Category Archives: भोपाल

मध्‍यप्रदेश Lalji Tandon in Memories : सत्ता परिवर्तन के बावजूद बेदाग रही लालजी टंडन की छवि


Multapi Samachar

Lalji Tandon in Memories : राज्यपाल लालजी टंडन ने जनता के लिए खोल दिए थे राजभवन के दरवाजे, लोकतंत्र के चारों स्तंभ से शुरू किया खुला संवाद।

Lalji Tandon in Memories : भोपाल, नवदुनिया। मध्य प्रदेश की स्थापना के बाद यहां की विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया और सामान्य नागरिक 28 राज्यपालों की कार्यशैली देख चुके हैं, सभी की अपनी-अपनी खूबियां रहीं। लेकिन लाल जी टंडन ने मात्र 11 महीने के कार्यकाल में ही राजभवन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। उनके लंबे सियासी अनुभव, स्वभाव की सरलता और कामकाज की पारदर्शिता ने सभी को प्रभावित किया। यही वजह रही कि मध्य प्रदेश में सियासी संग्राम के बाद, 22 विधायकों का इस्तीफा और कमल नाथ सरकार का पतन भी हुआ लेकिन राज्यपाल के रूप में टंडन की भूमिका बेदाग और निर्विवाद बनी रही।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से उनके दशकों पुराने रिश्ते हैं लेकिन सरकार गिरने के बाद भी दोनों के संबंधों में कोई अंतर नहीं आया। कमल नाथ सहित अन्य नेताओं ने उनकी कार्यशैली की कई अवसर पर तारीफ भी की। मध्य प्रदेश में हुए सत्ता पलट और सियासी उथल-पुथल के दौरान इस संवेदनशील मामले में भी उन्होंने पूरी पारदर्शिता रखी। संविधान और विधि विशेषज्ञों की राय के साथ अपने लंबे अनुभव के आधार पर न्याय संगत फैसले लिए। राज्यपाल की कुर्सी संभालते ही टंडन ने कमल नाथ सरकार के साथ रिश्तों को गरिमामय ऊंचाइयां देते हुए नई ऊर्जा का अहसास करा दिया। इतना ही नहीं तकरार के मुद्दों को भी पूरी गंभीरता से ‘डील’ कर उनका न सिर्फ सुखांत किया और नया मैसेज भी दे दिया। यह कहने से भी नहीं चूके कि ‘मैं कोई रबर स्टैंप नहीं, वीटो पॉवर भी मेरे पास है।’

https://multapisamachar.com/2020/07/21/mp-governor-lal-g-tandon-dies-in-lucknow-three-days-state-mourning-in-uttar-pradesh/

फैसलों पर नहीं उठी उंगली

उनके कामकाज पर उम्र का असर कभी नजर नहीं आया, जब सियासी संग्राम जोरों पर था तब राजभवन में रतजगा की स्थिति बनी रही। भोर होने तक सचिवालय में विधि विशेषज्ञों और अधिकारियों से राय मशविरा कर उन्होंने फैसले लिए। देश में ऐसे सत्ता परिवर्तन कई राज्यों में हुए लेकिन अमूमन राज्यपाल की भूमिका को लेकर खूब सवाल उठे और आरोप भी लगे लेकिन टंडन की कार्यशैली इसका अपवाद रही। उनके निर्णयों पर कोई उंगली नहीं उठा सका। सही मायने में उन्होंने अपनी संविधान संरक्षक की भूमिका को सर्वोपरि रखा। नियम-परंपराओं पर जोर नवदुनिया से हुई विशेष बातचीत में भी राज्यपाल टंडन ने इस बात पर जोर दिया था कि नियमों और परंपराओं का पालन होना चाहिए। प्रदेश में सियासी उथल-पुथल जब चरम पर थी, संख्या बल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने दावे-प्रतिदावे थे ऐसे नाजुक समय में भी उन्होंने सरकार के आमंत्रण पर विधानसभा जाकर अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान भी वह पक्ष-विपक्ष को संविधान और नियम-परंपराओं के पालन की नसीहत देना भी नहीं भूले।

