Category Archives: मनरेगा

GRS ग्राम रोजगार सहायक द्वारा कपिल धारा योजना के कूप की 1 लाख रुपये से अधिक की राशि गमन किया, किसान हो रहा परेशान


घोड़ाडोंगरी। जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत आमडोह में ग्राम रोजगार सहायक तपनदास मण्डल ने हितग्राही को बिना बताए मजदूरी की राशि फर्जी तरीके से आहरण कर ली है। ग्रामीणों द्वारा बनाये गये पंचनामे में उल्लेख है कि भाग्यधर मंडल के कपिल धारा कूप में एक लाख तेरह हजार पचास रुपये की राशि का गमन की , फर्जी मस्टरोल भरकर किया गया है जबकि मोके पर ग्राम पंचायत ने कुँए का काम प्रारंभ नही किया था।

मनरेगा योजना में ग्राम रोजगार सहायक द्वारा फर्जी तरीके से राशि आहरण करने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है जहां मप्र शासन के आदेशानुसार हर पात्र हितग्राही को लाभ पहुंचाने के लिए तरह तरह के उपाय एवं नए-नए सॉफ्टवेयर बनाए जा रहे हैं। जिससे ग्राम पंचायत में कोई फर्जीवाड़ा न हो सके, लेकिन दबंग रोजगार सहायक तपन दास द्वारा मनरेगा अंतर्गत कपिल धारा कूप निर्माण में अपने चहेतों के खाते में राशि का आहरण नहीं रूक रहा है ।

ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत आम डोह के ग्राम नारायणपुर का देखने को मिला। जहां पर भाग्यधर पिता अधीर मंडल का मनरेगा योजना से कपिल धारा कूप निर्माण स्वीकृत वर्ष 2018 किया गया था।

जो कि नियमानुसार एक वर्ष की अवधि में निर्माण कार्य को पूरा होना था, लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद कपिल धारा का कूप निर्माण पंचायत द्वारा शुरू नही किया गया जिसके चलते पात्र हितग्राही द्वारा खुद जैसे तैसे रुपये जुगाड़ कर कच्चा कूप खुदवाया गया हितग्राही भाग्यधर मण्डल को बाद में पता चला की उसके कपिलधारा कूप निर्माण के नाम पर एक लाख तेरह हजार पचास रुपये निकल चुके हैं।

हितग्राही द्वारा जिसकी आरोप ग्राम पंचायत आमडोह के सह सचिव तपन दास पर लगाया, एवं हितग्राही ने बताया कि मजूदरों के नाम का फर्जी मस्टररोल से फर्जी तरीके से मेरे खेत के कपिल धारा कूप निर्माण कार्य का रकम निकल लिया गया है जिसका मास्टरमाइंड सह सचिव तपनदास मंडल है। जिम्मेदार अधिकारीयो द्वारा निष्पक्ष जांच की जाये कपिल धाराकूप निर्माण राशि मे गमन का मामला उजागर होगा।

GRS ग्राम रोजगार सहायक द्वारा कपिल धारा योजना के कूप की 1 लाख रुपये से अधिक की राशि गमन किया, किसान हो रहा परेशान


घोड़ाडोंगरी। जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत आमडोह में ग्राम रोजगार सहायक तपनदास मण्डल ने हितग्राही को बिना बताए मजदूरी की राशि फर्जी तरीके से आहरण कर ली है। ग्रामीणों द्वारा बनाये गये पंचनामे में उल्लेख है कि भाग्यधर मंडल के कपिल धारा कूप में एक लाख तेरह हजार पचास रुपये की राशि का गमन की , फर्जी मस्टरोल भरकर किया गया है जबकि मोके पर ग्राम पंचायत ने कुँए का काम प्रारंभ नही किया था।

मनरेगा योजना में ग्राम रोजगार सहायक द्वारा फर्जी तरीके से राशि आहरण करने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है जहां मप्र शासन के आदेशानुसार हर पात्र हितग्राही को लाभ पहुंचाने के लिए तरह तरह के उपाय एवं नए-नए सॉफ्टवेयर बनाए जा रहे हैं। जिससे ग्राम पंचायत में कोई फर्जीवाड़ा न हो सके, लेकिन दबंग रोजगार सहायक तपन दास द्वारा मनरेगा अंतर्गत कपिल धारा कूप निर्माण में अपने चहेतों के खाते में राशि का आहरण नहीं रूक रहा है ।

ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत आम डोह के ग्राम नारायणपुर का देखने को मिला। जहां पर भाग्यधर पिता अधीर मंडल का मनरेगा योजना से कपिल धारा कूप निर्माण स्वीकृत वर्ष 2018 किया गया था।

