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Betul जिले में औद्योगिकीकरण की असीम संभावनाओं को लगेंगे पंख


बैतूल में उद्योग एवं व्यापार स्थापित करने की संभावनाओं एवं समस्याओं पर हुआ विचार-मंथन

उद्योग संवर्द्धन समिति की बैठक आयोजित

कलेक्टर डेक्स

Multapi Samachar

जिले में वनोपज, उन्नत कृषि एवं हस्तशिल्प के बेहतर संसाधन उपलब्ध हैं, जरूरत सिर्फ इनसे जुड़े उद्योगों एवं व्यापार को बढ़ावा देने की है। इनको बढ़ावा देने की संभावनाओं पर पृथक-पृथक वर्किंग ग्रुप बनाकर प्रति सप्ताह चर्चा की जाएगी एवं आने वाली अड़चनों को निराकृत किया जाएगा। कलेक्टर श्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई जिला उद्योग संवर्द्धन समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में सागौन से निर्मित फर्नीचर एवं अन्य उत्पाद, हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों पर आधारित उद्योगों की स्थापना की बेहतर पृष्ठभूमि तैयार की जाए। साथ ही सागौन आधारित फर्नीचर एवं वुडन उद्योगों को क्लस्टर बनाकर मूर्त रूप दिया जाए। जिले में बड़ी संख्या में कार्यरत महिलाओं के स्व सहायता समूहों का बेहतर ह्यूमन रिसोर्स के रूप में प्रोत्साहित किया जाए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद, वनमंडलाधिकारी श्री पुनीत गोयल, सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी सहित उद्योगपति, व्यापारी, कर सलाहकार, चार्टर्ड एकाउंटेंट एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में फर्नीचर क्लस्टर एवं इससे जुड़े उद्योगों के विकास के लिए सागौन के अलावा अन्य प्रजाति की लकड़ी से संबंधित उद्योगों के विकास पर भी विचार किया जा रहा है। फर्नीचर क्लस्टर के रूप में मध्यप्रदेश में चार जिले चयनित किए गए हैं, जिनमें बैतूल भी शामिल है। फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना के लिए उपयुक्त जमीन तलाश कर उपलब्ध कराने के लिए भी कार्य प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि वुडन आधारित क्लस्टर स्थापित होने से परंपरागत अथवा घरेलू उपयोग के फर्नीचर के अलावा अन्य वुडन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य किया जाएगा, ताकि इन उत्पादों की विदेशों तक मांग बढ़ाई जा सके। इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा कि स्थानीय उद्यमियों को उद्यमों की स्थापना में बढ़ावा मिल सके।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद ने कहा कि जिले में उत्पादित होने वाली सामग्री को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी हमारे लिए एक चुनौती होगी, जिसके लिए उचित प्लेटफार्म देना होगा। इसके अलावा स्थानीय लोगों को इन उद्यमों से जोडक़र हम जिले के औद्योगिकीकरण को बेहतर स्वरूप दे पाएंगे। बैठक में वन मंडलाधिकारी श्री पुनीत गोयल ने जिले में वुडन उद्योगों की स्थापना के लिए वन विभाग के प्रावधानों से अवगत कराया।

बैठक में एमपी विनियर्स के श्री अभिमन्यु श्रीवास्तव ने कहा कि वुडन पर आधारित छोटे-छोटे प्रोडक्ट भी विदेशों में एक्सपोर्ट हो सकते हैं। बैतूल जिले का सागौन लोगों को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने एवं औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कर-सलाहकार श्री राजीव खण्डेलवाल ने बैठक में कहा कि वुड प्रोडक्ट्स यदि कन्ज्यूमर गुड्स के रूप में तैयार किए जाएंगे, तो उनको बेहतर मार्केट मिलेगा। उन्होंने पैकिंग-रिपैकिंग एवं जीएसटी व्यवस्थाओं के संबंध में भी बैठक में अपने विचार व्यक्त किए। चार्टर्ड एकाउंटेंट श्री सुनील हिराणी ने छोटे उद्यमियों को उद्यम स्थापित करने हेतु आवश्यक फेसिलेटेशन की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे बेहतर व्यवसाय की तरफ बढ़ सके। इसके अलावा जिले में छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि उद्यम स्थापित करने वालों को टैक्स, मार्केटिंग एवं अन्य एक्सपर्ट्स से आवश्यक मार्गदर्शन दिलवाया जाए। जिला व्यापार संघ के श्री मनोज भार्गव ने जिले में व्यापारिक संभावनाओं पर प्रकाश डाला। आरामशीन संचालक संघ की तरफ से श्री अब्दुल भाई एवं श्री राजा साहू द्वारा स्थानीय स्तर पर विनियर उद्यम को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही वुडन उद्योग में वन विभाग से संबंधित आवश्यक सहयोग की अपेक्षा के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में उन्नत कृषि एवं आयुर्वेद औषधि उत्पादों की संभावनाओं पर भी विस्तृत विचार रखे गये।

इस दौरान जिला वाणिज्य कर अधिकारी श्री युवराज पाटीदार ने जीएसटी के प्रावधानों से अवगत कराया। कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक के अंत में कहा कि चर्चा में हुए निष्कर्षों को संस्थागत स्वरूप देकर आगे बढ़ाया जाएगा। जिले में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर आ रही छोटी-मोटी दिक्कतों को शीघ्रता से निराकृत कराया जाएगा। शासन स्तर से जिन समस्याओं का हल होना होगा, उन्हें चिन्हित कर निराकृत करवाने की पहल की जाएगी। उत्पादों के आवश्यक प्रमाणीकरण के लिए भी जिला प्रशासन उद्यमियों की पूरी मदद करेगा। तदुपरांत जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एमएल त्यागी ने जिले में स्व सहायता समूहों के कार्यों को छोटे उद्यम के रूप में बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास करने की बात कही। बैठक का संचालन जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री ब्रजआशीष पाण्डे द्वारा किया गया।