस्ट किया और उनको 14 दिन के लिए अलग थलग कर दिया।

स्टेज 3 में आपको स्रोत ही नहीं पता।

स्रोत नहीं पता तो हम स्रोत को पकड़ नहीं सकते। उसको अलग थलग नहीं कर सकते।
वह स्रोत न जाने कहाँ होगा और अनजाने में ही कितने सारे लोगों को इन्फेक्ट कर देगा।

स्टेज 3 बनेगी कैसे?

सेठजी जिन 450 लोगों के सम्पर्क में आये। जैसे ही सेठजी के पॉजिटिव होने की खबर फैली, तो उनके सभी ग्राहक,नौकर नौकरानी, घर के पड़ोसी, दुकान के पड़ोसी, दूध वाला, बर्तन वाली, चाय वाला….सब अस्पताल को दौड़े।
सब लोग कुल मिलाकर 440 थे।
10 लोग अभी भी नहीं मिले।
पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम उनको ढूंढ रही है।
उन 10 में से अगर कोई किसी मंदिर आदि में घुस गया तब तो यह वायरस खूब फैलेगा।
यही स्टेज 3 है जहां आपको स्रोत नहीं पता।

स्टेज 3 का उपाय
14 दिन का lockdown
कर्फ्यू लगा दो।
शहर को 14 दिन एकदम तालाबंदी कर दो।
किसी को बाहर न निकलने दो।

इस तालाबंदी से क्या होगा??

हर आदमी घर में बंद है।
जो आदमी किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में नहीं आया है तो वह सुरक्षित है।
जो अज्ञात स्रोत है, वह भी अपने घर में बंद है। जब वह बीमार पड़ेगा, तो वह अस्पताल में पहुंचेगा। और हमें पता चल जाएगा कि अज्ञात स्रोत यही है।

हो सकता है कि इस अज्ञात श्रोत ने अपने घर के 4 लोग और संक्रमित कर दिए हैं, पर बाकी का पूरा शहर बच गया।

अगर LOCKDOWN न होता। तो वह स्रोत पकड़ में नहीं आता। और वह ऐसे हजारों लोगों में कोरोना फैला देता। फिर यह हजार अज्ञात लोग लाखों में इसको फैला देते। इसीलिए lockdown से पूरा शहर बच गया और अज्ञात स्रोत पकड़ में आ गया।

क्या करें कि स्टेज 2, स्टेज 3 में न बदले।
Early lockdown यानी स्टेज 3 आने से पहले ही तालाबन्दी कर दो।
यह lockdown 14 दिन से कम का होगा।

उदाहरण के लिए
सेठजी एयरपोर्ट से निकले
उनने धज्जियां उड़ाईं।
घर भर को कोरोना दे दिया।
सुबह उठकर दुकान खोलने गए।
(गजब आदमी हो यार! सीजन का टेम है, लाखों की बिक्री है, अपनी दुकान बंद कैसें कर लें)

पर चूंकि तालाबंदी है।
तो पुलिस वाले सेठजी की तरफ डंडा लेकर दौड़े।
डंडा देख सेठजी शटर लटकाकर भागे।

अब चूंकि मार्किट बन्द है।
तो 450 ग्राहक भी नहीं आये।
सभी बच गए।
राजू भी बच गया।
बस सेठजी के परिवार को कोरोना हुआ।
6वें 7वें दिन तक कोरोना के लक्षण आ जाते हैं। विदेश से लौटे लोगों में लक्षण आ जाये तो उनको अस्पताल पहुंचा दिया जायेगा। और नहीं आये तो इसका मतलब वो कोरोना नेगेटिव हैं।

उपरोक्त मेसेज को ध्यान पूर्वक हम भी पढे व समझे व अमल करे व उचित लगे तो साझा करे ।