मुलतापी समााचार

MP Board MPBSE 10th result 2020: आज 12pm पर जारी होगा एमपी बोर्ड 10वीं का परिणाम


12वीं से पहले जारी हो रहा 10वीं का रिजल्ट-
हर साल एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा के परिणम एक साथ जारी किए जाते हैं लेकिन इस बार कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लगे लॉकडाउन के चलते इस बार 10वीं और 12वीं की कुछ परीक्षाएं बीच में ही रुक गई थी। बाद में सरकार ने 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर औसत अंकों के आधार पर रिजल्ट जारी करने का फैसल किया वहीं 12वीं की शेष परीक्षाएं 9 जून से 16 जून के बीच आयोजित कराई गईं। 

एम पीबोर्ड के अधिकारियों ने बताया था कि 10वीं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य काफी समय पहले किया जा चुका था। लेकिन 12वीं की परीक्षाएं बाद में कराई गई हैं इसलिए रिजल्ट को जारी किए जाने में समय लग गया। वहीं 12वीं का रिजल्ट भी जुलाई के तीसरे सप्ताह में जारी किया जाएगा। 

इन वेबसाइटों पर भी रिजल्ट देख सकेंगे विद्यार्थी-
एमपी बोर्ड के विद्यार्थी mpbseresults.nic.in, mbpse.mponline.gov.in, mpbse.nic.in, livehindustan.com, jagranjosh.com, fastresults.in, mp10.abplive.com, and hindustantimes.com पर भी अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे।

एमपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 4 स्टेप्स में कर सकेंगे चेक-
1- गूगल प्लेस्टोर से  MPBSE Mobile app, MP Mobile app या Fastresults app डाउनलोड करें।
2- एप का होम पेज खोलने के बाद “ MP Board 10th result 2020”  लिंक पर जाएं।
3- यहां अपना रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ आदि की सूचना भरकर सब्‍मिट करें।
4- अब रिजल्ट आपके सामने होगा, जिसे चाहे तो डाउनलोड/स्क्रीनशॉट ले सकते हैं

Madhya Pradesh Cabinet Expansion : मध्य प्रदेश में 28 मंत्रियों ने ली शपथ, देखें पूरी लिस्ट, अब होगा विभागों का बंटवारा


Madhya Pradesh Cabinet Expansion : मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में आज 28 नए मंत्री शामिल हो गए हैं। भोपाल के राजभवन में प्रभारी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल इन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई। 20 ने कैबिनेट और 8 ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। अब पिछले पांच मंत्रियों को मिलाकर मंत्रिमंडल में कुल 33 मंत्री हो गए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब सबसे पहले सीएम शिवराज बैठक लेंगे और जल्द ही मंत्रियों को विभागों का बंटवारा किया जाएगा। 

कैबिनेट मंत्री

– गोपाल भार्गव

– विजय शाह

– जगदीश देवड़ा

– बिसाहू लाल सिंह

– यशोधरा राजे सिंधिया

– भूपेंद्र सिंह

– एदल सिंह कंषाना

– बृजेंद्र प्रताप सिंह

विश्वास सारंग

– इमरती देवी

– प्रभुराम चौधरी

– महेंद्र सिंह सिसौदिया(संजू भैया)

– प्रद्युमन सिंह तोमर

– प्रेम सिंह पटेल

– ओमप्रकाश सकलेचा

– उषा ठाकुर

– अरविंद भदौरिया

– डॉ. मोहन यादव

राजवर्धन सिंह प्रेमसिंह दत्तीगांव

राज्यमंत्री

– भरत सिंह कुशवाह

– इंदर सिंह परमार

MP Cabinet Expansion : कल नहीं होगा शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार, आनंदी बेन दोपहर बाद भोपाल आएंगी


MP Cabinet Expansion : भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह चौहान ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि उनके मंत्रिमंडल का विस्तार कल यानि बुधवार को नहीं होगा। अलबत्‍ता एक-दो दिन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। मीडिया से बातचीत में शिवराज ने साफ कर दिया कि कल विस्‍तार नहीं किया जाएगा

शिवराज भाजपा के आला नेताओं से विचार-विमर्श करने के लिए पिछले दो दिनों से दिल्ली में थे। मंगलवार सुबह वे वापस भोपाल लौट आए, सीएम शिवराज के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और सुहास भगत भी आए हैं। माना जा रहा था कि कल एक जुलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है और इस बार इनमें नए चेहरों को जगह दी जा सकती है। सीएम इसको लेकर मंत्रालय में चर्चा की। वहीं मप्र की प्रभारी राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल बुधवार को दोपहर 3 बजे भोपाल पहुंच रही हैं। दोपहर 4.30 बजे मप्र हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उन्हें मप्र के राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाएंगे।

पहले मंत्रिमंडल विस्तार के लिए 30 जून का दिन सामने आ रहा था, लेकिन बाद में यह तारीख टल गई। अब एक जुलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार होना माना जा रहा क्योंकि कल देवशयनी एकादशी है और इसके बाद करीब 5 महीने तक कोई भी शुभ कार्य वर्जित रहेगा।

सीएम ने दो दिन दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई वरिष्ठ नेताओं से बात की। इस दौरान गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी दिल्ली पहुंच गए थे।

Madhya Pradesh News : फिर मिलेगा महापौर व अध्यक्ष को वापस बुलाने का अधिकार


Madhya Pradesh News : भोपाल  मध्य प्रदेश की जनता को एक बार फिर नगर निगमों के महापौरों और नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्षों को वापस बुलाने का अधिकार मिलेगा। तीन चौथाई पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने और उसे विधिसम्मत पाए जाने पर राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी, भरी कुर्सी’ का चुनाव कराएगा। इसमें खाली कुर्सी के पक्ष में अधिक मतदान होता है तो फिर महापौर या अध्यक्ष को कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।

पूर्ववर्ती कमल नाथ सरकार ने नगर पालिका अधिनियम में संशोधन कर इस प्रावधान को समाप्त कर दिया था। शिवराज सरकार ने फिरसे इसमें संशोधन कर व्यवस्था को लागू करने की मंजूरी दे दी है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के नगर निगम के महापौर और नगर पालिका तथा नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के माध्यम से कराने की व्यवस्था लागू की थी। इसके साथ ही जनता को मिला वह अधिकार भी छिन गया था, जिसमें उसे महापौर और अध्यक्ष को वापसवापस बुलाने का अधिकार मिला था।

हालांकि इससे पहले दिग्विजय सरकार ने नगर निगम अधिनियम-1956 में बदलाव कर राइट-टू-रिकॉल के माध्यम से पार्षदों को यह अधिकार दिया था कि वे आर्थिक अनियमितता सहित अन्य आरोपों के चलते महापौर या अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास ला सकते हैं। कमल नाथ सरकार ने यह व्यवस्था लागू कर दी थी कि पार्षदों को महापौर या अध्यक्ष के प्रति अविश्वास हो तो वे अपने में से ही किसी दूसरे व्यक्ति को चुन सकते हैं। विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने कमल नाथ सरकार की इस व्यवस्था का विरोध किया था।

राज्यपाल लालजी टंडन को ज्ञापन देकर अध्यादेश को मंजूरी नहीं देने की मांग भी की थी। राज्यपाल ने कुछ दिन के लिए प्रस्ताव रोक भी लिया था, लेकिन बाद में इसे अनुमति दे दी थी।

ऐसी रहती है प्रक्रिया

कलेक्टर यदि तीन चौथाई पार्षदों के माध्यम से प्राप्त प्रस्ताव को परीक्षण में विधिसम्मत पाता है तो शासन को महापौर या अध्यक्ष को वापस बुलाने के लिए चुनाव कराने की सिफारिश कर सकता है। -शासन के प्रस्ताव पर राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी, भरी कुर्सी ‘ का चुनाव कराता है। -यदि खाली कुर्सी के पक्ष में जनता मतदान करती है तो संबंधित को पद छोड़ना पड़ता है। -महापौर या अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव उनके कार्यरत रहने के दो साल बाद और माह शेष रहने से पहले लाया जा सकता है। 

नगरीय विकास विभाग ने तैयार किया प्रारूप सत्ता परिवर्तन के बाद शिवराज सरकार ने पिछली सरकार के जिन फैसलों की समीक्षा कर परिवर्तन करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया था, उसे अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग अमलीजामा पहना रहा है। इसके लिए पिछले दिनों मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस की अध्यक्षता में हुई वरिष्ठ सचिव समिति की बैठक में अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक लाने की मंजूरी दी गई है। इसके मुताबिक नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने संशोधित विधेयक का प्रारूप तैयार कर लिया है।

MPBSE की हेल्पलाइन पर आ रहे कॉल, कब आएगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट?


