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MP कोरोना काल में छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की घोर लापरवाही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र का हाल बेहाल


आखिर अर्चना की माँ की मौत का कौन है जिम्मेदार ?

छिंदवाड़ा सीएमएचओ डॉ. गिरीश चौरसिया के राज में मरीजों का बुरा हाल, मर रहे लोग

Multapi Samachar

MP भोपाल। छिंदवाड़ा । मध्यप्रदेश सरकार के राज में जिला अस्पतालों के हालात बद से बदत्तर है । आख़िर अधिकारी कर्मचारी की लापरवाही के कारण हो रही मौतों का कौन है जिम्मेदार ? किसकी है जवाबदेही ? किस पर विश्वास करें प्रदेश की जनता काँग्रेस या भाजपा या ये दोनों दल है एक ही थाली के चट्टे बट्टे ? देश प्रदेश की सभी वर्ग की जनता आर्थिक तंगी बेरोजगारी से जूझ रही है । आखिर गंभीर हालातों को कब संभालेगी सरकार । बात चाहे जनसंपर्क में गए पत्रकार की हो या सरकारी अस्पताल में गए गरीब मजदूर की दशा एक जैसी है । छिंदवाड़ा जिला अस्पताल का हाल बेहाल हो चुका है आये दिन नितनये कारनामे सामने आते है चाहे वो वेंटिलेटर खरीदने का हो या मरीजों को सुविधाएं ना देने पर हमेशा सुर्खियों में बना रहता है, छिंदवाड़ा मुख्य चिकित्सा एवं स्वस्थ्य अधिकारी डॉ. गिरीश चौरसिया मुख्य चिकित्सा के राज में ऐसे क्षेत्र की जनता त्रस्त है । पीड़ित वीडियो बना बना कर अपनी सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे है ।
परंतु सीएमएचओ के कान पर जूं तक नही रेंग रही है आखिर ऐसे कौन शक्ति काम कर रही है जिससे जनता त्रस्त है और सीएमएचओ मस्त है ।
इसकी कड़ी में आज एक वीडियो कोविद19 संक्रामित लड़की ने भेजा है जिसमें छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की पोल खोल के रख दी है। अस्पताल में मरीजों के साथ कैसा व्यवस्था हो रहा है और उन्हें क्या सुविधाएं मिल रही है इसका उदाहरण इस वीडियो में देखने को मिलता है ।

क्या कहा वीडियो में अर्चना ने ?

अर्चना के द्वारा बताया गया कि 31 अगस्त को उनके माता-पिता एवं अर्चना की कोविड रिपोर्ट पजीटिव आई थी इसके उपरांत तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया अंजू की माता हार्ड पेशेंट थी जिसके चलते उन्हें आईसीयू वार्ड में रखा गया था बीती रात 5 अगस्त 2020 को रात्रि 3:30 पर अर्चना की मां को प्यास लगी थी उनके द्वारा अस्पताल के आईसीयू वार्ड के नर्स स्टाफ को पानी के लिए आवाज दी गई किंतु जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में कोई भी स्टाफ का कर्मचारी मौजूद नहीं था इसके बाद अर्चना को फोन लगाया गया अर्चना ने सिविल सर्जन को फोन से संपर्क किया किंतु सिविल सर्जन द्वारा नाम मात्र की तसल्ली दी गई कि हमारे द्वारा स्टाफ को पहुंचाया जा रहा है इसके बाद दूसरी बार पुनः अर्चना ने सिविल सर्जन को फोन लगाया 4:00 बजे कि मेरी माता जी को बहुत जोरों से प्यास लगी है उनको पानी दे दिया जाए दूसरी बार पुनः सिविल सर्जन द्वारा तसल्ली दी गई किंतु पानी नहीं दिया गया ना ही कोई स्टाफ आईसीयू वार्ड में पहुंचा अर्चना की माता ने बिना पानी पिए तड़प तड़प कर जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में बिना डॉक्टरों की अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के चलते जान गवा दी

अर्चना के द्वारा सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल किया गया है उस पर अर्चना द्वारा बताया गया कि 31 अगस्त की रात्रि को जब उन्हें अस्पताल पर भर्ती किया गया था उस समय अस्पताल पर उनके फादर को आईसीयू वार्ड पर रखा गया जब उनके फादर को आईसीयू वार्ड पर ले जाया गया था तो उससे पहले आईसीयू वार्ड में एक कोरोनावायरस को वेंटिलेटर ऑक्सीजन लगाया गया था किंतु उस मरीज वेंटिलेटर पाइप ऑक्सीजन से निकल गया था तो अर्चना के पिता द्वारा अस्पताल में मौजूद वार्ड बॉय को इसकी जानकारी दी गई वार्ड बॉय की लापरवाही की उन्होंने अर्चना के पिता को बोला कि आप ही पाइप लगा दीजिए एक मरीज जो खुद अस्पताल पर भर्ती हुआ है जिसे मैं मेडिकल की कोई जानकारी नहीं है उसे जिला अस्पताल का स्टाफ दूसरे मरीज को वेंटीलेटर ऑक्सीजन पाइप लगाने को बोलता है और इसी के चलते उस मरीज की जान चली गई एक बेटी का सवाल है कि मामा मुख्यमंत्री के राज्य पर मरीजों के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है क्या हमारे साथ या जनता के साथ जिला अस्पतालों पर इस प्रकार से बदतर हालत क्यों है

क्या कहना है ।

छिंदवाड़ा कलेक्टर को कॉल किया गया परंतु उन्होंने उठाया नही

वीडियो सामने आया है जिसमें गंभीर आरोप लगे है, जाँच के बाद लापरवाही सामने आने पर संबंधित पर कार्यवाही की जायेगी ।

सौरभ कुमार सुमन छिंदवाड़ा जिलाधीश

कॉल किया गया परंतु काल रिसीव नही किया गया |

डॉ. गिरीश चौरसिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वस्थ्य अधिकारी छिंदवाड़ा

अगले अंक में पढ़िए – कोरोना संक्रमित मरीजों की शिकायतों पर सोता छिंदवाड़ा प्रशासन

मनीष कुमार राठौर

‘शोक संंदेेेेश