मप्र / पचमढ़ी-टीकमगढ़ में सबसे सर्द रात; पारा लुढ़ककर एक डिग्री तक पहुंचा, भोपाल में भी गिरावट, पारा 5.3


मप्र के ज्यादातर शहर और जिले शीतलहर की चपेट में हैं। टीकमगढ़ और पचमढ़ी में सबसे सर्द रात रही। रायसेन, रतलाम, टीकमगढ़ में रात को फसलों पर पाला पड़ा, जिससे ओस जम गई।

ग्वालियर चंबल में विजिबिलिटी जीरो रही, मुख्यमंत्री कमलनाथ का दौरा निरस्त 

  • प्रदेश के 25 से ज्यादा शहरों-जिलों में पारा गिरकर 5 या उससे नीचे चला गया है
  • ग्वालियर चंबल में विजिबिलिटी जीरो रही, मुख्यमंत्री कमलनाथ का दौरा निरस्त

भोपाल. मध्यप्रदेश में कडाके की ठंड है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्से शीतलहर की चपेट में है। कई जिलों में तापमान लगातार गिर रहा है। उत्तरी इलाकों से आ रहीं बर्फीली हवाएं प्रदेश में ठिठुरन बढ़ी है। कड़ाके की ठंड से कई शहरों में पाला पड़ गया है और पत्तियों पर ओस की बूंदे जम गईं हैं। राज्य के 25 शहरों में पारा 5 डिग्री या उससे नीचे दर्ज किया गया है। इधर, घने कोहरे और ज़ीरो विसिबिलिटी के कारण ग्वालियर- भिंड का मुख्यमंत्री कमलनाथ का दौरा निरस्त हो गया है। उन्हें रावतपुरा सरकार के यहां मुरारी बापू की कथा के बाद लहार-भिंड में कर्जमाफी के कार्यक्रम में भाग लेना था। 

टीकमगढ़, रायसेन और रतलाम इलाकों में पाले का असर रहा। खेतों में फसलों पर ओस जम गई है। प्रदेश में सबसे सर्द रात टीकमगढ़ में रही, जहां पर पारा पारा 1.5 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं पचमढ़ी में तापमान 1.2 डिग्री दर्ज किया गया है। एक दिन में दो डिग्री से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। दो दिन में भोपाल में लगातार दूसरे दिन पारे में गिरावट जारी रही है और न्यूनतम तापमान एक डिग्री घटकर 5.3 डिग्री दर्ज किया गया, शुक्रवार को ये 6.3 डिग्री था। 

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश कड़ाके की ठंड से ठिठुर गया है। ज्यादातर शहरों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, भिंड, ग्वालियर-चंबल और महाकौशल समेत भोपाल संभाग के इलाकों में ज्यादातर शहरों में शीत लहर और कोल्ड डे जैसे हालात रहे। मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया ने बताया कि नमी कम हो गई है उत्तर से सर्द हवाएं सीधे आ रही हैं, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ग्वालियर चंबल में विजिबिलिटी शुक्रवार को आधी रात से ही जीरो हो गई है। वहीं टीकमगढ़, खजुराहो और शिवपुरी में विजिबिलिटी 50 मीटर तक चली गई। 

  • इन जिलों में शीतलहर और तीव्र शीतलहर – मौसम विभाग के अनुसार, सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद और भोपाल संभागों में कुछ जिलों में शीत लहर और तीव्र शीतलहर चलेगी। 
  • कोल्ड डे और सीवियर कोल्ड डे इन शहरों में –  सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद और भोपाल संभाग के कुछ जिलों में कोल्ड डे तो कुछ शहरों में सीवियर कोल्ड डे रहेगा। 
  • घना और अत्यधिक घना कोहरा – सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में घना और अत्यधिक घना कोहरा रहेगा। 
  • इन जिलों में पड़ेगा पाला – सागर, रीवा, ग्वालियर, शहडोल, चंबल संभाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं पाला पड़ने की संभावना है।  
जिले – शहरतापमान (डिग्री में)
पचमढ़ी1.2  
टीकमगढ़1.5
उमरिया1.9
बैतूल2.8
भोपाल5.3
जबलपुर4.4
खजुराहो4.0
सीधी3.2
सतना5.2
रीवा4.6
ग्वालियर4.3
गुना5.2
शाजापुर5.0
उज्जैन5.0
रतलाम5.2
सागर4.0
रायसेन3.2
दमोह2.5
इंदौर6.6
बैतूल2.8
खरगोन3.7

