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ताप्ती तट पर मशीन से आठ दिनों में बनेगी फूलों से खाद


Betul News – नगर के मंदिरों से रोज आठ से दस किलो फूल और बेल-पत्ती निकलती है। नगर पालिका ने फूल और पत्तियों का उपयोग खाद बनाने के…

Multai News - mp news machines will make manure from flowers on tapti coast in eight days

नगर के मंदिरों से रोज आठ से दस किलो फूल और बेल-पत्ती निकलती है। नगर पालिका ने फूल और पत्तियों का उपयोग खाद बनाने के रूप में करना शुरू कर दिया है। इसके लिए कम्पोस्टिंग मशीन लाई गई है। बुधवार को नगर पालिका अध्यक्ष हेमंत शर्मा ने मशीन का शुभारंभ किया। पहले ही दिन से मंदिरों से निकलने वाले फूलों से खाद बनाना भी शुरू हो है। फूलों से खाद बनाने की मशीन को ताप्ती सरोवर के किनारे रखा है। खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के दौरान नपा उपाध्यक्ष रेखा शिवहरे, पूर्व नपा अध्यक्ष डॉ. जीए बारस्कर, पार्षद अरुण साहू, राजू चोपड़े, बटनी बाई कड़वे, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष हनी भार्गव, जगदीश पीएल पवार, मनीष माथनकर, अजाबराव देशमुख, प्रहलाद साहू, जयदीप ठाकरे, रामदास साहू, पंजाब चिकाने सहित अन्य लोग उपस्थित थे। नपा अध्यक्ष शर्मा ने बताया मंदिरों से निकलने वाली पूजन सामग्री से खाद बनाने के लिए 4 लाख 80 हजार रुपए की कम्पोस्टिंग मशीन लाई गई है। पूर्व में फूलों से खाद बनाने की यूनिट नपा कार्यालय परिसर में बनाई गई थी। यूनिट में खाद बनाने में अधिक समय लगता था। अब मंदिरों से सीधे फूल लाकर मशीन के माध्यम से खाद बनेगा। फूल एकत्रित करने के लिए अलग से वाहन लगाया है। उन्होंने बताया वर्तमान में नपा घरों से निकलने वाले कचरे से भी खाद बनाकर बेच रही है।

ऐसे बनेगी खाद

नपा के उपयंत्री पवन धुर्वे ने बताया फूल, बेलपत्ती, नारियल की बूच में बायोकुलम एक्टिवेटर पाउडर मिलाकर मशीन में डाल देते हैं। मशीन सामग्री को बारीक कर देती है। मशीन से निकलने वाली सामग्री में बायोकुलम एक्टिवेटर मिला रहता है। जिससे सामग्री में खाद बनाने बेक्टीरिया रहता है। यह बेक्टीरिया आठ से दस दिन में खाद तैयार कर देता है।

मुलताई। फूलों से खाद बनाने वाली मशीन का शुभारंभ करते हुए।

Manmohan Pawar (Sampadak) Wh. No.- 9753903839 News हेतु संपर्क करेे

यूरिया खाद की वितरण व्यवस्था सुधारे शासन


26 दिसम्बर 2019 को मुलताई सोसायटी के सामने बड़ी संख्या में यूरिया खाद की खरीदी को लेकर परेशान है। जिसका एक मात्र कारण ये है कि, शासन से प्राप्त पूरा यूरिया समिति के डिफाल्टर किसानों के लिए गोदाम में भरा है। उनका अता-पता नही। जिनको आवश्यकता है उनको नही मिल रहा है।

मनमोहन पवार 9753903839

संकल्प : साहू समाज का हर सदस्य अब कपड़े का थैला लेकर जाएगा बाजार


Sarni ke Mathardev Baba Mandir Parisar

सारनी | शहर के छोटा मठारदेव परिसर में साहू समाज का मिलन समारोह आयोजित किया गया। इसमें समाज को विकास के पथ पर ले जाने…

