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पवार समाज की प्रतिभाएँ हुई सम्मानित, सफल हुआ आयोजन


बैतूल। राष्ट्रीय भर्तृहरि विक्रम भोज पुरस्कार समिति भारत का पहला आयोजन 7 जुलाई 2019 को पांढुर्ना में, दूसरा आयोजन 2 फरवरी 2020 को छिंदवाड़ा में और तीसरा सफल आयोजन 17 अप्रैल 2022 को मुलताई तहसील के ग्राम डहुआ में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम तीन सत्रों में आयोजित किया गया पहले सत्र के अध्यक्ष श्री गुलाबराव जी कालभोर, अतिथि कैप्टन एलआर पवार, श्रीमती लक्ष्मी बारंगे, श्रीमती सविता बारंगे, श्री भागचंद देशमुख, श्री सुरेश देशमुख नागपुर, श्रीमती निधि बारंगे छिंदवाडा़, श्रीमती हेमलता डहारे भोपाल, राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती पुष्पलता बारंगे, विशेष अतिथि श्री पीएल बारंगे रहे।

द्वितीय सत्र के अध्यक्ष श्री डॉ. एनडी राऊत नागपुर, मुख्य अतिथि डॉ विजय पराड़कर छिंदवाडा, अतिथि डॉक्टर दमयंती कटरे प्राध्यापक छिंदवाडा़, डॉ. जयश्री चौधरी बारंगे नागपुर रहे।

तृतीय सत्र के अध्यक्ष डॉक्टर मानसिंह परमार पूर्व कुलपति पत्रकारिता इंदौर, मुख्य अतिथि कर्नल श्री अरुण पठाडे नागपुर, विशिष्ट अतिथि आर के पी रहांगडाले DGM, BSP छत्तीसगढ़, श्री शक्ति सिंह परमार संपादक स्वदेश, सुश्री मेघा परमार पर्वतारोही, कामनवेल्थ जूडो में गोल्ड मेडल विजेता कपिल परमार, विशेष आमंत्रित अतिथि श्री प्रदीप कालभोर आईएएस रहे।

बैतूल जिले की मुलताई तहसील मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम डहुआ में मां कामख्या देवी मंदिर परिसर में सैकडो की संख्या में राष्ट्रीय भर्तृहरि विक्रम भोज पुरस्कार समिति भारत के तृतीय प्रतिभा सम्मान समारोह में भाग लेने आए पंवार समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत दो दर्जन से अधिक प्रतिभाओ एवं मंचासिन लोगो को समिति की ओर से पुरूस्कृत कर सम्मानित किया गया ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जवाहर नेहरु कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति डॉ. पीके बिसेन, पूर्व कैबिनेट मंत्री और मुलताई विधायक सुखदेव पांसे, बैतूल विधायक निलय डागा, जिला क्षत्रिय पवार समाज संगठन के जिलाध्यक्ष श्री बाबूलाल कालभोर एवं समाज के सैकडों पदाधिकारियों की मौजूदगी में पवार – परमार वंश के देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को बतौर मुख्य एवं अतिथी के रूप में बुलवाया गया था। सेना, पत्रकारिता, लेखन, कुश्ती, पर्वतारोहण, खेलकूद, कला, संस्कृति, सरकारी सेवाओ, स्कूलों के टॉपर छात्र-छात्राओं को सम्मान राशि के संग सम्मान दिया गया ।

कार्यक्रम में बैतूल, रोंढा, बैतूलबाजार, भारतभारती, आमला, सारणी, पाथाखेड़ा, मुलताई तहसील के गांव से, साथ जिले के बाहर  होशंगाबाद, इटारसी, भोपाल, इंदौर, पीतमपुर, ग्वालियर, हरदा, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाडा़, मोहखेड़, पांडुर्णा, सौसर, बिछुआ, परासिया, अमरवाड़ा और प्रदेश के बाहर पुणे, रायपुर, मुंबई, नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, गोंदिया, गाडरवारा आदि स्थानों से समाज सदस्य और समाज की प्रतिभाएँ उपस्थित रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के पूर्वज पुरुषों, मां कामाख्या, मां गढ़कालिका और चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रारंभ किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत कन्याओं द्वारा तिलक लगाकर और श्रीफल भेंट कर किया गया। सर्वप्रथम तबला वादन गौरव पवार चौधरी सारनी ने अपनी प्रस्तुति दी, इसके बाद श्रीमती निशा हजारे द्वारा स्वागत गीत, श्री बलवंत कड़वेकर द्वारा प्रस्तावना भाषण और पुरस्कार समिति की विकास यात्रा बताई गई। कुमारी आकांक्षा पवार भिलाई दुर्ग के द्वारा गणपति वंदना नृत्य प्रस्तुत किया गया। गौरव ओंकार पाथाखेड़ा सारणी द्वारा शिव तांडव नृत्य, कुमारी आकांक्षा पवार भिलाई दुर्ग द्वारा नृत्य, ओशिन धारे भोपाल द्वारा प्रभु जी मेरे अवगुण चित ना धरो भजन, कुमारी कनक भोपाल नृत्य, कुमारी रौनक भोपाल द्वारा देशभक्ति नृत्य की प्रस्तुति दी गई।

