Tag Archives: कलेक्टर

Guna News आदेश न मानने पर मनीष ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिष्ठान सील किया


मुलतापी समाचार

गुना-
कलेक्टर श्री कुमार पुरुषोत्तम द्वारा आम नागरिकों को कोरोना से बचाने के लिए सभी एहतियातन उपाय किए जा रहे हैं ।सभी नगरी क्षेत्रों में रात्रि 8:00 बजे से बाजार बंद करने के स्टैंडिंग आदेश है।
इस दौरान गुना के एक व्यापारी को प्रतिष्ठान बंद ना कर हेकड़ी दिखाना उस समय महंगा पड़ गया जब प्रशासन की टीम ने 8:40 पर उनका प्रतिष्ठान सील कर दिया। लक्ष्मी गंज स्थित गल्ला व्यापारी मनीष ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिष्ठान रात्रि 8:40 बजे संचालित था वह किसानों का मजमा लगाए हुए थे ।
जब डिप्टी कलेक्टर सुश्री सोनम जैन व एसडीएम अंकिता जैन ने पुलिस ब करने की समझाइश दी तो व्यापारी ने बात को अनसुना कर दिया और बहस करने लगे ।एसडीएम द्वारा पुलिस व नगर पालिका की मदद से दुकान को सील कर दिया ।

कलेक्टर के सख्त निर्देश है कि आमजन को कोरोना से बचाने मैं कोई शिथिलता नहीं बरती जाए। जो भी व्यक्ति आदेश का पालन नहीं करेगा उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं का मुस्तैदी एवं जिम्मेदारी से क्रियान्वयन हो- सांसद श्री डीडी उइके


अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित

मुलतापी समाचार

बैतूल । सांसद श्री डीडी उइके ने कहा है कि जिले में केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं का मुस्तैदी एवं जिम्मेदारी से क्रियान्वयन हो तथा समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। सांसद श्री उइके बुधवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में आ रही मामूली अड़चनों को स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर दूर किया जाए। बैठक में प्रधान जिला पंचायत श्री सूरजलाल जावरकर, विधायक बैतूल श्री निलय डागा, विधायक आमला डॉ. योगेश पण्डाग्रे, कलेक्टर श्री राकेश सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना की समीक्षा के दौरान सांसद श्री उइके ने कहा कि योजनांतर्गत निर्मित सडक़ों के किनारों की पटरियों एवं पुल-पुलियाओं को जोडऩे वाली सडक़ों का समतलीकरण किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं का अंदेशा न रहे एवं सडक़ों को भी मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में जिन सडक़ों के निर्माण में दिक्कत आ रही है, उनमें समीपवर्ती जिले के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सडक़ निर्माण को मूर्तरूप दिया जाए। विभाग के अधिकारियों से नई निर्मित होने वाली सडक़ों की भी जानकारी सांसद द्वारा ली गई।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारी से कहा गया कि योजनांतर्गत निर्मित किए जाने वाले कार्यों का स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भूमिपूजन, शिलान्यास एवं उद्घाटन करवाया जाए, ताकि आमजन को इन कार्यों के बारे में बेहतर जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल मिले, यह हम सबका दायित्व होना चाहिए। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत निर्मित हो रही नल-जल योजनाओं की गुणवत्ता पर भी विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जाए। समीक्षा के दौरान बैतूल विधायक श्री निलय डागा ने कहा कि जिन ग्रामों में पुरानी पाइप लाइन हैं एवं खराब हो रही है, उनको बदलने के लिए विभाग द्वारा कार्य किया जाए।कृषि कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद श्री उइके एवं विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे द्वारा खरीफ एवं रबी सीजन में विभागीय प्रबंधन की जानकारी ली गई। साथ ही कहा गया कि नकली खाद एवं बीज का विक्रय न हो, यह विभाग सुनिश्चित करे। सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृषि विभाग इस बात पर विशेष ध्यान दे कि नकली खाद एवं बीज के विक्रय के किसानों को नुकसान नहीं पहुंचे। इस दिशा में की गई कार्रवाई से भी विभाग अवगत करवाए।

आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्ची वितरण एवं राशन लाभ दिए जाने की स्थिति की जानकारी ली गई। विभागीय अधिकारी से कहा गया कि वे शिकायतों के निराकरण पर ध्यान दें।लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देशित किया गया कि सडक़ों पर आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाए जाएं तथा स्पीड ब्रेकर मापदण्डों के अनुरूप बनवाए जाएं, ताकि आमजन को आवागमन में असुविधा न हो।आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं उपलब्ध राशि की जानकारी ली गई। विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए सांसद श्री उइके ने खण्डवार शिविर आयोजित कर विद्युत उपभोक्ताओं की शासन की विद्युत देयकों के भुगतान में सहूलियत देने वाली विद्युत योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा भी बैठक के दौरान की गई।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एमएल त्यागी ने जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की जानकारी दी तथा मनरेगा अंतर्गत अर्जित मानव दिवसों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।उद्यानिकी विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में लीची जैसी उद्यानिकी फसलों के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 प्रबंधन पर भी जानकारी दी गई। बैठक में समिति सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। स्व सहायता समूह की महिलाओं ने कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए की जलपान की व्यवस्था

————————-

मुलतापी समाचार

बैठक में एनआरएलएम से जुड़ी स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जलपान की व्यवस्था की गई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा गया।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री, कलेक्टर भोपाल आदि सभी को लिखा पत्र


प्रति,
महामहिम राष्ट्रपति/मान प्रधानमंत्री/मंत्री मानव संसाधन विकास विभाग/मुख्यमंत्री/ मुख्य सचिव मप्र/प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग/संभाग आयुक्त भोपाल/आयुक्त नगर निगम भोपाल/कलेक्टर भोपाल

Multapi Samachar

MANIT (मैनिट) मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल परिसर को कोरोना वायरस के संक्रमितों के लिए क्वारन्टीन सेंटर क्यों नहीं बनाना चाहिए?
महोदय,
आपसे निवेदन है कि मैनिट एवं किसी भी शिक्षण संस्थानों को किसी दूसरे कार्यों में ना लगाया जाए।शिक्षा से ही राष्ट्र का निर्माण होता है और हम दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार होते हैं।
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हम सरकार के साथ हैं जिसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना बनाकर लड़ने की आवश्यकता है, जिससे जन जीवन सामान्य हो जाये।
हमे विश्वास है कि आप हमारे सुझावों पर गंभीरता से विचार कर जनहित में उचित निर्णय लेंगे।

