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बालाघाट जिले के बैहर में राजा भोज प्रतिमा का अनावरण समारोह हुआ जिससे पूरे प्रदेश से पंवार समाज के दिग्गज सामिल हुऐ


बैहर में राजा भोज की मुर्ति का अनावरण सबसे ऊंची पहाडी पर किया गया जिसमें पवार समाज के सगाजनाें की बहुसंख्‍यां दिखाई दी

आकर्षक जीवंत झांकियों के साथ निकली भव्य

शोभा यात्रा, सर्व समाज ने बढ़-चढ़कर दिया योगदान 

Pawari arti karte hua pawar samaj ke samajik jan bandugan multai

राष्ट्रीय पंवार क्षत्रिय महासभा, पंवार श्री राम मंदिर ट्रस्ट, राजा भोज स्मारक समिति बैहर और  पंवार समाज नगर बैहर, सर्किल समितियों के तत्वाधान में बुधवार को राष्ट्रीय पंवार तीर्थ स्थली पंवार श्री राम मंदिर ट्रस्ट परिसर बैहर में अष्टधातु से निर्मित 20 फीट ऊंची, 4 टन वजनी देश की विशालतम प्रतिमाओं में से एक चक्रवर्ती धराधीश कुलश्रेष्ठ राजा भोज की विहंगम प्रतिमा का अनावरण भव्य समारोह में किया गया। अनावरण की शुरुआत विभिन्न पंवार समाज सर्किल समितियों से आई भोलेनाथ, श्री राम भगवान, वीर बजरंगबली, महामाया देवी और राजा भोज जीवंत झांकियो की आदर्श, आकर्षक, अद्भुत प्रदर्शनी से हुई। शोभा यात्रा में सर्व समाज ने बढ़-चढ़कर योगदान देते हुए आयोजन को सफल बनाने में अपनी महती भूमिका अदा की। सर्वधर्म सद्भाव का प्रतीक बन यात्रा ने सबका दिल मोह लिया। जिसकी नगरवासी और दूर-दूर से आए सामाजिक और गणमान्य जनों ने भूरी भूरी प्रशंसा की। इस खास मौके पर देश के महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश तथा जिले के कोने-कोने से आए स्वजातिय भाई-बहनों ने घुड़सवारी कर यात्रा में चार-चांद लगाया। वहीं विभिन्न झांकियों की मनमोहनी प्रस्तुति जय श्री राम और राजा भोज के जयकारों के साथ एक ऐतिहासिक शोभा यात्रा शहर का भ्रमण करते हुए पंवार श्री राम मंदिर परिसर प्रतिमा स्थली पहुंची।

मप्र में कई स्थानों पर बेमौसम बारिश बैतूल, उमरिया, कटनी, सिवनी, दमोह, बालाघाट में जमकर बरसे ओले, फसलें चौपट


Rain in – Satpuda खेतों में खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही । सब्‍जी भाजी, पत्‍ता गोभी, टमाटर, चना, मटर जैसी फसले अधिक प्रभावित

मुलताई डहुआ। मुलताई तहसील के ग्राम डहुआ में किसान सुरेन्‍द्र पंवार के खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से ओलों की बारिश में चौपट हो गई।