ये हस्तियाँ हुई सम्मानित —– सेना में सम्मानजनक पद पर रहने वाले और 11 मेडल प्राप्त करने वाले श्री कर्नल अरुण पठाडे, कैप्टन संतोष कौशिक, फाइटर प्लेन विशेषज्ञ श्री भगवत बुआड़े, स्वदेश के संपादक और राष्ट्रवादी पत्रिका के प्रतीक श्री शक्ति सिंह परमार, चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉ अशोक बारंगा, डॉक्टर जीवन किंकर, डॉ अमित राहंगडाले, सामाजिक उत्थान के लिए श्री मनीराम बारंगे, श्री दिनकर राव बुवाड़े, श्री बृजलाल गोहिते, श्री दयाराम महाजन, श्री बालकृष्ण पटेल, श्री कन्हैयालाल बुआड़े, खैरीपेका में कई सालों से सामूहिक विवाह का आयोजन सफलतापूर्वक आयोजित कराने वाले श्री कृष्ण कुमार ढोबले और श्रीमती निवेदिता ढोबले, श्री प्रदीप कालभोर आईएएस, श्री नामदेव रबड़े आईईएस, मुलताई क्षेत्र से पहले यूपीएससी क्लियर कर आबकारी अधिकारी बने वाले श्री निलेश पवार, सुश्री मेघा परमार पर्वतारोही और बेटी बचाओ अभियान की ब्रांड एम्बेसेडर, श्री शंकर पवार पत्रकार, श्री विजय बारंगे जोनल मैनेजर एयरटेल, शासकीय सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉक्टर एम एस परमार कुलपति, श्री प्रकाश बारंगे, प्रधानमंत्री श्रम श्री अवार्ड से सम्मानित श्री पंचम कालभोर मुलताई और श्री फगनलाल पवार सेरके, श्री संतोष पवार बुआड़े एनटीपीसी में सेवारत, स्वर्गीय डॉक्टर अशोक पराड़कर और अशासकीय सेवाओं के लिए श्री राजेश बारंगे खरपतवार निवारण में शोध और नियंत्रण में पेटेंट पुरस्कृत, स्व. गोपीनाथ कालभोर ग्रामीण पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित श्री राम किशोर पवार रोंढा, श्री संजय पठाडे, श्री सुंदरलाल देशमुख शिक्षा पुरस्कार के लिए श्रीमती प्रभावती पवार उन्होंने 2005 से 2022 तक बेस्ट टीचर अवार्ड से नवाजा गया है। सुखवाड़ा द्वारा ₹31000 का पुरस्कार कुमारी शिवानी पवार डोंगरे राखीढाना छिंदवाड़ा, स्वर्गीय मोहनलाल पवार स्मृति छात्रवृत्ति राशि ₹15000, 5 छात्रों में बांटी गई जिसमें कुमारी शिवानी पवार विजयवाड़ा, कुमारी विजेता पवार रिधोरा, प्रतीक सेरके उमरानाला, प्रियांशु गोहिते, कुमारी आरती बिसेन तिरोड़ा सभी हायर सेकेंडरी स्टेट टॉपरों को ₹3000 की राशि, प्रशस्ति पत्र, श्रीफल से पुरस्कृत किया गया। स्वर्गीय काशीबाई कृष्णराव पराड़कर की स्मृति में ₹5000 की राशि 5 बच्चों में समान रूप से बांटी गई जिसमें कुमारी लवीना जगदीश कोड़ले बैतूल बाजार, कुमारी शिवानी देवा से वर्धा, कुमारी प्रतिक्षा पवार फरकाड़े, कुमारी कृतिका धारे उमरानाला, कुमारी रानी गाडरे को 1000 रुपये, प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। दीक्षा श्रिया बुआड़े छात्रवृत्ति राशि 5000 रुपये के लिए कुमारी अदिति पवार छिंदवाड़ा को सम्मानित किया गया

समाज की त्रिदेवियां जिन्होंने वैवाहिक जीवन में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी स्वयं की पहचान स्थापित करके सम्मानजनक मुकाम हासिल किया है जिसमें श्रीमती आदित्या पवार डोंगरे मैनेजर ग्रामीण बैंक, श्रीमती नीतू बारंगे मैनेजर एसबीआई बैंक, श्रीमती निधि बारंगे उपभोक्ता फोरम सदस्य जज एवं शोधार्थी पीएचडी शामिल है को प्रशस्ति पत्र, पवारी साहित्य और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

पवार परिणय, पवार मेट्रोमोनियल, सुखवाड़ा, सुखवाड़ा जीवनसाथी एप एडमिन श्रीमती अनीता दिनेश बुआडे़, श्री बलवंत कड़वेकर, श्री विजय बारंगे, श्री नामदेव बारंगे, श्री महेंद्र डिगरसे, श्री अजय डहारे, श्री संतोष कौशिक, श्री हरीश घागरे, श्री मिथिलेश गाकरे, श्री चंदन पवार, श्री श्याम पवार, श्री दिनेश कुमार पवार सभी को समाज के विवाह योग्य सदस्यों की जानकारी संकलित कर समाज में सजा करने के लिए प्रशस्ति पत्र, श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचकर समाज और देश का नाम गौरवान्वित करने वाली महिला कुश्ती में रजत पदक विजेता कुमारी शिवानी पवार डोंगरे के पिता श्री नंदलाल पंवार डोंगरे राखीढाना छिंदवाड़ा, शिक्षा नवाचार के लिए श्री उदल पवार श्रीमति गीता पवार, श्रीमती निशा हजारे, श्रीमती प्रभावती पवार, श्री संजीव बारंगे, श्री हितेश पठाडे को प्रशस्ति पत्र, पवार साहित्य और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

रक्तदान के लिए श्री शंकर पवार पत्रकार, श्री बीआर पवार शिक्षक, विधवा महिला सम्मान नानी बाई डिवटया, निरक्षर महिला सम्मान श्रीमती जेएल परिहार भोपाल, श्री गोवर्धन पवार छिंदवाड़ा, कुमारी प्रियंका चोपडे़ कराटे, आशीष चोपडे़ कराटे, कुमारी अविशा बारंगे मुलताई भोपाल कराटे, कुमारी नीतू कालभोर एनसीसी मार्गदर्शक, सारांश पवार और मनीषा पवार बुआडे़ गाडरवारा शिक्षा नेग, इंजीनियर अंशु पवार पिंजारे टेमझिरा भारतीय रेल्वे में 11 वी रैंक, डॉक्टर राजू एस पवार चिकाने की धर्मपत्नी श्रीमती ममता पवार, कुमारी पल्लवी परिहार पोहर राष्ट्रीय बाल विज्ञान, कुमारी काजल पवार पाठेकर पोहर टेनिश बाल क्रिकेट, कुमारी मुस्कान पवार शतरंज, कुमारी भूमि ओमकार कैरम, कुमारी हर्षिता बारंगे आईसस्टॉक, कुमारी सोनिया बारंगे सॉफ्टबॉल, कुमारी गुंजन कड़वे सॉफ्टबॉल, कुमारी कशिश बोबडे सॉफ्टबॉल, कुमारी कुमकुम डहारे सॉफ्टबॉल, युवराज चौधरी सॉफ्टबॉल, लीना कालभोर बाल विज्ञान, कुमारी रुहानी परिहार विज्ञान प्रदर्शनी, कुमारी रितु धारे उमरानाला, भविष्य डोगरदिए, कु. दिव्या कोड़ले जिला टॉपर सभी जूनियर राज्य और राष्ट्र प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय भर्तृहरि विक्रम भोज पुरस्कार समिति भारत में सबसे अधिक बच्चों का मनोरंजन करने वाले राहुल चोपड़े बिछुआ ने क्यूबिक की सहायता से जिन्होंने लता मंगेशकर गणेश जी शिवाजी महात्मा गांधी जैसे महान हस्तियों की प्रतिमा बनाकर पूरे देश में ख्याति अर्जित की है आकर्षण का केन्द्र रहे। कुमारी जिज्ञासा देशमुख बैतूल, श्री रामकिशोर पवार रोंढा स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ तीन किताबें लिख कर समाज में लेखन में प्रसिद्धि पाने वाले पत्रकार, श्रीमती शकुंतला बारंगे कैंसर पीड़ितों को बाल दान, श्री नामदेव बारंगे और श्रीमती शकुंतला पवार सेरके, श्री बलराम डहारे मंडीदीप और टीम, श्री तान्बाजी बारंगे पांढुर्ना, श्री योगेश पवार बैतूल, डॉक्टर संदीप परिहार बैतूल, डॉ गेन्दलाल फरकाड़े, श्री हरिशंकर पठाडे मुलताई को प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