  1. मैनिट एक राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान है जहां देश /विदेश के लगभग 5000 छात्र अध्यनरत हैं, सरकार इस संस्थान के संचालन करने के लिए करोङो रुपये खर्च करती है।छात्र भी शुल्क जमा करते हैं।इसलिए शिक्षा के अलावा किसी दूसरे कार्यों में इस संस्थान का उपयोग नही करना चाहिए।
  2. शासकीय योजनाओं के कार्यों में शिक्षकों को लगाने का दुष्परिणाम यह है कि देश की शिक्षा व्यवस्था अच्छी नहीं है।
  3. मैनिट के शिक्षकों और कर्मचारियों को होस्टल के छात्रों के सामान पैकिंग में लगाया जा रहा है।
  4. शिक्षा के हित में शिक्षा से जुड़े
    अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरे कार्यों में नहीं लगाना चाहिए।
  5. शिक्षकों को उनकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अपडेट रखने के लिए सुविधाओं और अवसर उपलब्ध कराना चाहिए, भले ही इस बावत उन्हें लक्ष्य देना चाहिए।
  6. मैनिट परिसर शहर के बीच में है और घनी आबादी(झुग्गी बस्तियों) से घिरा हुआ है।
    7.घनी आबादी (झुग्गी बस्तियों) से सफाई कर्मचारी, माली, गार्ड्स,सब्जी भाजी वाले आवश्यक रूप से आना जाना करते हैं।जिनके माध्यम से भोपाल के अन्य क्षेत्रों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैल सकता है।
  7. मैनिट परिसर ग्रीन जोन में आता है परंतु क्वारन्टीन सेंटर बनाने से मैनिट परिसर के रेड जोन में परिवर्तित होने की आशंका है।
  8. भोपाल शहर के बाहरी क्षेत्रों में पर्याप्त खाली भवन उपलब्ध हैं इसके अलावा कई स्कूल,कालेज, अस्पताल आदि भी हैं।
  9. मैनिट परिसर रिहायसी क्षेत्र है जहां फैकल्टी, कर्मचारी और अधिकारी निवासरत हैं।
    11.क्वारन्टीन सेंटर बनाने के समाचार के बाद कई छात्रों और उनके सगे संबंधी भोपाल रेड जोन से आकर अपना सामान होस्टल से लेकर जा रहे हैं।जिससे बहुत लोगों का आना जाना लगा रहता है जिससे परिसर में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।जबकि पहले किसी भी बाहरी लोगों का आना जाना प्रतिबंधित था।
  10. होस्टल क्र 7 (गर्ल्स हॉस्टल) कॉलोनी सेक्टर में होने से कॉलोनी के निवासी भी संक्रमित हो सकते हैं।
  11. शहर के बाहरी क्षेत्रों में क्वारन्टीन सेंटर के लिए विकल्प हैं तो शहर के बीच में सेंटर बनाना समझदारी नहीं हैं।
    14.छात्रों/छात्राओं के व्यक्तिगत सामान को उनके अनुपस्थिति में छूना अनैतिक और अवैध भी है।
  12. मैनिट की सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं होने से छात्रों के सामान सुरक्षित रहने में संदेह है।मैनिट परिसर में दो शिक्षकों के यहां चोरी हो चुकी है और एक शिक्षक की कार जला दी गई थी परंतु कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई।हमारा सामान सुरक्षित रहने की संभावना कम है।
  13. शिक्षण संस्थानों को कोई बड़ी मजबूरी हो उसी स्थिति में ऐसे कार्यों में लगाना चाहिए।शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है क्योंकि इसी से देश का निर्माण होता है इसलिए इन्हें सिर्फ और सिर्फ शिक्षा देने के लिए ही जिम्मेदारी तय करना चाहिए।जिसके लिए उनकी स्थापना हुई है।
  14. शिक्षण संस्थानों को लगातार आधुनिक तकनीक से अपडेट करते रहना चाहिए इसके लिए छात्रों और शिक्षकों को पर्याप्त सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना चाहिए।जिससे हम दुनिया के अच्छे संस्थानों से प्रतिस्पर्धा कर सकें।
  15. भारत सरकार के मापदंड अनुसार क्वारन्टीन सेंटर बनाने के लिए जो गाइड लाइन दी गई है उस मापदंड में मैनिट परिसर को क्वारन्टीन सेंटर नहीं बना सकते हैं।
  16. क्वारन्टीन सेंटर अनिश्चित समय के लिए बनेगा क्योंकि बार बार स्थान परिवर्तन करने से शासकीय राशि का दुरुपयोग होगा।
    20.भोपाल शहर के ग्रीन जोन में परिवर्तित होने के बावजूद क्वारन्टीन सेन्टर की आवश्यकता पड़ेगी क्योंकि रेड जोन से जो भी नागरिक आएंगे उन्हें सावधानी के तौर पर क्वारन्टीन करने की आवश्यकता रहेगी।
    21.देश/विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से छात्रों के आने पर उन्हें भी तो क्वारन्टीन करने की आवश्यकता रहेगी।
    22.सभी विकल्प खत्म होने पर मैनिट होस्टल के बदले LRC बिल्डिंग और NTB का उपयोग करना चाहिए।
    हम मैनिट के प्रत्येक छात्र और शिक्षक कोरोना वायरस के खिलाफ सरकार और प्रशासन को तन, मन और धन से सहयोग कर रहे हैं और भविष्य में भी करेंगे परंतु सरकार और प्रशासन को भी हमारी भावनाओं के अनुसार उचित निर्णय लेना चाहिए और मैनिट परिसर के लोगों के जीवन को संकट में नहीं डालना चाहिए।
    संक्रमण को खत्म करने के लिए हम स्थाई सोलुशन की दिशा में सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।ताकि भोपाल और देश जल्दी से जल्दी कोरोना वायरस से मुक्त हो और जनजीवन सामान्य हो।
    निवेदक
MANIT (मैनिट) मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल परिसर को कोरोना वायरस के संक्रमितों के लिए क्वारन्टीन सेंटर क्यों नहीं बनाना चाहिए?

