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बिहार में सरकारी मास्टरों की बम्पर भर्ती , सवा लाख लोगों को मिलेगी नौकरी


बिहार : 3 माह में स्कूलों को मिलेंगे सवा लाख से अधिक शिक्षक

मुलतापी समाचार न्‍युज नेटवर्क

बिहार के सरकारी विद्यालयों में अगले तीन महीने में शिक्षकों की बंपर भर्ती होने जा रही है। सबकुछ योजना के मुताबिक हुआ तो करीब एक लाख 70 हजार शिक्षकों के रिक्त पद भरे जायेंगे। पहली से लेकर 12वीं कक्षाओं के लिए ही मार्च महीने तक सवा लाख से अधिक शिक्षक नियुक्त कर लिये जायेंगे। इसके लिए नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है। इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति होने से जहां हर स्कूल में शिक्षक बल की तादाद सुधरेगी वहीं गुणवत्ता शिक्षा को भी बल मिलेगा। 

बिहार में फिलहाल 42 हजार 606 प्राथमिक, 28,638 मध्य विद्यालय और 391 बुनियादी विद्यालय हैं। इन 71244 प्रारंभिक स्कूलों के लिए शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया पिछले छह माह से चल रही है। कई दफा विभिन्न कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने नियोजन के शिड्यूल में बदलाव किए और अभी 22 नवम्बर के अंतिम बदलाव के मुताबिक नियोजन का कार्यक्रम चल रहा है। 
गत 5 जुलाई 2019 को शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक शिक्षकों के नियोजन का कार्यक्रम घोषित किया था। इसके मुताबिक 1 लाख प्रारंभिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर 25 जुलाई से प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। वर्ष 2015 के बाद चार साल के अंतराल पर हो रही प्रारंभिक शिक्षकों की इस नियुक्ति को लेकर उम्मीद की जा रही है कि शिक्षकों के सभी रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन कर लिया जाएगा। सभी चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच कर 31 मार्च 2020 तक इन्हें नियोजन पत्र दे देना है। माना जा रहा है कि अप्रैल से जब सरकारी विद्यालयों में नया शैक्षणिक सत्र आरंभ होगा तो ये शिक्षक अपना योगदान दे चुके होंगे। 

वहीं राज्यभर में संचालित 5726 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए भी 30,020 पदों पर भी नियुक्ति की प्रक्रिया 1 जुलाई 2019 से ही चल रही है। कई जिलों में बाढ़ और सुखाड़ को लेकर इसके कार्यक्रमोंमें भी बदलाव नहीं हुआ होता तो 29 नवम्बर को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांट देना था। गत 17 दिसम्बर को जारी संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक 14 जनवरी तक मेधा सूची का अंतिम प्रकाशन होना है और 19 फरवरी को नगर निकाय जबकि 20 फरवरी को जिला परिषद के लिए चयनित माध्यमिक-उच्च माध्यमिक शिक्षकों को नियोजन पत्र दिया जाएगा। 

इन दोनों ही नियुक्तियों के अलावा शिक्षा विभाग ने माध्यमिक-उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए और 37440 पद चिह्नित किये हैं। इन पदों पर नियुक्ति के लिए इसी माह 28 फरवरी को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा एसटीईटी परीक्षा ली जाएगी। 

सुधरेगा छात्र-शिक्षक अनुपात 
पहली से लेकर 12वीं तक मेन करीब 1.30 लाख शिक्षकों की मार्च तक नियुक्ति हो जाने से प्रदेश के विद्यालयों में छात्र -शिक्षकों का अनुपात बेहतर होगा। शिक्षा विभाग के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो फिलहाल राज्य के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में नामांकन के मुताबिक छात्र-शिक्षक अनुपात 44:1 जबकि माध्यमिक -उच्च माध्यमिक में 70:1 है। नयी नियुक्तियों के बाद यह अनुपात सुधरकर क्रमश: 35:1 और 65: 1 हो जाएगा। 

