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3 मई के बाद काफी कुछ बदल जाएगा, नए कानून बनेंगे, लाइफ पहले जैसी नहीं रहेगी


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने lockdown की तारीख बढ़ाकर 3 मई कर दी है! लेकिन 3 मई के बाद भी life पहले जैसी नहीं रहेगी! भारत के नागरिकों में कुछ नई आदतें डालने के लिए कुछ नए कानून बनाने पड़ेंगे!

भारत के नागरिकों की लाइफ स्टाइल बदल जाएगी! क्योंकि वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए 2022 तक सोशल distancing का पालन करना होगा! इसके लिए संसद को एक नया कानून बनाना पड़ेगा! ऑफिस में, माल में, मंदिर में, और पब्लिक प्लेस पर डिस्टेंस मेंटेन करने के लिए धारा 144 से काम नहीं चलेगा, काफी कुछ बदलना पड़ेगा!

नई स्टडी में शोधकर्ताओं ने बताया है कि आने वाले सालों में कोरोना वायरस फिर से तबाही मचा सकता है! सिर्फ एक बार lockdown करने से महामारी पर नियंत्रण पाना मुश्किल है! रोकथाम के उपायों के बिना कोरोना वायरस की दूसरी लहर ज्यादा भयावह हो सकती है!

हावर्ड यूनिवर्सिटी में महामारी विशेषज्ञ और स्टडी के लेखक मार्क लिपचिस के अनुसार वैक्सीन या इलाज ना खोजें जा पाने की स्थिति में 2025 में कोरोना वायरस फिर से पूरी दुनिया को अपनी जद में ले सकता है! जब तक कि दुनिया की ज्यादातर आबादी में वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित नहीं हो जाती है, तब तक बड़ी आबादी के इसकी चपेट में आने की संभावना बनी रहेगी! इसका मतलब हुआ लोगों के खान-पान का तरीका बदलना होगा! इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ सस्ते करने होंगे, उत्पादन बढ़ाना होगा! इम्यूनिटी को कमजोर करने वाले खाद्य पदार्थों को प्रतिबंधित करना होगा! इसके लिए भी नया कानून बनाना पड़ेगा!

यदि इन वैज्ञानिकों की बात सही साबित हुई तो परिवहन के सभी साधन बदल जाएंगे! ऑटो रिक्शा से लेकर फ्लाइट तक यात्रियों के बैठने का इंतजाम सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखकर करना होगा!

मुलतापी समाचार

केंद्र ने लिया आमजन हेतु बड़ा फैसला दिये बडे़ फायदे LPG, EPFO, ESIC, Saving Scheme से जुड़े इन ताजा फैसलों ने दी बड़ी राहत


मुलतापी समाचार

यह पखवाड़ा जनता के लिए सुविधाओं और सौगातों से भरा रहा। केंद्र सरकार ने आम आदमी से जुड़े कई बड़े फैसले लिए और अनेक योजनाओं में देश के लाखों कर्मचारियों को राहत दी। इनमें LPG, EPFO, Pension, Jan Dhan, Saving Scheme, Income Tax, Post Office, Jan Dhan Account, SBI आदि से संबंधित अहम ऐलान शामिल हैं। आम जनता के अलावा सरकार ने किसानों एवं व्‍यापारियों के हित में भी राहत भरे प्रावधान किए। कोरोना संकट के चलते नियमों में ढील दी गई जिसका लाखों लोगों को फायदा होगा। यहां हम आपको पूरे सप्‍ताह का हाल संक्षिप्‍त में बता रहे हैं कि कितनी योजनाओं में क्‍या-क्‍या अहम फैसले हुए। ध्‍यान से पढ़ें।

EPFO

– ईपीएफओ यानी कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन Employees Provident Fund Organization ने इस सप्‍ताह देश के लाखों सदस्‍यों को महत्‍वपूर्ण सुविधा दी। EPFO ने कोरोना संकट के चलते सदस्‍यों को पीएफ खाते में से 75 फीसदी राशि निकालने की मंजूरी दी। लोग पीएफ PF के इस नए नियम का भी लाभ ले रहे हैं, जिसमें 3 माह के वेतन के बराबर धनराशि निकाली जा सकती है। Lockdown लॉकडाउन बढ़ने की संभावना के बीच पैसे निकालने वालों की संख्‍या बढ़ी है। लोग पीएफ खातों में राशि निकालने के आवेदन, क्‍लेम कर रहे हैं। अच्‍छी बात यह है कि 72 घंटों के भीतर पैसे का भुगतान भी हो रहा है। EPFO ईपीएफओ ने इसके अलावा जन्‍म तारीख में भी संशोधन करने की सुविधा दी है ताकि किसी का क्‍लेम इसी आधार पर खारिज ना हो सके।