MPBSE Exam Result : भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जुलाई में घोषित होगा। 10वीं का रिजल्ट जुलाई के पहले सप्ताह में और 12वीं का जुलाई के तीसरे सप्ताह में जारी हो सकता है। रिजल्ट को लेकर मंडल की हेल्पलाइन में कॉल की संख्या चार गुनी हो गई है। अभी हर रोज करीब 2000 कॉल आ रहे हैं।

10वीं व 12वीं के विद्यार्थी एक ही सवाल कर रहे हैं कि रिजल्ट किस तारीख को जारी होगा। वहीं कई विद्यार्थियों ने पूछा है कि कुछ पेपर अच्छे नहीं गए हैं तो फेल होने की आशंका है। इस पर काउंसलर ने समझाया कि घबराएं नहीं, बल्कि फिर से तैयारी में जुट जाएं। अभिभावकों को भी सलाह दी जा रही है कि बच्चों का ध्यान रखें। उनका अंकों से आंकलन न करें। ज्ञात हो कि 1 जनवरी से अब तक हेल्पलाइन में 91 हजार कॉल आए है।

हेल्पलाइन प्रभारी ने बताया कि लॉकडाउन में विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर तनाव अधिक था। उस दौरान तीन माह में 60 हजार विद्यार्थियों के कॉल आए। इन सभी की काउंसिलिंग की गई।

मप्र में स्नातक प्रथम, द्वितीय तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षाथियों को अगली कक्षा में प्रवेश


भोपाल। कोरोना संकट के मद्देनजर मध्‍य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को, बिना परीक्षा दिए, उनके गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों/आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा/सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा।

साथ ही स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के पूर्व वर्षों/ सेमेस्टर्स में से सर्वाधिक अंक प्राप्त परीक्षा परिणाम को प्राप्तांक मानकर अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये जाएंगे। ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार चाहते हैं, उनके पास परीक्षा देने का विकल्प भी रहेगा। वे आगामी घोषित तिथि पर ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में कोरोना के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के संचालन तथा शालाओं को प्रांरभ करने के संबंध में आयोजित बैठक में यह जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी आदि उपस्थित थे।

शालाएं खोलने के संबंध में 31 जुलाई को समीक्षा उपरांत निर्णय

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में शालाओं को खोलने के संबंध में 31 जुलाई को समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा। 12वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारणवश 12वीं की परीक्षा नहीं दे पाए हैं उनके लिए एक बार फिर परीक्षा आयोजित होगी। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि अगले हफ्ते से बच्चों को किताबों का वितरण कराने की व्यवस्था की जा रही है।

प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर के 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी

प्रदेश में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी हैं। इनमें स्नातक प्रथम वर्ष में 5 लाख 25 हजार 200, स्नातक द्वितीय वर्ष में 5 लाख 7 हजार 269, स्नातक तृतीय वर्ष में 4 लाख 30 हजार 298, स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर में 01 लाख 72 हजार 634, स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर में 01 लाख 41 हजार 599 परीक्षार्थी हैं। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में परीक्षार्थियों की कुल संख्या 03 लाख 47 हजार 554, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में 2 लाख 63 हजार 05, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में 01 लाख 83 हजार 37, रानी दुर्गावतीविश्वविद्यालय जबलपुर में 2 लाख 25 हजार 197, महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर में 01 लाख 52 हजार 230, देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में 3 लाख 55 हजार 379, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में 01 लाख 97 हजार 901 तथा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में 54 हजार 697 विद्यार्थी हैं।

10वीं एवं 12वीं के परिणाम जुलाई में अपेक्षित

प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि प्रदेश में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं सम्पन्न हो चुकी है, 10वीं के परिणाम जुलाई के प्रथम सप्ताह में तथा 12वीं के परिणाम जुलाई के तृतीय सप्ताह में अपेक्षित है। प्रदेश में लॉकडाउन की अवधि में रेडियो, टी.वी. एवं मोबाइल के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हैं।

