Category Archives: धर्म

सलबड़ली सहित भोपाली मेला स्थगित, पेट्रोल पम्पों ओर बाजारों में बिना मास्क आने पर हो सकता है जुर्माना


क्राइसिस कमिटी की बैठक कलेक्टर बेतूल जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए

जिले में कोरोना के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए-

भोपाली मेला स्थगित

पेट्रोल पम्पों पर बिना मास्क आने पर हो सकता है जुर्माना

स्कूलों में भी संक्रमण से बचाव के इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश

बाजारों में बिना मास्क घूमने पर होगा जुर्माना

जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखते हुए क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने शिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाला भोपाली मेला स्थगित करने का निर्णय लिया है। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण बगैर ट्रेवल हिस्ट्री के स्थानीय स्तर पर भी फैल रहा है। चूंकि भोपाली मेले में स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं, अत: कोरोना संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत ग्रुप द्वारा यह निर्णय लिया गया है।

कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस की अध्यक्षता में आयोजित क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में इस बात पर भी गंभीरता से विचार किया गया कि पेट्रोल-डीजल पम्पों पर आने वाले लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए उन्हें अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए। जो लोग बिना मास्क के पेट्रोल अथवा डीजल लेने पहुंच रहे हैं, उन पर जुर्माना भी किया जा सकेगा।

स्कूलों में कोरोना संक्रमण से बचाव के तमाम इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए बैठक में निर्देश दिए गए। स्कूल संचालकों से कहा गया है कि वे स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्य रूप से ध्यान रखें। शिक्षक एवं बच्चे मास्क लगाकर आएं। स्कूलों में सेनेटाइजेशन के भी अच्छे प्रबंध हों। ऐसा नहीं करने पर स्कूल संचालकों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह बाजारों एवं दुकानों में ग्राहकों व दुकानदारों को भी मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करना होगा, अन्यथा उनके विरूद्ध जुर्माना किया जाएगा। सभी दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा, साथ ही सेनेटाइजर के इंतजाम भी रखना होंगे।

बैठक में समाजसेवी संगठन के प्रतिनिधि के रूप में श्री मोहन नागर, उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री ब्रजआशीष पाण्डे, जिला रेडक्रॉस समिति के सचिव डॉ. अरूण जयसिंग, पाढर अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी श्री विकास सोनवने, अपर कलेक्टर श्री जेपी सचान सहित अन्य संबंधित उपस्थित थे।

प्राचीन राम मंदिर जीर्णोद्धार, 33 वर्ष बाद हो रहा मंदिर नव निर्माण दुनावा में 60 लाख की लागत से होगा


मुलताई- दुनावा में स्थित प्राचीन राम मंदिर का 60 लाख रुपए की लागत से जीर्णोद्धार किया जाना है। यह  ग्राम के मध्य स्थित राम मंदिर का  पुनर्निर्माण ग्रामीणों के सहयोग से होगा।

राम मंदिर नव निर्माण समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि राम मंदिर निर्माण को लेकर संपूर्ण ग्रामीणों में भारी उत्साह है और सभी के सहयोग से यह निर्माण किया जाना है ।अब शीघ्र ही प्राचीन प्रसिद्ध राम मंदिर के स्थान पर एक भव्य मंदिर आकार ले सकेगा। ग्रामीण बताते हैं कि

दुनावा का वर्षों पुराना राम मंदिर का निर्माण पूर्व में सन् 1987 में किया गया था, उस समय यह मंदिर  क्षेत्र के सबसे बड़े मंदिर के रूप में जाना जाता था। किंतु वर्तमान में इस मंदिर की छत और दीवार कमजोर हो चुकी है। इसीलिए मंदिर  पुनर्निर्माण करवाना आवश्यक हो चुका है ।

हर घर से मिल रहा है राम काज में सहयोग

राम काज में बड़ी संख्या में लोग  जुड़े हुए हैं इससे पूर्व भी समिति बनाकर ही मंदिर का निर्माण किया गया था। लगभग 33 वर्ष पहले   धनराज  कड़वे की अध्यक्षता में बनाए गए  इस राम मंदिर   में

