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कोरोना हेल्थ सेंटर के 3 मरीजों की मौत-मुलताई


मुलताई बना हॉट स्पॉट

स्वास्थ्य विभाग नहीं है अलर्ट

आये दिन बढ़ते जा रही हैं संक्रमितों की संख्या

मुलतापी समाचार

मुलताई। क्षेत्र में लगातार कोरोना का प्रकोप बढ़ते जा रहा है। इस बार तो न सिर्फ कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या ज्यादा है बल्कि इस बार कोरोना के कारण मरने वालो की संख्या भी अब धीरे धीरे बढ़ते जा रही है को अब चिंता बढ़ा रही है।        

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 अप्रेल 2021 को राजीव गांधी वार्ड निवासी 30 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव जो कोविड सेंटर मुलताई भाग कर गया था आज शाम करीब 6 बजे के आस पास उसकी भी मौत हो गयी है।

मुलताई बीएमओ डॉ पल्लव अमृतफुले ने इस बात की पुष्टि की है        

वही आज मंगलवार को मुलताई की ताप्ती वार्ड  से 67 वर्षीय एक मरीज को कोविड सेंटर लाया गया जिस की स्थिति अत्यंत खराब थी जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वही मुलताई से लगा हुआ ग्राम देवरी से 50 वर्षीय एक कोरोना पॉजिटिव मरीज को कल सोमवार को कोविड सेंटर मुलताई में भर्ती किया गया था उसकी भी स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसे रेफर कर दिया गया लेकिन उसने यही दम तोड़ दिया।         

कोरोना मरीज की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार के मस्य स्थिति ऐसी हो गयी कि नगर पालिका के कोई कर्मचारी पहुचे न ही उनके परिजन उन्हें हाथ लगाने को तैयार हुए ऐसे में समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कमर्चारियों के साथ मिलकर बीएमओ डॉक्टर पल्लव ने उनका अंतिम संस्कार करवाया। 

COrona MP : सीधी के क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए बैगा जनजाति के शख्स ने की आत्महत्या ?


मृतक राजभान बैगा के अंतिम संस्कार के लिये कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा दस हजार रुपये की आर्थिक संहायता दी गई है. अपर कलेक्टर डीपी वर्मन का कहना है कि क्वारंटाइन सेंटर (Quarantine Center) से निकल कर शख्स ने आत्महत्या (Suicide) क्यों की इसकी जांच करवाई जा रही है.

सीधी के क्वारंटाइन सेंटर से कुछ दूर जंगल में पेड़ से लटकता मिला शव

सीधी. जनपद के एक क्वारंटाइन (Quarantine Center) सेंटर में रखे गए बैगा जनजाति के मजदूर के कथित तौर पर आत्महत्या (suicide) करने की रिपोर्ट आई है. महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) के संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है. गैर जनपद से आए लोगों को सरकारी निर्देशानुसार क्वारंटाइन किया जा रहा है. ऐसे में सागर जनपद (Sagar District) से सीधी जनपद आए मजदूरों को एक क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था. जहां बैगा जन जाति के 38 वर्षीय एक शख्स ने सेंटर से भागकर कुछ दूर जंगल में जा कर कथित रूप से अत्महत्या कर ली.

राजभान बैगा के आत्महत्या का कुछ स्पष्ट कारण अभी तक किसी को समझ नहीं आया है फिलहाल जांच जारी है. उसका शव पेड़ से लटकता पाया गया. यह घटना सीधी जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर कुसमी विकास खंड अंतर्गत दुबरी कला गांव से सटे जंगल में बुधवार-बृहस्पतिवार की दरमियानी रात की  बताई जा रही है.

23 मजदूरों को किया गया था क्वारंटाइन
इस मुद्दे पर अपर कलेक्टर डीपी वर्मन का कहना है कि क्वारेन्टाइन सेंटर से निकल कर शख्स ने आत्महत्या क्यों की इसकी जांच करवाई जा रही है. अगर इस मामले में किसी की लापरवाही पाई जाएगी तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मृतक राजभान बैगा के अंतिम संस्कार के लिये कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा दस हजार रुपये की आर्थिक संहायता दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार शाम को जिले के आदिवासी बाहुल्य जनपद पंचायत कुशमी के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दुबरी कलां का एक आदिवासी युवक राजभान बैगा अपनी पत्नी के साथ सागर जनपद में गेहूं की फसल की कटाई करने गया था.