मैनिट के छात्र,शिक्षक, कर्मचारी, एवं उनके परिवार एवं
शरद सिंह कुमरे
पर्यावरण बचाओ आंदोलन
जागो भारत अभियान
भोपाल
9406533671,9303119212

हम विरोध नहीं परमानेंट सोलुशन की बात कर रहे हैं।
मैनिट में सुरक्षा व्यवस्था बहुत दयनीय है।2 फैकल्टीज के यहां चोरी हो चुकी है और एक फैकल्टी की कार जला चुके है परंतु कुछ नहीं हुआ।
मेरी कार की बैटरी 2 बार चोरी हुई थी मुझे नई बैटरी सुरक्षा एजेंसी ने दिया।क्योंकि मैंने इनकी शिकायत की थी।
मेरी सलाह है कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए प्रशासन को अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना बनाना चाहिए।यह लंबा चलेगा।क्वारन्टीन सेंटर एक बार बन गया तो यह लंबा चल सकता है और फिर कॉलेज तब तक बंद रखना पड़ेगा।
कॉलेज के फैकल्टी सब काम छोड़कर समान पैक करने, ताले तुड़वाने,समान की पैकिंग आदि में लग रहे हैं।
पढ़ाई बहुत बुरी तरीके से प्रभावित होगी।छात्रों का कैरियर बर्बाद हो जाएगा।
विकल्प बहुत हैं।
गांव में शासकीय स्कूल के शिक्षकों को सभी शासकीय योजनाओं के लिए व्यस्त रखा जाता है इसलिए शासकीय स्कूल बर्बाद हो चुके हैं।
लॉक डाउन पीरियड में शिक्षकों को नई तकनीकों को डेवेलोप करके छात्रों के एग्जाम, टेस्ट, campus selection aadi विषयों पर अपनी ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए था।
कृपया बड़ा सोचें और देश भर के शिक्षा और शिक्षकों को दूसरे काम में ना लगाएं।
हाउसिंग बोर्ड के पास बहुत क्वाटर हैं, उन्होंने आफर भी किया था परंतु प्रशासन अपनी सुविधा के लिए शहर के बीच वाले स्थान को चुना है जबकि भारत सरकार के मापदंड अनुसार मैनिट को क्वारन्टीन सेन्टर नहीं बना सकते है।
मैं गाइड लाइन की प्रति प्रेसित कर रहा हूँ।हाइलाइटेड पार्ट को देखिए।
यह मुद्दा सिर्फ होस्टल खाली करने का नहीं है यह देश की शिक्षा व्यवस्था को बचाने की भी होना चाहिए।🙏🙏🙏

मध्यप्रदेश में कलेक्‍टरों एवं अध‍िकारियों का तबादला, छिंदवाड़ा, सिवनी ओर बुराहनपुर कलेक्टर बदले


मुलतापी समाचार

MP News

मध्‍यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ है तब से अधिकारियों के तबादला का दौर निरंतर जारी है कोरोना संकट के बीच एक बार मध्य प्रदेश में प्रशासन सर्जरी की गई है  इसी क्रम में राज्य शासन द्वारा बड़ा प्रशासिनक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के (आईएएस) अधिकारियों का तबादला कर दिया है भोपाल के कमिश्नर बदले तो दूसरी तरफ छिंदवाड़ा , सिवनी ओर बुराहनपुर जिले के कलेक्टर बदले गए है

म.प्र. के संभागायुक्त एवं कलेक्टरों की फोन नं. सूची लॉकडाउन में सहायता हेतू


मुलतापी समाचार की ओर से जनहित में जारी

म.प्र. के संभागायुक्त एवं कलेक्टरों की सूची।
क्र. संभाग/जिला संभागायुक्त/कलेक्टर का नाम, कोड, दूरभाष कार्यालय, दूरभाष, निवास फैक्स नं.