बुधवार की देर रात मौसम का मिजाज बदला और तेज हवा के साथ ओलों की बारिश शुरू हो गई। करीब 30 मिनट तक आसमान से ओले बरसते रहे और उसके बाद तेज हवा के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह दुनावा मंडल के अंतर्गत आने वाले दो दर्जन से अधिक गांवों के खेतों में किसानों को बर्बादी बिखरी नजर आई। पेड़ पौधों की टहनियां जहां टूट गईं वहीं खेतों में लगी फसलें पूरी तरह से जमीन पर बिछ गईं। मुलताई तहसील के ग्राम डहुआ में किसान सुरेन्‍द्र पंवार के खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से ओलों की बारिश में चौपट हो गई एवं दुनावा क्षेत्र के ग्राम पारबिरोली में ओलों के कारण सबसे अधिक बर्बादी सामने आई है। गुरूवार की सुबह खेतों में लगी सब्जी और अन्य फसलें पूरी तरह से तबाह हो गईं थी। ग्राम पारबिरोली के किसान लक्ष्मण देशमुख ने बताया कि उनके 3 एकड़ खेत में गेहूं की फसल कल तक लहलहा रही थी लेकिन बुधवार की रात हुई ओलों की बारिश ने फसल को पूरी तरह से जमीन पर गिरा दिया है। जब वे अपनी पत्नी के साथ सुबह खेत पहुंचे तो फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछी हुई थी। इसके साथ ही अन्य किसानों के खेतों में भी फसलें इसी तरह बर्बाद मिलीं। दुनावा क्षेत्र के किसान वैसे ही मौसम की मार से तरह तरह की बीमारियों की चपेट में हैं। किसान अपने मक्के की फसल की भरपाई भी नहीं कर पाया था कि गेहूं की फसल बर्बाद होने से किसानों में बड़ी मायूसी छाई हुई है। दुनावा मंडल के ग्राम डहुआ, सिपावा, सोनेगांव, रिधोरा, डहुआ, मोरखा, सांवरी, खैरवानी, छिंदी, खड़कवार समेत अन्य गांवों में ओलावृष्टि से अधिक क्षति पहुंची है। ग्राम डहुआ के किसान सुरेन्‍द्र पवार, ढिमर बुआडे, हेमन्‍त बारंगे, दिनसु बारंगे, मनोज बारंगे एवं पारबिरोली के हेमू देशमुख, कालूराम, गोरेलाल, शिवराज, उदल, रघुनाथ, मुन्नाा, कलसिंग, प्यारे, सुखराम, मंगरया, मेंहग्या समेत अन्य किसानों के खेतों में फसल पूरी बर्बाद हो गई है। किसानों ने जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की गुहार लगाई है।

जबलपुर।  Rain in-Vindhya महाकोशल-विंध्य के जिलों में सर्दी के सितम के साथ बारिश-ओलों ने भी लोगों को हलाकान कर दिया। उमरिया, सिवनी, कटनी, दमोह, नरसिंहपुर, बालाघाट में बुधवार रात बारिश के साथ ही ओलावृष्टि ने फसलों को करीब-करीब चौपट ही कर दिया।

उमरिया के चंदिया में बुधवार रात 8 और फिर 12 बजे जमकर ओले गिरे। हालात यह रहे कि बड़े आकार के यह ओले लगभग 12 घंटे बाद घुल सके। सिवनी के करीब 100 से अधिक गांवों में भी खूब ओले गिरे, जिससे फसलों खासतौर से दलहनी फसलों व सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं बारिश से ठंड भी बढ़ गई है। शीतलहर ने भी लोगों को बेहाल कर रखा है।

खरीदी केंद्रों में पानी-पानी

अलग-अलग जिलों के खरीदी केंद्रों में बारिश से चारों तरफ पानी भर गया। जहां केंद्रों में किसानों की धान भीग कर गीली हो गई, वहीं अब बारिश के कारण कई जगहों पर खरीदी कार्य भी बंद कर दिया गया है।

अनूपपुर में दो दिनों में 161.3 मिमी बारिश

अनूपपुर में दो दिनों में 161.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश थमने तक जिले में कुल धान की खरीदी 1लाख 89 हजार 897 क्विंटल हो चुकी है। डिंडौरी में गुरुवार को भी दिनभर सुबह से रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही। दोपहर में कुछ देर के लिए धूम निकली, जिससे राहत मिली।

बालाघाट: ओलावृष्टि-बारिश के बीच भी खरीदी

पिछले 48 घंटे से जिले में लगातार बारिश हो रही है। इस बीच ओले भी जमकर गिरे। बावजूद इसके कुछ केंद्रों पर धान खरीदी के आंकड़े चौंका रहे हैं। बुधवार को बारिश के बीच बैहर, बिरसा, लांजी, कटंगी, परसवाड़ा समेत कुछ 40 से 50 केन्द्रों में 40 हजार क्विंटल करीब 1 लाख बोरो की खरीदी की जा चुकी है। गुरुवार को धनकोषा, बोथवा केन्द्र में 202 क्विंटल की खरीदी की जा चुकी है।

जिलों में न्यूनतम तापमान

डिंडौरी- 2.0

शहडोल- 3.5

रीवा- 3.8

अमरकंटक- 4.0

अनूपपुर- 6.0

सतना- 8.4

मनमोहन पंवार (संपादक)

9753903839