स्वर्गीय टीकाराम पटेल,  स्वर्गीय, झुम्मुक लाल  विश्वकर्मा, स्वर्गीय ढीमर साहू, स्वर्गीय कुंदन लाल  शिवहरे, स्वर्गीय शंकरलाल  कड़वे, स्वर्गीय बिहारी लाल  विश्वकर्मा, स्वर्गीय शंकरलाल जी शिवहरे, स्वर्गीय नारायण पवार, स्वर्गीय प्रकाश सेठ,  स्वर्गीय लखन साहू, स्वर्गीय हेमराज सोमगड़े,स्वर्गीय रतन लाल  कड़वे ,स्वर्गीय घुड़िया सेठ ,स्वर्गीय गोंड साहू, स्वर्गीय ओझा महाजन, स्वर्गीय प्यारेलाल  पटवारी,  स्वर्गीय  ओझा लालजी गिराहरे, स्वर्गीय  लखन कड़वे, स्व. धनराज सोमगड़े, स्वर्गीय फकिरिया पवार, स्वर्गीय राम किशन  शिवहरे, स्वर्गीय कैली महाजन, एवं  हरि साहू, सीताराम सोमगड़े(नागपुर) सरजेराव ब्वाड़े,बाबूलाल पटेल, द्वारका कड़वे, कीरत शिवहरे,  श्याम नंदन मालवीय ,दिलीप साखरे, चिरौंजी साहू ,मंसाराम दियावार, रूपलाल शिवहरे,सुखराम पवार, राधेलाल गोहिए, देवा जी कौशिक, शांताराम विश्वकर्मा, मधु सेठ( बैतूल), केशोराव पवार,  आदि सदस्यों  के श्रम एवं धन के सहयोग से मंदिर का निर्माण किया गया था

वर्तमान में नई मंदिर  पुनर्निर्माण समिति का गठन किया गया है इसमें बाबूलाल पटेल, नारायण  सरोदे, विजय गावंडे,प्रकाश सूर्यवंशी, आशीष सोनी, अनुपम कड़वे, ललित रघुवंशी, नितिन शिवहरे ,रमेश सूर्यवंशी, महेश ब्वाड़े, अरुण शिवहरे ,नरेश फरकाड़े ,बबलू शिवहरे, अरविंद साहू ,बलवंत कड़वे ,विजय पवार, संतोष पवार, पलाश कड़वे, प्रताप कड़वे ,देवेंद्र विश्वकर्मा ,रंजीत टिटारे, केवल कौशिक, अमित ढोले जीतू खरखुसे, मुकेश कौशिक, धीरज साहू, नितिन सूर्यवंशी आदि  सदस्य प्रतिदिन सुबह शाम ग्रामीणों के घर जाकर मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए दान एकत्र कर रहे हैं, मंदिर  समिति  द्वारा  जिस प्रकार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया जा रहा है उसी प्रकार दुनावा में भी  राम मंदिर पुनर्निर्माण के लिए ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से अनुदान के लिए आग्रह किया  जाता है।

समिति से जुड़े लोग बताते हैं कि  ग्राम दुनावा  के मूल निवासी जो बाहर जाकर बस गए हैं वह भी मंदिर निर्माण के माध्यम से ग्राम की माटी से जुड़ रहे हैं

और हर संभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं। पिछले राम मंदिर निर्माण समिति के जितने भी सदस्य अब हमारे बीच नहीं रहे ,उनके घर के सदस्य अभी भी स्वेच्छा से मंदिर पुनर्निर्माण के लिए अच्छी खासी राशि दान दे रहे हैं ।स्वर्गीय हेमराज  सोमगड़े के सुपुत्र रमेश सोमगड़े ने ₹181000 की राशि दान दी है एवं स्वर्गीय शंकरलाल  कड़वे की धर्मपत्नी  विमला बाई कड़वे ने 51 हजार रू़ की राशि दान दी है । दुनावा के कुछ लोग जो वर्तमान में दूसरे शहर जाकर रह रहे हैं वो भी दुनावा में मंदिर पुनर्निर्माण के लिए  दान दे रहे हैं।
दुनावा की राम मंदिर पुनर्निर्माण समिति के सभी सदस्य ग्रामीण और श्रद्धालुओं से मंदिर निर्माण के लिए दान देने  के लिए विनम्र निवेदन करते हैं।