  1. इन्दौर, आयुक्त
    श्री आकाश त्रिपाठी
    0731-2435111, 2700888
    7587980100, 2539552
    इन्दौर
    श्री मनीष सिंह
    0731-2449111, 2700111
    7587980500, 2449114
    धार
    श्री श्रीकांत बनोठ
    07292-234702, 234701
    7587980600, 234711
    खरगौन
    श्री गोपाल चंद्र डाड
    07282- 232363, 232364
    7587980900, 231668
    बड़वानी
    श्री अमित तोमर
    07290-2240012, 222713
    7587980400, 224003
    झाबुआ
    श्री प्रबल सिपाहा
    07392-243401, 243402
    7587980700, 243330
    अलीराजपुर
    श्रीमती सुरभि गुप्ता
    07394-234400, 234500
    7587980200, 234222
    खण्डवा
    श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल
    0733-2224153, 2223333
    7587980800, 2224157
    बुरहानपुर
    श्री राजेश कुमार कौल
    07325-241000, 242000
    7587980300, 242043
  2. उज्जैन, आयुक्त
    श्री आनंद कुमार शर्मा 0734-2511671, 2511670
    7587969100, 2523351, 2513151
    उज्जैन
    श्री शशांक मिश्रा
    0734-2514000, 2513000
    7587969800, 2510878
    देवास
    डॉ. श्रीकांत पाण्डेय
    07272-252111, 252222
    7587969300, 252444
    रतलाम
    श्रीमती रूचिका चौहान
    07412-270400, 270402
    7587969600, 270401
    शाजापुर
    श्री वीरेन्द्र सिंह रावत
    07364-226500, 228600
    7587969700, 227378
    आगर-मालवा
    श्री संजय कुमार
    07362-259100, 259300
    7587969200, 259700
    मन्दसौर
    श्री मनोज पुष्प
    07422-235260, 235270
    7587969400, 235307
    नीमच
    श्री जितेन्द्र सिंह राजे
    07423-223063, 220083
    7587969500, 228501
  3. ग्वालियर, आयुक्त
    श्री एम.बी. ओझा 0751-2452800, 2340100
    7587967100, 2457801
    ग्वालियर
    श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह
    0751-2446200, 2446300
    7587967200, 2373301
    शिवपुरी
    सुश्री अनुग्रह पी.
    07492-233700, 233701
    7587967400, 233274
    गुना
    श्री एस. विश्वनाथन
    07542-255626, 255727
    7587967600, 255408
    अशोकनगर
    डॉ. मंजू शर्मा
    07543-222800, 222809
    7587967300, 225501
    दतिया
    श्री रोहित सिंह
    07522-234100, 234101
    7587967500, 233017
  4. चम्बल, आयुक्त
    श्रीमती रेणु तिवारी 07532-232900, 232660
    7587965100, 233970
    मुरैना
    सुश्री प्रियंका दास
    07532-223500, 223400
    7587965300, 226500
    श्योपुर
    सुश्री प्रतिभा पाल
    07530-220058, 220059
    7587965400, 220015
    भिण्ड
    श्री छोटे सिंह
    07534-231200, 234201
    7587965200, 230511
  5. रीवा, आयुक्त
    डॉ. अशोक भार्गव 07662-241766, 241888
    7587979100, 251766
    रीवा
    श्री बसंत कुर्रे
    07662-241635, 242100
    7587979200, 242806
    सीधी
    श्री रवीन्द्र कुमार चौधरी
    07822-252204, 252203
    7587979400, 252306
    सिंगरौली
    श्री वी.एस. चौधरी कोलसानी
    07805-234540, 244110