मुलताई में दिखा जनता कर्फ्यू का असर पसरा रहा सन्‍नाटा


मुलताई में हर चौक चाैराहों पर पसरा रहा सन्‍नाटा दिखा कोरोना वायरस का डर

जनता कर्फ्यु का सभी जनता ने किया सम्‍मान दिया घरों से धन्‍यवााद

मुलताई बस्‍टेड की फाेटो जंहा हजारों की संख्‍या में जनता आना जाना करती है वहीं आज सन्‍नाटेे का माहोल देखने काेे मिला

मुलताई । आज बस्‍टेंड पर जनता कर्फ्यू कारण सन्‍नाटा पसरा रहा कोई भी बस न आई है और न ही यहां से कोई बस चली है जिससें जनता अपने ही स्‍थान पर रूक गई है । वही 5 बजे बस्‍टेंड परिसर मेें स्‍थ‍ित मांता केे मंदीर में पुजारी जी और चैले द्वारा घंटी बजाकर आज उन सभी कर्मचारी याेें का धन्‍यवाद दिया जिन्‍होंने कर्फ्यु के और महामारी के प्रकोप के डर के बायजुद भी अपना कर्तव्‍य निष्‍ठा से हटे नहीं जनता की सेवा करते है

आज जनता कर्फ्यू के समर्थन में कॉरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए मुल्ताई की जनता अपने अपने घरों में रही स्वयं के द्वारा स्वयं के बचाव लिए देश की जनता ने अपना महत्व पूर्ण योगदान दिया । आज हम सब अपने लिए ताली जरूर बजाए और वह सभी कर्मचारी जिन्होंने इस विस्म परिस्थिति में भी अपना कार्य निस्पादित करते रहे उनका धन्यवाद करते है सभी जनता ने 5 बजे उनके लिए शंख नाद, ताली, घंटी, थाली आदि बजाकर धन्यवाद अर्पित किया

बैतूल रोड मुलताई खाली पडा जहां रोजाना आवा जावी चालु रहती हे वही एक व्‍यक्तिी भी नही दिखाा

मां ताप्‍ती उदगम स्‍थल मुलताई में कोई नहीं दिखा मंदीर में प्रवेश निषेध आगामी ओदश तक

जनता कर्फ्यू का असर मुलताई की सुर्यपूत्री मांं ताप्‍ती उदगम स्‍थल में भी देखने को मिला यहां भी ताप्‍ती उदगम स्‍थल ट्रस्‍ट समिति द्वारा आगामी आदेश तक ताप्‍ती मंदीर के प्रमुख द्वार बंद रहेंगे श्रृद्धालुओं बाहर से ही दर्शन करने होंगे

आज मुलताई में जनता कर्फ्यू के कारण लोकल की जनता भी बाहर नहीं कली जब्‍की आज मुलताई मेें हाट बजार का दिन रहता है जिसे भी नगरपालिका द्वारा स्‍थगित कर दिया था। आज बजार के दिन में आस पास के पचास गांव अपने व्‍यापार सब्‍जी भाजी मनीहारी आदि सामानों खरीदी बिक्री करने आते है । जिसें मोदी जी के निवेदन पर सरकार के प्रयास द्वारा सफल बनाया गया

धारा 144 का पालन आगामी आदेश तक इसी तरह पालन किया जायेगा । आज कलेक्‍टर महोदय द्वारा जारी सुचना में 31 मार्च तक कर्फ्यूू के दिन बढाया है क्‍योंकी यह बिमारी है वह एक दिन के प्रयास से संभव नहीं है इस महामारी से बचने के लिए सरकार का आज रविवार का दिन ट्रायल था जिससे पूर्व ही ि‍निर्धारित कर ि‍लिया गया था परन्‍तु जनता परेशान हो जाए इसलिए आज शाम को इसकी अवधि समय ि‍सिमा बढाई गई

रेलवे स्‍टैशन मुलताई में एक भी यात्री नहीं दिखा और जो वहां गलती से पहंचा उसे भगा दिया गया

रेल यात्रीयों से निवेदन है कि वे यात्रा करने न निकले 31 मार्च तक

रेल याता भी इसी तरह 31 मार्च तक बंद कर गई है स्‍टेशनाेे पर भी आवाजावी बंद कर दी गई है एक यात्री दूसरी यात्री के पास बैठ नही सकता स्‍टेशनों पर भी

मुलतापी समाचार

टोटल लॉक डाउन, धारा 144 लागू


बैतूल जिलें को टोटल लॉक डाउन घोषित किया गया, जिससे लोग घर से नहीं निकल सकेंगे,

बैतूल कलेक्टर एवं दंडाधिकारी राकेश सिंह ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की दृष्टिकोण से दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये संपूर्ण बैतूल जिले की समस्त राजस्व सीमाओं में आगामी आदेश तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। जिसके अंतर्गत जिले में तत्काल प्रभाव से टोटल लाक डाउन घोषित किया गया है। टोटल लॉक में किसी भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। जिले की सभी सीमाएं सील की गई है, किसी भी माध्यम सड़क एवं रेल से जिले की सीमा में बाहरी लोगों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया है। जिले में निवासरत नागरिकों का जिले की सीमा के बाहर जाना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है। जिले के समस्त शासकीय,अर्द्ध शासकीय कार्यालय बंद किए गये हैं । अति आवश्यक सेवा वाले विभाग जैसे राजस्व,स्वास्थ्य, पुलिस, विद्युत,दूरसंचार, नगरपालिका, पंचायत आदि इससे मुक्त रहेंगे और मेडिकल दुकानों तथा हॉस्पिटलों को छोड़कर शेष समस्त व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद किए गए हैं।

घर-घर जाकर दूध बांटने वाले दूध विक्रेता एवं न्यूज़पेपर हॉकर प्रातः 6:30 बजे से 9:30 बजे तक टोटल लॉक डाउन प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे । यह आदेश में आम जनता को संबोधित किया गया है क्योंकि वर्तमान में ऐसी परिस्थिति नहीं है और ना ही यह संभव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति को दी जाए । अतः आदेश एकपक्षीय पारित किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश 22 मार्च से आगामी आदेश तक लागू रहेगा।

मुलतापी समाचार बैतूल

महाकाल की भस्म आरती में भक्तों की नो एंट्री, 31 मार्च तक वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश बंद


मुलतापी समाचार                 मनोज कुमार अग्रवाल

उज्जैन: कोरोना वायरस का असर अब देव स्थानों पर भी नजर आने लगा है! देशभर में लगातार मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सोमवार को उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है! यहां बाबा महाकाल की प्रतिदिन सुबह 4:00 बजे होने वाली भस्मारती में 31 मार्च तक प्रवेश बंद कर दिया गया है! आम के साथ ही खास श्रद्धालुओं को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा! इसके अलावा गर्भ गृह में सामान्य दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं! आरती में केवल पुजारी गण ही मौजूद रहेंगे!

कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते महाकाल मंदिर में साफ सफाई व्यवस्था और दुरुस्त कर दी गई है! मंदिर परिसर की दिन में दो बार धुलाई की जा रही है! इसके अलावा उज्जैन स्थित मंगलनाथ, हरसिद्धि, काल भैरव और सांदीपनि आश्रम में भी श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग की जा रही है!

कोरोना वायरस के चलते पाकिस्तान के गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने वाला करतारपुर कॉरिडोर सोमवार से बंद कर दिया गया है! वहीं माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एन आर आई, विदेशी नागरिकों और हाल में विदेश से लौटे भारतीयों से 28 दिन के आइसोलेशन से पहले मंदिर नहीं आने को कहा है! शिर्डी के साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट ने भी भक्तों को मंदिर आने से मना किया है! दतिया स्थित पीतांबरा पीठ में भी दर्शन रोकने का फैसला किया गया है

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