दीपयज्ञ से श्रीमद् भागवत कथा का समापन


धर्म की पताका को समाज मे बढाने हेतू प्रेरित किया

मुलतापी समाचार

मुलताई तहसील के ग्राम खेडीकोर्ट मे चल रही सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन किया गया। कथावाचक संजय गुरूजी ने कथा के माध्यम से लोगो को पुज्य गुरदेव के विचारो को और धर्म की पताका को समाज मे बढाने हेतू प्रेरित किया। और कथा मे सप्त ऋषियो की कथा का विस्तार से वर्णन किया । इसके साथ ही रविवार शाम को बाल संस्कार शाला वायगाव से आये बच्चो ने भव्य और विशाल दीप महायज्ञ का संगीतमय कार्यक्रम किया। दुर्गेश भोयरे ने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न गावो मे बडे जोरो शोरो से धार्मिक एकता और अखंडता को मजबूत बनाने के लिए भगवान की कथाओ का क्रियान्वयन हो रहा है ।

गायत्री परिवार द्वारा के बालको मे दीप यज्ञ का संचालन प्रज्ञापुत्र प्रशांत ,विशाल एवं तनुश्री ,निकिता,पल्लवी ने किया और लोगो को नशा नही करने का संकल्प दिलाते हुए कहा अगर बडे ही नशा करेगे तो आज की भावी पीढ़ी भी नशा करेगी इसलिए हमे नशा नही करना होगा ।

कार्यक्रम मे कथा समापन पर कुशल कथावाचक अविनाश खण्डाग्रे ,श्रावण धोटे, दुर्गेश भोयरे, राजेन्द्र पंडाग्रे , सोनी जी ,चिन्धया गावडे, विभिन्न गावो से आये सभी परिजनो की गरिमामय उपस्थिति मे सम्पन्न हुआ ।

झिरी महादेव बाबा का मन्दिर मार्ग बने, जीर्णोद्धार होवे, पर्यटक स्थल के रूप में विकशित होवे


मुलतापी समाचार

मुलताई। प्रभातपट्टन

जैसा कि आज हमने देखा ओर भाई साहब ने बताया कि यहा हर साल श्रद्धालु भक्तों का शिवरात्रि ओर सावन के माह में भीड़ लगी रहती है हजारों भक्त दर्शन करने आते, शिवरात्री पर यह मेला लगता है, लेकिन यहां इस ओर किसी का भी ध्यान नही जाता है , यहाँ पहुचने के लिए पटट्न से बरूड हाइवे रोड टोल के पास से खेतों के बीच मे से कच्ची सड़क ओर बीच मे पथरिली, पहुच मार्ग है जो कई सालों से आजतक नही बन पाई है, ओर न ही यहा लाइटिंग बिजली की व्यवस्था है,

मन्दिन में नीचे जाने हेतु सीढ़ियां है जिनमे घासे उग आई है, यहाँ साफ सफ़ाई हो, यहा आने हेतु कोई साइन बोर्ड़ भी नही है जिससे यात्रियों को पता चले की आगे वही मंदिर प्रचीन मन्दिर, गुफा, झरना, शिवलिंग , हनुमान जी का प्राचीन मन्दिन स्थिति है ,जो को हमारी प्रचीन दोहर है जिसे हमे सहजना होंगा।
यहाँ भी धार्मिक पर्यटक स्थल के रूप विकशित किया जाना चाहिए, देव स्थली है…
चूंकि शिवरात्री भी आने वाली है


सहयोग सेवा हेतु प्रार्थनी

मनमोहन पंवार 9753903839

आप सभी श्रद्धालु भक्त जनों का हार्दिक स्वागत है

आप एक बार जरूर आये महादेव बाबा का प्रचीन मन्दिन के दर्शन अवश्य करे

छत्रपति शिवाजी युवा संगठन जि बैतूल मुलताई के सदस्यों ने सांसद डी डी उइके जी को सौंपा ज्ञापन