ESIC ने दी इलाज की सुविधा, डॉक्‍टरों की सूची जारी

ESIC (कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम) ने हजारों सदस्‍यों की सुविधा के लिए कोरोना के चलते क्षेत्रवार अस्‍पताल तय किए हैं। यहां उपलब्‍ध डॉक्‍टर्स के नाम व नंबर भी उपलब्‍ध कराए गए हैं। ESIC ने गत सप्‍ताह तीन और अन्‍य महत्‍वपूर्ण निर्णय लिए थे, जिसमें इसमें योगदान अवधि की मियाद बढ़ाए जाने से लेकर कोरोना संकट के समय इलाज को लेकर सदस्‍यों, लाभार्थियों के लिए दी गई सुविधाएं शामिल हैं। ESIC ने नियोक्‍ताओं को Contribution जमा करने का एक्‍स्‍ट्रा चांस दिया है। वे अब अपना योगदान 15 मई 2020 तक दर्ज करा सकेंगे।

Ujjwala Yojana प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 85 लाख सिलेंडर वितरित

इस महीने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना Ujjwala Yojana के लाभार्थियों द्वारा बुक किए गए 1.26 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों में से 85 लाख सिलिंडर वितरित किए गए। अधिकांश स्थानों पर 2 दिनों के वेटिंग टाइम के साथ LPG एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया। इसकी अधिक जानकारी इंडियन ऑयल Indian Oil Corp Ltd के ऑफिशियल Twitter Account से मिल सकती है।

Jan Dhan Account में आए 500 रुपए

सरकार ने संपूर्ण देश में करीब बीस करोड़ महिलाओं के जनधन खातों Jan Dhan Accounts में 500-500 रुपए बतौर पहली किश्‍त जमा करवाए। यह राशि प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) खाताधारक महिलाओं के खातों में माह अप्रैल के पेटे दी गई है। आगामी मई व जून माह में भी 500-500 रुपये इसी प्रकार दिए जाएंगे।

मुफ्त में मिलेंगे LPG Gas Cylinder

कोरोना संकट के चलते सरकार ने जो राहत पैकेज घोषित किया था, उसमें समाज के निर्धन वर्ग के लिए तीन महीने में तीन मुफ्त LPG Gas Cylinder देने की घोषणा शामिल थी। सरकार के इस ऐलान का लाभ उज्जवला योजना Ujjwala Scheme के सभी वैध लाभार्थियों को मिलेगा। केंद्र सरकार ने 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपए का आर्थिक राहत पैकेज घोषित किया था। इसकी अधिक जानकारी इंडियन ऑयल Indian Oil Corp Ltd के ऑफिशियल Twitter Account से मिल सकती है।

CGHS Card की वैधता बढ़ी

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह राहत रही कि लॉकडाउन को देखते हुए सरकार महत्‍वपूर्ण दस्‍तावेज CGHS Card (Central Government Health Scheme) की वैधता बढ़ा दी। इसकी वैधता 31 मार्च थी, जिसे बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है। इस निर्णय से लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ होगा। लॉकडाउन के कारण कर्मचारी इसे रीन्‍यू नहीं करा सकते थे, ऐसे में इसकी वैधता बढ़ने से सबने राहत की सांस ली।

NPS खाताधारकों को आंशिक निकासी की सुविधा

NPS (National Pension System) के खाताधारकों को खुशखबरी मिली। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने खाताधारकों को इलाज के लिए खातों में से आंशिक राशि निकासी की मंजूरी दे दी। इसे सरकार का बड़ा कदम माना गया है।

Income Tax Refund

कोरोना संकट को देखते हुए लाखों आयकर दाताओं व कारोबारियों को सुविधा मिली। आयकर विभाग ने पांच लाख रुपये तक के सभी लंबित आयकर रिफंड को तत्काल जारी करने का निर्णय लिया। वित्त मंत्रालय के अनुसार इस फैसले से 14 लाख करदाताओं को लाभ होगा। इनकम टैक्स रिफंड के अलावा सभी लंबित GST और कस्टम रिफंड को भी रिलीज किया जाएगा। इससे देश में करीब एक लाख कारोबारियों को लाभ होगा। अनुमान है कि सरकार कुल 18,000 करोड़ रुपये तक के Refund रिफंड जारी करेगी।

Post Office ने बचत योजनाओं में दी यह छूट

भारतीय पोस्‍ट ऑफिस Indian Post Office द्वारा पब्लिक प्रॉविडेंट फंड PPF, RD, Sukanya Samridhi Scheme जैसी छोटी बचत योजनाओं का संचालन किया जाता है। इनमें इसी सप्‍ताह एक राहत दी गई है। विभाग ने अपने उन ग्राहकों को जुर्माने या पेनाल्‍टी से छूट देना तय किया है जो समय पर PPF, RD या दूसरी बचत योजना में किश्‍त की राशि जमा नहीं कर पाते हैं। यह छूट लॉकडाउन के चलते प्रदान की गई है। इतना ही नहीं, यदि किसी के खाते में न्‍यूनतम राशि नहीं है तो भी अभी वह जुर्माने से मुक्‍त रहेगा।

SBI ने घटाईं ब्‍याज दरें, EMI में होगा फायदा

SBI ने बचत खातों पर ब्‍याज दरों में बड़ी कटौती की घोषणा की। इससे उन ग्राहकों को अच्‍छा खासा लाभ होगा जो मासिक किश्‍त EMI चुकाते हैं। यह कटौती 10 अप्रैल, 2020 से प्रभावी होगी। SBI ने सभी अवधि के MCLR में 0.35 फीसद की कटौती घोषित की और साथ ही एक साल का MCLR एमसीएलआर 7.75 फीसद से घटकर 7.40 प्रतिशत पर आ गया है। Marginal Cost of Funds based Lending Rate (MCLR) में की गई कटौती इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्‍योंकि होम लोन जैसे लोन लेने वाले ग्राहकों की EMI में इसके बाद कमी आएगी।

PM Kisan Scheme के तहत किसानों को मिले 14 करोड़

कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच सरकार ने किसानों बखूबी ख्‍याल रखा। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब 7 करोड़ किसानों के बैंक खाते में 14 हजार करोड़ की राशि जमा की गई है। शेष बचे लाभार्थियों के बैंक खातों में भी पैसा जमा किए जाने की प्रकिया चल रही है। इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों के लिए हर साल 6 हजार की राशि सीधे बैंक खाते में जमा की जाती है। यह राशि तीन किश्तों में प्राप्‍त होती है। अभी मौजूदा अप्रैल में 2000 रुपए की पहली किश्त आ चुकी है।

राहत पैकेज से सीधे बैंक खातों में पैसा

Lockdown के दौरान वित्त मंत्री ने राहत पैकेज का ऐलान किया था। इसमें हर माह जनधन खाते में 500 रुपए प्रदान किए जाने के साथ-साथ LPG सिलेंडर मुफ्त देने एवं किसानों को किसान योजना में सौगात का ऐलान किया गया। अपनी घोषणा के मुताबिक सरकार ने यह पैसा सीधे बैंक खातों में जमा करना आंरभ कर दिया है।

15 राज्यों ने पीएम मोदी से की लॉकडाउन बढ़ाने की अपील, जल्द हो सकता है ऐलान


Multapi Samachar

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मुख्‍यमंत्रियों से बातचीत में उनकी राय ली कि कोरोना वायरस संक्रमण (CoronaVirus) को रोकने के लिए लॉकडाउन को 14 अप्रैल से आगे बढ़ाया जाए या नहीं.

नई दिल्‍ली. भारत में कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है. मौत के आंकड़ें और मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है. इस बीच शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चर्चा की. प्रधानमंत्री इस दौरान मुख्यमंत्रियों से उनकी राय ले रहे थे कि संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन को 14 अप्रैल से आगे बढ़ाया जाए या नहीं.



ज्‍यादातर राज्‍यों ने लॉकडाउन बढ़ाने की अपील की

इस बीच कई राज्‍य के मुख्‍यमंत्रियों ने पीएम मोदी से लॉकडाउन को बढ़ाने की अपील की. इसके साथ ही ज्‍यादातर राज्‍यों ने लॉकडाउन को बढ़ाए जाने पर सहमति भी जताई. इस बैठक में मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बीएस येडियुरप्‍पा और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन को बढ़ाने के सुझाव दिए.

केंद्रीय स्‍तर पर बढ़े लॉकडाउन: अरविंद केजरीवाल
मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मौजूदा हालात को देखते हुए राष्‍ट्रीय स्‍तर पर लॉकडाउन को बढ़ाने का सुझाव दिया. जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है. केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, अधिकांश राज्‍यों ने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि लॉकडाउन को और बढ़ाया जाए. अब सरकार इसपर विचार कर रही है. ऐसा भी कहा जा रहा है कि सरकार जल्‍द ही लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर सकती है.

जान भी जहान भी, दोनों पहलुओं पर ध्यान आवश्यक: पीएम मोदी
वहीं मुख्‍यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्‍यम से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जान है तो जहान है, जब मैंने राष्ट्र के नाम सन्देश दिया था, तो प्रारम्भ में बल दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंशिंग का पालन बहुत आवश्यक है. देश के अधिकतर लोगों ने बात को समझा और घरों में रहकर दायित्व निभाया.

पीएम मोदी ने कहा क‍ि और अब भारत के उज्जवल भविष्य के लिए, समृद्ध और स्वस्थ भारत के लिए जान भी जहान भी, दोनों पहलुओं पर ध्यान आवश्यक है. जब देश का प्रत्येक व्यक्ति जान भी और जहान भी, दोनों की चिंता करते हुए अपने दायित्व निभाएगा, सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा. तब हमारा उद्देश्‍य पूरा होगा.

लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री ने भी समर्थन किया: नारायणसामी
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में मुख्यमंत्रियों की एक स्वर में राय थी कि लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाए जिसका मोदी ने भी समर्थन किया.

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ राज्यपालों और उप राज्यपालों की ओर से सरकारों के काम में दखल देने का मुद्दा उठाया और प्रधानमंत्री से इन्हें ‘नियंत्रित करने’ का आग्रह किया.

नारायणसामी ने वीडियो लिंक के जरिये संवाददाताओं से कहा, ‘हम मुख्यमंत्री एकमत थे कि लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाए और प्रधानमंत्री ने भी इसका समर्थन किया. इसकी आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी.’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों की राय सुनी. 13 मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखी. मुख्य मुद्दा लोगों की जीविका का था. यह बात मुख्य रूप से की गयी राज्यों के पास पर्याप्त धन नहीं है. ऐसे में भारत सरकार क्या कर रही है.’ नारायणसामी के मुताबिक मुख्यमंत्रियों ने यह जानना चाहा कि केन्द्र सरकार कामगारों, छोटे दुकानों, एमएसएमई और उद्योगों के लिए क्या करने जा रही हैं.

स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार से राज्य में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की अपील की
तमिलनाडु में विपक्षी द्रमुक ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह पंजाब और ओड़िशा की तरह लॉकडाउन (बंद) की अवधि को अप्रैल अंत तक के लिए बढ़ाए ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने यह अपील ऐसे समय में की है जब मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में राज्य की कैबिनेट बंद की अवधि बढ़ाने पर फैसला करने वाली है.

कोविड-19 संकट से निपटने के लिए आवश्यक कदमों के संबंध में सलाह देने के लिए राज्य सरकार ने 19 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित है. इस समिति ने भी 14 अप्रैल के बाद और दो सप्ताह के लिए बंद लागू रखने की शुक्रवार को सिफारिश की. तमिलनाडु में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 911 मामले सामने आ चुके हैं. स्टालिन ने शनिवार को पलानीस्वामी को पत्र लिखकर बंद की अवधि बढ़ाए जाने की अपील की.

गिरते हुए बाजार में कर ही डालिए निवेश,कोरोना का असर कम होते ही बाजार में आएगा उछाल


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

नई दिल्ली: कोरोना ने हेल्थ पर ही नहीं, वेल्थ पर भी प्रहार किया है! शेयर बाजार में लगातार गिरावट हो रही है! विशेषज्ञ उन्हें निराशा के बादल से निकालने की कोशिशों में जुटे है! जानकारों का दावा है कि यह गिरावट स्थाई नहीं है! अर्थव्यवस्था मजबूत है! कोरोना हटते ही बाजार छलांग लगाएगा! अच्छे रिटर्न के लिए निवेशकों को मायूस होने की जगह हर गिरावट को एक अवसर के तौर पर लेना चाहिए! थोड़ा-थोड़ा निवेश एक से दो साल में जबरदस्त रिटर्न देगा!

            लोग घरों से ऑनलाइन ट्रेडिंग कर रहे हैं! दूसरी ओर म्यूचुअल फंड में भी पिछले कुछ सालों में निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है! बाजार में लगातार गिरावट से निवेशक विचलित है! उन्हें निराशा से निकालने के लिए बहुत से फंड मैनेजर निवेशकों से ऑनलाइन संपर्क करने लगे है! वह उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं कि गिरावट घबराकर निकालने के लिए नहीं है! यह गिरावट अर्थव्यवस्था नहीं कोरोना वायरस की वजह से आर्थिक गतिविधियां रुकने के कारण है!

टारगेट कैपिटल के निर्देशक पंकज शर्मा कहते हैं कि बाजार 10 साल पुराने लेवल पर है! अब यहां से रिस्क कम हो गया है! सरकार इंडस्ट्रीज को लेकर जिस तरह से पालिसी ला रही है, उससे कोरोना का कहर रुकते ही बाजार बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा! ऐसे में निवेशकों को हर गिरावट में म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए! इसके दो तरीके हैं, निवेश को दो हिस्सों में बांट लें! एक हिस्से को 10 हिस्से में बांटे, जब गिरावट दिखे तो 10 में से एक हिस्से का निवेश करते रहे! जिस दिन लगे कि कोरोना का उपाय आ गया, तो दूसरा हिस्सा एक बार में निवेश करें!

