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कोरोना वायरस से America में एक दिन में सबसे ज्यादा 884 मौतें, मृतकों की कुल संख्या 4,475 हुई


अमेरिकी कंपनियों द्वारा उत्पादन बढ़ाने और विदेशों में खरीद के माध्यम से देश में आपूर्ति की कमी को खत्म करने की कोशिश की जा रही।

Multapi Samachar

वॉशिंगटन। अमेरिका में कोरोना वायरस से बुधवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 884 मौतें हुई हैं। इसके साथ ही मृतकों की कुल संख्या बढ़कर पांज हजार के आंकड़े को पार कर गई। गुरुवार सुबह 02:35 बजे तक मृतकों का आंकड़ा 5117 हो चुका था। इससे पहले सोमवार को 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई। वायरस की वजह से एक दिन में होने वाली मौतों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। अमेरिका में कोरोना वायरस की वजह से होने वाली मौतों की संख्या अभी इटली और स्पेन से कम है, लेकिन चीन से अधिक हो गई है, जहां 3,316 मौते हुई थीं।हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले 30 दिनों में सामाजिक दिशा-निर्देशों का कड़ाई के साथ पालन करने का आह्वान किया है, ताकि देश पटरी पर वापस आ जाए। राष्ट्रपति ने रोगियों के परीक्षण और उपचार और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए जरूरी चिकित्सा आपूर्ति की उपलब्धता के बारे में चिंताओं को दूर करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अमेरिका “अच्छे आकार” में होगा जब मृत्यु दर दो सप्ताह में चरम पर पहुंचने की उम्मीद होगी, खासतौर पर वेंटिलेटर की उपलब्धता के संबंध में।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने अमेरिकी कंपनियों द्वारा उत्पादन बढ़ाने और विदेशों में खरीद के माध्यम से देश में आपूर्ति की कमी को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। विशेषकर न्यूयॉर्क राज्य और शहर, न्यूजर्सी, वाशिंगटन आदि जैसे स्थानों पर कमी की शिकायतें बनी हुई हैं।

11 सितंबर के आतंकी हमले में भी मरे थे 3,000

बताते चलें कि अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को आतंकवादी हमलों में भी मारे गए लोगों की संख्या 3,000 से अधिक नहीं थी। अमेरिका में कोरोना वायरस के पुष्टि किए गए मामलों की कुल संख्या एक लाख 75 हजार 67 तक पहुंच गई है। सोमवार को लगभग 24,000 मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई थी।अमेरिका में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हैं, जो पूरी दुनिया में मिले मामलों का पांचवां हिस्सा यानी 20 फीसद है। इसमें भी सबसे ज्यादा प्रभावित न्यूयॉर्क राज्य है , जहां 67,000 मामले मिले हैं और 1,342 मौतों हो चुकी हैं। वहीं, न्यूयॉर्क सिटी में 914 से ज्यादा मौते हो चुकी हैं। न्यूयॉर्क ने राज्य के हालात में मदद करने के लिए देश के अन्य हिस्सों से डॉक्टरों और हेल्थकेयर पेशेवरों को आमंत्रित किया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी दैनिक ब्रीफिंग में विशेषकर वेंटिलेटर की कमी के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि हां, मुझे ऐसा लगता है कि हम बहुत अच्छे आकार में होने जा रहे हैं। उधर, प्रशासन ने आपूर्ति में कमी की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए मास्क, गाउन और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए सुरक्षात्मक गियर, और वेंटिलेटर आदि की आपूर्ति के लिए खरीदारी को बढ़ाया है।

NASA के अगले Space Mission का हिस्सा बन सकता है भारतवंशी राजा, यह मुश्किल ट्रेनिंग की पूरी


NASA के अगले Space Mission का हिस्सा बन सकता है भारतवंशी राजा, यह मुश्किल ट्रेनिंग की पूरी

ह्यूस्टन। अमेरिकी वायुसेना में भारतवंशी कर्नल राजा जॉन वरपुतूर चारी ने दो साल की अवधि वाला NASA का बुनियादी अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इस तरह उन्होंने NASA के चंद्रमा और मंगल पर जाने वाले भविष्य के मिशनों का हिस्सा बनने की योग्यता हासिल कर ली है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (American Space Agency) ने प्रशिक्षण के लिए राजा सहित 11 उम्मीदवारों का चयन आर्टेमिस कार्यक्रम की घोषणा के बाद 2017 में 18,000 आवेदकों के बीच से किया था।

शुक्रवार को ह्यूस्टन में आयोजित समारोह में प्रत्येक नए अंतरिक्ष यात्री को एक चांदी की पिन दी गई। पहला अंतरिक्ष मिशन पूरा करने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को सोने की पिन दी जाएगी। नासा 2024 तक चंद्रमा की सतह पर एक महिला और एक पुरुष अंतरिक्ष यात्री को भेजने की योजना पर काम कर रहा है। इसके अलावा वह साल 2030 तक मंगल ग्रह पर मानव को भेजने की योजना भी तैयार कर रहा है।

राजा एस्ट्रोनॉटिकल इंजीनियरिग और इंजीनियरिग साइंस में ग्रेजुएट हैं। इसके अलावा उन्होंने मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एयरोनॉटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है। वह मैरीलैंड के यूएस नेवल टेस्ट पायलट स्कूल से भी ग्रेजुएट हैं।

बता दें कि हाई एजुकेशन लेने के इरादे से राजा के पिता श्रीनिवास चारी हैदराबाद से यहां आए थे। यहीं पर उन्होंने शादी की और वॉटरलू के जॉन डीरे में अपना जीवन बिताया। 41 साल के राजा को NASA ने 2017 के एस्ट्रोनॉट कैंडिडेट क्लास में शामिल होने के लिए चुना था। अगस्त 2017 में उनकी ट्रेनिंग शुरू हुई और प्रारंभिक अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब वह स्पेस मिशन में जाने के पात्र हो गए हैं।