मूलताई। (मुलतापी सामाचार)

छत्रपति शिवाजी युवा संगठन जि बैतूल मुलताई के सदस्यों ने आज बैतूल में मा.सांसद डी.डी.उईके जी, नरेश फाटे जी, भैय्या बबला शुक्ला जी, भैय्या कमलेश लोखंडे जी, भैय्या भवानी गांवडे जी, भैय्या कृष्णा गायकी जीभैय्या गोवर्धन राणे जी, राजेश हिंगवे जी से सप्रेम भेंट की व सांसद महोदय जी को छत्रपति शिवाजी महाराज जी का छायाचित्र भेंट किया. .

जिस दौरन संगठन की बैठकों के लिये सभाकक्ष व मुलताई में कई वर्षो सें लम्बवत् छत्रपति शिवाजी महाराज जी की मूर्ती स्थापित करने के लिये ज्ञापन दिया।।

NEWS EDITOR

RAHUL SARODE

भगवान राम ने क्यों दिया था अपने सबसे प्रिय भाई लक्ष्मण को मृत्युदंड, जानिए कारण


मूलतापी समाचार

राम और सीता की मृत्यु के बारे में तो जानते हैं हम, लेकिन क्या हम यह जानते हैं कि लक्ष्मण की मृत्यु कैसे हुई? लक्ष्मण, जो राम के अतिप्रिय थे, उनकी मृत्यु की उत्तरदायित्व राम का है, क्या हम ये जानते हैं? आज की कहानी में हम बताते हैं कि क्यों राम, लक्ष्मण की मृत्यु के लिए उत्तरदायी हैं?

रामायण की कथा के अनुसार श्रीराम को न चाहते हुए भी अपने प्रिय अनुज लक्ष्मण को मृत्युदंड देना पड़ता है। लंका विजय के बाद जब श्री राम अयोध्या लौट आते हैं और अयोध्या के राजा बन जाते हैं। लक्ष्मण के माध्यम से सीता को वन में भेज दिया जाता है और अयोध्या का राज-काज सहज गति से चलने लगता है। एक दिन यम देवता कोई महत्वपूर्ण चर्चा करने श्री राम के पास आते है। चर्चा प्रारम्भ करने से पूर्व वे भगवान राम से कहते हैं कि – ‘आप जो भी प्रतिज्ञा करते हो उसे पूर्ण करते हो। मैं भी आपसे एक वचन मांगता हूं कि जब तक मेरे और आपके बीच वार्तालाप चले तो हमारे बीच कोई नहीं आए और जो आए, उसको आपको मृत्युदंड देना पड़ेगा।’ भगवान राम, यम को वचन दे देते हैं। राम, लक्ष्मण को यह कहते हुए द्वारपाल नियुक्त कर देते हैं कि जब तक उनकी और यम की बात हो रही है वो किसी को भी अंदर न आने दें, अन्यथा उसे उन्हें मृत्युदंड देना पड़ेगा।

लक्ष्मण भाई की आज्ञा मानकर द्वारपाल बनकर खड़े हो जाते हैं। लक्ष्मण को द्वारपाल बने अभी कुछ ही समय बीतता है कि वहां पर ऋषि दुर्वासा का आगमन होता है। जब दुर्वासा लक्ष्मण को अपने आगमन के बारे में राम को सूचना देने के लिए कहते हैं तो लक्ष्मण विनम्रता से इंकार कर देते हैं। इस पर दुर्वासा क्रोधित हो जाते हैं और लक्ष्मण को चेतावनी देते हैं कि यदि तुमने राम को मेरे आगमन की सूचना नहीं दी तो मैं पूरी अयोध्या को श्राप दे दूंगा। लक्ष्मण समझ जाते हैं कि यह एक विकट स्थिति है जिसमें या तो उन्हें रामाज्ञा का उल्लंघन करना होगा या फिर पूरे नगर को ऋषि के श्राप की अग्नि में झोंकना होगा।