अंत में आयोजन समिति, मां कामाख्या देवी मंदिर समिति डहुआ, ग्राम पंचायत डहुआ, बलराम बारंगे और उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। साथ ही भोजन व्यवस्था टीम, मंच पंडाल और बैठक व्यवस्था, प्रचार प्रसार की टीम, कैमरा मैन सहित सभी को प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

तृतीय राष्ट्रीय भर्तृहरि विक्रम भोज पुरस्कार डहुआ में श्री प्रकाश नारायण बारंगे अध्यक्ष सतपुड़ा पवार समाज समिति सारनी और श्रीमती पुष्पलता प्रकाश नारायण बारंगे सदस्या राष्ट्रीय क्षत्रिय पवार महासभा द्वारा राजभोज की 40 प्रतिमाएँ सभी सेवा निवृत्त सैनिक भाइयों और वरिष्ठजनों को भेट की गई।

इस भव्य आयोजन में कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री जगदीशचन्द्र पवार, लक्ष्मण धोटे, श्रीमती निशा हजारे, श्रीमती अर्चना जगदीश पवार, श्री गोविंदा हजारे, श्री रमेश सरोदे, श्री अमित बुआड़े, श्री बीआर कालभोर, श्री रणवीर प्रताप सिंह, श्रीमती कृष्णा हजारे, श्री बलराम बारंगे, दिनेश कुमार गाकरे, धुरेन्द्र बारंगे, सुभाष बारंगे, कमलेश करदाते, अनिल मदन बारंगे, राजेश बारंगे, इमरत बारंगे, कक्कु कड़वे, सुधीर परिहार, सरिता बलराम बारंगे, सुशीला युवराज बारंगे, प्रतिभा दिनेश गाकरे, सरोज बाई पटेल, लता करदाते, सीता बारंगे, जया कड़वे, संगीता हजारे,श्री जगन्नाथ पाठेकर, प्रदीप डिगरसे रोंढा, लक्ष्मीनारायण पंवार, अविनाश देशमुख, कमल पंवार, सुधाकर पंवार, झनक कडवे, अजय पंवार, अखिलेश परिहार का विशेष सहयोग रहा।

श्री इंदल चिकाने, मोहन बुआड़े, अशोक ओंकार, बंशीलाल बारंगे, अशोक बारंगे, अनिल कौशिक, राधेश्याम नागर, राधेश्याम डहारे, प्रकाश चौधरी, शंकर पठाडे, श्री राजा पवार, श्री राजू पवार, श्री जगदीश पवार, तरुण कालभोर, मोहित पवार पत्रकार, निलेश कोड़ले, जगदीश पंवार पत्रकार छिन्दवाडा, कृष्ण कुमार बारंगे, मुन्नालाल कसारे, गजानन पवार, सेवानिवृत सैनिक अशोक पंवार, अजय पवार पत्रकार, मनमोहन पवार, श्री पलाश कड़वे, अंकित कड़वे, मोनू पवार, मनोज बारंगे, जबलपुर से श्री अमर फरकाड़े, श्री धर्मदास बोबडे, श्री दुर्गेश पाठेकर, श्री तेजी लाल पिंजारे, श्री नंदलाल बारंगे, श्यामराव देशमुख, प्रदीप माटे, दिनेश डिगरसे, एम आर देशमुख, मदन महाजन, रोशन चौधरी, श्रीमती बिल्लो पवार, श्रीमती ज्योति देशमुख, श्रीमती रेखा पवार, श्रीमती सरोज पवार, श्रीमती कविता डिगरसे, कुमारी सविता फरकाड़े, श्रीमती हेमलता बारंगे, श्रीमती आशा पवार, श्रीमती मंगलेश्वरी पवार, श्रीमती संगीता पवार सहित सैकड़ों की संख्या में पवार समाज के जनमानस उपस्थित रहे।

ONLINE eDUCATION भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं


मुलतापी समाचार

इंदौर । ऑनलाइन शिक्षा भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है। गुरु और शिष्य का मिलन जब तक नहीं होता तब तक विद्या का भाव नहीं आता है। एेसे ही शिक्षक और विद्यार्थी आमने-सामने बैठते है तो शिक्षा का वातावरण निर्मित होता है। कोरोना महामारी के कारण ऑनलाइन शिक्षा की अल्पकालीन व्यवस्था बनी है।

यह बात आचार्य विद्यासागर महाराज ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा में नेमीनगर जैन मंदिर में कही। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सभी समाचार पत्र मिलकर प्रयास करे तो देश के 13 प्रांतों में जहां हिंदी बोली जाती है वहां पर शुद्ध हिंदी बोली जाने लगेगी। हिंदी समाचार पत्रों में अंग्रेजी शब्दों का इस्तमाल नहीं होना चाहिए। अगर एेसा होता है तो इन राज्यों में रहने वाली 70 फीसदी लोग हिंदी भाषा को सही रूप में अपना लेंगे। इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। देश की तरक्की होगी।

