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श्रमिकों को फिर से गुलाम बनाना चाहती है सरकारें -डॉ.सुनीलम


ग्वालियर में फूलबाग पर मजदूर संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन

44 श्रम कानूनों को बहाल करने और 4 श्रम कोड वापस लेने की मांग

श्रमिकों को फिर से गुलाम बनाना चाहती है सरकारें -डॉ.सुनीलम

ग्वालियर मध्यप्रदेश – देश के मजदूर संगठनों द्वारा केंद्र और राज्य की श्रमिक एवं जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आज पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया गया । ग्वालियर में 10 बजे विभिन्न ट्रेड युनियन के लगभग सौ कार्यकर्ता फूलबाग पंहुचे जहाँ शारिरिक दूरी बनाए रखते हुये उन्होंने 44 श्रम कानूनों को बहाल करो, 4 श्रम कोड वापस लो, बारह घण्टे काम नहीं करेंगे, श्रमिक विरोधी सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए तथा पोस्टरों का प्रदर्शन किया । आंदोलनकरियों को पुलिस अधिकारियों ने आकर आंदोलन न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदर्शन जारी रखा गया तो एफआईआर दर्ज की जाएगी ।
उपस्थित श्रमिक नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम है तथा देश के सभी जिलों के कारखानों एवं रेल्वे की ट्रेड बीमा बैंक एवं शासकीय कर्मचारियों के संगठनों द्वारा श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए यह कार्यक्रम किया जा रहा है। कोरोना की वजह से संवेधानिक अधिकार समाप्त नहीं हो जाते ।इसके बावजूद जब पुलिस अधिकारी अपनी बात पर अड़े रहे तब विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया ।
कार्यक्रम में हिंद मजदूर सभा,किसान संघर्ष समिति,जनांदोलनो के राष्ट्रीय समन्वय ,अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति
के प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व विधायक डॉ.सुनीलम ,सीपीएम के प्रदेश सचिव जसविंदर सिंह, सीटू के रामविलास गोस्वामी,
सीटू की ज़िला अध्यक्ष कमलेश शर्मा महासचिव एम के जायसवाल ,इंटक के रतीराम यादव, अशोक गोस्वामी एटक के हरी संकर माहोर, पूरनसिह परिहार और सुनील गोपाल, भूपेश जैन एआईयूटीयूसी के शामिल हुए।
इस अवसर पर बोलते हुए डॉ.सुनीलम ने कहा कि कोरोना संकट एक पूंजीवादी संकट है तथा केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें इस संकट का इस्तेमाल श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी
संशोधन लागू करने के लिए कर फिर से मज़दूरों को गुलाम बनाना चाहती है । ।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 44 श्रम कानून समाप्त कर 4 कोड लागू कर दिये हैं । अब आठ घंटे की जगह बारह घंटे काम लेने तथा सभी श्रम कानूनों को अगले एक हजार दिन के लिए राज्य सरकारों द्वारा निलंबित करने की घोषणा की गई है।
डॉ.सुनीलम ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि मजदूरों को लॉकडाउन के दौरान पूरा पैसा दिया जाएगा तथा नौकरी से नहीं हटाया जाएगा, परंतु सरकार अपने निर्देश को लागू करने में पूर्णतया विफल रही है।
डॉ.सुनीलम ने कहा कि आठ करोड़ प्रवासी मजदूरों को दस हजार रुपये प्रति माह सम्मान निधि देने तथा सभी इच्छुक मजदूरों को मनरेगा के तहत 200 दिन का काम 500 रुपये की दर पर प्रदान करने की मांग की है ।
उन्होंने कहा कि देश के किसान संगठन एवम जन संगठन विरोध दिवस का राष्ट्रीय स्तर पर विरोध कर रहे हैं।
सीपीएम के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि कोरोना से निपटने में मोदी सरकार पूरी तरह विफल रही है। कोरोना संक्रमण से केंद्र सरकार ने जिस तरह निपटा है ,उसके चलते देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है । उन्होंने कहा कि कोरोना से निपटने में गुजरात मॉडल पूरी तरह विफल रहा है तथा केरल की वामपंथी सरकार का मॉडल सर्वश्रेष्ठ साबित हुआ है ।
सीटू के रामविलास गोस्वामी ने कहा कि ग्वालियर के श्रमिक आंदोलन का शानदार
संघर्ष और बलिदान का इतिहास है । उन्होंने कहा कि मजदूर संगठनो का मोर्चा पूरी ताकत के साथ सरकारों की श्रमिक विरोधी,जन विरोधी नीतियों का विरोध पुरी। ताक़त से कर
रहा है।
उन्होंने कहा कि हम मज़दूरों के अधिकारों पर हर हमले का पुरजोर विरोध करेंगे और
श्रम कानूनों की बहाली के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।
उल्लेखनीय है ग्वालियर में आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर जॉइंट प्लेटफार्म ऑफ ट्रेड यूनियन्स एंड फेडेरेशनस की अपील पर एच एम एस ,सीटू ,एटक ,इंटक ,यू टी यू सी ,ए आई यू टी यू सी ,टी यू टी सी,सेवा ,एल पी एफ, ए आई सी सी टी यू द्वारा किया गया था ,जिसका देश के किसान संगठनों और जन आंदोलनों द्वारा समर्थन किया गया।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

ग्वालियर मध्य प्रदेश: इमारत में लगी आग ,2 की मौत


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

ग्वालियर: ग्वालियर में 3 मंजिला इमारत में आग लगने से 2 लोगों की मौत हो गई। ग्वालियर शहर में इंदरगंज रोशनी घर रोड पर एक तीन मंजिला इमारत में आग लग गई। जिसमें केदारनाथ गोयल के परिवार के सात लोग फंसे थे। इसमें से दो बच्चों को बचा लिया गया है और 5 लोगों का पता नहीं चला है। फिलहाल 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। जानकारी के मुताबिक मकान के नीचे पेंट की दुकान है।

मुलतापी समाचार