लक्ष्मण ने शीघ्र ही यह निर्णय कर लिया कि उनको स्वयं का बलिदान देना होगा ताकि वे नगर वासियों को ऋषि के श्राप से बचा सकें। उन्होंने भीतर जाकर ऋषि दुर्वासा के आगमन की सूचना दी। राम भगवान ने शीघ्रता से यम के साथ अपनी बातचीत समपन्न कर ऋषि दुर्वासा की आवभगत की। परन्तु अब श्री राम दुविधा में पड़ गए क्योंकि उन्हें अपने वचन के अनुसार लक्ष्मण को मृत्यु दंड देना था। वे समझ नहीं पा रहे थे कि वे अपने प्रिय भाई को मृत्युदंड कैसे दें, लेकिन उन्होंने यम को वचन दिया था जिसे उन्हें निभाना ही था। इस दुविधा की स्थिति में श्री राम ने अपने गुरु का स्मरण किया और उनसे कोई रास्ता सुझाने की प्रार्थना की। गुरुदेव ने राम को कहा कि अपने किसी प्रिय का त्याग, उसकी मृत्यु के समान ही है। अतः तुम अपने वचन का पालन करने के लिए लक्ष्मण का त्याग कर दो। जैसे ही लक्ष्मण ने यह सुना उन्होंने राम से कहा कि ‘आप भूल कर भी मेरा त्याग नहीं कर सकते हैं, आप से दूर रहने से तो यह अच्छा है कि मैं आपके वचन का पालन करते हुए स्वयं मृत्यु का वरण कर लूं।’ ऐसा कहकर लक्ष्मण जल समाधि ले लेते हैं।

रामायण बंद करवाने मांग की थी, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी, ऐसे फसा विरोधी, समझें प्रशांत भूषण ने


Multapi Samachar

Prashant-Bhushan-Ramayana

Ramayan DD Prasharan

Delhi: भगवान राम के नाम से कई तरह के दानव भयभीत हो जाते है, परन्तु कांग्रेस, वामपंथी और कुछ अन्न लोग भी आजकल रामायण से परेशान है और जब से लोग रामायण सीरियल को टीवी पर उसी उत्साह से देख रहे है जैसे 1990 के ज़माने में देखा करते थे, तब से रामायण विरोधी तत्व भारी दिक्कत में आ गए है।

इसी सिलसिले में वकील प्रशांत भूषण टीवी पर रामायण सीरियल के खलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया, प्रशांत भूषण ने रामायण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई और रामायण को बंद करवाने की मांग की। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से प्रशांत भूषण को झटका मिला है, इसकी घटिया याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर प्रशांत भूषण को ही फटकार दिया है।

प्रशांत भूषण की याचिका पर कोर्ट ने कहा है की टीवी पर कोई भी किसी भी कार्यक्रम को देखने के लिए स्वतंत्र है, चैनल अपने मन मुताबिक कार्यक्रम टेलीकास्ट करने के लिए स्वतंत्र है। इस से पहले लॉक डाउन के शुरुवात में दूरदर्शन ने रामायण को फिर से टेलीकास्ट करने का निर्णय लिया था और ये टेलीकास्ट इतना हिट रहा की अब रामायण ने वर्ल्ड रिकॉर्ड ही बना दिया, 16 अप्रैल को रामायण को 7 करोड़ 70 लाख लोग एक साथ देख रहे थे और ये नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है।

Rebroadcast of Ramayana on Doordarshan smashes viewership records worldwide, the show becomes most watched entertainment show in the world with 7.7 crore viewers on 16th of April.