संतों ने मठ मंदिर बना लिए लेकिन उन्हें नदी के समान होना चाहिए-

एक अन्य सवाल के जवाब में आचार्यश्री ने कहा कि संतों ने मठ-मंदिर बना लिए है लेकिन उन्हें नदी की तरह होना चाहिए। संतों को संभव हो तो एक स्थान पर नहीं रहना चाहिए। उन्हें बहते पानी के समान होना चाहिए। जैसे नदी बहती रहती है वैसे ही संतों को भी चलते रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा राजनीति और धर्मनीति में अंतर है। राजनीति में लोग इधर से उधर हो जाते है। धर्म नीति में एेसा संभव नहीं है।

MY Hospital Indore पोस्टमार्टम रूप में रखे-रखे कंकाल बने शव ने शासन के दावों की पोल खोल दी


Multapi Samachar

एमवाय अस्पताल के पोस्टमार्टम रूप में रखे-रखे कंकाल बने शव ने शासन के दावों की पोल खोल दी है। एक तरफ तो शासन शहर में कोरोना की वजह से बड़ी संख्या में मौतों से इंकार कर रहा है, दूसरी तरफ एमवायएच प्रबंधन स्वीकार रहा है कि एमटीएच और अन्य शासकीय अस्पतालों से बड़ी संख्या में शव आने से पोस्टमार्टम कक्ष में जगह नहीं है। पीएम कक्ष के 16 बॉडी फ्रीजर भी पैक चल रहे हैं। एमवायएच के पोस्टमार्टम कक्ष में शवों की दुर्गति कोई नई बात नहीं है। करीब 15 साल पहले भी यहां से एक साथ चार अज्ञात शव ऐसी ही क्षत-विक्षत हालत में बरामद हो चुके हैं।

चार शव एक साथ मिले थे

अस्पताल के पुराने कर्मचारियों के मुताबिक करीब 15 साल पहले भी पीएम कक्ष में ऐसी ही एक घटना हो चुकी है। उस वक्त चार शव एक साथ पड़े मिले थे। इनमें से तीन शव अज्ञात थे, जबकि एक को मृतक के स्वजन वहीं छोड़कर चले गए थे। इन शवों को नगर निगम को निबटान के लिए ले जाना था, लेकिन सूचना देने के बावजूद कोई नहीं आया। पीएम कक्ष में बदबू फैलने के बाद शव पड़े होने की बात सामने आई, जिन्हें बाद में निगम को सौंपा गया था।

पैकिंग के लिए लाए जा रहे शव

मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आने वाले सभी अस्पतालों से शव पोस्टमार्टम के लिए एमवायएच लाए जाते हैं। कोविड-19 से मरने वालों के शवों का पोस्टमार्टम तो नहीं किया जाता, लेकिन शवों को पैकिंग के लिए यहां लाया जा रहा है।

Rahat Indori : मशहूर शायर, दिलों पर राज करने वाले राहत इंदौरी सुपुर्दे खाक, कोविड के नियमों तहत दफनाया


राहत इंदौरी सुपुर्दे खाक मशहूर शायर

Rahat Indori News : इंदौर। अपनी शेरो-शायरी के जरिए लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाले मशहूर शायर राहत इंदौरी को मंगलवार सुपुर्दे खाक किया गया।शहर के छोटी खजरानी स्थित कब्रस्‍तान में उन्‍हें कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दफनाया गया।अरबिंदो अस्‍पताल से ही उनके शव को एंबुलेंस के जरिए कब्रस्‍तान लाया गया। वहां नमाज अदा की गई। चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में उनकी अंत्‍येष्टि की गई।

देश के प्रसिद्ध शायर डॉ. राहत इंदौरी का इंदौर में मंगलवार शाम चार बजे दिल का दौरा पड़ने से इंतकाल हो गया। राहत इंदौर की कोरोना वायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी राहत इंदौरी ने खुद ट्वीट कर दी थी।

डॉ. राहत की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं थी और वे एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सोमवार को रेड श्रेणी के अस्पताल अरबिदो में भर्ती कराया गया था। दोपहर बाद एक बजे उन्हें दिल का पहला दौरा पड़ा। इसके बाद दिल के और दो दौरे पड़े और शाम चार बजे उनका निधन हो गया।डॉ. राहत के निधन पर देशभर से जानी मानी हस्तियों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

“मैं मर जाऊँ तो मेरी इक अलग पहचान लिख देना, लहू से मेरी पेशानी पे हिन्दुस्तान लिख देना..!” -Rahat Indori RIP Raahat Saab!

आपकी कमी हमेशा खलेगी।

Jitu Soni : जीतू सोनी को इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुजरात से किया गिरफ्तार, 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर | Mon,


इंदौर लाने पर जीतू सोनी को मेडिकल के लिए एमवाय अस्‍पताल ले जाया गया। इसके बाद उसे जिला कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे तीन जुलाई तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है।इंदौर लाने पर जीतू सोनी को मेडिकल के लिए एमवाय अस्‍पताल ले जाया गया। इसके बाद उसे जिला कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे तीन जुलाई तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है।Jitu Soni : इंदौर। इंदौर। सात महीने से फरार मोस्ट वांटेड अपराधी जीतू सोनी को इंदौर क्राइम ब्रांच ने शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख साठ हज़ार रुपए का इनाम घोषित था। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र के मुताबिक जीतू उर्फ जितेंद्र सोनी पर शहर के ज्यादातर थानों में मानव तस्करी, दुष्कर्म, अपहरण, धोखाधड़ी, अवैध वसूली के 45 से ज्यादा केस दर्ज हैं। तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय यानी 31 नवंबर को पुलिस ने पहली बार उसके होटल माय होम सहित अन्य ठिकानों पर छापा मारा थ। तब जीतू सोनी तो भाग गया लेकिन उसका बेटा अमित सोनी पकड़ा गया।

इंदौर लाने पर जीतू सोनी को मेडिकल के लिए एमवाय अस्‍पताल ले जाया गया। इसके बाद उसे जिला कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे तीन जुलाई तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है।

पुलिस ने देर शाम मीडिया को जीतू सोनी की गिरफ्तारी के बारे में विस्‍तृत जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि जीतू सोनी को उसके पैतृक गांव धारग्नि तहसील चलाला जिला अमरेली गुजरात से गिरफ्तार किया गया।चार दिन पूर्व क्राइम ब्रांच की टीम गुजरात के अमरेली से उसके बड़े भाई महेंद्र को पकड़ कर लाई। तब जीतू सोनी राजकोट स्थित एक फार्म हाउस से बेटे विक्की सोनी व भतीजे जिग्नेश सोनी को लेकर भाग गया। शुक्रवार को दोबारा लोकेशन निकाली गई ओर छह टीमों ने अलग अलग जगहों पर छापे मारे। इस बार भागने का मौका नहीं दिया ओर जीतू को पकड़ लिया।

इसके पहले क्राइम ब्रांच ने जीतू सोनी के भाई महेंद्र को राजकोट से गिरफ्तार किया था। उससे जानकारी मिली थी कि जीतू फरारी के बाद नेपाल और पश्चिम बंगाल में भी रहा था। पुलिस तीन अलग-अलग गाड़ियां लेकर उसे पकड़ने पहुंची थी। इस दौरान एक गाड़ी के कांच भी फूट गए, जिससे आशंका जताई जा रही है कि जीतू सोनी को पकड़ने के दौरान उसे छिपाने वालों ने पुलिस से विवाद भी किया। जीतू सोनी को किस तरह पकड़ा गया और इसकी गिरफ्तारी से जुड़ी सारी जानकारी इंदौर पुलिस ने शाम को प्रेस वार्ता कर दी।

CS Exam 2020 : सीएस विद्यार्थियों को सौगातें, बदल सकेंगे सेंटर, मॉड्यूल और मीडियम


इदौर।कोरोना महामारी के कारण जहां हर ओर चिंता व भय का माहौल है, वहीं कंपनी सेक्रेटरी बनने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए कई राहत भरी सुविधाएं इंस्टीट्यूट द्वारा दी जा ही है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज (आइसीएसआइ) के इतिहास में पहली बार कई ऐसे निर्णय लिए गए हैं जो विद्यार्थियों के लिए फायदे का सौदा साबित होंगे। सबसे बड़ा निर्णय तो परीक्षा की तारीख जून से बढ़ाकर अगस्त करने का लिया गया था। इसके अलावा परीक्षा केंद्र बदलने की छूट, अगस्त के बजाय दिसंबर में होने वाली परीक्षा में शामिल होने की आजादी सहित कई रियायत विद्यार्थियों को दी गई है।

इंस्टीट्यूट में इस वर्ष अपना रजिस्ट्रेशन कराने वाले विद्यार्थियों की संख्या पर नजर डालें तो देशभर के करीब 3 लाख विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें इंदौर के करीब 6 हजार विद्यार्थी शामिल हैं। ओल्ड सिलेबस वाले विद्यार्थियों को यह आखरी मौका मिलने वाला था जब वे अटेम्प्ट में शामिल हो सकें पर अब ऐसा नहीं है। अगस्त के साथ अब दिसंबर में भी ओल्ड सिलेबस की परीक्षा वे दे सकेंगे। मतलब उन्हें दोहरा मौका मिल गया है। यही नहीं यदि कोई अपना ग्रुप भी बदलवाना चाहता है तो उसे भी आजादी मिलेगी। ग्रुप ही नहीं बल्कि विद्यार्थी अब मीडियम भी बदल सकते हैं। यदि कोई अपना मीडियम हिंदी से अंग्रेजी या अंग्रेजी से हिंदी कराना चाहता है तो उसे उसकी भी आजादी दी जा रही है। इसकेअलावा कई ऐसे बदलाव किए गए हैं जो विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

अब कहीं भी दे सकेंगे परीक्षा

पुराने नियमों के मुताबिक विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए जो सेंटर चुनते थे उसे बदलने की अनुमति उन्हें नहीं होती थी लेकिन इस बार यह सुविधा भी उन्हें दी जा रही है। विद्यार्थी आवेदन कर अपने परीक्षा केंद्र को बदलने की मांग कर सकते हैं। अब वे जिस शहर में हैं और यदि उस शहर में एग्जाम सेंटर है तो परीक्षा वहीं दे सकेंगे भले ही विद्यार्थी ने रजिस्ट्रेशन किसी भी शहर में करा रखा हो। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि संक्रमण के इस दौर में स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए लंबी दूरी तय नहीं करना पड़े।

परीक्षा फीस भी हो सकेगी कैरी फॉरवर्ड

एक अहम निर्णय यह भी लिया गया है कि जो विद्यार्थी अगस्त में होने वाली परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते वे दिसंबर में होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इसके लिए उन्हें इंस्टीट्यूट को सूचित करना होगा। अभी तक यह नियम था कि यदि कोई विद्यार्थी तय तिथि पर परीक्षा नहीं देता है और दूसरी बार होने वाली परीक्षा में शामिल होता है तो उसे दोबारा परीक्षा फीस देना पड़ती थी। पर इस वर्ष इस नियम को भी शिथिल किया गया है। अभी जिन्होंने परीक्षा फीस जमा कर दी थी और अब वे अगस्त के बजाय दिसंबर में परीक्षा देना चाहते हैं उनकी परीक्षा फीस दिसंबर के लिए कैरी फॉरवर्ड हो जाएगी। स्टूडेंट्स को दोबारा फीस जमा नहीं करना होगी। पर इसके लिए भी स्टूडेंट्स को इंस्टीट्यूट को सूचित करना होगा।