मध्य प्रदेश में अगले तीन दिन अच्छी बारिश के आसार | Mon, 22 Jun 2020


भोपाल में रविवार मौसम साफ रहा। दिन में उमस के साथ तेज गर्मी का अहसास हुआ। शाम को मौसम बदल और रात 8 बजे के बाद तेज हवा चली और 15 मिनट तक बारिश भी हुई। मंगलवार से तीन दिन तक भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश के आसार हैं। यह उड़ीसा के ऊपरी हिस्से में बने सिस्टम के कारण होगा। यह धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जो बारिश कराएगा। इसके पहले रविवार को तापमान में 4.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। दिन का पारा 33.4 डिग्री दर्ज हुआ

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मंगलवार से राजधानी सहित पूरे मध्य प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट है। उड़ीसा के 5.6 किमी की ऊंचाई पर हवा का चक्रवात बना है। दूसरा चक्रवात पूर्वी उप्र पर बना हुआ है। इससे वातावरण में नमी आ रही है। सोमवार-मंगलवार को इस सिस्टम की वजह से राजधानी सहित प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। यह सिस्टम तीन से चार दिन तक सक्रिय रहेगा

मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को रीवा, शहडोल संभाग और छिंदवाड़ा, बालाघाट, बैतूल, होशंगाबाद, रायसेन और सीहोर जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग में गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है।

Madhya Pradesh News: अब और महंगी होगी रेत एवं भंडारण भी नहीं कर पाए ठेकेदार


Madhya Pradesh News : अब और महंगी होगी रेत, भंडारण भी नहीं कर पाए ठेकेदार

Madhya Pradesh News : अब और महंगी होगी रेत, भंडारण भी नहीं कर पाए ठेकेदार

Madhya Pradesh News : भोपाल। प्रदेश में मकान, दुकान सहित अन्य निर्माण शुरू कर चुके लोगों के लिए बुरी खबर है। रेत के दाम अभी और रुलाएंगे। बारिश जल्द आने से ठेकेदार रेत का भंडारण नहीं कर पाए, इसलिए पिछले दो माह से रेत इकट्ठी कर रहे बिचौलियों का साम्राज्य कायम रहेगा और रेत के दाम 65 से 70 रुपये फीट तक जाने की आशंका है।

वर्तमान में दो से ढाई गुना अधिक दाम में रेत बिक रही है। हालात यह हैं कि छोटे निर्माण कार्यों के लिए बाजार में रेत मिल ही नहीं रही है। दिसंबर 2019 में खनिज विभाग ने बोली लगाकर 19 जिलों में तीन साल के लिए लीज पर खदान लेने वाले ठेकेदारों को 12 जून तक खदानें सौंपी थीं। विभाग पांच से 11 जून के बीच ठेकेदारों को खदानें सौंपने की ताबड़तोड़ कार्यवाही करता रहा। जानकार बताते हैं कि जिन ठेकेदारों को उत्खनन की अनुमति मिल गई। उन्होंने 12 जून से उत्खनन कर रेत का भंडारण शुरू किया था और 16 जून से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश शुरू हो गई।

राजधानी और आसपास के जिलों में रेत उपलब्‍ध कराने वाले होशंगाबाद, सीहोर और रायसेन जिले में चार दिन पहले करीब डेढ़ घंटे तेज बारिश हुई है। इसका असर खदानों और खदानों तक जाने वाले रास्तों पर पड़ा है। रास्तों में कीचड़ होने से जहां डंपर खदानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं कुछ खदानों में पानी भी भर गया है। सूत्र बताते हैं कि 12 से 16 जून तक चार दिन में प्रदेशभर में ठेकेदार 18 लाख घनमीटर रेत का ही भंडारण कर पाए हैं। जबकि हर माह करीब 12 लाख घनमीटर रेत की जरूरत होती है।

ऐसे में ठेकेदारों ने जो रेत का भंडारण किया है, वह अधिकतम डेढ़ माह ही चल पाएगी और फिर पूरा बाजार बिचौलियों के हाथों में होगा। ज्ञात हो कि वर्तमान में 50 से 60 रुपये फीट में रेत बिक रही है। वह भी सिर्फ बड़े विक्रेताओं के पास है। पिछले साल ही तय हो गई थी दामों में बढ़ोतरी रेत के दामों में बढ़ोतरी तो पिछले साल तभी तय हो गई थी, जब कमल नाथ सरकार ने छह गुना अधिक दाम में रेत खदानें नीलाम की थीं।