बुधवार की शाम सागर से वापस आए लौटे कुल 23 मजदूरों को दुबरी कला के शासकीय विद्यालय में क्वारेंटाइन कर दिया गया था. कहा जा रहा है कि मृतक राजभान बैगा कुछ ही देर बाद शौच का बहाना बनाकर करकचहा नाला की तरफ चला गया. बहुत देर तक वापस न आने पर जब खोज-बीन शुरू हुई तो कुछ दूर जंगल में पेड़ से लटकती उसकी लाश दिखाई दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. कुसमी एसडीएम आर के सिन्हा पर आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद उन्होंने मामले में काफी लापरवाही बरती जिस पर अपर कलेक्टर का कहना है कि जांच कराई जा रही है अगर एसडीएम पर लगाए गए आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी.

लोगों को लगा बच्चों से मिलने जा रहा होगा
इस मामले में जानकारी देते हुए सीधी जिले के पुलिस अधीक्षक आरएस बेलवंशी ने शुक्रवार को बताया कि राजभान बैगा का शव गुरूवार को दुबरी कला गांव के समीप के जंगल में पेड़ से लटकता पाया गया. जब उनसे सवाल किया गया कि आत्महत्या की क्या वजह हो सकती है तो पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार वह क्वारंटाइन में रखे जाने के खिलाफ था और अपने बच्चों के साथ अपने घर में रहना चाहता था. लेकिन उसने आत्महत्या क्यों की इसकी विवेचना की जा रही है. उन्होंने बताया कि राजभान बैगा अपनी पत्नी व 23 मजदूरों के साथ सागर गेहूं की फसल की कटाई करने गया था. बुधवार की शाम सागर से लौटे इन मजदूरों को दुबरी कला के शासकीय विद्यालय में रखा गया.

सागर से सीधी 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है. पुलिस अधीक्षक बेलवंशी ने बताया कि बैगा कुछ ही देर बाद शौच का बहाना बनाकर करकचहा नाले की तरफ चला गया. लोगों को लगा कि हो सकता है वो बहाने से घर में बच्चों से मिलने जा रहा होगा. पुलिस अधीक्षक बेलवंशी के अनुसार जब पंचायत सचिव राम सुशील पटेल उसके घर पहुंचे तो वह वहां भी नहीं था. उन्होंने कहा कि इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू हुई लेकिन अंधेरा हो जाने के कारण तलाश नहीं हो सकी और बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे महुआ फूल बीनने गये ग्रामीणों को उसकी पेड़ पर लटकती हुई लाश नजर आई. उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस चौकी पोड़ी में मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है.

क्वारंटाइन सेंटर से भागे 16 लोग बैतूल


Raisain स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में नहीं घुसने दिया

Coronavirus Betul News : Multapi Samachar

बैतूल, रायसेन ।मध्‍य प्रदेश के बैतूल जिले के शाहपुर में बनाए गए एकलव्य बालक छात्रावास के क्वारंटाइन सेंटर से दो दिनों के भीतर 16 लोग भाग गए। इस सेंटर में लॉकडाउन शुरू होने के बाद अन्य प्रदेशों से आए 132 लोगों को रखा गया है।

30 मार्च को क्वारंटाइन किया गया था

भागने वालों में गुना और ग्वालियर के लोग हैं। सभी को 30 मार्च को क्वारंटाइन किया गया था। एसडीएम हरसिमरन कौर ने बताया कि कुछ लोगों के भागने की जानकारी मिली है। सभी को यहां रुके हुए 14 दिनों से ज्यादा का समय बीत गया है, इसलिए खतरे जैसी कोई बात नहीं है।संबंधित क्षेत्रों में इसकी जानकारी दी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में नहीं घुसने दिया

उधर, एक अन्य घटनाक्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम को मंगलवार दोपहर रायसेन जिले के ग्राम अल्ली के 200 ग्रामीणों ने गांव में नहीं घुसने दिया और घेर लिया। स्थिति बिगड़ती देख टीम को लौटना पड़ा। बता दें कि जिले में मिले 18 पॉजिटिव मरीज में से 10 ग्राम अल्ली के हैं। मरीजों के स्वजनों और गांव में घर-घर का सर्वे करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची थी।