Manmohan Pawar (Sampadak) Khabr News send kare WhatsApp no.- 9753903839

आदिवासी महोत्सव में बिक रहे बस्तर के मशहूर व्यंजन


रायपुर। स्वादिष्ट व्यंजनों की खुशबू लोगों को दूर से ही खींच लाती है। यही नजारा राजधानी में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में देखने को मिल रहा है। बस्तर चो गॅवली रांधा-बाड़ा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजन राजधानीवासियों को अपनी ओर खींच रहे हैं। जय मां काली महिला स्व-सहायता समूह तीरथगढ़ बस्तर की महिलाएं उड़ीद बोबो, गुर

स्वादिष्ट व्यंजनों की खुशबू लोगों को दूर से ही खींच लाती है। यही नजारा राजधानी में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में देखने को मिल रहा है। बस्तर चो गॅवली रांधा-बाड़ा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजन राजधानीवासियों को अपनी ओर खींच रहे हैं।

जय मां काली महिला स्व-सहायता समूह तीरथगढ़ बस्तर की महिलाएं उड़ीद बोबो, गुर बोबो, दार बोबो, गुलगुलिया, भजिया, टमाटर चटनी (माडबांगा), केऊकांदा चटनी, जोंदरा पेज (मक्का), मंडिया पेज, चापड़ा आमट, चापड़ा चटनी, भेंडा (जिर्रा) सुक्सी, सोरंदाकांदा, तरगगरिया कांदा, लांदा, कोचे पिकी (कोचई), कोदो भात, चिकमा भात आदि व्यंजन परोस रही हैं। इनकी खास चटनी लोगों के शरीर में गर्माहट पैदा कर रही है। उड़ीद बोबो में उड़द दाल के बड़े गुलगुलिया भजिया का स्वाद ले रहे हैं।

केऊकांदा की चटनी

बस्तर की पारंपरिक चटनी में केऊकांदा, चापड़ा आमट, चापड़ा चटनी, टमाटर चटनी शामिल हैं। इनमें खास है केऊकांदा की चटनी। केऊकांदा जंगलों में पेड़ के नीचे पाया जाता है। इसे खोद कर निकाला जाता है। फिर पानी में उबाला जाता है। इसके बाद हल्का मिर्च, नमक के साथ चटनी परोसी जाती है। चापड़ा आमट चटनी लाल चींटी से बनाई जाती है। इस चटनी के स्वाद के लोग दीवाने हो रहे हैं।

जोंदरा और मंडिया पेज

बस्तर के आदिवासियों का प्रिय जोंदरा और मंडिया पेज शहरवासियों को अपनी ओर खींच रहा है। जोंदरा पेज मक्का के बीज का बनाया जाता है। इसे हल्की शक्कर, दूध के साथ पकाया जाता है। वहीं मंडिया चावल की एक प्रजाति है। इसे भी जोंदरा पेज की तरह पकाया जाता है।

Manmohan Pawar (Sampadak) Khabr News send kare WhatsApp no.- 9753903839

मप्र / तवा में अवैध खनन; ठेकेदार पर ‌280 करोड़ का जुर्माना


तवा नदी क्षेत्र से रेत के अवैध खनन करने वाले ठेकेदार पर होशंगाबाद एडीएम केडी त्रिपाठी ने 280 करोड़ रु. का बड़ा जुर्माना ठोका

रेत माफिया पर जुर्माने से प्रहार, इसमें 140 करोड़ रु. जुर्माना है, अन्य 140 करोड़ क्षतिपूर्ति के

होशंगाबाद  . तवा नदी क्षेत्र से रेत के अवैध खनन करने वाले ठेकेदार पर होशंगाबाद एडीएम केडी त्रिपाठी ने 280 करोड़ रु. का बड़ा जुर्माना ठोका है। यह जुर्माना निमसाड़िया रेत खदान के ठेकेदार हाेशंगाबाद निवासी संतोषराज पर लगा है। 30 दिन में राशि नहीं भरने पर चल-अचल संपत्तियों की कुर्की के अादेश दिए हैं। पिछले साल कई खदानों के आसपास अवैध खनन को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की थी।

इस दाैरान निमसाड़िया में द्विवेदी द्वारा नपती क्षेत्र में 2 लाख 33 हजार घन मीटर पर अवैध खनन करना पाया गया। एडीएम के अनुसार, अवैध रूप से खनन की गई रेत की राॅयल्टी दो करोड़ 33 लाख रु. होती है। इस आधार पर राॅयल्टी का न्यूनतम 60 गुना यानी 140 करोड़ रुपए जुर्माना किया है, इतनी ही राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में चुकाने के आदेश दिए गए हैं। 

एडीएम काेर्ट का फैसला

पूरे जिले की खदान ही 217 करोड़ रु. में गई है
प्रशासन ने खनन माफिया पर जो 280 करोड़ रु. जुर्माना किया है, वह कितना भारी है, इसका अंदाजा इससे लगाइए कि इस बार पूरे जिले की रेत खदान का ठेका ही 217 करोड़ रु. में गया है। 

हमारे खिलाफ गलत तरीके से केस बनाया
इतना बड़ा खनन अवैध तरीके से हम कर लेते तो पहले ही प्रशासन कार्रवाई कर देता। आज क्या फैसला अाया, यह जानकारी नहीं है, हमारे खिलाफ साजिश करके गलत तरीके से प्रकरण बनाया गया था। 
-मनीष राज, निमसाड़िया खदान मैनेजर

Manmohan Pawar (Sampadak) Khabr News send kare WhatsApp no.- 9753903839

भगवान को लगी ठंड तो पहनाई स्वेटर उड़ाई साल


Multai ki Maa tapti ji

कड़कड़ाती ठंड के बाद ताप्ती मंदिर में मां ताप्ती की प्रतिमा को टोपा पहनाया

मुलताई कड़कड़ाती ठंड के बाद नगर के ताप्ती मंदिर में मां ताप्ती की प्रतिमा को टोपा और सेटर पहनाए जा रहे हैं। लगातार चल रही ठंडी हवाओं के बाद क्षेत्र में ठंडक बढ़ गई है। क्षेत्र में पड़ रही ठंड का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मां ताप्ती की प्रतिमा को भी गर्म कपड़े पहन आए हैं। सुबह-सुबह गर्म कपड़ों में ही मां की आरती की जा रही है, इसके बाद रात में भी मां को गर्म कपड़े पहनाकर मंदिर बंद किया जा रहा है।

5.5 डिग्री पर पहुंचा न्यूनतम तापमान शीत लहर चली

उत्तर भारत में जारी बर्फबारी की वजह से बैतूल जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। रात में कड़ाके की ठंड के चलते ओस की बूंदें जहां जमने लगी है। वही दिन में सर्द हवाओं का सितम जारी है। न्यूनतम तापमान 4 डिग्री गिरावट के साथ 5.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। दिन में तापमान शीतलहर के चलते तापमान लुढ़क कर 20 डिग्री पर आ गया है। सर्द हवाओं ने लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। खास करके बच्चे और उम्रदराज लोगों को ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। दिन में कड़ाके के ठंड होने के बावजूद नगर पालिका द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। रात्रि में ही अलाव जला रहे हैं जबकि मौसम सर्द होने की वजह से दिन में भी कड़ाके की ठंड का एहसास लोगों को हो रहा है।ठंड के दौरान पहली मर्तबा न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री पर पहुंचा है। जबकि इसके पहले तापमान 7 डिग्री तक पहुंचा था। जिस तरह से सर्द हवाओं का दौर जारी है उससे तापमान में और अधिक गिरावट आने की बात कही जा रही है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आगामी दिनों में तापमान और नीचे तक जा सकता है। सुबह से ही कोहरा छाया रहने एवं शीतलहर के चलते लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा।सुबह कोहरे की वजह से लोगों को वाहन चलाने में भी भारी परेशानी हुई।कोहरे और शीतलहर के चलते दिन के तापमान में 4 डिग्री की गिरावट आई !

दिन में लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा।मौसम विभाग के अनुसार आने वाले सप्ताह तक इसी प्रकार की स्थिति रहने की बात कह रहा है वहीं अगले सप्ताह में हल्की बूंदाबांदी होने की बात कही जा रही है।

मनमोहन पवार

(संपादक) मुलतापी समाचार न्यूज़ एवं खबरें प्रदान करने हेतु संपर्क करें 9753 90 38 39 पर व्हाट्सएप करें पत्रकार बनने का सुनहरा अवसर संपर्क करें

Betul News : मुंबई के गोताखोर भी नहीं सुधार सके रानीपुर डैम का गेट


रानीपुर

Betul News : एक पखवाड़ से अधिक समय से बैतूल जिले के रानीपुर डैम का गेट क्षतिग्रस्‍त है। अब तक इसकी मरक्‍मत नहीं हो सकी।

रानीपुर डैम का गेट सुधारने मुंबई से बुलाए गए गोताखोर भी उसे दुरुस्त नहीं कर पाए, बल्कि अब समस्या और बढ़ गई है। सुधारने की मशक्कत के दौरान गेट और उठ गया। संतुलन बनाने के लिए नदी वाला गेट भी खोलना पड़ा। अब दोनों गेटों से निकला पानी करीब 3 किलोमीटर क्षेत्र में किसानों की फसल बहा ले गया। डैम के पूरी तरह से खाली होने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है।

दो बार गोताखोर बुलवाने पड़े

रानीपुर डैम का गेट पिछले 20-22 दिनों से खराब पड़ा है। पहले इसे सुधारने के लिए मुंबई से गोताखोर बुलाए गए थे। पहले तो चेन पुल्ली टूट गई तो फिर मजबूत चेन पुल्ली बुलवाई गई, लेकिन फिर भी गेट नहीं सुधर पाया। इसके बाद अब दोबारा गोताखोर बुलाए गए थे।

घंटों मशक्कत के बाद भी सुधार नहीं हुआ

जानकारी के अनुसार शनिवार को गोताखोरों और विभाग की टीम ने गेट को दुरुस्त करने की कोशिश की, लेकिन घंटों मशक्कत के बाद भी सुधार नहीं पाए। बल्कि गेट और ऊंचा हो गया। इस गेट से पानी का दबाव कम करने के लिए नदी वाला गेट भी खोलना पड़ा। इससे पानी तेज बहाव के साथ आसपास के खेतों में घुस गया, जिससे 12 से अधिक किसानों की फसलें बह गई।

इधर इस मामले में जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री एके डहेरिया का कहना है कि अब इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल विंग से गेट सुधरवाया जाएगा। विंग को पत्र लिख दिया है, लेकिन जल्द काम हो सके, इसलिए सीधे मुख्य अभियंता से बात करके प्रयास किए जाएंगे।

Manmohan Pawar (Sampadak) Khabr News send kare WhatsApp no.- 9753903839

बैतूल के जंगल में महुआ पेड़ से चमत्कार की अफवाह, वन विभाग और पुलिस ने हटाई सामग्री


एक सप्ताह से चिचोली रेंज के संरिक्षत वन क्षेत्र में लग रही लोगों की भीड़ फोटो———–26 बीटीएल 36 बैतूल। महुआ के पेड़ के आसपास की गई सफाई और हो रहा पूजन। फोटो———–26 बीटीएल 35 बैतूल। महुआ पेड़ के पास लगी लोगों की भीड़। फोटो———–26 बीटीएल 34 बैतूल। वन विभाग और पुलिस ने महुआ पेड़ के आसपास से हटाई पूजन सामन्


– एक सप्ताह से चिचोली रेंज के संरिक्षत वन क्षेत्र में लग रही लोगों की भीड़

फोटो———–26 बीटीएल 36

बैतूल। महुआ के पेड़ के आसपास की गई सफाई और हो रहा पूजन।

फोटो———–26 बीटीएल 35

बैतूल। महुआ पेड़ के पास लगी लोगों की भीड़।

फोटो———–26 बीटीएल 34

बैतूल। वन विभाग और पुलिस ने महुआ पेड़ के आसपास से हटाई पूजन सामग्री।

बैतूल। नवदुनिया प्रतिनिधि

जिले के पश्चिम वन मंडल के अंतर्गत आने वाली चिचोली रेंज में पिछले एक सप्ताह से एक महुआ के पेड़ से चमत्कार होने की अफवाह के कारण लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। हालांकि गुरुवार को वन विभाग ने पुलिस की मदद से महुआ पेड़ के पास पूजा अर्चना की सामग्री हटाने के साथ ही लोगों को ठीक करने का दावा करने वाली दो महिलाओं को पकड़कर चिचोली थाने ले आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम वन मंडल की चिचोली रेंज की असाड़ी बीट के संरक्षित वन क्षेत्र क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1443 लगे एक महुए के पेड़ को ग्राम बिघवा निवासी मालती पति लल्लन एवं एक अन्य महिला के द्वारा चमत्कारी बताते हुए स्वयं को भगवान बताना शुरू कर दिया। पेड़ के आसपास त्रिशूल लगा दिए साफ सफाई कर पूजा अर्चना की जाने लगी। इस अफवाह के फैलते ही अंधविश्वास का शिकार हुए लोग दूर-दूर से यहां पंहुचने लगे और महुए के पेड़ के पास बैठकर अपने दुख बीमारियों के ठीक होने की मन्नाते मांग रहे हैं। इस महुए के पेड़ के पास हर समय कथित देवी मालती मौजूद रहती है। यहां एक पंडा भी है, जो लाभ लेने के लिए लोगों को महुए के पेड़ की परिक्रमा करने के साथ ही देवी स्वरूपा मालती मर्सकोले के भी दर्शन करने पर लाभ होने का दावा करते हैं। पश्चिम वन मंडल के डीएफओ मयंक चांडिवाल का कहना है कि पिछले चार दिनों से इस तरह का कुछ मूवमेंट वहां चल रहा था। वन विभाग की टीम और पुलिस ने मिलकर सभी को वहां से हटा दिया है। हमने अपने कर्मचारियों को वहां तैनात कर दिया है और आगे भी इसका ध्यान रखा जाएगा कि वहां कोई नहीं पहुंचे। पूर्व में महिलाओं को वन क्षेत्र में ऐसी गतिविधि न करने के लिए समझाइश दी गई थी लेकिन उनके द्वारा अनसुना कर दिया। इस कारण से पुलिस के सहयोग से कार्रवाई कर दोनो महिलाओं को चिचोली थाने पहुंचाया गया है।

मनमोहन पवार ()

ताप्ती तट पर मशीन से आठ दिनों में बनेगी फूलों से खाद


Betul News – नगर के मंदिरों से रोज आठ से दस किलो फूल और बेल-पत्ती निकलती है। नगर पालिका ने फूल और पत्तियों का उपयोग खाद बनाने के…

Multai News - mp news machines will make manure from flowers on tapti coast in eight days