रही-सही कसर ठेकेदारों और खनिज विभाग के अधिकारियों की लापरवाही ने पूरी कर दी। लॉकडाउन में रेत नहीं बिकेगी। यह सोचकर ठेकेदारों ने मार्च से मई तक उत्खनन शुरू नहीं किया। उन्हें डर था कि खदान की सुपुर्दगी लेते ही सरकार पैसा मांगना शुरू कर देगी और फिलहाल रेत बिकना नहीं है। वे छूट मिलने की कोशिशों में लगे रहे और रेत का संकट खड़ा हो गया।

इसके लिए विभाग के अधिकारी भी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। उन्हें बाजार की स्थिति देखते हुए व्यवस्था बनानी थी पर वह प्रदेश के सियासी संग्राम के मजे लेते रहे। सरकार के पास कोई योजना नहीं रेत को लेकर इतनी हायतौबा के बाद भी सरकार के पास दाम कम कराने की कोई योजना नहीं है।

सरकार ने सिर्फ ठेकेदारों को खदानें सौंपकर जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया है। अब चाहे बिचौलिए ठगी करें या ठेकेदार, सरकार को कोई लेना-देना नहीं है। इस संबंध में खनिज विभाग के सचिव सुखवीर सिंह को मोबाइल फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।

ऐसे बढ़े रेत के दाम वर्ष — दाम 2016 — 18 से 19 रुपये 2017 — 20 से 22 रुपये 2018 — 21 से 25 रुपये 2019 — 24 से 48 रुपये 2020 — 28 से 60 रुपये (मई अंत तक) (नोट- दाम प्रति फीट के हिसाब से)।

Transfer in Madhya Pradesh : राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले


प्रदेश सरकार ने सोमवार को देर रात 14 राज्य प्रशासनिक और ग्रामीण विकास सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इसमें भोपाल विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बुद्धेश कुमार वैद्य को बनाया गया है।

वहीं, अंजू पवन भदौरिया को यहां से हटाकर मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन का विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी बनाया है। अशोक नगर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंद्रशेखर शुक्ला अब अपर कलेक्टर भोपाल होंगे। भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अभय अरविंद बेडेकर को इंदौर का अपर कलेक्टर बनाया है।

किसे कहां से कहां किया पदस्थ

नाम– वर्तमान पदस्थापना — नवीन पदस्थापना

कैलाश वानखेड़े– अपर कलेक्टर इंदौर– अपर कलेक्टर बुरहानपुर

Transfer in Madhya Pradesh : राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले

Transfer in Madhya Pradesh : राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले

Updated:Tue, 16 Jun 2020 05:39 AM (IST)Transfer in Madhya Pradesh : भोपाल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाए गए बुद्धेश कुमार वैद्य।null

Transfer in Madhya Pradesh : भोपाल । प्रदेश सरकार ने सोमवार को देर रात 14 राज्य प्रशासनिक और ग्रामीण विकास सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इसमें भोपाल विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बुद्धेश कुमार वैद्य को बनाया गया है।

वहीं, अंजू पवन भदौरिया को यहां से हटाकर मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन का विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी बनाया है। अशोक नगर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंद्रशेखर शुक्ला अब अपर कलेक्टर भोपाल होंगे। भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अभय अरविंद बेडेकर को इंदौर का अपर कलेक्टर बनाया है।

किसे कहां से कहां किया पदस्थ

नाम– वर्तमान पदस्थापना — नवीन पदस्थापना

कैलाश वानखेड़े– अपर कलेक्टर इंदौर– अपर कलेक्टर बुरहानपुरnull

सरोधन सिंह– मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर– अपर कलेक्टर अनूपपुर

प्रदीप जैन– मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्मार्ट सिटी उज्जैन– मुख्य महाप्रबंधक सड़क विकास निगम, भोपाल

मिलिंद कुमार नागदेवे– अपर कलेक्टर शहडोल– मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर

राजकुमार खत्री– उप सचिव राजस्व– उप सचिव राज्य निर्वाचन आयोग

कृष्ण कुमार रावत– संयुक्त कलेक्टर सीहोर– उपायुक्त राजस्व रीवा

अतेंद्र सिंह गुर्जर– अपर कलेक्टर भोपाल– मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया

भगवान सिंह जाटव– मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया– मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अशोक नगर

नीलेश परीख– संयुक्त आयुक्त विकास भोपाल– मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गुना

पीसी शर्मा– संयुक्त आयुक्त विकास रीवा– मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायसेन