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मैनिट परिसर के कन्या छात्रावास औऱ एनआरआई होस्टल को क्वारन्टीन सेंटर नहीं बनाया जाएगा


Multapi Samachar

भोपाल- मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान को कोरोना वायरस के खिलाफ क्वारन्टीन सेंटर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने परिसर को अधिग्रहित किया था परंतु इस निर्णय से मैनिट परिसर के निवासियों में डर और रोष व्याप्त हो गया इसके बाद सभी ने विरोध किया।छात्रों और छात्राओं ने भी ट्विटर पर विरोध अभियान चलाया।मैनिट परिसर में भी विरोध हुआ।अतः प्रशासन ने आंशिक तौर पर बात मानते हुए कन्या छात्रवास और एनआरआई छात्रावास को क्वारन्टीन सेंटर बनाने से छूट दे दी।विरोध अभियान में मैनिट का जागो भारत अभियान औऱ पर्यावरण बचाओ आंदोलन की विशेष भूमिका थी।

आप सभी को हार्दिक बधाई और साधुवाद आपके सहयोग, समर्थन, सक्रिय प्रयास औऱ मेहनत से होस्टल नंबर 7 कन्या छात्रावास और NRI होस्टल को क्वारन्टीन सेंटर बनाने से मुक्त कर दिया।यह संसोधित आदेश है ।मैनिट को क्वारन्टीन सेंटर बनाना बहुत गलत निर्णय है क्योंकि यह अनिश्चित समय के लिए है।छात्रों का भविष्य खराब हो जाएगा।प्रशासन ने अन्य विकल्पों पर गंभीरता से ईमानदार प्रयास नहीं किया।


मैनिट को क्वारन्टीन सेंटर बनाने के निर्णय वापस लेने के लिए हम छात्रों के ,शिक्षा और देश हित में भविष्य में भी कार्य करते रहेंगे।
क्वारन्टीन सेंटर के संचालन से छात्रों को बहुत हानि होगी इसकी भरपाई कौन करेगा? आप सभी से प्रार्थना है कि देश के शिक्षण संस्थानों को कोई बाहरी गतिविधियों के लिए उपयोग में नहीं लाने दें। ऐसे में देश की शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो जाएगी।प्रधानमंत्री बात करते हैं कि आत्मनिर्भर भारत बनाना है हम पूछना चाहते हैं कि बिना उत्तम शिक्षा व्यवस्था बनाये इस लक्ष्य को कैसे हासिल करेंगे।देश के शिक्षा के हित में देश के शिक्षण संस्थानों को सिर्फ शिक्षा के लिए ही उपयोग किया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री, कलेक्टर भोपाल आदि सभी को लिखा पत्र


प्रति,
महामहिम राष्ट्रपति/मान प्रधानमंत्री/मंत्री मानव संसाधन विकास विभाग/मुख्यमंत्री/ मुख्य सचिव मप्र/प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग/संभाग आयुक्त भोपाल/आयुक्त नगर निगम भोपाल/कलेक्टर भोपाल

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MANIT (मैनिट) मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल परिसर को कोरोना वायरस के संक्रमितों के लिए क्वारन्टीन सेंटर क्यों नहीं बनाना चाहिए?
महोदय,
आपसे निवेदन है कि मैनिट एवं किसी भी शिक्षण संस्थानों को किसी दूसरे कार्यों में ना लगाया जाए।शिक्षा से ही राष्ट्र का निर्माण होता है और हम दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार होते हैं।
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हम सरकार के साथ हैं जिसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना बनाकर लड़ने की आवश्यकता है, जिससे जन जीवन सामान्य हो जाये।
हमे विश्वास है कि आप हमारे सुझावों पर गंभीरता से विचार कर जनहित में उचित निर्णय लेंगे।

  1. मैनिट एक राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान है जहां देश /विदेश के लगभग 5000 छात्र अध्यनरत हैं, सरकार इस संस्थान के संचालन करने के लिए करोङो रुपये खर्च करती है।छात्र भी शुल्क जमा करते हैं।इसलिए शिक्षा के अलावा किसी दूसरे कार्यों में इस संस्थान का उपयोग नही करना चाहिए।
  2. शासकीय योजनाओं के कार्यों में शिक्षकों को लगाने का दुष्परिणाम यह है कि देश की शिक्षा व्यवस्था अच्छी नहीं है।
  3. मैनिट के शिक्षकों और कर्मचारियों को होस्टल के छात्रों के सामान पैकिंग में लगाया जा रहा है।
  4. शिक्षा के हित में शिक्षा से जुड़े
    अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरे कार्यों में नहीं लगाना चाहिए।
  5. शिक्षकों को उनकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अपडेट रखने के लिए सुविधाओं और अवसर उपलब्ध कराना चाहिए, भले ही इस बावत उन्हें लक्ष्य देना चाहिए।
  6. मैनिट परिसर शहर के बीच में है और घनी आबादी(झुग्गी बस्तियों) से घिरा हुआ है।
    7.घनी आबादी (झुग्गी बस्तियों) से सफाई कर्मचारी, माली, गार्ड्स,सब्जी भाजी वाले आवश्यक रूप से आना जाना करते हैं।जिनके माध्यम से भोपाल के अन्य क्षेत्रों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैल सकता है।
  7. मैनिट परिसर ग्रीन जोन में आता है परंतु क्वारन्टीन सेंटर बनाने से मैनिट परिसर के रेड जोन में परिवर्तित होने की आशंका है।
  8. भोपाल शहर के बाहरी क्षेत्रों में पर्याप्त खाली भवन उपलब्ध हैं इसके अलावा कई स्कूल,कालेज, अस्पताल आदि भी हैं।
  9. मैनिट परिसर रिहायसी क्षेत्र है जहां फैकल्टी, कर्मचारी और अधिकारी निवासरत हैं।
    11.क्वारन्टीन सेंटर बनाने के समाचार के बाद कई छात्रों और उनके सगे संबंधी भोपाल रेड जोन से आकर अपना सामान होस्टल से लेकर जा रहे हैं।जिससे बहुत लोगों का आना जाना लगा रहता है जिससे परिसर में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।जबकि पहले किसी भी बाहरी लोगों का आना जाना प्रतिबंधित था।
  10. होस्टल क्र 7 (गर्ल्स हॉस्टल) कॉलोनी सेक्टर में होने से कॉलोनी के निवासी भी संक्रमित हो सकते हैं।
  11. शहर के बाहरी क्षेत्रों में क्वारन्टीन सेंटर के लिए विकल्प हैं तो शहर के बीच में सेंटर बनाना समझदारी नहीं हैं।
    14.छात्रों/छात्राओं के व्यक्तिगत सामान को उनके अनुपस्थिति में छूना अनैतिक और अवैध भी है।
  12. मैनिट की सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं होने से छात्रों के सामान सुरक्षित रहने में संदेह है।मैनिट परिसर में दो शिक्षकों के यहां चोरी हो चुकी है और एक शिक्षक की कार जला दी गई थी परंतु कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई।हमारा सामान सुरक्षित रहने की संभावना कम है।
  13. शिक्षण संस्थानों को कोई बड़ी मजबूरी हो उसी स्थिति में ऐसे कार्यों में लगाना चाहिए।शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है क्योंकि इसी से देश का निर्माण होता है इसलिए इन्हें सिर्फ और सिर्फ शिक्षा देने के लिए ही जिम्मेदारी तय करना चाहिए।जिसके लिए उनकी स्थापना हुई है।
  14. शिक्षण संस्थानों को लगातार आधुनिक तकनीक से अपडेट करते रहना चाहिए इसके लिए छात्रों और शिक्षकों को पर्याप्त सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना चाहिए।जिससे हम दुनिया के अच्छे संस्थानों से प्रतिस्पर्धा कर सकें।
  15. भारत सरकार के मापदंड अनुसार क्वारन्टीन सेंटर बनाने के लिए जो गाइड लाइन दी गई है उस मापदंड में मैनिट परिसर को क्वारन्टीन सेंटर नहीं बना सकते हैं।
  16. क्वारन्टीन सेंटर अनिश्चित समय के लिए बनेगा क्योंकि बार बार स्थान परिवर्तन करने से शासकीय राशि का दुरुपयोग होगा।
    20.भोपाल शहर के ग्रीन जोन में परिवर्तित होने के बावजूद क्वारन्टीन सेन्टर की आवश्यकता पड़ेगी क्योंकि रेड जोन से जो भी नागरिक आएंगे उन्हें सावधानी के तौर पर क्वारन्टीन करने की आवश्यकता रहेगी।
    21.देश/विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से छात्रों के आने पर उन्हें भी तो क्वारन्टीन करने की आवश्यकता रहेगी।
    22.सभी विकल्प खत्म होने पर मैनिट होस्टल के बदले LRC बिल्डिंग और NTB का उपयोग करना चाहिए।
    हम मैनिट के प्रत्येक छात्र और शिक्षक कोरोना वायरस के खिलाफ सरकार और प्रशासन को तन, मन और धन से सहयोग कर रहे हैं और भविष्य में भी करेंगे परंतु सरकार और प्रशासन को भी हमारी भावनाओं के अनुसार उचित निर्णय लेना चाहिए और मैनिट परिसर के लोगों के जीवन को संकट में नहीं डालना चाहिए।
    संक्रमण को खत्म करने के लिए हम स्थाई सोलुशन की दिशा में सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।ताकि भोपाल और देश जल्दी से जल्दी कोरोना वायरस से मुक्त हो और जनजीवन सामान्य हो।
    निवेदक
MANIT (मैनिट) मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल परिसर को कोरोना वायरस के संक्रमितों के लिए क्वारन्टीन सेंटर क्यों नहीं बनाना चाहिए?

मैनिट के छात्र,शिक्षक, कर्मचारी, एवं उनके परिवार एवं
शरद सिंह कुमरे
पर्यावरण बचाओ आंदोलन
जागो भारत अभियान
भोपाल
9406533671,9303119212

हम विरोध नहीं परमानेंट सोलुशन की बात कर रहे हैं।
मैनिट में सुरक्षा व्यवस्था बहुत दयनीय है।2 फैकल्टीज के यहां चोरी हो चुकी है और एक फैकल्टी की कार जला चुके है परंतु कुछ नहीं हुआ।
मेरी कार की बैटरी 2 बार चोरी हुई थी मुझे नई बैटरी सुरक्षा एजेंसी ने दिया।क्योंकि मैंने इनकी शिकायत की थी।
मेरी सलाह है कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए प्रशासन को अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना बनाना चाहिए।यह लंबा चलेगा।क्वारन्टीन सेंटर एक बार बन गया तो यह लंबा चल सकता है और फिर कॉलेज तब तक बंद रखना पड़ेगा।
कॉलेज के फैकल्टी सब काम छोड़कर समान पैक करने, ताले तुड़वाने,समान की पैकिंग आदि में लग रहे हैं।
पढ़ाई बहुत बुरी तरीके से प्रभावित होगी।छात्रों का कैरियर बर्बाद हो जाएगा।
विकल्प बहुत हैं।
गांव में शासकीय स्कूल के शिक्षकों को सभी शासकीय योजनाओं के लिए व्यस्त रखा जाता है इसलिए शासकीय स्कूल बर्बाद हो चुके हैं।
लॉक डाउन पीरियड में शिक्षकों को नई तकनीकों को डेवेलोप करके छात्रों के एग्जाम, टेस्ट, campus selection aadi विषयों पर अपनी ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए था।
कृपया बड़ा सोचें और देश भर के शिक्षा और शिक्षकों को दूसरे काम में ना लगाएं।
हाउसिंग बोर्ड के पास बहुत क्वाटर हैं, उन्होंने आफर भी किया था परंतु प्रशासन अपनी सुविधा के लिए शहर के बीच वाले स्थान को चुना है जबकि भारत सरकार के मापदंड अनुसार मैनिट को क्वारन्टीन सेन्टर नहीं बना सकते है।
मैं गाइड लाइन की प्रति प्रेसित कर रहा हूँ।हाइलाइटेड पार्ट को देखिए।
यह मुद्दा सिर्फ होस्टल खाली करने का नहीं है यह देश की शिक्षा व्यवस्था को बचाने की भी होना चाहिए।🙏🙏🙏

मेनिट में रक्तदान शिविर का आयोजन में 121 यूनिट रिकार्ड किया कायम


शरद सिंह कुमरे समाजसेवक ओर उनकी टीम रक्त दान करते हुए मेनिट परिसर भोपाल

आज तक 600 से अधिक रक्तदान औऱ जागरूकता शिविरों का आयोजन

121 छात्रों ने रक्तदान किया जिसमें छात्राओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया

सभी साथियों के सहयोग से मेनिट में रक्तदान शिविर का आयोजन बहुत अच्छे से हुआ।छात्रों को क्लीन, ग्रीन,इकोफ्रेंडली, सेफ और आदर्श संस्थान बनाने के लिए सुझाव दिया गया।सभी छात्रों ने भी सकारात्मक सहयोग देने के लिए सहमति जताई।121 छात्रों ने रक्तदान किया जिसमें छात्राओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।सभी साधुवाद के पात्र हैं।


सभी सदस्यों को सूचित किया जाता है कि किसी भी जरूरत मंद को खून की आवश्यकता हो तो पर्यावरण बचाओ आंदोलन निःस्वार्थ सहयोग करेगा।पराक्रम जनसेवी संस्थान ने आज तक 600 से अधिक रक्तदान औऱ जागरूकता शिविरों का आयोजन कर चुका है इसलिए हमारे अनुशंसा से जरूरत पड़ने पर किसी भी व्यक्ति को ब्लड बैंक से प्राथमिकता से सहयोग किया जाता है।चूंकि पर्यावरण बचाओ आंदोलन मानवता और पृथ्वी के पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने के बड़े उद्देश्य के लिए आगे बढ़ रहा है इसलिए इसके माध्यम से पीड़ित मानवता के अलावा पृथ्वी के अन्य जीवों के हित को भी ध्यान में रखकर कार्य किया जाएगा।सभी कार्य पर्यावरण बचाओ आंदोलन के माध्यम से ही किये जाएंगे।
जय भारत ,जय पर्यावरण
शरद सिंह कुमरे
9303119212,9406533671