सारनी | शहर के छोटा मठारदेव परिसर में साहू समाज का मिलन समारोह आयोजित किया गया। इसमें समाज को विकास के पथ पर ले जाने के लिए विचार, विमर्श किया गया। खास बात यह रही साहू समाज के हर परिवार ने व्यक्तिगत रूप से पॉलीथीन उपयोग को रोकने का संकल्प लिया। परिवार थैला लेकर बाजार जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत छोटा मठारदेव परिसर में पूजन के साथ हुई। इसमें समाज के सभी परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे। हर साल 25 दिसंबर को समाज मिलन समारोह रखता है। पिछले 40 सालों से यह कार्यक्रम करता आ रहा है। अध्यक्ष लखन साहू सनंद किशोर साहू, कन्हैया लाल साहू, पूनम चंद साहू, कैलाश साहू, रूपलाल साहू, देवमन साहू, भागचंद साहू, जगदीश साहू, मुन्ना लाल, रामदास साहू, घनश्याम साहू, गोपाल साहू समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

सारनी। बाबा मठारदेव का पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए।

Manmohan Pawar (Sampadak)

multapisamachar@gmail.com

अस्पताल में बनेगा हर्बल गार्डन, 1200 पौधे लगाएंगे


Betul News – जिला अस्पताल में जल्द की हर्बल गार्डन विकसित होगा। हर्बल गार्डन में सभी बीमारियों के इलाज के लिए औषधीय पौधे लगाए..

Betul News – mp news herbal garden to be built in hospital to plant 1200 saplings

जिला अस्पताल में जल्द की हर्बल गार्डन विकसित होगा। हर्बल गार्डन में सभी बीमारियों के इलाज के लिए औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इस हर्बल गार्डन की शुरुआत बुधवार को 50 औषधीय पौधे लगाकर की।

हर्बल गार्डन में लगने वाले औषधीय पौधे बीमारियों की रोकथाम करने में मददगार साबित होंगे। पुराने जिला अस्पताल के सामने हर्बल गार्डन विकसित किया जाएगा। इसका जिम्मा सोसाइटी फार इम्प्लीमेंट विलेज एरिया सेवा प्रोजेक्ट को दिया है। प्रोजेक्ट के माध्यम से हर्बल गार्डन में औषधीय पौधे लगाकर उसकी देखभाल की जाएगी। अस्पताल परिसर में काया कल्प प्रभारी डॉ. सुनील डागा, सीएमएचओ डॉ. जीसी चौरसिया, डॉ. सोनल डागा ने 50 औषधीय पौधे लगाकर हर्बल गार्डन को विकसित करने की शुरुआत की। डॉ. डागा ने बताया इनका सेवन करने वालों को कभी किसी प्रकार की बीमारी नहीं होती है। ये औषधीय पौधे अमृत के समान हैं। औषधीय पाैधाें का लाभ लेकर बड़े निजी अस्पतालों के महंगे इलाज खर्च से बच सकते हैं।

यह औषधीय पौधे रोपेंगे : हर्बल गार्डन में अश्वगंधा, आगरू, ब्राह्मी, शुगर प्लांट, गिलोव, कचनार, पीपली, सहजन शतावर, शीशम, पारिजात, लेमन ग्रास, सर्पगंधा, सिताप सहित 15 से अधिक किस्मों के पौधे लगाए जाएंगे। अस्पताल परिसर में इसके अलावा फल और फूलों का बगीचा भी लगाया जा रहा है।

बैतूल। अस्पताल परिसर में हर्बल गार्डन में पौधे रोपते हुए डॉक्टर व अन्य।

2600 वर्गफीट में लगेंगे 1200 पौधे

सेवा सोसाइटी के नरेश टंडन ने बताया अस्पताल परिसर में 2600 वर्गफीट में हर्बल गार्डन को विकसित किया जा रहा है। इस क्षेत्र में 1200 पौधे लगाएं जाएंगे। औषधीय महत्व वाले पौधा किस बीमारी के काम आता है। इसके लिए बाकायदा तख्ती लगाई जाएंगी ताकि मरीज भी बीमारी के बचाव के लिए इसका उपयोग कर सकें।

मनमोहन पंवार

संपादक मुलतापी समाचार वहाटसप करेें खबरें भेजन हेतु संंपर्क करेें 09753903839