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आज बैतूल जिले में 255 कोरोना पॉजिटिव मरीजों के आंकड़े आये


बैतूल आमला में आज अधिक पॉजिटिव मरीजों के आंकड़े सामने आए

मुलतापी समाचार

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बैतूल द्वारा आई.डी.एस.पी.से प्राप्त जानकारी के अनुसार 255 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की जानकारी इस प्रकार दी गई है – सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुलताई के अंतर्गत 35 पॉजिटिव,

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभात पटट्न के अंतर्गत 5 पॉजिटिव,

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिचोली के अंतर्गत 4 पॉजिटिव,

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसदेही के अंतर्गत 6 पॉजिटिव,

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आठनेर के अंतर्गत 32 पॉजिटिव,

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमपुर के अंतर्गत 3 पॉजिटिव,

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमला के अंतर्गत 45 पॉजिटिव,

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेहरा के अंतर्गत 41पॉजिटिव,

जिला चिकित्सालय बैतूल के अंतर्गत 65 पॉजिटिव,

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ाडोंगरी के अंतर्गत 11पॉजिटिव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर के अंतर्गत 8 पॉजिटिव आये हैं |

जंगल मे नेटवर्क ढूढ़ ढूढ़ कर बनाया ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड


चिचोली:- जंगल मे नेटवर्क ढूढ़ कर बनाये जा रहे ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड

बैतूल जिले के चिचोली ब्लॉक में कलेक्टर के आदेश पर आयुषमान आपके द्वारा योजना अंतर्गत 1 मार्च से 31 मार्च तक निःशुल्क आयुष्मान कार्ड बनाये जाने हेतु मध्यप्रदेश सरकार के निर्देश पर CSC कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक कन्हैया यादव द्वारा जनपद पंचायत चिचोली के ग्राम गवासेन टोकरा एवं झिरियाडोह के ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण नेटवर्क की समस्या बनी हुई है, लेकिन यादव द्वारा जंगलों में नेटवर्क ढूंढ कर जंगल के बीच केम्प लगाकर ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें इसके फायदे भी बता रहे हैं

बैतूल जिले के 200 वी वर्षगांठ की पूर्व बेला पर बैतूल में जन्मी बेटी तो नाम रखा बैतूल


बैतूल। अजब – गजब बेतूल में हाल ही में एक ऐसी घटना ने सबको चौंका दिया। दर असल हुआ यूं कि जिले के राजा भोज नर्सिंग कालेज में नर्सींग की परीक्षा देने आई महिला श्रीमति कुसमा मनोज बघेलको प्रसव पीड़ा होने पर उसे कालेज की प्राचार्य एवं पूरे स्टाफ ने जिला चिकित्सालय भर्ती करवाया जहां पर उसे नार्मल डिलीवरी में एक बेटी हुई। प्रसव उपरांत महिला ने बकायदा दुसरे दिन राजा भोज नर्सींग कालेज में जाकर परीक्षा दी। उसके बाद स्वस्थ महिला अपनी स्वस्थ बेटी को बैतूल का नाम देकर 26 फरवरी 2021 की मध्यरात्री 1 बजे अपने गृह जिला रवाना हो गई।
लड़की का नाम बैतूल
इतिहास के पन्नो में दर्ज लोककथाओं एवं जानकारी के अनुसार बैतूल (क्चड्डह्लह्वद्य) का अर्थ तपस्वी कुंवारी युवती के लिए है जिसका धर्म इस्लाम है। बैतूल नाम से मिलते – जुलते नामो में बालाजी, बीबी, बिनू, बाबी, बावन्या, बव्येश बोडिल, बिदेलिया, बेदेलिया बोडिला, बाटौल, बेथली, बोडिले, बैतूल है। मून रूप से बेतूल अफ्रीकी नाम है। बेतूल नाम महिला का है। अंक ज्योतिषी में बैतूल का अंक 11 है।
जन्मांक 9 नामांक 11
बैतूल जिला चिकित्सालय में दिनांक गुरूवार 18 फरवरी 2021 को दोपहर 2.55 को एक बेटी को जन्म दिया। प्री टर्म डिलीवरी होने के कारण महिला को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करवाया गया। महिला ने जिस बेटी को जन्म दिया उसका वजन कम होने के कारण उसे डाक्टरो ने अपनी निगरानी में रखा। जहां एक ओर 18 तारीख को जन्म होने के कारण इस बिटिया का जन्मांक 9 निकलता है। वही दुसरी ओर उसकी माँ ने उसका नाम जब बैतूल रखा तब उसका नामांक 11 निकलता है।
बसंत पंचमी को बैतूल आई कुसमा
उतर प्रदेश के आगरा जिले के लखनपुर से मंगलवार 16 फरवरी 2021 को बैतूल पहुंची श्रीमति कुसमा गर्भवति थी। उसे डाक्टरो ने डिलीवरी की तारीख गुरूवार 4 मार्च 2021 दी थी लेकिन दिनांक महिला ने 16 दिन पूर्व ही बेटी को जन्म दे दिया। अपनी डिलेवरी में 16 दिन बाकी है यह जानकर श्रीमति कुसमा बैतूल नर्सींग परीक्षा देने अपनी बड़ी बहन श्रीमति कविता मुनेशचन्द्र बघेल के संग आगरा से बैतूल आ थी। श्रीमति कुसमा मनोज बघेल ने बुधवार 17 फरवरी 2021 को अपना पहला पेपर भी दिया लेकिन 18 फरवरी गुरूवार को उसे जब अचानक प्रसव पीड़ा हुई तो उसे कालेज की प्राचार्य ने अपने स्टाफ के साथ जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया। प्री टर्म डिलीवरी वाली महिला श्रीमति कुसमा मनोज बघेल की हिम्मत की दाद देनी चाहिए उसने स्वस्थ बेटी को जन्म देने के बाद दुसरे दिन 19 फरवरी को दुसरा पेपर दिया। 20 फरवरी को तीसरा पेपर दिया और 24 फरवरी को श्रीमति कुसमा मनोज बघेल ने पेक्टीकल भी दिया।

200 वी वर्षगांठ की पूर्व बेला पर


उल्लेखनीय है कि श्रीमति कुसमा मनोज बघेल ने बैतूल की यादों को अपनी बेटी को बैतून नाम दिया। दर असल में श्रीमति कुसमा मनोज बघेल ने जिस बेतूल जिले में अपनी बेटी को जन्म दिया उस बेतूल का जन्म 200 साल पूर्व 15 मई 1822 को हुआ था। बदनूर से बेतूल बने इस जिले की आने वाले वर्ष की 15 मई 2022 को 200 वी वर्षगांव है। वर्षगांठ के पूर्व वर्ष में 200 साल में पहली बार बैतूल किसी लड़की का नाम इस जिले के चिकित्सालय में पंजीकृत हुआ है। पूरे देश – दुनिया में अभी तक किसी भी लड़की का नाम बैतूल या बेतूल पढऩे या सुनने में नहीं आया है।
श्रीमति कुसमा मनोज बघेल के मुताबिक उसने बेटी का नाम इसलिए बैतूल रखा है कि जब वह बड़ी हो जाए तो वह उसे बता सके कि किन हालातों में उसका जन्म हुआ है। कुसमा की बहन कविता के मुताबिक वह बेहद गर्व महसूस कर रही है कि बालिका का जन्म बैतूल में हुआ है । यही नहीं प्रसूति के बावजूद उसकी बहन ने जिस तरह से हौसला दिखाते हुए पूरी परीक्षा दी वह हिम्मत वाला काम है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ अशोक बारंगा ने बताया कि जितने समय कुसमा परीक्षा देने गई उसकी बालिका की जिला अस्पताल के एसएनसीयू में अच्छी तरह से देखरेख की गई। यही वजह रही कि कुसमा को बैतूल बहुत पसंद आ गया और उसने स्मृति स्वरूप अपनी बच्ची का नाम बैतूल रख दिया। यह बैतूल वासियों के लिए भी गर्व की बात है।
200 वर्षगांठ पर मेहमान होगी बेटी
बैतूल जिले की 200 वर्षगांठ की तैयारी में जूटे पत्रकार लेखक रामकिशोर पंवार ने बताया कि बेतूल पर उनकी एक पुस्तक आ रही है जिसमें बेतूल का इतिहास वर्तमान और भविष्य को सचित्र प्रकाशित किया जा रहा है। श्री पंवार के अनुसार जब बैतूल जिला अपनी 200 वी वर्षगांठ मनायेगा उस समय यह बेतूल में जन्मी बेटी हमारी मेहमान होगी। श्री पंवार के अनुसार जिले इस वर्ष 15 मई 2021 से बेतूल जिले की 200 वी वर्षगांठ मनाए जाने की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। 15 मई 2021 से 15 मई 2023 तक दो वर्षो तक जिले की चार उप अखण्डो, 10 तहसीलो, 10 विकासखण्डो, 10 जनपदो, 556 ग्राम पंचायतो के 1334 गांवो में दो वर्षिय जन्मोत्सव कार्यक्रम होगा। 365 दिनो के कार्यक्रम में जिले की आस पडौस की दो ग्राम पंचायतो को मिला कर हर रोज एक जन्मोत्सव कार्यक्रम होगा। देश दुनिया का बेतूल पहला जिला होगा जो अपनी 200 वी वर्षगांव को यूं इस तरह मनाएगा। 15 मई 2021 से 14 मई 2021 तक पूरे एक साल कार्यक्रम को लेकर गांव – गांव में जागरूकता लाई जाएगी। जन्मशताब्दी वर्ष के मुख्य कार्यक्रम 15 मई 2022 को श्रीगणेश होगा तथा समापन 15 मई 2023 को होगा।