    7587979500, 234541
    सतना
    श्री अजय कटेसरिया
    07672-222911, 222920
    7587979300, 224688
  6. शहडोल, आयुक्त
    डॉ. अशोक भार्गव 07652-245555, 242000
    7587966100, 241222
    शहडोल
    श्री सतेन्द्र सिंह
    07652-241700, 241300
    7587966300, 245330
    अनूपपुर
    श्री चन्द्रमोहन ठाकुर
    07659-222400, 222502
    7587966200, 222401
    उमरिया
    श्री स्वरोचिस सोमवंशी
    07653-222600, 222700
    7587966400, 222106
  7. सागर, आयुक्त
    श्री अजय सिंह गंगवार 07582-224400, 224554
    7587968100, 228087
    सागर
    सुश्री प्रीति मैथिल
    07582-221900, 222622
    7587968500, 222070
    दमोह
    श्री तरूण राठी
    07812-222345, 222001
    7587968400, 222376
    पन्ना
    श्री कर्मवीर शर्मा
    07732-252003, 252004
    7587968300, 252002
    छतरपुर
    श्री शीलेन्द्र सिंह
    07682-241500, 241501
    7587968200, 241704, 248618
    टीकमगढ़
    श्रीमती हर्षिका सिंह
    07683-242250, 242251
    7587968600, 242700
    निवाड़ी
    श्री अक्षय कुमार सिंह
    07680-232101, 252101
    232102
  8. भोपाल, आयुक्त
    श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव 0755-2540399, 2431082
    7587977100, 2540772
    भोपाल
    श्री तरूण कुमार पिथौड़े
    0755-2540494, 2736358, 2430003
    7587977200, 2546733
    सीहोर
    श्री अजय गुप्ता
    07562-227766, 226811
    7587977500, 226855
    रायसेन
    श्री उमाशंकर भार्गव
    07482-223201, 223203
    7587977300, 223243
    राजगढ़
    श्री नीरज कुमार सिंह
    07372-255025, 255023
    7587977400, 255067
    विदिशा
    डॉ. पंकज जैन
    07592-234520, 234530
    7587977600, 237854
  9. नर्मदापुरम, आयुक्त
    श्री रजनीश कुमार श्रीवासतव 07574-250000, 250500
    7587975100, 254262
    होशंगाबाद
    श्री धनंजय सिंह भदौरिया
    07574-252800, 252318, 252900
    7587975400, 254466
    हरदा
    श्री अनुराग वर्मा
    07577-225006, 225001
    7587975300, 225011
    बैतूल
    श्री राकेश सिंह
    07141-230034, 231033
    7587975200, 230219
  10. जबलपुर, आयुक्त
    श्री रविन्द्र मिश्रा 0761-2679000, 2679001
    7587970100, 2679617
    जबलपुर
    श्री भरत यादव
    0761-2624100, 2603333
    7587970500, 2624200
    कटनी
    श्री शशि भूषण सिंह
    07622-220009, 226500
    7587970400, 222266
    नरसिंहपुर
    श्री दीपक सक्सेना
    07792-230900, 230901
    7587970300, 230915
    छिन्दवाड़ा
    डॉ. श्रीनिवास शर्मा
    07162-242302, 242303
    7587970700, 244467
    सिवनी
    श्री प्रवीण सिंह अढायच
    07692-220444, 220300, 220301
    7587970800, 220990
    मण्डला
    श्री जगदीश चन्द्र जटिया
    07642-250600, 250601
    7587970600, 251105
    बालाघाट
    श्री दीपक आर्य
    07632-240150, 240660
    7587970900, 240250
    डिंडोरी
    श्री बक्की कार्तिकेयन
    07644-234174, 234175
    7587970200, 234166

