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पंचायत सचिव,रोजगार सहायको ने कोरोना योद्धा घोषित नहीं करने पर 10 मई से कामबंद आंदोलन की दी चेतावनी


कोरोना योद्धा नहीं तो काम नहीं का ऐलान करते हुए मुलताई और प्रभातपट्टन ब्लाक के पंचायत सचिव और रोजगार सहायको ने शुक्रवार को कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन जनपद पंचायत के सीईओ को सौंपकर 9 मई तक उनकी मांग का निराकरण नहीं होने की स्थिति में 10 मई से काम बंद आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को  मुलताई ब्लॉक सचिव संघ अध्यक्ष नामदेव खाड़े और ग्राम रोजगार सहायक संघ अध्यक्ष लालसिंह चौहान के नेतृत्व में पंचायत सचिवों ने जनपद पंचायत सीईओ मनीष शेन्डे को ज्ञापन सौंपा।

वही प्रभातपट्टन ब्लॉक सचिव संघ अध्यक्ष राजेंद्र झरबड़े रोजगार सहायक सचिव संघ अध्यक्ष पुरुषोत्तम साहू के नेतृत्व में पंचायत सचिव और सहायक सचिवों ने प्रभातपट्टन जनपद पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया पंचायत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पंचायत सचिव,सहायक सचिव सहित ग्रामीण विकास विभाग के मैदानी अमले को कोरोना योद्धा घोषित करने के आदेश बीते 26 अप्रैल को जिला कलेक्टरों को जारी किए गए थे। इसके बावजूद प्रदेश के एक दर्जन कलेक्टरों ने पूर्व में जारी आदेश निरस्त कर दिए हैं। जिसके पीछे भोपाल से मिले निर्देशों का हवाला दिया गया है। ज्ञापन में बताया कि कोरोना महामारी के दौरान अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए प्रदेश में 50 से अधिक सचिव और रोजगार सहायक कोरोना की चपेट में आने से मौत के मुंह में समा चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा प्रदेश के ग्राम पंचायतों में कार्यरत 46 हजार सचिव और रोजगार सहायक को कोरोना योद्धा का दर्जा देने के नाम पर आंख मिचोली की जा रही है। 

और सुबह से शाम तक बिना सक्षम अधिकारी के लिखित ड्यूटी आदेश जारी किए व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है। ज्ञापन में सचिव और सहायक सचिवो ने शासन स्तर पर पंचायत सचिव और रोजगार सहायक को कोरोना योद्धा घोषित करने के स्पष्ट आदेश जारी करने  सचिव और रोजगार  सहायको की कोरोना काल के दौरान व्हाट्सएप मैसेज से कराई जा रही ड्यूटी की व्यवस्था को बदल कर सक्षम अधिकारी के लिखित ड्यूटी आदेश जारी करने और कोरोना की चपेट में दिवंगत हुए सचिव और रोजगार सहायको के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपए की क्षति पूर्ति राशि प्रदान करने की मांग की है। साथ ही 9 मई तक इन मांगों का निराकरण नहीं होने पर प्रदेश संगठन के आव्हान पर सचिव और रोजगार सहायको द्वारा 10 मई से काम बंद आंदोलन की चेतावनी दी है।

कार पलटने से वृद्धा की मौत, 2 घायल


करपा के पास कार पलटी, वृद्धा की मौत, 2 घायल
मुलताई से मोरखा अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे
मुलताई। नगर से मोरखा कार से एक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे तीन लोग कार दुर्घटनाग्रस्त होने से गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनो घायलों को डायल 100 से मुलताई अस्पताल लाया गया जहां डॉ. अमित नागवंशी द्वारा वृद्धा को मृत घोषित कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के सेवा निवृत्त शिक्षक आर के तुरिया 64 वर्ष पत्नी संगीता 55 वर्ष एवम सास रामप्यारी ठाकुर के साथ मोरखा में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान लगभग 1 बजे कार करपा के पास अनियंत्रित होकर रोड से उतर गई जिसमें कार में सवार तीनो लोग घायल हो गए । सूचना पर डायल 100 द्वारा मुलताई अस्पताल लाया गया जहां रामप्यारी ठाकुर की मौत हो गई वहीं शिक्षक तुरिया एवम उनकी पत्नी का प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रामप्यारी ठाकुर धनंजय ठाकुर की माँ हैं जो फिलहाल भोपाल में हैं उन्हें भी तत्काल घटना की सूचना दी गई।

प्राचीन राम मंदिर जीर्णोद्धार, 33 वर्ष बाद हो रहा मंदिर नव निर्माण दुनावा में 60 लाख की लागत से होगा


मुलताई- दुनावा में स्थित प्राचीन राम मंदिर का 60 लाख रुपए की लागत से जीर्णोद्धार किया जाना है। यह  ग्राम के मध्य स्थित राम मंदिर का  पुनर्निर्माण ग्रामीणों के सहयोग से होगा।

राम मंदिर नव निर्माण समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि राम मंदिर निर्माण को लेकर संपूर्ण ग्रामीणों में भारी उत्साह है और सभी के सहयोग से यह निर्माण किया जाना है ।अब शीघ्र ही प्राचीन प्रसिद्ध राम मंदिर के स्थान पर एक भव्य मंदिर आकार ले सकेगा। ग्रामीण बताते हैं कि

दुनावा का वर्षों पुराना राम मंदिर का निर्माण पूर्व में सन् 1987 में किया गया था, उस समय यह मंदिर  क्षेत्र के सबसे बड़े मंदिर के रूप में जाना जाता था। किंतु वर्तमान में इस मंदिर की छत और दीवार कमजोर हो चुकी है। इसीलिए मंदिर  पुनर्निर्माण करवाना आवश्यक हो चुका है ।

हर घर से मिल रहा है राम काज में सहयोग

राम काज में बड़ी संख्या में लोग  जुड़े हुए हैं इससे पूर्व भी समिति बनाकर ही मंदिर का निर्माण किया गया था। लगभग 33 वर्ष पहले   धनराज  कड़वे की अध्यक्षता में बनाए गए  इस राम मंदिर   में

स्वर्गीय टीकाराम पटेल,  स्वर्गीय, झुम्मुक लाल  विश्वकर्मा, स्वर्गीय ढीमर साहू, स्वर्गीय कुंदन लाल  शिवहरे, स्वर्गीय शंकरलाल  कड़वे, स्वर्गीय बिहारी लाल  विश्वकर्मा, स्वर्गीय शंकरलाल जी शिवहरे, स्वर्गीय नारायण पवार, स्वर्गीय प्रकाश सेठ,  स्वर्गीय लखन साहू, स्वर्गीय हेमराज सोमगड़े,स्वर्गीय रतन लाल  कड़वे ,स्वर्गीय घुड़िया सेठ ,स्वर्गीय गोंड साहू, स्वर्गीय ओझा महाजन, स्वर्गीय प्यारेलाल  पटवारी,  स्वर्गीय  ओझा लालजी गिराहरे, स्वर्गीय  लखन कड़वे, स्व. धनराज सोमगड़े, स्वर्गीय फकिरिया पवार, स्वर्गीय राम किशन  शिवहरे, स्वर्गीय कैली महाजन, एवं  हरि साहू, सीताराम सोमगड़े(नागपुर) सरजेराव ब्वाड़े,बाबूलाल पटेल, द्वारका कड़वे, कीरत शिवहरे,  श्याम नंदन मालवीय ,दिलीप साखरे, चिरौंजी साहू ,मंसाराम दियावार, रूपलाल शिवहरे,सुखराम पवार, राधेलाल गोहिए, देवा जी कौशिक, शांताराम विश्वकर्मा, मधु सेठ( बैतूल), केशोराव पवार,  आदि सदस्यों  के श्रम एवं धन के सहयोग से मंदिर का निर्माण किया गया था

वर्तमान में नई मंदिर  पुनर्निर्माण समिति का गठन किया गया है इसमें बाबूलाल पटेल, नारायण  सरोदे, विजय गावंडे,प्रकाश सूर्यवंशी, आशीष सोनी, अनुपम कड़वे, ललित रघुवंशी, नितिन शिवहरे ,रमेश सूर्यवंशी, महेश ब्वाड़े, अरुण शिवहरे ,नरेश फरकाड़े ,बबलू शिवहरे, अरविंद साहू ,बलवंत कड़वे ,विजय पवार, संतोष पवार, पलाश कड़वे, प्रताप कड़वे ,देवेंद्र विश्वकर्मा ,रंजीत टिटारे, केवल कौशिक, अमित ढोले जीतू खरखुसे, मुकेश कौशिक, धीरज साहू, नितिन सूर्यवंशी आदि  सदस्य प्रतिदिन सुबह शाम ग्रामीणों के घर जाकर मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए दान एकत्र कर रहे हैं, मंदिर  समिति  द्वारा  जिस प्रकार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया जा रहा है उसी प्रकार दुनावा में भी  राम मंदिर पुनर्निर्माण के लिए ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से अनुदान के लिए आग्रह किया  जाता है।

समिति से जुड़े लोग बताते हैं कि  ग्राम दुनावा  के मूल निवासी जो बाहर जाकर बस गए हैं वह भी मंदिर निर्माण के माध्यम से ग्राम की माटी से जुड़ रहे हैं

और हर संभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं। पिछले राम मंदिर निर्माण समिति के जितने भी सदस्य अब हमारे बीच नहीं रहे ,उनके घर के सदस्य अभी भी स्वेच्छा से मंदिर पुनर्निर्माण के लिए अच्छी खासी राशि दान दे रहे हैं ।स्वर्गीय हेमराज  सोमगड़े के सुपुत्र रमेश सोमगड़े ने ₹181000 की राशि दान दी है एवं स्वर्गीय शंकरलाल  कड़वे की धर्मपत्नी  विमला बाई कड़वे ने 51 हजार रू़ की राशि दान दी है । दुनावा के कुछ लोग जो वर्तमान में दूसरे शहर जाकर रह रहे हैं वो भी दुनावा में मंदिर पुनर्निर्माण के लिए  दान दे रहे हैं।
दुनावा की राम मंदिर पुनर्निर्माण समिति के सभी सदस्य ग्रामीण और श्रद्धालुओं से मंदिर निर्माण के लिए दान देने  के लिए विनम्र निवेदन करते हैं।