Category Archives: मध्य प्रदेश के राज्यपाल निधन

मध्यप्रदेश में फिर हुआ महिला पर एसिड अटैक , करवा चौथ की रात आरोपी प्रेमी ने नर्स महिला बिस्तर सहित जलाया


नर्स पर एसिड अटैक:एसिड डालने के बाद आरोपी भाग निकला जिस बिस्तर पर नर्स सोई थी वह जल गया

जला बिस्तर व कंबल जब्त, हत्या के प्रयास व एसिड अटैक की धारा में केस

एसिड अटैक के कारण 35 वर्षीय नर्स गंभीर स्थिति में है। तेजनकर अस्पताल में साथ काम करने वाली नर्सों ने बताया स्थिति इतनी गंभीर है कि वह बात तक नहीं कर पा रही है। पुलिस ने आरोपी मुकेेश को हिरासत में ले लिया है।

सांईधाम कॉलोनी में हेमराज प्रजापति का मकान है यहीं पर नर्स व मुकेश ने 11 महीने पूर्व किराए से मकान लिया था। घटना के बाद नीलगंगा पुलिस ने जला हुआ बिस्तर, कंबल व मग्गा भी जब्त किया है, जिसमें एसिड होना प्रतीत हो रहा है।

अस्पताल पहुंचे सीएसपी रवींद्र वर्मा ने युवती की हालत को लेकर डॉक्टरों से बात की। वर्मा ने कहा कि आरोपी पर धारा 307 व एसिड अटैक की धारा 326 ए में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को दबिश देकर हिरासत में ले लिया गया है।

पिता बोले- आरोपी ने कायराना काम किया, फांसी की सजा हो : पिता ने कहा आरोपी मुकेश उनके गांव का ही है और खुद भी शादीशुदा है। उसने शंका में बेटी को इस मानसिकता से जला दिया कि उसके बाद उसे कोई देखे तक नहीं।

वह बेटी के साथ 13 साल से रहा लेकिन कायराना कृत्य करने से पहले जरा भी उसका दिल नहीं पसीजा। उसे फांसी की सजा हो।

मध्‍यप्रदेश Lalji Tandon in Memories : सत्ता परिवर्तन के बावजूद बेदाग रही लालजी टंडन की छवि


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Lalji Tandon in Memories : राज्यपाल लालजी टंडन ने जनता के लिए खोल दिए थे राजभवन के दरवाजे, लोकतंत्र के चारों स्तंभ से शुरू किया खुला संवाद।

Lalji Tandon in Memories : भोपाल, नवदुनिया। मध्य प्रदेश की स्थापना के बाद यहां की विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया और सामान्य नागरिक 28 राज्यपालों की कार्यशैली देख चुके हैं, सभी की अपनी-अपनी खूबियां रहीं। लेकिन लाल जी टंडन ने मात्र 11 महीने के कार्यकाल में ही राजभवन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। उनके लंबे सियासी अनुभव, स्वभाव की सरलता और कामकाज की पारदर्शिता ने सभी को प्रभावित किया। यही वजह रही कि मध्य प्रदेश में सियासी संग्राम के बाद, 22 विधायकों का इस्तीफा और कमल नाथ सरकार का पतन भी हुआ लेकिन राज्यपाल के रूप में टंडन की भूमिका बेदाग और निर्विवाद बनी रही।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से उनके दशकों पुराने रिश्ते हैं लेकिन सरकार गिरने के बाद भी दोनों के संबंधों में कोई अंतर नहीं आया। कमल नाथ सहित अन्य नेताओं ने उनकी कार्यशैली की कई अवसर पर तारीफ भी की। मध्य प्रदेश में हुए सत्ता पलट और सियासी उथल-पुथल के दौरान इस संवेदनशील मामले में भी उन्होंने पूरी पारदर्शिता रखी। संविधान और विधि विशेषज्ञों की राय के साथ अपने लंबे अनुभव के आधार पर न्याय संगत फैसले लिए। राज्यपाल की कुर्सी संभालते ही टंडन ने कमल नाथ सरकार के साथ रिश्तों को गरिमामय ऊंचाइयां देते हुए नई ऊर्जा का अहसास करा दिया। इतना ही नहीं तकरार के मुद्दों को भी पूरी गंभीरता से ‘डील’ कर उनका न सिर्फ सुखांत किया और नया मैसेज भी दे दिया। यह कहने से भी नहीं चूके कि ‘मैं कोई रबर स्टैंप नहीं, वीटो पॉवर भी मेरे पास है।’

https://multapisamachar.com/2020/07/21/mp-governor-lal-g-tandon-dies-in-lucknow-three-days-state-mourning-in-uttar-pradesh/