बैतूल कलक्ट्रेट में शोसल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां, रेडक्रॉस सोसायटी मे एक चैक देने दर्जन कांग्रेसीआये


कांग्रेेेस कमेेेटी द्वारा कलेक्‍टर कक्ष में रे्डक्रास सोसायटी के नाम का सौपते हुए बैैैैैतूल के प्रमुख कांग्रेसी कार्यकता गण

बैतूल ।कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्राशासन ने जंहा आम नागरिकों समेत मीडियाकर्मियों को शोसल डिस्टेंस का पाठ पढ़ा कर लगातार दूरियां बना रखा है लेकिन आज जिला प्रशासन ही मदद करने आये कांग्रेसियों से शोसल डिस्टेंस मेंटेन नही करवा सका ।
दरअसल लॉक डाउन में सत्ता गंवाने के बाद से ही जिले के दिग्गज कांग्रेसी नेता आम जनता से शोसल डिस्टेंस बनाकर अपने अपने घरों में ही कैद हो गए थे।बीते एक पखवाड़े में जनता की बढ़ती नाराज़गी देख कर आज अचानक अपने अपने इलाको से निकल कर जिला रेडक्रॉस सोसायटी में मदद पहुंचाने की गरज से जिला केक्ट्रेट पंहुंचे जंहा पूर्व पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे के नेत्रत्व में बैतूल कलेक्टर को जिला कांग्रेस कमेटी की तरफ से आज 131000 का चैक सौंपा ।इसमें प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, बैतूल विधायक निलय डागा ,घोड़ाडोंगरी विधायक ब्रह्मा भलावी जिला कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील गुड्डू शर्मा,अरुण गोठी,हेमन्त पगारिया,शांति लाल तातेड़, नवनीत मालवीय,अनुराग मिश्रा,राहुल लोहाडिया,लोकेश पगारिया,एवं अन्य कांग्रेसी मौजूद थे।

बैतूल – कोरोना से संघर्ष में जिले के निजी अस्‍पताल एवं डॉक्टर्स प्रशासन के कंधे से कंधा मिलाकर करेंगे सहयोग


निजी अस्पतालों के वेंटीलेटर जिला अस्पताल को उपलब्ध कराए जाएंगे

कलेक्टर ने मकान मालिकों को निजी क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मियों से इस माह किराया नहीं मांगने एवं मकान खाली नहीं कराने के दिए निर्देश

बैतल। बैठक को संबोधित करते कलेक्टर।

मुलतापी समाचार

बैतूल। कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई लड़ने में जिला प्रशासन के साथ जिले के निजी अस्पताल/नर्सिंग होम संचालक एवं निजी चिकित्सक भी पूरी शिद्दत के साथ आगे आए हैं। मंगलवार को कलेक्टर राकेश सिंह के साथ निजी चिकित्सालय व नर्सिंग होम संचालकों एवं निजी चिकित्सकों की बैठक में सभी ने इस लड़ाई में जिला प्रशासन का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का आश्वासन दिया। साथ ही निर्णय लिया गया कि जिला चिकित्सालय जो कि कोविड-19 अस्पताल के रूप में घोषित है, उसे पूरी तरह आवश्यक उपकरणों से तैयार रखा जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के निजी अस्पतालों के लगभग 15 वेंटीलेटर उपलब्ध कराए जाकर जिला अस्पताल में एक पृथक ईकाई के रूप में लगाए जाएंगे। बैठक में विधायक डॉ. योगेश पण्डाग्रे, पुलिस अधीक्षक डीएस भदौरिया सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमएल त्यागी, अपर कलेक्टर जेपी सचान, स्वास्थ्य अधिकारी एवं निजी चिकित्सालय व नर्सिंग होम संचालक व डॉक्टर्स मौजूद थे।

बैठक में तय किया गया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में आवश्यकता पडे पर जिले के समस्त निजी चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। जो चिकित्सक यह सेवाएं देंगे, वे नगर में होटल अधिग्रहित कर ठहराए जाएंगे। बैठक में किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में वेंटीलेटर सहित अन्य सभी उपकरण-सहायक उपकरण तथा दवाइयों की उपलब्धता एवं इनके उपार्जन के संबंध में भी चर्चा हुई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि उपरोक्त समस्त जरूरतें आवश्यकता पडे पर उपलब्ध रहेगी। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीसी चौरसिया ने बताया कि कोरोना पॉजीटिव मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा पहने जाने वाली सुरक्षा ड्रेस (पीपीई) अभी जिले में 110 नग से अधिक उपलब्ध है, आवश्यक मटेरियल बुलवाकर आगामी एक सप्ताह में इनको स्थानीय स्तर पर तैयार करवाया जाएगा। यह ड्रेस सभी निजी अस्पतालों को भी प्रदान की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर के ध्यान में यह मुद्दा लाया गया कि निजी चिकित्सालयों में कार्य करने वाले नर्सिंग व सहायक स्टाफ जो नगर में विभिन्ना स्थानों पर किराए के मकान में रहते हैं, ऐसे लोगों को कुछ मकान मालिकों द्वारा आवास खाली करने के लिए कहा जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत इस तरह का कृत्य पूर्णतः प्रतिषेध है। ऐसे मकान मालिकों पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।

मुलतापी समाचार