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चीन में वापस आया कोरोना वायरस, शी जिनपिंग ने लगाया मार्सल लॉ


बीजिंग। भारत जैसे देशों के लिए बहुत बड़ी चेतावनी है। चेतावनी यह कि जब कोरोना चीन में दोबारा भड़क सकता है तो फिर यहां भी भड़क सकता है। इसलिए एक बार कोरोना नियंत्रित हो जाये तो फिर लापरवाह नहीं हो जाना चाहिए। वरना ये दूसरे शहरों या प्रदेशों में पनप सकता है। चीन ने दावा किया था कि उसने कोरोना पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है। लेकिन खबर आयी है कि चीन के नॉर्थ ईस्ट शुलान में कोरोना इतनी तेजी से भड़का कि चीन की शी जिनपिंग सरकार को न केवल वहां लॉक डाउन लगाना पड़ा बल्कि मार्शल लॉ भी लगाना पड़ा है।

चीन ने उत्तर कोरिया की सीमा से लगते अपने एक शहर में रविवार को 11 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद मार्शल लॉ लागू कर दिया।

शहर में घातक वायरस के फिर से तेजी से फैलने का भय पैदा हो गया है। सरकारी ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने खबर दी है कि वे लॉन्ड्रीवुमन के संपर्क में आने के बाद ये लोग कोरोना से संक्रमित हुए।

सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के जिलिन प्रांतीय समिति के सचिव बाईन चाओलू ने कहा कि शुलान शहर को सर्वाधिक खतरे के स्तर के एहतियात की जरूरतों के मुताबिक, मार्शल लॉ लगाना चाहिए। बाईन ने कहा कि शुलान में क्लस्टर संक्रमण से लोगों की जिंदगी को काफी खतरा हो सकता है। शुलान में शनिवार से स्थानीय समुदायों और गांवों में लॉकडाउन जारी है।

चीन में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 14 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक कोविड-19 के केंद्र में रहे राज्य हुबेई में सामने आया है। इसके बाद देश में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 82,901 हो गई हैं, जिनमें से 4,630 लोगो की मौत हो चुकी है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने रविवार को बताया कि नए मामलों में 12 लोग देश में ही संक्रमित हुए हैं, जिनमें से एक व्यक्ति हुबेई प्रांत में संक्रमित पाया गया है।

हुबेई में पिछले 35 दिन से संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया था। यह संक्रमण सबसे पहले इसी प्रांत में फैलना शुरू हुआ था। एनएचसी ने बताया कि संक्रमण के 14 नए मामले शनिवार को सामने आए। इसके अलावा 20 ऐसे लोग भी संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे है। ऐसे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 794 हो गई है, जिनमें लक्षण दिखाई नहीं दे रहे है। सरकारी संवाद समिति ‘शिन्हुआ’ ने बताया कि चीन में इस संक्रमण से 4,633 लोग मारे गए हैं। अमेरिका स्थित ‘जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी’ ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस से 40 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं और 2,79,311 लोगों की मौत हो चुकी है।

Chain में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या पर राष्ट्रपति ट्रंप को संदेह, कहा- हमें कैसे पता?


Multapi Samachar

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि चीन के साथ अच्छा संबंध है, लेकिन बीजिंग की पारदर्शिता पर विवाद ने तनाव बढ़ा दिया है।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कोरोना वायरस की वजह से चीन में होने वाली मौतों की आधिकारिक संख्या पर संदेह जाहिर किया। दरअसल, एक अमेरिकी सांसंद ने खुफिया जानकारियों के हवाले से बीजिंग पर इस मामले को दबाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि “हम कैसे जानते हैं” कि वे (चीनी सरकार) सटीक आंकड़े दे रहे हैं। ट्रंप ने एक संवाददाता सम्मेलन कहा कि उनकी मौतों की संख्या कम लगती है।

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि चीन के साथ अच्छा संबंध है और वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी हैं। हालांकि, बीजिंग की पारदर्शिता पर विवाद ने तनाव बढ़ा दिया है। चीन ने बुरी भावनाओं को जोड़ते हुए एक साजिश सिद्धांत देते हुए कहा था कि कोरोना वायरस को फैलाने के लिए अमेरिकी सेना दोषी थी। ब्लूमबर्ग द्वारा अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस में रिपब्लिकन्स ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बीजिंग ने स्पष्ट रूप से चीन के संक्रमण और मौतों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह किया है, जो साल 2019 के अंत में वुहान शहर में शुरू हुआ था।

ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कुछ खुफिया अधिकारियों ने बीजिंग की तरफ से आधिकारिक रूप से बताए गए मृतकों की संख्या को फर्जी करार देते हुए कहा है कि चीन ने जानबूझकर अधूरी रिपोर्टिंग की है। जिसमें जिसने पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस को भेजे गए वर्गीकृत खुफिया दस्तावेज को उजागर किया था। जॉन्स होप्स यूनिवर्सिटी के एक रोलिंग ट्रैकर के अनुसार, चीन ने बुधवार को सार्वजनिक रूप से 82,361 पुष्ट मामलों और 3,316 मौतों की सूचना दी है। वहीं, इसकी तुलना में संयुक्त राज्य अमेरिका में अब तक दो लाख 6 हजार 207 मामले सामने आ चुके हैं और 4,542 मौतें हो चुकी हैं।

रिपब्लिकन सीनेटर बेन सासे ने बीजिंग के नंबरों को “कचरा प्रचार” करार देते हुए कहा कि यह दावा झूठा है कि चीन की तुलना में संयुक्त राज्य अमेरिका में कोरोना वायरस की वजह से अधिक मौतें हुई हैं। किसी भी क्लासीफाइड जानकारी पर टिप्पणी किए बिना उन्होंने कहा कि यह , बहुत स्पष्ट है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने झूठ बोला था, झूठ बोल है और अपने शासन को बचाए रखने के लिए वह कोरोना वायरस के बारे में झूठ बोलती रहेगी।

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के शीर्ष रिपब्लिकन माइकल मैककॉल ने रिपोर्ट का जवाब देते हुए कहा कि COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में चीन भरोसेमंद साथी नहीं है। उन्होंने वायरस के इंसान से इंसान में फैलने के बारे में दुनिया से झूठ बोला, सच्चाई को सामने लाने की कोशिश करने वाले डॉक्टरों और पत्रकारों को खामोश कर दिया गया। अब जाहिरा तौर पर इस बीमारी से प्रभावित लोगों और मृतकों की संख्या को वे छिपा रहे हैं।

मुलतापी समाचार

चीन/गर्भवतीभैंस की बचाई जान ऑनलाइन फंड राइजिंग कर 2.5 लाख रुपए जोड़े और स्लॉटर हाउस अदाकर किये


Image result for जान बचाने स्लॉटर हाउस के कर्मचारियों के आगे घुटनों के बल बैठी गर्भवती भैंस, दावा- आंखों में आंसू थे
घुटने के बल बैठी भैस आंखाेें मेें आंसु थे

यह मामला चीन के गुआनडोंग प्रांत का है, इसका वीडियो वायरल हो रहा है

भैंस को बचाने के लिए लोगों ने ऑनलाइन फंडिंग से 2.5 लाख रुपए जुटाए,

भैंस की जान बचा इसके बाद लोगों ने इसे एक बौद्ध मंदिर को सौंप दिया,

देखरेख के लिए 40 हजार रुपए भी दिए

बीजिंग. दक्षिण चीन के स्लॉटर हाउस के लिए खरीदी गई एक गर्भवती भैंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह अपनी जान बचाने के लिए स्लॉटर हाउस के कर्मचारियों के सामने घुटनों के बल बैठ जाती है। वह अपने मालिक को छोड़कर जाने को तैयार नहीं होती। वीडियो में उसकी आंखों में आंसू आते भी देखे जा सकते हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना रविवार की है। गुआनडोंग प्रांत के शांतौ में रविवार को भैंस को स्लॉटर हाउस के लिए बेचा जा रहा था। लेकिन भैंस जाने को तैयार नहीं थी। काफी मशक्कत की गई। घटना के वक्त मौजूद किसी ने इसका वीडियो बना लिया। उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद लोगों ने इसे बचाने के लिए पहल शुरू की। ऑनलाइन फंड राइजिंग कर 2.5 लाख रुपए जोड़े और भैंस की कीमत स्लॉटर हाउस के कर्मचारियों को सौंप कर उसकी जान बचाई। 

हम उसे जैसे-तैसे स्लॉटर हाउस ले गए

स्लॉटर हाउस के एक कर्मचारी लिन वांगबो ने बताया, जब हम भैंस को लेकर जा रहे थे, तब वह बार-बार जमीन पर बैठ जाती। हम उसे जैसे-तैसे स्लॉटर हाउस लेकर आए। मारने से पहले कान में मार्क भी कर लिया था। उसे स्लॉटिंग प्वाइंट तक ले जाने के लिए खींच रहे थे, तो वह जोर-जोर से आवाज निकाल रही थी।

भैंस गर्भवती थी और उसमें जीने की इच्छा थी

  • गुआनडोंग टीवी के मुताबिक, “वीडियो में भैंस में जीने की इच्छा दिख रही थी। इसे कई पशु प्रेमी समूहों ने तेजी से शेयर किया। इसके बाद, कुछ लोगों ने स्लॉटर हाउस के मालिक को फोन कर भैंस को बचाने के लिए कीमत तय की। सभी ने मिलकर 24950 युआन (करीब 2.5 लाख रुपए) देकर उसे फिर खरीद लिया। इसके बाद भैंस को स्थानीय बौद्ध मंदिर को सौंप दिया गया।
  • लिन के मुताबिक, मंदिर को सौंपे जाने का एक और वीडियो बनाया गया। इसमें स्लॉटर हाउस द्वारा भैंस की कीमत लेकर लौटाने पर वह खुद अपने पैरों पर खड़ी हो जाती है। लोग उसे एक वाहन में ले जाते दिख रहे हैं। भैंस को बचाने वालों ने इसे गोल्डन लाइन टेम्पल को सौंपा है। इसके साथ ही दान दाताओं ने उसकी देखरेख के लिए 40 हजार (4,000 युआन) रुपए अलग से दिए हैं।

मुलतापी समचार न्‍युज नेटवर्क