फैसलों पर नहीं उठी उंगली

उनके कामकाज पर उम्र का असर कभी नजर नहीं आया, जब सियासी संग्राम जोरों पर था तब राजभवन में रतजगा की स्थिति बनी रही। भोर होने तक सचिवालय में विधि विशेषज्ञों और अधिकारियों से राय मशविरा कर उन्होंने फैसले लिए। देश में ऐसे सत्ता परिवर्तन कई राज्यों में हुए लेकिन अमूमन राज्यपाल की भूमिका को लेकर खूब सवाल उठे और आरोप भी लगे लेकिन टंडन की कार्यशैली इसका अपवाद रही। उनके निर्णयों पर कोई उंगली नहीं उठा सका। सही मायने में उन्होंने अपनी संविधान संरक्षक की भूमिका को सर्वोपरि रखा। नियम-परंपराओं पर जोर नवदुनिया से हुई विशेष बातचीत में भी राज्यपाल टंडन ने इस बात पर जोर दिया था कि नियमों और परंपराओं का पालन होना चाहिए। प्रदेश में सियासी उथल-पुथल जब चरम पर थी, संख्या बल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने दावे-प्रतिदावे थे ऐसे नाजुक समय में भी उन्होंने सरकार के आमंत्रण पर विधानसभा जाकर अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान भी वह पक्ष-विपक्ष को संविधान और नियम-परंपराओं के पालन की नसीहत देना भी नहीं भूले।

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MP राज्‍यपाल लाल जी टंडन का लखनऊ में निधन, उत्तर प्रदेश में तीन दिवस का राजकीय शोक


Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon : मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया।

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Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon : लखनऊ, भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में सुबह 5.35 बजे निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और उन्हें 11 जून को स्वास्थ खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, तभी से वे अस्पताल में भर्ती थे। उनका पार्थिव शरीर त्रिलोकनाथ रोड स्थित सरकारी बंगले पर जाएगा। दोपहर 12 बजे पार्थिव शरीर को चौक स्थित आवास सोंधी टोला ले जाया जाएगा। शाम 4:30 बजे गोमती तट गुलाला घाट पर लालजी टंडन को अंतिम विदाई दी जाएगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सीए शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम शिवराज सिंह चौहान आज लालजी टंडन को श्रद्धांजलि अर्पित करने लखनऊ जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लालजी टंडन के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि देश ने एक लोकप्रिय जन नेता, योग्य प्रशासक एवं प्रखर समाज सेवी को खोया है, वो लखनऊ के प्राण थे।उन्होंने लालजी टंडन के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक की घोषणा की है।

जांच के दौरान सामने आई थी लिवर में परेशानी

जानकारी के मुताबिक 11 जून को बुखार होने पर परिजनों ने उन्हें लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। शुरुआती पड़ताल में डॉक्टरों को पेशाब में संक्रमण का पता चलने पर इलाज शुरू किया। जांच के दौरान राज्यपाल के लिवर में दिक्कत पाए जाने पर सीटी गाइडेड प्रोसीजर किया गया। इस दौरान पेट में रक्त का स्राव बढ़ गया, जिसके चलते उनका इमरजेंसी में ऑपरेशन किया गया था।

हाल ही में उनके किडनी के साथ-साथ लिवर का फंक्शन भी गड़बड़ा गया था। उनका इलाज आइसीयू में चल रहा था। 13 जून को उनका ऑपरेशन किया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। बीच में दो दिन बाई-पैप मशीन पर रहे। हालत में सुधार न होता देख दोबारा वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर के मुताबिक लालजी टंडन का किडनी फंक्शन पहले से गड़बड़ा गया था। ऐसे में डायलिसिस करनी पड़ रही थी। वहीं, अब लिवर का फंक्शन भी गड़बड़ हो गया था।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दी श्रद्धांजलि

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहा ने राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्रद्धेय श्री लालजी टंडन के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। टंडन जी का मार्गदर्शन हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक मिला। उन्होंने जनता और राष्ट्र की सेवा का एक अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए अपनी नीतियों से उत्तर प्रदेश भाजपा को भी सशक्त किया। मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहते हुए टंडनजी ने हमें सदैव सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र के प्रति उनके प्रेम और प्रगति हेतु योगदान को चिरकाल तक याद रखा जाएगा। आत्मा अजर-अमर है। वे आज हमारे बीच नहीं हैं परंतु अपने सुविचारों द्वारा वे हमारी स्मृतियों में सदैव जीवित रहेंगे। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोकाकुल परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करें।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी लालजी टंडन को श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा, भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री लालजी टंडन जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं। टंडन जी का पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उन्होंने उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक जनसेवक के रूप में श्री लालजी टंडन जी ने भारतीय राजनीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। उनका निधन देश और भाजपा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। ॐ शांति शांति शांति।

मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने ट्वीट कर लिखा, मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल आदरणीय लालजी टंडन जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दे।

मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता अरुण यादव ने राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री लालजी टण्डन जी के निधन का समाचार दुःखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें एवं परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति दें..।

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