मुलतापी समाचार

भारत में corona संक्रमितो की संख्या 3000 के पार, 90 लोगों की मौत


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने पृथक वार्ड बनाने की घोषणा की है और तेजी से बढ़ रहे मामले वाले इलाकों में त्वरित जांच शुरू की गई है! पिछले 24 घंटे में 8000 से ज्यादा नमूनों की जांच की गई! राज्यों में संक्रमण के 500 से ज्यादा मामले सामने आने के साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या 3000 पार कर गई है और कम से कम 90 लोगों की मौत हो गई है!

महाराष्ट्र तेलंगाना और दिल्ली में कोरोना के कई मामले सामने आए! सरकारी अधिकारी ने बताया कि तबलीगी जमात के लोगों से जुड़े मामलों के कारण यह संख्या बढ़ी है! स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि पिछले 2 दिनों में तबलीगी जमात के 647 लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है! यह लोग असम, अंडमान निकोबार, दिल्ली ,जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा ,झारखंड ,कर्नाटक, महाराष्ट्र ,राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से हैं!

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में अब भी सामुदायिक स्तर पर यह संक्रमण नहीं फैल रहा है, और घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि स्थिति नियंत्रण में है!

विभिन्न राज्यों से मिले नवीनतम आंकड़ों के अनुसार देश भर में अब तक 211 लोग स्वस्थ हो चुके हैं! इस बीच कोरोना वायरस को पराजित करने की देश की ‘सामूहिक शक्ति ‘को प्रदर्शित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देशवासियों से अपील की कि वे रविवार 5 अप्रैल को रात 9:00 बजे अपने घरों की बालकनी में खड़े रहकर मोमबत्ती, दिया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं!

प्रधानमंत्री ने देशवासियों के लिए अपने 11 मिनट से ज्यादा के वीडियो संदेश में लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील भी की! ऐसे संकेत है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार रोकने के उद्देश्य से लागू 21 दिन का देशव्यापी लॉक डाउन 14 अप्रैल के बाद चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा!

मुलतापी समाचार

कोरोना सैनिक-नर्सों, डॉक्टरों से बदसलूकी करने वाले कोरोना संदिग्ध जमातियों का जेल में होगा इलाज


अस्‍पताल मेंं नर्सो से बदसलूकी करने वाले जमातियों पर कैस

तबलीगी जमात में शामिल कोरोना संदिग्धों ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को परेशान करके रख दिया है। जमात में शामिल कई लोग कोरोना से पीड़ित पाए गए है जबकि इस कार्यक्रम में शामिल 9 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

हाइलाइट्स

  • वॉर्ड के बाहर तैनात की गई पुलिस, स्वास्थ्य विभाग कर रहा एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी
  • बदसलूकी करने वालों के लिए गाजियाबाद में जेल में वॉर्ड बनाने पर बात चल रही है
  • अस्पताल में नर्सों और डॉक्टरों के साथ बदसलूकी कर रहे हैं जमाती
  • दिल्ली के नरेला और कानपुर में भी मिली हैं बदसलूकी की शिकायत

दिल्ली/गाजियाबाद/कानपुर
निजामुद्दीन मरकज में शामिल कोरोना संदिग्धों की हरकतों ने दिल्ली से लेकर गाजियाबाद और कानपुर तक मेडिकल स्टाफ को परेशान करके रख दिया है। दिल्ली के नरेला आइसोलेशन सेंटर में तो बदसलूक जमातियों से निपटने के लिए आर्मी टीम बुलाई गई है, वहीं गाजियाबाद में ऐसे जमातियों के लिए जेल में ही आइसोलेशन सेंटर बनाने पर विचार शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश में तो मुख्यमंत्री योगी ने नैशनल सिक्यॉरिटी ऐक्ट(रासुका) के तहत ऐसे उपद्रवियों पर ऐक्शन के निर्देश दे दिए हैं। ऐसी भी खबरें हैं कि बदसलूकी करने वालों पर रासुका भी लगाया जा सकता है।

गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में तो कोरोना संदिग्ध जमातियों ने हदें ही लांघ दी थीं। नर्सों और डॉक्टरों से बदसलूकी के बाद अब जेल में अलग से आइसोलेशन वॉर्ड बनाकर उन्हें वहां भर्ती करने पर भी बात चल रहा है। गाजियाबाद के सीएमओ डॉ. एन. के. गुप्ता ने बताया कि जमातियों के हंगामा करने की शिकायतें मिलीं हैं। स्वास्थ्य विभाग रिपोर्ट दर्ज करवाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही पुलिस और जेल प्रशासन से जेल में वॉर्ड बनाने पर बात चल रही है। हालांकि ऐसे उपद्रवियों को जेल भेजने में भी संकट है, क्योंकि वे कैदियों को कोरोना के खतरे में डाल सकते हैं।

नर्सों के सामने उतार रहे हैं कhttp://MultapiSamachar.comपड़े
जमातियों के व्यवहार से अस्पताल प्रबंधन परेशान है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जमाती आइसोलेशन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। वे स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। नर्सों की मौजूदगी में ही कपड़े उतार देते हैं, जबकि कपड़े बदलने के लिए वॉर्ड में बाथरूम बना हुआ है। ऐसा करने से मना करने पर नर्सों के साथ बदतमीजी कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में सीएमओ से शिकायत की है। सीएमओ का कहना है कि पुलिस को मामले की सूचना दी गई है। यदि ये लोग नहीं मानते हैं तो इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी।

योगी का जमातियों पर बड़ा आदेश
जानकारी के मुताबिक बदसलूकी की की घटना के बाद योगी ने निर्देश दिया है कि अस्पताल में जमातियों की देखरेख के लिए किसी महिला को तैनात न किया जाए। बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वह इंदौर जैसी घटनाएं यूपी में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

देश में कहां कितने कोरोना मरीज, पूरी लिस्ट

137 जमातियों को किया जा चुका है भर्ती
निजामुद्दीन मरकज से यहां लौटे 137 जमातियों को चार अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया है। सीएमओ ने बताया कि इनमें से 90 के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अन्य के भी सैंपल जल्द भेजे जाएंगे। अब तक 90 लोगों को डासना स्थित सुंदरदीप आयुर्वेदिक अस्पताल, 36 को सूर्या अस्पताल मुरादनगर, 5 को एमएमजी, 5 को संजय नगर कंबाइंड अस्पताल में क्वारंटीन किया गया है।

घर के बाहर निकल कर और एक जगह एकत्रित होकर हम मौत को ही न्यौता दे रहे हैं


इंसान की तरह मौत धोखा नहीं देती , लोग स्वयं बेमौत मरते हैं।

लॉकडाउन के समय घर से निकले लोगों की फाइल फोटो

मौत तो निर्धारित होती है, पर नासमझ लोग इसको अनिर्धारित कर देते हैं

एक फ़कीर शाम के वक़्त अपने दरवाज़े पर बैठा था, तभी उसने देखा कि एक छाया वहाँ से गुज़र रही है। फ़कीर ने उसे रोककर पूछा- कौन हो तुम ? छाया ने उत्तर दिया- मैं मौत हूँ और गाँव जा रही हूँ क्योंकि गाँव में महामारी आने वाली है। छाया के इस उत्तर से फ़कीर उदास हो गया और पूछा, कितने लोगों को मरना होगा इस महामारी में। मौत ने कहा बस हज़ार लोग। इतना कहकर मौत गाँव में प्रवेश कर गयी। महीने भर के भीतर उस गाँव में महामारी फैली और लगभग तीस हज़ार लोग मारे गए।

फ़कीर बहुत क्षुब्ध हुआ और क्रोधित भी कि पहले तो केवल इंसान धोखा देते थे, अब मौत भी धोखा देने लगी। फ़कीर मौत के वापस लौटने की राह देखने लगा ताकि वह उससे पूछ सके कि उसने उसे धोखा क्यूँ दिया। कुछ समय बाद मौत वापस जा रही थी तो फ़कीर ने उसे रोक लिया और कहा, अब तो तुम भी धोखा देने लगे हो। तुमने तो बस हज़ार के मरने की बात की थी लेकिन तुमने तीस हज़ार लोगों को मार दिया। इस पर मौत ने जो जवाब दिया वह गौरतलब है।
मौत बोली- मैंने तो बस हज़ार ही मारे हैं, बाकी के लोग (उनतीस हज़ार) तो नादानी और नासमझी से मारे गए। महामारी से बचाव जरुरी है,सुरक्षा जरुरी है। मौत के मुंह में खुद जाने वालों से मौत का कोई वास्ता नहीं। वे बेमौत मर कर उन्होंने भगवान की सृष्टि का अपमान ही किया। इसमें मेरा कोई दोष नहीं ,दोषी वे सब स्वयं है ।

दिल्ली की जनाजे की फाइल फ़ोटो

सही है, आज की संकट की इस घड़ी में देश के प्रधानमंत्री की बात न मानकर और घर के बाहर निकल कर,एक जगह एकत्रित होकर हम मौत को ही तो न्यौता दे रहे हैं।
मुलतापी समाचार

Modi Video Message : मोदी जी 5अप्रैल को रात 9 बजे मन का दीपक जलाये, काेेेेेेेेरोना खिलाफ दीवाली


देश का हाैैैसला बढायें

पीएम मोदी का वीडियो संदेश जारी, 5 अप्रैल को देशवासियों से ऐसा करने को कहा

मुलतापी समाचार

Modi Video Message Live Updates: मानव जाति के लिए चिंता का कारण बने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के तेज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह 9 बजे देशवासियों के नाम एक वीडियो मैसेज जारी किया। (नीचे देखिए वीडियो) पीएम ने कहा, कोरोना वायरस ने हमारी आस्था, परंपरा, विश्वास, विचारधारा पर हमला बोला है। हमें इन्हें बचाने के लिए सबसे पहले कोरोना वायरस को परास्त करना है। आज आवश्यकता है कि सभी मत, पंथ, विचारधारा के लोग एकजुट होकर कोरोना महामारी को परजित करें। पीएम ने कहा कि 5 अप्रैल रविवार को रात नौ बजे घर की सभी लाइट्स बंद करके दीपक, मोम बत्ती या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं। 9 मिनट तक ऐसा करना है। यह प्रकाश उजागर करेगा कि कोरोना के खिलाफ हम सब मिलकर लड़ रहे हैं।

पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

आपने जिस प्रकार 22 मार्च रविवार के दिन कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले हर किसी का धन्यवाद किया वो भी आज सभी देशों के लिए एक मिसाल बन गया है। आज कई देश इसको दोहरा रहे हैं। ये लॉकडाउन का समय जरूर है, हम अपने अपने घरों में जरूर हैं, लेकिन हम में से कोई अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है, हर व्यक्ति का।

हमारे यहां माना जाता है कि जनता जनार्दन, ईश्वर का ही रूप होती है। इसलिए जब देश इतनी बड़ी लड़ाई लड़ रहा हो, तो ऐसी लड़ाई में बार-बार जनता रूपी महाशक्ति का साक्षात्कार करते रहना चाहिए।

हमें निरंतर प्रकाश की ओर जाना है, जो इस कोरोना संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, हमारे गरीब भाई-बहन उन्हें कोरोना संकट से पैदा हुई निराशा से आशा की तरफ ले जाना है।

इस कोरोना संकट से जो अंधकार और अनिश्चितता पैदा हुई है, उसे समाप्त करके हमें उजाले और निश्चितता की तरफ बढ़ना है। इस अंधकारमय कोरोना संकट को पराजित करने के लिए, हमें प्रकाश के तेज को चारो दिशाओं में फैलाना है।

इस रविवार 5 अप्रैल को, हम सबको मिलकर, कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है, उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। इस 5 अप्रैल को हमें, 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है।

घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे पर या बालकनी में, खड़े रहकर, 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं: और उस समय यदि घर की सभी लाइटें बंद करेंगे। चारों तरफ जब हर व्यक्ति एक-एक दीया जलाएगा, तब प्रकाश की उस महाशक्ति का ऐहसास होगा, जिसमें एक ही मकसद से हम सब लड़ रहे हैं, ये उजागर होगा।

उस प्रकाश में, उस रोशनी में, उस उजाले में, हम अपने मन में ये संकल्प करें कि हम अकेले नहीं हैं, कोई भी अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासी, एक ही संकल्प के साथ कृतसंकल्प हैं।

मेरी एक और प्रार्थना है कि इस आयोजन के समय किसी को भी, कहीं पर भी इकट्ठा नहीं होना है। रास्तों में, गलियों या मोहल्लों में नहीं जाना है, अपने घर के दरवाजे, बालकनी से ही इसे करना है।

Social Distancing की लक्ष्मण रेखा को कभी भी लांघना नहीं है। Social Distancing को किसी भी हालत में तोड़ना नहीं है। कोरोना की चेन तोड़ने का यही रामबाण इलाज है।

हमारे यहां कहा गया है-

उत्साहो बलवान् आर्य, न अस्ति उत्साह परम् बलम्।

स उत्साहस्य लोकेषु, न किंचित् अपि दुर्लभम्॥

यानि, हमारे उत्साह, हमारी स्प्रिट से बड़ी फोर्स दुनिया में कोई दूसरी नहीं है।

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CWC बैठक में Sonia Gandhi बोलीं, जल्दबाजी में लिया Lockdown का फैसला, लाखों मजदूर हो रहे परेशान


CWC बैठक में Sonia Gandhi बोलीं, जल्दबाजी में लिया Lockdown का फैसला, लाखों मजदूर हो रहे परेशान
कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार द्वारा 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने सरकार पर आरोप भी लगाया

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देश में 21 दिन का लॉक डाउन किया गया है। देश में कोरोना संक्रमण से बिगड़ रहे हालातों को काबू में लाने की कोशिश की जा रही है। गुरुवार को एक तरफ जहां पीएम मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक की, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक भी VC के जरिये हुए। बैठक के दौरान कोरोना संकट से उपजे देश के हालातों पर भी चर्चा हुई। पार्टी की अंतिरम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने Lockdown का फैसला जल्दबाजी में लिया गया है। खराब ढंग से लॉकडाउन लागू होने की वजह से लाखों मजदूरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि देश के सामने डराने वाली चुनौती है, ऐसे में इससे पार पाने का हमारा संकल्प उससे भी बड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के डॉक्टर्स, हेल्थ वर्कर्स को लोगों के समर्थन की बेहद जरुरत है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी को हजमैट सूट, N-95 मास्क जैसे सभी निजी सुरक्षा उपकरण युद्ध स्तर पर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

लाखों मजदूर हो रहे प्रभावित

सोनिया गांधी ने कहा कि देश के लाखों मजदूर लॉक डाउन की वजह से प्रभावित हो रहे हैं। उनके रहने खाने के लाले पड़ गए हैं। इस दौरान अप्रत्यक्ष तौर पर सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लॉक डाउन का सुनियोजित तरीके से क्रियान्वयन किया जाना चाहिए थे। इसके लिए सरकार को एक विस्तृत रणनीति बनाना चाहिए थी।

लॉकडाउन के बाद भी बिगड़ रही स्थिति

देश में भले ही 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया गया हो लेकिन कई इलाकों में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। प्रशासन भी लोगों से लॉकडाउन का पालन कराने में असहाय नजर आ रहा है। कई राज्यों में तो डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ लोगों ने अभद्रता और मारपीट तक कर डाली है।

रेलवे ने चालू की E – Ticket Booking आगामी तारीख से विमानों में भी शुरू हो सकेगा सफर


मुलतापी समाचार

अप्रैल-मई-जून महीनों की बुकिंग के लिए रेलवे, एयरलाइन तथा राज्य परिवहन निगमों की वेबसाइटों पर हिट्स बढ़ने लगी है।

कोरोना वायरस को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन जारी है। इस बीच, उन लोगों के लिए खुशखबरी है जो यहां-वहां फंस गए हैं। रेलवे और 15 अप्रैल से टिकट बुकिंग शुरू कर दी है। लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल से आगे नहीं बढ़ाने के सरकार के ऐलान के बाद रेलवे ने यह बुकिंग शुरू कर दी है। इसी तरह घरेलू एयरलाइन्स ने भी बुकिंग शुरू कर दी है। खबर है कि लोगों में 15 अप्रैल और आगे की तारीखों के ट्रेन, विमान और बसों के टिकट बुक कराने की होड़ शुरू हो गई है। अप्रैल-मई-जून महीनों की बुकिंग के लिए रेलवे, एयरलाइन तथा राज्य परिवहन निगमों की वेबसाइटों पर हिट्स बढ़ने लगी है।

IRCTC के एक अधिकारी के अनुसार, उनके पास फोन आ रहे हैं जिसमें लोग पूछ रहे हैं कि 15 अप्रैल के बाद किस तारीख का टिकट उपलब्ध है क्योंकि उन्हें चुनिंदा ट्रेनों में अगले कुछ दिनों का आरक्षण नहीं मिल रहा है। हालांकि अधिकारियों का यह भी कहना है कि हो सकता है कि 15 अप्रैल से रेल सेवा पूरी तरह बहाल न हो पाए।

रेलवे ने 23 मार्च को ऐलान किया था कि 31 मार्च तक यात्री ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा। इसके बाद 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद इसे 14 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया। विमानन मंत्रालय ने भी घरेलू उड़ानों के लिए यही ऐलान किया था।

अब खत्म हुई बुकिंग की झिझक

रेलवे और एयरलाइंस दोनों ही 15 अप्रैल और उसके बाद की तारीखों की बुकिंग स्वीकार कर रही थीं, लेकिन लॉकडाउन बढ़ने की आशंका के चलते लोग बुकिंग कराने से झिझक रहे थे। मंगलवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने ऐसी खबरों का खंडन किया और फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं होने का बयान दिया। हालांकि यह आशंका अभी भी बनी हुई है कि यदि 14 अप्रैल तक कोरोना वायरस पर कंट्रोल नहीं हुआ तो लॉकडाउन आगे भी बढ़ाना पड़ सकता है।