अब वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ गुजरात के राजकोट में दर्ज की गई एक FIR के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भूषण को किसी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई से राहत दी है। प्रशांत भूषण के खिलाफ यह एफआईआर कथित रूप से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में दर्ज की गई है।

यह एफआईआर पूर्व सैन्य अधिकारी जयदेव रजनीकांत जोशी ने दर्ज कराई थी। जोशी ने आरोप लगाया है कि प्रशांत भूषण ने पूरे देश में कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत के दोबारा प्रसारण के खिलाफ ट्वीट कर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।

जोशी ने अपनी इस शिकायत में प्रशांत भूषण पर आरोप लगाा कि उन्होंने 28 मार्च को एक ट्वीट में रामायण और महाभारत के लिए अफीम शब्द का इस्तेमाल करके हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत किया है। कोर्ट ने प्रशांत भूषण को किसी प्रकार की कार्रवाई से अंतरिम राहत प्रदान करते हुए कहा, ‘कोई भी व्यक्ति टीवी पर कुछ भी देख सकता है।’ इसके साथ ही पीठ ने सवाल कि

आपको बता दे की दूरदर्शन पर दिखाए जा रहे रामायण सीरियल ने इतिहास रच दिया है। रामायण के 16 अप्रैल के एपिसोड को दुनियाभर में 7.7 करोड़ लोगों ने देखा। इस तरह वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए Ramayan दुनिया में एक दिन में सबसे ज्यादा देखा जाने वाले मनोजन प्रोग्राम बन गया है। प्रसार भारती ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

जानकारी हो की कोरोना वायरस महामारी से कारण लॉकडाउन लगने के बाद मांग उठी थी कि रामायण और महाभारत का पुनः प्रसारण किया जाए। इसके बाद से करोड़ों लोग रामायण सीरियल देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस सीरियल और इससे जुड़े पात्रों की लगातार चर्चा है।

mh: ठाणे में मुसलमान के हाथों से सामान नहीं लेने पर व्यक्ति को किया गया गिरफ्तार बेल भी मिल


Multapi Samachar

महाराष्ट्र (Maharashtra) के एक इलाके में मुसलमान के हाथों से सामान न लेने पर मंगलवार को गजानन चतुर्वेदी (51) के खिलाफ भादंसं की धारा 295 ए तहत मामला दर्ज किया गया.

ठाणे. महाराष्ट्र (Maharashtra) में ठाणे जिले के कशीमिरा इलाके में सामान पहुंचाने गये एक मुस्लिम व्यक्ति के हाथों से सामान न लेने पर एक स्थानीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अधिकारी के अनुसार मंगलवार को गजानन चतुर्वेदी (51) के खिलाफ भादंसं की धारा 295 ए (धार्मिक भावना को आहत करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण हरकत करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

कोरोना वायरस संकट के बीच किराना का सामान मुस्लिम डिलीवरी ब्वॉय (बॉय) से लेने से इनकार करने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। महाराष्ट्र में ठाणे जिले के कशीमिरा इलाके में सामान पहुंचाने गए मुस्लिम डिलीवरी ब्वॉय के हाथों से कथित रूप से उसे (सामान) नहीं लेने पर 51 साल के गजानंद चतुर्वेदी नामक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि इस शख्स ने किराने का सामान ऑनलाइन ऑर्डर किया था। 

वरिष्ठ निरीक्षक संजय हजारे ने बताया कि सामान पहुंचाने वाले ने शिकायत दर्ज करायी है कि मंगलवार सुबह को जब वह कुछ सामान पहुंचाने चतुर्वेदी के घर पहुंचा तब उन्होंने उससे नाम पूछा. जब उसने अपना नाम बताया तो चतुवेर्दी ने कहा कि वह मुसलमान के हाथों कोई सामान नहीं लेंगे. पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है.

गिरफ्तारी हुई और बेल भी मिल गया

वरिष्ठ निरीक्षक संजय हजारे ने बताया कि सामान पहुंचाने वाले ने शिकायत दर्ज कराई है कि मंगलवार सुबह को जब वह कुछ सामान पहुंचाने चतुर्वेदी के घर पहुंचा तब उन्होंने उससे नाम पूछा। जब उसने अपना नाम बताया तो चतुवेर्दी ने कहा कि वह मुसलमान के हाथों कोई सामान नहीं लेंगे। बुधवार को उन्हें घर से गिरफ्तार किया गया है और ठाणे के सेशन कोर्ट में पेश किया गया, जिसे बाद में 15 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई। 

