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कोरोना से मौत-अब्बा अस्पताल में भर्ती है, सब खैरियत तो है, डॉक्टर बोले- उनका तो शव भिजवा दिया


CORONA VIRUS IN INDORE

Multapi Samachar

इंदौर।कोरोना से मृत लोग अस्पतालों के लिए बोझ से बन गए हैं। उनका एक ही मकसद है शव गाड़ी में भरो और घर भिजवा दो। खैरियत की दुआ कर रहे स्वजन को भी खबर नहीं कर रहे हैं। शुक्रवार को एक व्यक्ति का शव चौराहे पर करीब तीन घंटे रखा रहा। स्वजन को मौत का पता ही तब चला, जब खैरियत जानने के लिए अस्पताल फोन किया।

चंदन नगर निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति (मैकेनिक) की शुक्रवार तड़के कोरोना से मौत हो गई। उसका खुड़ैल स्थित निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। बेटों और अन्य स्वजन को पुलिस-प्रशासन ने सेवन स्टेप गार्डन में क्वारंटाइन करवा दिया था।

शुक्रवार दोपहर मैकेनिक के दामाद ने हालचाल जानने के लिए अस्पताल में कॉल कर ड्यूटी डॉक्टर से पूछा- ‘मेरे अब्बा भर्ती हैं। हम देखने नहीं आ सकते। आप ही बता दें वहां सब खैरियत तो है न?’ नाम-पता पूछने के बाद डॉक्टर ने कहा कि आपके अब्बा नहीं रहे। यहां से एक घंटा पहले उनका शव भी भिजवा दिया।

इतना कहकर फोन काट दिया गया। यह भी नहीं बताया कि शव कहां भिजवाया। शव देने आए हैं, घर बता दो इधर, चंदन नगर चौराहे पर एक एंबुलेंस आकर रुकी और ड्राइवर मैकेनिक के घर का पता पूछने लगा। कुछ देर बाद पार्षद रफीक खान पहुंचे। उनके पूछने पर ड्राइवर ने कहा हम शव देने आए हैं, मैकेनिक का घर बता दो।

इससे नाराज पार्षद ने कहा कोरोना से मृत व्यक्ति का शव उसके घर कैसे ले जा सकते हो। इससे मोहल्ले में संक्रमण फैल जाएगा। उनके स्वजन को बुलाना पड़ेगा। आप बगैर सूचना के शव लेकर आ गए। क्रियाकर्म करने वाले परिवार का एक सदस्य तक नहीं है। अभी कब्र भी नहीं खुदी। कब्र खोदने में तीन-चार घंटे लगते हैं। तब तक शव गाड़ी में ही रखा रहेगा क्या?हंगामे के काफी देर बाद एसडीएम (राऊ) रवि सिंह ने मैकेनिक के दो बेटों को लाने की अनुमति दी।

सिपाही बेटे का इंतजार करता रहा पिता का शव

चंदन नगर निवासी एक अन्य वृद्ध की भी शुक्रवार को मौत हो गई। बेटा पीटीसी में सिपाही है। वह दस्तूर मैरिज गार्डन में क्वारंटाइन था। वृद्ध का शव पहले ही पहुंच चुका था। स्वजन को काफी देर बाद सूचना दी गई। बाद में स्वजन लुनियापुरा कब्रिस्तान पहुंचे और शव सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

इनका कहना है

एंबुलेंस को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। मृतक के बेटे गार्डन में क्वारंटराइन थे। कुछ देर बाद उन्हें बुला लिया और सुपुर्द ए खाक करवा दिया।-रविसिंह, एसडीएम