युवक बना बैंक मैनेजर, अखबार बाटकर की पढाई गरीबी के चलते पिता करते हैं मजदूरी


UP: अखबार बेचकर पढ़ाई की और बने बैंक मैनेजर, दिलचस्प है कहानी

कहते हैं मेहनत और लगन से किसी भी मंजिल तक पहुंचा जा सकता है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के चकरनगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक के उपशाखा प्रबंधक ईश्वर दयाल। ईश्वर दयाल के बैंक मैनेजर बनने की कहानी बहुत ही दिलचस्प है। ईश्वर के पिता दयाशंकर मजदूरी करते थे और माता ऊषा देवी गृहिणी हैं। चार बच्चों में ईश्वर दयाल दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने गांव के पुरावली जूनियर स्कूल से आठवीं तक की पढ़ाई की।

मजदूर पिता के लिए बच्चों को पढ़ाना मुश्किल था। इसलिए ईश्वर दयाल पढ़ाई पूरी करने के लिए कक्षा छठवीं से सुबह अखबार और ब्रेड बेचने लगे। अखबार बेचकर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। दसवीं के बाद वह बच्चों को ट्यूशन भी दिया करते थे। ईश्वर ने 2008 में जनता कॉलेज बकेवर से कृषि वर्ग में स्नातक किया। मेधावी होने के कारण उन्हें स्कॉलरशिप भी मिला। इसी के सहारे आगे की पढ़ाई की। उद्यान शास्त्र से परास्नातक और आगरा विश्वविद्यालय में बीएड के लिए प्रवेश किया। पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने लगे। बीएड करने के दौरान ही स्टेट बैंक आॅफ इंडिया में स्पेशल आॅफिसर पद पर चयन हो गया। अब चकरनगर में शाखा में प्रबंधक हैं।

इस दौरान उन्होंने अपनी भाई-बहनों को भी पढ़ाया। ईश्वर दयाल न सिर्फ अपने गांव बल्कि अपने क्षेत्र के लिए भी प्रेरणा स्रोत है। ईश्वर दयाल ने अपनी कामयाबी के बारे में कहा, ‘मैंने कभी भी नहीं सोचा था कि वो इस मुकाम पर पहुंचेंगे, लेकिन मेहनत से कभी पीछे नहीं हटे, इसलिए यह कामयाबी मिली।’

मुलतापी समाचार न्‍युज नेटवर्क

पत्नी का DJ पर डांस नागवार गुजरा पति ने गला दबाकर हत्या कर दी


मुलतापी समाचार । DJ पर नांगिन डॉस करते हुए पि‍त्नी पिकी

पत्नी का DJ पर नागिन डांस पति से सहन नहीं हुआ

मायके में एक शादी समारोह में मुनिया देवी को डीजे की धुन पर डांस करना इस कदर महंगा पड़ गया कि उसे अपनी जान देकर इसकी कीमत चुकानी पड़ी। डीजे पर डांस करना उसके पति को इस कदर नागवार गुजरा कि उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

बिहार , पटना । हैरान कर देने वाली यह घटना बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी थाना के हासाडीह मुसहरी में सोमवार की रात घटी। धनरुआ थाना के खोरंगपुर गांव निवासी रणजीत मांझी उर्फ रामजीत मांझी की पत्नी मुनिया देवी 10 दिन पूर्व अपने बच्चों के साथ मायके हासाडीह आई थी। यहां दारा मांझी की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए तीन दिन पहले उसका पति रणजीत मांझी भी अपने ससुराल पहुंचा था।

बताया जाता है कि सोमवार की रात दारा मांझी की बेटी की शादी में शामिल होने मुनिया अपने पति और बच्चों के साथ पहुंची। इस बीच शादी की रश्म अदायगी चल रही थी। उधर दरवाजा लगने के लिए डीजे संग बाराती अपनी धुन में नाच रहे थे। इस लम्हें को देख रही मुनिया को भी बरातियों संग डीजे की धुन पर नाचने की इच्छा हुई। वह बारातियों के साथ नाचने लगी।

मुनिया की यह हरकत उसके पति को इतनी नागवार गुजरी कि उसने उसी पल उसकी पिटाई करनी शुरू कर दी। बाद में उसे घसीटते हुए गांव के महेंद्र मांझी के घर के आंगन में लाकर उसका गला दबा दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया।

मुलतापी समाचार न्‍यूज नेटवर्क