नगर के मंदिरों से रोज आठ से दस किलो फूल और बेल-पत्ती निकलती है। नगर पालिका ने फूल और पत्तियों का उपयोग खाद बनाने के रूप में करना शुरू कर दिया है। इसके लिए कम्पोस्टिंग मशीन लाई गई है। बुधवार को नगर पालिका अध्यक्ष हेमंत शर्मा ने मशीन का शुभारंभ किया। पहले ही दिन से मंदिरों से निकलने वाले फूलों से खाद बनाना भी शुरू हो है। फूलों से खाद बनाने की मशीन को ताप्ती सरोवर के किनारे रखा है। खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के दौरान नपा उपाध्यक्ष रेखा शिवहरे, पूर्व नपा अध्यक्ष डॉ. जीए बारस्कर, पार्षद अरुण साहू, राजू चोपड़े, बटनी बाई कड़वे, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष हनी भार्गव, जगदीश पीएल पवार, मनीष माथनकर, अजाबराव देशमुख, प्रहलाद साहू, जयदीप ठाकरे, रामदास साहू, पंजाब चिकाने सहित अन्य लोग उपस्थित थे। नपा अध्यक्ष शर्मा ने बताया मंदिरों से निकलने वाली पूजन सामग्री से खाद बनाने के लिए 4 लाख 80 हजार रुपए की कम्पोस्टिंग मशीन लाई गई है। पूर्व में फूलों से खाद बनाने की यूनिट नपा कार्यालय परिसर में बनाई गई थी। यूनिट में खाद बनाने में अधिक समय लगता था। अब मंदिरों से सीधे फूल लाकर मशीन के माध्यम से खाद बनेगा। फूल एकत्रित करने के लिए अलग से वाहन लगाया है। उन्होंने बताया वर्तमान में नपा घरों से निकलने वाले कचरे से भी खाद बनाकर बेच रही है।

ऐसे बनेगी खाद

नपा के उपयंत्री पवन धुर्वे ने बताया फूल, बेलपत्ती, नारियल की बूच में बायोकुलम एक्टिवेटर पाउडर मिलाकर मशीन में डाल देते हैं। मशीन सामग्री को बारीक कर देती है। मशीन से निकलने वाली सामग्री में बायोकुलम एक्टिवेटर मिला रहता है। जिससे सामग्री में खाद बनाने बेक्टीरिया रहता है। यह बेक्टीरिया आठ से दस दिन में खाद तैयार कर देता है।

मुलताई। फूलों से खाद बनाने वाली मशीन का शुभारंभ करते हुए।

Manmohan Pawar (Sampadak) Wh. No.- 9753903839 News हेतु संपर्क करेे

मुलताई में फोरलेन की जमीन पर तालाब निर्माण


20 दिसम्बर 2019 को जानकारी में आया कि, एक अज्ञात ठेकेदार केंद्र सरकार भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की सुरक्षित अधिग्रहित भूमि पर मामनीय मंत्री सुखदेव पांसे म.प्र. शासन की अनुशंसा पर लम्बाई 300 मीटर चौड़ाई 40 मीटर गहराई 3.50 मीटर डाउन स्टीम 1.50 मीटर जिसकी लागत 44.75 लाख लगभग इस सरोवर की खुदाई से 38 हजार 440 घन मीटर जिसकी किमत 15 लाख जो पहले वर्धा डेम के ठेकेदार को देना प्रस्तावित था। बाद में उसको हटा करके हरदौली पेयजल के डेम निर्माण ठेकेदार को देना तय हुआ। जैसे ही उसने खुदाई लगाई मिट्टी जाना चालू हुआ। तत्काल नेशलन हाइवे विभाग ने थाना मुलताई में एफआईआर दर्ज की।