12 घण्टे से पीएम कराने मृत बेटी को सीने से लगाकर अस्पताल में बैठे रही नाबालिग मां,लिखा पढ़ी में ढला दिन,


यह खबर आपको झकझोर देगी की किस तरह जिला अस्पताल प्रशासन की संवेदनाएं मर गई है ।

मुलतापी समाचार

बैतूल ।जिला अस्पताल में एक नाबालिग मां अपनी मृत बच्ची को सीने से लगाकर 12 घण्टे इन्तेज़ार करती रही कि कोई तो उसका पुरसाने हाल पूछेगा ।कोई तो मदद के लिए आएगा ।कोई तो मृत बच्ची ओर उसे उसके गांव तक छुड़वायगा । भूखे प्यासे उसने एक जगह बैठे बैठे ही पूरा दिन बिता दिया ।सिपाही आया तो वह भी 3 घण्टे तक डॉक्टरों को ही ढूंढता रहा । यह मामला आज का ही है ।जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड के सामने बीते बारह घण्टे से अपनी मृत बच्ची को लेकर बुआ के साथ बैठी नाबालिग मां का है । आमला थाना क्षेत्र के की आदिवासी युवती के पिता ने मार्च में गांव के ही सजातीय युवक की थाने में शिकायत की थी कि उसकी बेटी के साथ युवक ने दुराचार किया है ।दुराचार की शिकायत के बाद युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जंहा से उसे जेल भेज दिया गया फिलहाल युवक जेल में है । इधर दुराचार की शिकार नाबालिग मां बन गई । युवती ने गांव में ही 4 दिन पूर्व बच्ची को जन्म दिया बच्ची 7 माह की थी इसलिए उसे जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती रखा गया जंहा आज सुबह लगभग 5 बजे मौत हो गई ।

सुबह पांच बजे से शाम पांच बजे तक नाबालिग मां इस इन्तेज़ार में भूखे प्यासे अपनी बुआ के साथ बैठे रही । पीड़ित की बुआ ने बताया कि सुबह से बैठे है लेकिन कोई यह नही बता रहा कि हम को गांव कब और कौन छोड़ेगा ।यह पूछने पर की सुबह से खाना खाया या नही तो उनका जवाब था कि खाना तो आया था लेकिन लिखा पढ़ी में खाना नही ले पाए इस लिए भूखे ही बैठे हुए है सुबह चाय भर पी थी । मौके पर मौजूद प्रत्यक्ष दर्शी के मुताबिक डॉक्टरों ने मृत बच्ची का वजन किया आधार कार्ड अन्य कागज़ात देखे तब जाकर पूरी लिखा पढ़ी की गई शाम लगभग 5 बजे मृत बच्ची को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया ।तब तक भी किसी डॉक्टर या स्टाफ ने मानवता नही दिखाई किसी ने यह भी न पूछा कि सुबह से तुमने खाया या नही कुछ मिला या नही ।