मास्क और ग्लव्स पहना था डिलीवरी बॉय

32 साल के डिलीवरी बॉय उस्मान बरकत पटेल मंगलवार सुबह करीब 9.40 बजे मीरा रोड स्थित सृष्टि कॉप्लेक्स सामान की डिलीवरी करने गए थे। इस दौरान उन्होंने मास्क और ग्लव्स भी पहन रखा था। जैसे ही चतुर्वेदी और उनकी पत्नी ने नाम जानने के बाद सामान लेने से इनकार कर दिया, उस्मान ने मोबाइल निकाला और घटना को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया।  

डिलीवरी बॉय ने समझाया

चतुर्वेदी ने डिलीवरी बॉय उस्मान से कहा कि वह किसी भी मुस्लिम शख्स से ऑर्डर नहीं लेना चाहते। इसके बाद डिलीवरी बॉय ने कहा कि मैंने आपके फ्लैट तक सामान पहुंचाने के लिए अपनी जान को जोखिम में डाला और ऐसे संकट के वक्त में आपको लोगों के बारे में सोचना चाहिए तो आप धर्म के बारे में सोच रहे हैं? यह सच में हैरान और दुखी करने वाला है। 

Amarnath Yatra : नहीं होगी रद्द, राज्य सरकार ने पहले जारी किया प्रेस रिलीज वापस लिया


नई दिल्ली: 

जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार ने उस प्रेस रिलीज को वापस ले लिया है, जिसमें कहा गया था कि कोरोना वायरस की महामारी के कारण इस साल की अमरनाथ यात्रा को रद्द कर दिया गया है. इस प्रेस रिलीज ने देश को ‘हैरानी’ की स्थिति में ला दिया था. गौरतलब है कि इससे पहले पिछले साल, अमरनाथ यात्रियों की  जम्‍मू-कश्‍मीर में पवित्र गुफा तक की यात्रा की अवधि में कटौती की गई थी क्‍योंकि सरकार को इनपुट मिले थे कि अनुच्‍छेद 370 को हटाने के फैसले के खिलाफ आतंकी कोई बड़ी वारदात करने की योजना बना रहे हैं. बता दें कि शुरुआत में ऐसी खबरें आईं थी कि देश में जारी कोरोना संकट (Coronavirus) की वजह से इस साल होने वाली अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) को रद्द कर दिया गया है. इस साल अमरनाथ यात्रा 23 जून से तीन अगस्त तक होनी थी.

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय (Home Ministry) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 20,471 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,486 नए मामले सामने आए हैं और 49 लोगों की मौत हुई है. वहीं, देश में कोरोना से अब तक 652 लोगों की जान जा चुकी है, हालांकि राहत की बात यह है कि 3960 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं.

देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. हालांकि 20 अप्रैल से लॉकडाउन के दौरान उन इलाकों में कुछ छूट भी दी गई है, जहां कोरोना के मामले कम हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की थी. बता दें कि पहले चरण का लॉकडाउन 14 अप्रैल को खत्म हो रहा था.

मुलताई के नरखेड़ में शिव, हनुमान मंदिर के ताले पर रखे पांच पांच सौ के नोट,पुलिस ने किये जब्त


मुलतापीसमाचार

नरखेड़ के  हनुमान मंदिर एवं शिव मंदिर के गेट पर लगे ताले के ऊपर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पांच-पांच सौ रुपए के नोटों को रखा हुआ

मुलताई। मुलताई थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत नरखेड़ के  हनुमान मंदिर एवं शिव मंदिर के गेट पर लगे ताले के ऊपर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पांच-पांच सौ रुपए के नोटों को रख दिया। सुबह जब मन्दिर से जुड़े लोग मन्दिर पहुचे तो ताले पर रखे नोट देखे। जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुचकर पांच सौ के दो नोटो को जब्त किया है। ऐसे समय में जब देश कोरोना वायरस की महामारी को झेल रहा और जगह-जगह थूक लगे नोटो के मिलने का सिलसिला जारी है।ऐसे में नरखेड़ में मन्दिरो के तालो पर नोट रखने की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फेली हुई है। लोगो का कहना है कि पूरे मामले की जांच होना चाइये और जिनके द्वारा यह घटना को अंजाम दिया गया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना चाइये।