उक्त मामले में जानकारी निकाली तो मामला पूरा हवाहवाई निकला किसी ने भी सम्बन्धित विभाग से अनुमति नही ली। सड़क सुरक्षा की दृष्ट्री से मिल भी नही सकती है। मुलताई में मंत्रीजी की अनुशंसा पर जिलाधिकारी, मुलताई का राजस्व विभाग, नगरपालिका, सिचाई विभाग ,लोक स्वस्थ विभाग की संयुक टीम ने काम चालू कर दिया है। ठीक इसी प्रकार बैतूल के पूर्व विधायक हेमन्त खंडेलवाल ने भी परियोजना नियम विरुद्ध तैयार की थी। सड़क सुरक्षा के मध्यनजर अनुमति नही मिली थी।

उसी तर्ज पर सत्ता परिवर्तन के बाद मुलताई में चालू हुआ है। किसी प्रकार की कोई प्रशासनिक स्वीकृति नही है।उक्त रिक्त भूखण्ड पर नेशनल हाईवे काम करता है। उनकी परियोजना में शामिल है। नगर पालिका चुनाव की पूर्व संध्या पर इस प्रकार के काम होते है।

यूरिया खाद की वितरण व्यवस्था सुधारे शासन


26 दिसम्बर 2019 को मुलताई सोसायटी के सामने बड़ी संख्या में यूरिया खाद की खरीदी को लेकर परेशान है। जिसका एक मात्र कारण ये है कि, शासन से प्राप्त पूरा यूरिया समिति के डिफाल्टर किसानों के लिए गोदाम में भरा है। उनका अता-पता नही। जिनको आवश्यकता है उनको नही मिल रहा है।

मनमोहन पवार 9753903839

पूर्व प्रधान मंत्री अटलबिहारी बाजपेयी जी के जन्मदिवस पर मैराथन दौड़


ग्राम नरखेड़ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी कि जयंती के उपलक्ष्य में ग्राम के युवाओ द्वारा 5 किलोमीटर कि मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। जिसमें ग्राम नरखेड़ के एंव आसपास के ग्रामीण क्षेत्र शेरगढ़, भिलाई, ताईखेडा,पट्टन तथा मुलताई के युवाओ ने इस प्रतियोगिता में बढ़ चढ़कर के भाग लिया।  प्रतियोगिता में विजेताओं ने 17 मिनट 38 सेकंड में दौड़ को पूरा कर प्रथम स्थान ग्राम शेरगढ़ के अजय डोंगरदिए ने, नरखेड़ के करन खाड़े ने द्वितीय स्थान, एवं शेरगढ़ के शिवनाथ खवसे ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेताओं को शासकीय  खेल विभाग नेहरू युवा केंद्र के द्वारा मेडल एवं प्रमाण पत्र एवं आयोजन  समिति  के और से तीनों विजेताओं को प्रथम 1001, द्वितीय 501, तृतीय 101, रुपय  नगद पुरस्कार राशि दी गई, विजेताओं ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से युवाओं को भर्ती स्पर्धा से रुबरु होने का अनुभव प्राप्त होता है और युवाओं में खेल  भावना बढ़ती है।साथ ही आयोजक समिति के सदस्य  गौरव खाड़े, चन्द्रशेखर खाड़े ,विजय माकोड़े, उपमन्यु बिझाडे़, अरविन्द पांसे,नविन साखरे, प्रशांत साहू, राकेश हिवशे , ओमकार बारस्कर, साहेबराव लोखंडे, ब्रजेश लोखंडे, संदीप लोखंडे, अमित देशमुख, मनिष खाड़े ने बताया कि आने वाले समय में बड़े स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन करेंगे नरखेड़ के युवाओं द्वारा समय समय पर नई पहल को लेकर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।कार्यक्रम में नितेश काले एवं नेहरू युवा केन्द्र के मिथलेश हारोड़े भी उपस्थित रहे।सभी ग्रामीणों तथा सरपंच आशा मानिकराव खाड़े, उप सरपंच वामनराव जी देशमुख ने इस पहल को अच्छा बताते हुए प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन किया एवं आयोजकों की सराहना की तथा भविष्य के लिए भी ऐसी गतिविधियों के लिए शुभकामनाएं दी…!!

Manmohan Pawar

सच का प्रवाह