इनका कहना है । मृत बच्ची का डीएनए टेस्ट होना था कागज़ी कार्यवाही में समय लगता है ।सिपाही डॉक्टर को नही ढूढ़ पाया यह उसकी गलती है ।ड्यूटी डॉक्टर की कोई लापरवाही नही है उसके लिए केसुअलटी पहली प्राथमिकता है ।इसमें प्रबंधन की कोई लापरवाही नही है ।

डा अशोक बारंगा सिविल सर्जन जिला अस्पताल बैतूलई

राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह का ई-शुभारंभ


मुलतापी समाचार

Betul । शासन के निर्देशानुसार राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह का आयोजन 23 से 29 नवम्बर 2020 तक किया जा रहा है। जिसका ई-शुभारंभ 23 नवम्बर को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र से कलेक्टर श्री राकेश सिंह द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार धाकड़ एवं सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा की उपस्थिति में किया गया। इस सप्ताह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं एवं समुदाय स्तर पर नवजात शिशु की देखभाल की गुणवत्ता में सुधार तथा समानता और गरिमा सुनिश्चित करना है, जिससे नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

कलेक्टर श्री राकेश सिंह ने कहा कि नवजात शिशु की उचित देखभाल द्वारा शिशु मृत्यु को कम किया जा सकता है। सप्ताह के दौरान सम्पूर्ण जिले में इस संबंध में आवश्यक प्रयास किये जायेंगे, जिसके तहत् प्रसव कक्षों में आवश्यक नवजात शिशु देखभाल प्रदान की जायेगी, साथ ही पोस्ट नेटल वाड्र्स में नवजात शिशु के संबंध में आवश्यक जानकारियां परिजनों को प्रदाय की जायेंगी। लाभार्थी वे समस्त शिशु होंगे जो जन्म से 28 दिवस के बीच की आयु के हैं, समय पूर्व जन्में एवं कम वजन के नवजात शिशु एवं नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई से डिस्चार्ज नवजात शिशु।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार धाकड़ ने कहा कि सप्ताह के अंतर्गत समुदाय स्तर पर आशा कार्यकर्ता द्वारा गांव के समस्त नवजात शिशुओं के वजन, तापमान, सांस की गिनती की जांच की जायेगी एवं माताओं को स्तनपान, टीकाकरण, साफ सफाई, खतरे के आम चिन्ह तथा कंगारू मदर केयर के संबंध में सलाह दी जायेगी।

सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा ने कहा कि इस सप्ताह के दौरान आने वाले मंगल दिवस पर 24 एवं 27 नवम्बर 2020 को विशेष गतिविधियों का आयोजन कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुये किया जायेगा, जिसमें समस्त धात्री माताओं की बैठक ली जाकर उन्हें नवजात सुरक्षा, खतरे के चिन्हों एवं संस्था आधारित नवजात देखभाल के बारे में जानकारी प्रदाय की जायेगी।

इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी सेहरा डॉ. उदयप्रताप सिंह तोमर, डी.पी.एम. डॉ. विनोद शाक्य, डी.सी.एम. श्री कमलेश मसीह, डी.ई.आई.सी. मैनेजर श्री योगेन्द्र कुमार एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला अस्‍पताल के रवइये पर गरमाई राजनीति, विधायक ने लगाये गंभीर आरोपा


(बैतूल) प्रसूता का मामला पीछे छूटा और सियासत आगे निकल गई..! ,
बैतूल विधायक का खुला आरोप
– भाजपा जनप्रतिनिधियों के अस्पतालों को फायदा पहुंचाने बिगाड़ रहे व्यवस्था,
– बैतूल नगर मंडल अध्यक्ष का जवाब


यह बयानबाजी केवल रेत में भाजपा नेताओं की क्रिया की है प्रतिक्रिया
बैतूल । जिला अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही की वजह से एक प्रसूता का जीवन खतरे में आ गया था। मामला उजागर होने के बाद सीएमएचओ ने जांच के आदेश दिए। वहीं इस पूरे मामले में विधायक निलय डागा के तीखे बयान में मामले को सियासी रंग दे दिया है।

इस मामले में विधायक डागा ने खुला आरोप लगाया है कि जिला अस्पताल में जो व्यवस्थाएं बिगाड़ी जा रही है इसकी बड़ी वजह यह है कि भाजपा जनप्रतिनिधियों के अस्पतालों को फायदा पहुंचाने की नीयत है।  उनके इस बयान पर भाजपा के कोठीबाजार नगर मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा ने कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि विधायक जी कहीं पर निगाहें हैं और कहीं पर निशाना लगा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब इसलिए कहा जा रहा है कि हाल ही में भाजपा नेताओं ने रेत के अवैध खनन और ठेकेदारों की मनमानी को लेकर प्रशासन को शिकायत की थी।  

– एक बार फिर जिला अस्पताल कठघरे में…
– जननी एक्सप्रेस अस्पताल के बाहर छोड़ गई तो प्रसूता का प्रसव गेट पर ही हो गया…
बोड़ी गांव से एक प्रसूता को जननी एक्सप्रेस से बीती रात गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय लाया गया।  साथ आई उसकी मां को जननी के ड्राईवर ने पर्ची बनाने भेजा। इस बीच प्रसव वेदना सहते हुए महिला ने सीढ़ी के पास ही बच्चे को जन्म दे दिया यह तो शुक्र है कि बच्चा सकुशल है, लेकिन प्रसव के कारण सीढिय़ों के आसपास खून ही खून नजर आ रहा था। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के बाद मंगलवार सुबह सीएमएचओ ओैर सिविल सर्जन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षण किया और बोड़ी की आशा कार्यकर्ता के साथ जननी एक्सप्रेस के ड्राईवर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। रात में ड्यूटी पर तैनात गार्ड को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल हटा दिया गया है। मामले की जांच के भी आदेश दे दिए गए है। बोड़ी निवासी प्रसूता रेखा बाई को प्रसव पीड़ा होने पर जननी एक्सप्रेस की सहायता से जिला अस्पताल लाया। जननी चालक ने गर्भवती को ट्रामा सेंटर के मुख्य द्वार के पास सीढिय़ों पर बैठा दिया और गर्भवती के साथ आई उसकी मां को पर्ची काटने भेज दिया। महिला को पर्ची काटने की कोई जानकारी नहीं होने पर वह काफी देर तक ट्रामा सेंटर में भटकती रही और गर्भवती महिला काफी देर तक सीढिय़ों पर ही बैठी रही उसे तेज प्रसव पीड़ा हुई और उसने  सीढिय़ों पर ही प्रसव हो गया। काफी देर तक बच्चा फर्श पर ही पड़ा रहा। आसपास के लोगों ने इसकी जानकारी अस्पताल के कर्मचारियों को दी। इसके बाद महिला को तत्काल अस्पताल के भीतर ले जाकर भर्ती किया। इस मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। आते से ही महिला को अस्पताल के अंदर भर्ती करना था, लेकिन वह लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक सीढिय़ों पर ही बैठी रही और प्रसव हो गया। गनीमत यह रही कि बच्चा और जच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। जानकारी के अनुसार महिला की यह चौथी बार डिलेवरी है। 

– व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए व्यवस्था खराब कर रहे : निलय 

विधायक निलय डागा का आरोप है कि भाजपा नेता जनप्रतिनिधि जिनके अपने निजी अस्पताल है वे अपने अस्पतालों का व्यापार बढ़ाने के लिए जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को जान-बूझकर चरमरा रहे है। व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है। खुद का अस्पताल चलाने जान जोखिम डाल रहे हैं। वे इस व्यवस्था से बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। जननी एक्सप्रेस भी अपनी बिलिंग बढ़ाने के लिए महिला को आमला की बजाय बैतूल लेकर आई। 

– काश ऐसे ही रेत और बीज पर भी बोलते विधायक : विकास
भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा ने विधायक के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विधायक जो कह रहे सुन रहे हैं वह क्रिया की प्रतिक्रिया है। जिस तरह से भाजपा नेता रेत को लेकर विरोध कर रहे हैं और कार्रवाई के लिए प्रशासन से शिकायत कर रहे हैं उसका यह सब रिएक्शन है। उनका कहना है कि काश विधायक रेत के रेट और ठेकेदारों की मनमानी सहित अमानक बीज के मामले में भी ऐसा ही आरोप लगाते।

– किसी भाजपा जनप्रतिनिधि का गायनो हॉस्पीटल नहीं…                   
बैतूल विधायक पढ़े लिखे हैं और उन्हें जानकारी होना चाहिए कि किसी भी भाजपा जनप्रतिनिधि या नेता का गायनो हॉस्पीटल नहीं है। इस तरह की लापरवाही पर जांच करवाई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
– डॉ योगेश पंडाग्रे, विधायक, आमला

– लापरवाही सामने आई है और कार्रवाई भी की जा रही है…               
– जननी एक्सप्रेस के चालक की लापरवाही है उसे हटाने की कार्रवाई की जा रही है। गार्ड गेट पर नहीं था इसलिए उसे हटा रहे हैं । आशा साथ में नहीं आई उसकी लापरवाही है नोटिस दिया जा रहा है।
डॉ प्रदीप धाकड़, सीएमएचओ, बैतूल ।

बड़ी खबर- खून नही मिलने से जिला अस्पताल में प्रसूता की हुई मौत, स्टाफ पर लगे आचरण हिनता के आरोप


हेमन्त खंडेलवाल ने गांव पहुँचवाय महिला का शव

मुलतापी समाचार

बैतूल ।जिला अस्पताल में ब्लड बैंक की मनमानी से आज एक प्रसूता की मौत हो गई परिजनों का आरोप है कि समय पर ब्लड मिल जाता तो प्रसूता को बचाया जासकता था ।परिजनों ने एक लिखित शिकायत कर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है ।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक केसिया निवासी सुमन यादव 28 को बुधवार को डिलीवरी के लिए चिचोली अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जंहा सुमन ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया ।डिलवरी के बाद से महिला को लगातार रक्त स्त्राव होने की वजह से देर रात जिला अस्पताल रेफर किया गया था ।आज सुबह लगभग 5 बजे स्थिति बिगड़ते देख नर्सिंग स्टाफ ने सुमन के परिजनों को ब्लड लाने डिमांड के साथ मृतिका का भाई को ब्लड बैंक भेजा था । मृतिका सुमन के भाई पवन यादव ने बताया ब्लड बैंक में पहले तो दो तीन बार आवाज़ देनी पड़ी बड़ी मुश्किल से नर्स आई जिसने पर्चा देखकर कहा कि 45 मिंट बाद आना अभी पवन के दोबारा बोलने पर की मेरा ही ब्लड ले लो तब भी स्टाफ ने एक नही सुनी और अभद्र व्यवहार कर भगा दिया ।
परिजनों के गांव तक शव ले जाने कोई साधन नही होने पर पूर्व विधायक हेमन्त खंडेलवाल से चर्चा की गई श्री खंडेलवाल ने महज 15 मिंट में परिजनों को शव वाहन उपलब्ध करा दिया जिससे परिजन रवाना हुए ।

इनका कहना है


पेसेंट सुबह 6 बजे जिला अस्पताल में आई थी ।ब्लड एक्जामिनेशन में समय लगता है ।परिजनों  आरोप निराधार है ।परिजनों की शिकायत पर जांच की जाएगी ।
अशोक बारंगा
सिविल सर्जन जिला अस्पताल बैतूल ।