हर तरह से स्टूडेंट्स के हित का रखा ध्यान

इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएस आशीष गर्ग के अनुसार तमाम तरह के परिवर्तन इसलिए किए गए हैं ताकि सभी विद्यार्थी परीक्षा दे सकें। परीक्षा की तारीख आगे बढ़ने से विद्यार्थियों को तैयारी करने का और भी मौका मिल गया है साथ ही इसका फायदा उन्हें भी होगा जो एक साथ ही कई ग्रुप की परीक्षा देना चाहते हैं। इससे वे अपना वर्ष भी बचा सकते हैं। यही नहीं जो विद्यार्थी अगस्त में होने वाली परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो सकेंगे वे दिसंबर में होने वाली परीक्षा में शामिल होकर वर्ष बचा सकेंगे। इंस्टीट्यूट द्वारा जो भी सुविधा विद्यार्थियों को दी जा रही है यदि वे उसका लाभ लेना चाहते हैं तो उन्हें 30 जून तक संबंधित बदलाव व रजिस्ट्रेशन इंस्टीट्यूट में कराना होगा। यह कार्य ऑनलाइन प्रकिया से हो रहा है ऐसे में विद्यार्थियों को घर से बाहर निकलने की भी जरूरत नहीं।

MP Higher Education Exam 2020 : परीक्षा स्थगित होने से चार महीने पीछे हुआ नया सत्र


संक्रमण फैलने के डर से उच्च शिक्षा विभाग ने यूजी फाइनल ईयर और पीजी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। परीक्षाएं स्थगित होने से प्रवेश प्रक्रिया फिर दो महीने के लिए टल चुकी है। इससे अगला शिक्षा सत्र अक्टूबर-नवंबर के पहले शुरू होता नहीं दिख रहा है। जानकारों के मुताबिक, सत्र 2020-21 चार महीने पिछड़ चुका है, जिसका असर पूरे सत्र में पड़ेगा। यही वजह है कि अब सभी यूजी कोर्स के फर्स्ट और सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग उठने लगी है।

जुलाई से होने वाली परीक्षाएं महीनेभर के लिए स्थगित की गई हैं। 31 जुलाई के बाद विभाग नई तारीख घोषित करेगा। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा का टाइम टेबल दोबारा बनाना होगा। यहां तक कि विद्यार्थियों को आने के लिए कम से कम 15 दिन का समय देना जरूरी है। ऐसे में परीक्षाएं 15 अगस्त से पहले होना संभव नहीं है। बीए, बीकॉम और बीएससी समेत अन्य यूजी कोर्स फाइनल ईयर व अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाने में 45 दिन लगेंगे। इसके चलते सत्र 2020-21 के लिए फर्स्ट ईयर में प्रवेश अक्टूबर से पहले शुरू होता नजर नहीं आ रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में कम से कम 30 दिन लगेंगे। ऑनलाइन आवेदन बुलाने के साथ ही फीस जमा करनी होगी। जुलाई में लगने वाली क्लासेस अगले सत्र में नवंबर से पहले शुरू नहीं हो सकती है। इसकी वजह से सत्र काफी पिछड़ चुका है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अधिकारी भी अगले साल अप्रैल में परीक्षा होना संभव नहीं बता रहे हैं।

तैयार होगी नई रणनीति

फाइनल ईयर व सेमेस्टर को छोड़कर अब हर कोई यूजी फर्स्ट-सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग कर रहा है। विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर भी अभियान शुरू कर दिया है। यहां तक एनएसयूआइ और युवक कांग्रेस ने भी समर्थन किया है। जबकि अब सरकारी कॉलेज के प्राध्यापक भी संक्रमण के खतरे को देखते हुए परीक्षा के बजाए जनरल प्रमोशन पर चर्चा कर रहे हैं

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MP Higher Education Exam 2020 : परीक्षा स्थगित होने से चार महीने पीछे हुआ नया सत्र

MP Higher Education Exam 2020 : परीक्षा स्थगित होने से चार महीने पीछे हुआ नया सत्र

Updated: | Wed, 17 Jun 2020 08:16 AM (IST)MP Higher Education Exam 2020 : अब सभी यूजी कोर्स के फर्स्ट और सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग उठने लगी है।null

MP Higher Education Exam 2020 : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। संक्रमण फैलने के डर से उच्च शिक्षा विभाग ने यूजी फाइनल ईयर और पीजी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। परीक्षाएं स्थगित होने से प्रवेश प्रक्रिया फिर दो महीने के लिए टल चुकी है। इससे अगला शिक्षा सत्र अक्टूबर-नवंबर के पहले शुरू होता नहीं दिख रहा है। जानकारों के मुताबिक, सत्र 2020-21 चार महीने पिछड़ चुका है, जिसका असर पूरे सत्र में पड़ेगा। यही वजह है कि अब सभी यूजी कोर्स के फर्स्ट और सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग उठने लगी है।

1 जुलाई से होने वाली परीक्षाएं महीनेभर के लिए स्थगित की गई हैं। 31 जुलाई के बाद विभाग नई तारीख घोषित करेगा। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा का टाइम टेबल दोबारा बनाना होगा। यहां तक कि विद्यार्थियों को आने के लिए कम से कम 15 दिन का समय देना जरूरी है। ऐसे में परीक्षाएं 15 अगस्त से पहले होना संभव नहीं है। बीए, बीकॉम और बीएससी समेत अन्य यूजी कोर्स फाइनल ईयर व अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाने में 45 दिन लगेंगे। इसके चलते सत्र 2020-21 के लिए फर्स्ट ईयर में प्रवेश अक्टूबर से पहले शुरू होता नजर नहीं आ रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में कम से कम 30 दिन लगेंगे। ऑनलाइन आवेदन बुलाने के साथ ही फीस जमा करनी होगी। जुलाई में लगने वाली क्लासेस अगले सत्र में नवंबर से पहले शुरू नहीं हो सकती है। इसकी वजह से सत्र काफी पिछड़ चुका है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अधिकारी भी अगले साल अप्रैल में परीक्षा होना संभव नहीं बता रहे हैं।null

तैयार होगी नई रणनीति

फाइनल ईयर व सेमेस्टर को छोड़कर अब हर कोई यूजी फर्स्ट-सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग कर रहा है। विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर भी अभियान शुरू कर दिया है। यहां तक एनएसयूआइ और युवक कांग्रेस ने भी समर्थन किया है। जबकि अब सरकारी कॉलेज के प्राध्यापक भी संक्रमण के खतरे को देखते हुए परीक्षा के बजाए जनरल प्रमोशन पर चर्चा कर रहे हैं। बताया जाता है कि विभाग ने भी इस पर सोचना शुरू कर दिया है। इसे लेकर अगले महीने तक नई रणनीति बन सकती है। शिक्षाविद से राय बुलाई जा रही है। निजी कॉलेज प्राचार्य संघ के डॉ. राजीव झालानी ने बताया कि फर्स्ट-सेकंड ईयर की परीक्षा पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। विद्यार्थियों के पिछले रिजल्ट और वर्तमान वर्ष के इंटरनल व प्रोजेक्ट मार्क्स और नए असाइनमेंट का आकलन किया जा सकता

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MP Higher Education Exam 2020 : परीक्षा स्थगित होने से चार महीने पीछे हुआ नया सत्र

Updated: | Wed, 17 Jun 2020 08:16 AM (IST)MP Higher Education Exam 2020 : अब सभी यूजी कोर्स के फर्स्ट और सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग उठने लगी है।null

MP Higher Education Exam 2020 : इंदौर | संक्रमण फैलने के डर से उच्च शिक्षा विभाग ने यूजी फाइनल ईयर और पीजी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। परीक्षाएं स्थगित होने से प्रवेश प्रक्रिया फिर दो महीने के लिए टल चुकी है। इससे अगला शिक्षा सत्र अक्टूबर-नवंबर के पहले शुरू होता नहीं दिख रहा है। जानकारों के मुताबिक, सत्र 2020-21 चार महीने पिछड़ चुका है, जिसका असर पूरे सत्र में पड़ेगा। यही वजह है कि अब सभी यूजी कोर्स के फर्स्ट और सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग उठने लगी है।

1 जुलाई से होने वाली परीक्षाएं महीनेभर के लिए स्थगित की गई हैं। 31 जुलाई के बाद विभाग नई तारीख घोषित करेगा। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा का टाइम टेबल दोबारा बनाना होगा। यहां तक कि विद्यार्थियों को आने के लिए कम से कम 15 दिन का समय देना जरूरी है। ऐसे में परीक्षाएं 15 अगस्त से पहले होना संभव नहीं है। बीए, बीकॉम और बीएससी समेत अन्य यूजी कोर्स फाइनल ईयर व अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाने में 45 दिन लगेंगे। इसके चलते सत्र 2020-21 के लिए फर्स्ट ईयर में प्रवेश अक्टूबर से पहले शुरू होता नजर नहीं आ रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में कम से कम 30 दिन लगेंगे। ऑनलाइन आवेदन बुलाने के साथ ही फीस जमा करनी होगी। जुलाई में लगने वाली क्लासेस अगले सत्र में नवंबर से पहले शुरू नहीं हो सकती है। इसकी वजह से सत्र काफी पिछड़ चुका है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अधिकारी भी अगले साल अप्रैल में परीक्षा होना संभव नहीं बता रहे हैं।null

तैयार होगी नई रणनीति

फाइनल ईयर व सेमेस्टर को छोड़कर अब हर कोई यूजी फर्स्ट-सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग कर रहा है। विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर भी अभियान शुरू कर दिया है। यहां तक एनएसयूआइ और युवक कांग्रेस ने भी समर्थन किया है। जबकि अब सरकारी कॉलेज के प्राध्यापक भी संक्रमण के खतरे को देखते हुए परीक्षा के बजाए जनरल प्रमोशन पर चर्चा कर रहे हैं। बताया जाता है कि विभाग ने भी इस पर सोचना शुरू कर दिया है। इसे लेकर अगले महीने तक नई रणनीति बन सकती है। शिक्षाविद से राय बुलाई जा रही है। निजी कॉलेज प्राचार्य संघ के डॉ. राजीव झालानी ने बताया कि फर्स्ट-सेकंड ईयर की परीक्षा पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। विद्यार्थियों के पिछले रिजल्ट और वर्तमान वर्ष के इंटरनल व प्रोजेक्ट मार्क्स और नए असाइनमेंट का आकलन किया जा सकता है। about:blankhttps://d7a1918710374632583424c944e1e019.safeframe.googlesyndication.com/safeframe/1-0-37/html/container.html

कक्षाओं का समय बढ़ाया जाए

चार महीने पिछड़ चुके सत्र को पटरी पर लगाने के लिए भी सुझाव विभाग तक पहुंच रहे हैं। जानकारों ने अगले सत्र में कोर्स कम करने की बात कही है। कोर्स को समय पर पूरा करने के लिए प्रत्येक विषय से एक-एक यूनिट हटाने का सुझाव दिया है। शिक्षाविद डॉ. मंगल मिश्र का कहना है कि यूजी कोर्स वार्षिक परीक्षा प्रणाली है। विभाग को इसमें बदलाव नहीं करना चाहिए। सत्र को समय पर करने के लिए कॉलेजों को प्रयास करने होंगे। 45 मिनट के पीरियड को एक घंटे का किया जाए। इससे बीए, बीकॉम और बीएससी व अन्य कोर्स का पाठ्यक्रम 50-70 दिन में पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा किसेमेस्टर सिस्टम में 90 दिन का समय रहता है। इसके बाद परीक्षा करवाई जा सकती है। साथ ही सेमेस्टर ब्रेक की छुट्टियां भी कम हो सकती हैं।

इंदौर के सराफा थाने में गिरफ्तारी देने पहुंचे कांग्रेस विधायक और अध्यक्ष


इंदौर। कांग्रेस विधायक और इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अपने खिलाफ दर्ज हुए केस के बाद रविवार सुबह गिरफ्तारी देने पहुंचे। इस दौरान सराफा थाना पुलिस ने विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल और विनय बाकलीवाल को गिरफ्तार करने के बजाए कोर्ट का नोटिस दे दिया। अब 29 तारीख को उन्हें कोर्ट में पेश होना होगा। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी भी सराफा थाने में गिरफ्तारी देने पहुंचेंगे। गौरतलब है कि शनिवार को बिना अनुमति राजवाड़ा पर धरना देने के मामले में सराफा थाना पुलिस ने कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी, विशाल पटेल, संजय शुक्ला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। पुलिस के अनुसार राजवाड़ा क्षेत्र कोरोना के अतिसंवेदनशील क्षेत्र में आता है। यहां प्रदर्शन, धरना, रैली पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद धरना प्रदर्शन किया गया।

यह है मामला

शुक्रवार को पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर का जन्मदिन मनाने के लिए कमला नेहरू नगर में राशन वितरण कार्यक्रम रखा था। आयोजन में भारी भीड़ उमड़ी। न शारीरिक दूरी का ध्यान रखा गया और न ही अन्य सावधानी रखी गई। इसी के विरोध में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी, संजय शुक्ला और विशाल पटेल शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के साथ शनिवार सुबह 11 बजे राजवाड़ा पर अहिल्या प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। इनकी मांग थी कि गुप्ता पर धारा 279, 270 और 271 में मामला दर्ज किया जाए|

धरने से नेताओं को उठाने के लिए एसडीएम राकेश शर्मा पहुंचे और नेताओं से धरना खत्म करने को कहा, लेकिन नेताओं ने इन्कार कर दिया। जमीन पर बैठे कांग्रेस नेताओं से बात करने के लिए एसडीएम उनके सामने जमीन पर घुटनों के बल खड़े हो गए। बात करते हुए एसडीएम ने हाथ जोड़कर धरना खत्म करने की बात भी कही, लेकिन कांग्रेस नेता नहीं माने। दो घंटे तक धरने पर बैठने की घोषणा के अनुसार दोपहर 1 बजे ही नेताओं ने धरना खत्म किया। इस मामले एसडीएम और सीएसपी को हटा दिया गया।

corona info रेड ज़ोन इंदौर में कोरोना मरीजों की तादाद में आयी कमी, रिकवरी में देश में दूसरा नंबर


Multapi Samachar

इंदौर (indore) कोरोना (corona) पॉजिटिव मरीजों के ठीक होने की दर में इंदौर देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. यहां का रिकवरी रेट 37.35 फीसदी है, जो जयपुर के बाद है.

इंदौर. मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में कोरोना से सबसे ज़्यादा संक्रमित शहर (indore) से आज राहत भरी खबर है. शहर में पॉजिटिव मरीज़ों की तादाद में कल कमी आयी. बुधवार देर रात  556 सैंपल की जो जांच रिपोर्ट आयी उसमें से 538 मरीजों में कोरोना नहीं है.  सिर्फ 18 मरीज़ों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है. यानि पॉजिटिव मरीज मिलने की दर 3.23 फीसदी हो गई है. हालांकि अभी 600 सैंपल पेंडिग हैं. ये सभी सैंपल जांच के लिए निजी लैब भेजे गए हैं.

अब तक 83 मरीजों की मौत 
इंदौर को  कोरोना वायरस (corona virus) के संक्रमण से थोड़ी राहत मिलती दिखाई दे रही है. स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल बुलेटिन में पिछले 24 घंटे में 1174 मरीजों के सैंपल लिए गए जिसमें से 556 सैंपल की जांच की गई. इसमें 18 नए पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद ये आंकड़ा 1699 पर पहुंच गया है. मेडिकल बुलेटिन में 2 नए मरीजों की मौत की पुष्टि की गई है. इन्हें मिलाकर इंदौर में  कोरोना से मरने वालों की संख्या 83 हो गई है. मृतकों में एक 50 वर्षीय मरीज़ इंदौर की गुलजार कॉलोनी का रहने वाला है. उनकी मौत 6 मई को हुई है. वहीं दूसरा मरीज 54 साल का महू का होटल व्यवसायी है. उनकी मौत 5 मई को हुई थी.स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक 1021 मरीजों का इलाज अभी शहर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है.

रिकवरी रेट में इंदौर दूसरे नंबर पर 

गुरुवार का दिन इंदौर के लिए अच्छी खबर लेकर आया. कोरोना पॉजिटिव मरीजों के ठीक होने की दर में इंदौर देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. यहां का रिकवरी रेट 37.35 फीसदी है, जो जयपुर के बाद है. जयपुर का रिकवरी रेट 41.52 फीसदी है जबकि देश का औसत रिकवरी रेट 28.29 फीसदी है. इंदौर में अब तक 631 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं. बुधवार को सबसे ज्यादा 134 मरीज विभिन्न अस्पतालों से डिस्चार्ज किए गए. इनमें अरबिंदों अस्पताल से 100 मरीज, इन्डेक्स हॉस्पिटल से 21 ,एमटीएच हॉस्पिटल से 6  और चौईथराम अस्पताल से 7 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए.

बैलगाड़ी में हो रहा था अवैध शराब का परिवहन चढे पुलिस के हत्थे


लगभग 85 हजार रुपये कीमत की 28 पेटी शराब जब्त एक आरोपित को किया गिरफ्तार, एक आरोपित फरार

लगभग 85 हजार रुपये कीमत की 28 पेटी शराब जब्त

एक आरोपित को किया गिरफ्तार, एक आरोपित फरार

देवास, सोनकच्छ । लॉकडाउन में भी शराब माफिया सक्रिय बने हुए हैं। रविवार रात करीब 11.30 बजे पुलिस ने अवैध रूप से परिवहन की जा रही देशी शराब की 28 पेटियों को जब्त किया। पुलिस ने गाड़ी हांक रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति बैलगाड़ी पर मनापीपल्या से मुंडलाना की ओर अवैध रूप से देशी शराब ले जा रहे हैं। सूचना पर थाना प्रभारी उपेंद्र छारी, एसआई नरेंद्रसिंह, राकेशबाबू शर्मा, आरक्षक विकास राजावत, सुनील राजावत, लक्ष्मण बघेल, उमेश भदौरिया, अजय यादव आदि मौके पर पहुंचे। यहां ग्राम मुंडलाना की ओर आ रही बैलगाड़ी को रोका। गाड़ी में तलाशी लेने पर शराब की पेटियां नजर आई। गाड़ी हांक रहे व्यक्ति को तो पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन दूसरा व्यक्ति अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम राजपाल पिता बजेसिंह सेंधव उम्र 20 निवासी मुंडलाना तथा भागे हुए व्यक्ति का नाम अरविंद पिता चंदनसिंह सेंधव निवासी मुंडलाना बताया। पुलिस ने लगभग 252 लीटर शराब जब्त की, जिसकी कीमत लगभग 85 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। बैलगाड़ी व बैल जोड़ को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।