जो कि नियमानुसार एक वर्ष की अवधि में निर्माण कार्य को पूरा होना था, लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद कपिल धारा का कूप निर्माण पंचायत द्वारा शुरू नही किया गया जिसके चलते पात्र हितग्राही द्वारा खुद जैसे तैसे रुपये जुगाड़ कर कच्चा कूप खुदवाया गया हितग्राही भाग्यधर मण्डल को बाद में पता चला की उसके कपिलधारा कूप निर्माण के नाम पर एक लाख तेरह हजार पचास रुपये निकल चुके हैं।

हितग्राही द्वारा जिसकी आरोप ग्राम पंचायत आमडोह के सह सचिव तपन दास पर लगाया, एवं हितग्राही ने बताया कि मजूदरों के नाम का फर्जी मस्टररोल से फर्जी तरीके से मेरे खेत के कपिल धारा कूप निर्माण कार्य का रकम निकल लिया गया है जिसका मास्टरमाइंड सह सचिव तपनदास मंडल है। जिम्मेदार अधिकारीयो द्वारा निष्पक्ष जांच की जाये कपिल धाराकूप निर्माण राशि मे गमन का मामला उजागर होगा।

प्रदेश में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना, मौसम विभाग ने बुधवार से शुक्रवार बारिश होने की आसंका जताई, देखे किन शहरों में होगी अधिक बारिश


भोपाल Weather Alert। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण दक्षिणी मप्र में भी बरसात का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार को इंदौर में 18 मिमी. बरसात हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बुधवार से शुक्रवार तक भोपाल, इंदौर, होशंगाबाद, जबलपुर संभाग में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी में बना है गहरा अवदाब का क्षेत्र

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी उदय सरवटे ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब का क्षेत्र तेलंगाना के खम्मम के पास पहुंचकर अवदाब में तब्दील हो गया है। इस सिस्टम के बुधवार को गहरा कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर पश्चिम,उत्तर-पश्चिम की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इससे दो-तीन दिन तक दक्षिणी मप्र में बरसात होगी।

इंदौर, भोपाल, जबलपुर और होशंगाबाद संभागों में बारिश की संभावना

विशेषकर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, होशंगाबाद संभाग में कई स्थानों पर बुधवार से लेकर शुक्रवार तक बारिश होने की संभावना है। इसी क्रम में मंगलवार को भोपाल में बादल छाए रहे। गरज-चमक की स्थिति भी बनी। इंदौर में मंगलवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक 18 मिमी. बरसात हुई।

देवगढ़ की ऐतिहासिक बावलियों और कुंओं का मनरेगा के तहत जीर्णोध्दार कर धरोहरों को सहेजने और जल-संरक्षण का नवाचार


देवगढ़ की ऐतिहासिक बावलियों और कुंओं का मनरेगा के तहत जीर्णोध्दार कर धरोहरों को सहेजने और जल-संरक्षण का नवाचार

छिन्दवाड़ा ज़िले से लगभग 40 किलोमीटर दूर मोहखेड़ विकासखंड के देवगढ़ गाँव में सुरम्य पहाड़ियों में देवगढ़ का किला स्थित है। मध्य भारत में गोंडवाना साम्राज्य के वैभव और समृध्दि से जुडा इसका इतिहास आज भी अपनी गौरवशाली विरासत को बयान करता है। यहां तत्कालीन परिस्थिति अनुसार जल संरक्षण की अनेक संरचनायें देखने को मिलती है, लेकिन समय के दौर के साथ ये जल संरचनायें जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेंद्र सिंह नागेश के मार्गनिर्देशन में एकीकृत जल ग्रहण प्रबंधन मिशन और मनरेगा के अंतर्गत इन जल संरचनाओं का जीर्णोध्दार कर उन्हें मूल स्वरूप में ही नया रूप प्रदान करने की कार्ययोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। नवाचार के अंतर्गत इस कार्ययोजना के पूर्ण होने से जहां देवगढ़ की ऐतिहासिक बावलियों का जीर्णोध्दार होगा, वहीं ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने और जल संरक्षण का कार्य हो सकेगा।


परियोजना अधिकारी एकीकृत जल ग्रहण प्रबंधन मिशन सुश्री नीलू चौबितकर द्वारा जानकारी दी गई है कि देवगढ़ का किला व उसके आसपास 900 बावली और 800 कुयें है जिन्हें तत्कालीन शासकों ने बनवायें थे । अभी तक 46 बावलियों और 12 कुओं की खोज की जा चुकी है। निर्धारित कार्ययोजना में मनरेगा के अंतर्गत प्रथम चरण में 29.18 लाख रूपये की लागत से 7 बावलियों का जीर्णोध्दार कार्य किया जा रहा है तथा व्दितीय चरण में 79.35 लाख रूपये की लागत से 14 बावलियों का जीर्णोध्दार कार्य किया जायेगा । इस कार्य से जहां मनरेगा के अंतर्गत मजदूरों को कार्य मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है, वहीं देवगढ़ की जल संरचनायें सुधरने से इस क्षेत्र में जल संरक्षण की दिशा में एक उल्लेखनीय कार्य होगा जिससे भविष्य में खेती करने में मदद मिलेगी और पीने के लिये भी पानी की उपलब्धता रहेगी ।

प्रदीप डिगरसे बैतूल

मनरेगा से रोजगार देने में बालाघाट जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर


बालाघाट मध्यप्रदेश – एक लाख 23 हजार मजदूरों को मिल रहा है रोजगार बालाघाट जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जाबकार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा के अंतर्गत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन एवं हितग्राही मूलक कार्य कराये जा रहे है। मनरेगा के अंतर्गत जिले के एक लाख 23 हजार 64 मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। मनरेगा के अंतर्गत इतनी अधिक संख्या में ग्रामीण जाबकार्ड धारकों को रोजगार देने के मामले में बालाघाट जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इतनी अधिक संख्या में प्रदेश के किसी अन्य जिले में मजदूरों को काम नहीं मिला है। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा के कार्यों में मजदूरी पर 20 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है।

17 लाख मानव दिवसों का रोजगार सृजित जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने बताया कि 22 मई 2020 की स्थिति में बालाघाट जिले की 684 ग्राम पंचायतों में कुल 5246 कार्य प्रगति पर है। इनमें 4520 कार्य हितग्राही मूलक कार्य है और 726 कार्य सामुदायिक कार्य है। इन कार्यों में 2076 कार्य जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े है। मनरेगा के अंतर्गत चल रहे इन कार्यों से जिले के एक लाख 23 हजार 64 मजदूरों को रोजगार मिला हुआ है। कोरोना महामारी संकट के दौर में जिले में 20 अप्रैल से मनरेगा के कार्यों को प्रारंभ किया गया है। 20 अप्रैल से 22 मई 2020 तक जिले में मनरेगा से 17 लाख मानव दिवसों को रोजगार सृजित किया जा चुका है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सिंह ने बताया कि कोरोना संकट के दौर में बालाघाट जिले में एक लाख 04 हजार मजदूर बालाघाट जिले में अन्य राज्यों से वापस आये है। बाहर से आये मजदूरों के जाबकार्ड बनाकर उन्हें भी मनरेगा में काम दिया जा रहा है। बालाघाट जिले में मनरेगा से प्रदेश में सबसे अधिक एक लाख 23 हजार 64 मजदूरों को काम मिल रहा है। इतनी अधिक संख्या में प्रदेश के किसी अन्य जिले में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। इस प्रकार बालाघाट जिला मनरेगा में अधिक संख्या में मजदूरों को रोजगार दिलाने में मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान पर है। कोरोना संकट के दौर में अधिक से अधिक मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री गौरीशंकर बिसेन ने जलाशयों की नहरों से सिल्ट निकालने एवं नहरों के सुधार व सफाई कार्य मनरेगा से कराने का सुझाव दिया था। जिससे वर्षा ऋतु के बाद धान फसल की सिंचाई के लिए नहरों से किसानों को सुगमता से पर्याप्त पानी दिया जा सकेगा। मनरेगा के अंतर्गत जिले के सर्राटी, चावरपानी, मुरूमनाला, वैनगंगा नहर प्रणाली, गांगुलपारा, भंडारखोह, मौरिया, भिमोरी, आमगांव, पोंगार, गायमुख, परसाटोला जलाशय की नहरों एवं मेंडकी एवं वारासिवनी शाखा की 218 किलोमीटर लंबाई की नहरों की सिल्ट निकालने एवं सुधार कार्य के लिए 03 करोड़ 44 लाख 50 हजार रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। इसी प्रकार 40 तालाबों के सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए 03 करोड़ 83 लाख 76 हजार रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। नहरों एवं तालाबों के सुदृढ़ीकरण कार्यों से 02 लाख 97 हजार 438 मानव दिवसों का रोजगार सृजित होगा।

एक लाख 08 हजार मजदूरों को मास्क का किया गया वितरण
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए मनरेगा के कार्यों में पूरी सावधानी बरती जा रही है। सभी मजदूरों को मास्क लगाकर या मुंह पर गमछा बांधकर काम करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही काम के दौरान दो व्यक्तियों के बीच कम से कम 06 फिट की दूरी बनाये रखने की भी सलाह दी गई है । मनरेगा में काम कर रहे एक लाख 08 हजार मजदूरों को मास्क का वितरण किया जा चुका है। मनरेगा के कार्य स्थल पर मजदूरों के लिए पीने के पानी की भी व्यवस्था की गई है।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल