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जाच के इंतजार में सलैया छतरपुर वासी


बडा खुलासा

ग्राम पंचायत सूचना के अधिकार के अधिकारियों को बना रखा है बाबूजी

क्या पंचायती राज में कार्यवाही मौखिक की जाती है

क्या छूट भईय्ये नेताओं के इशारों पर चलते हैं पंचायती राज के कार्य

एक कदम सतर्कता एवं स्वच्छता की ओर

चला रहे ग्रामीण सहायक रोजगार दो– दो पंचायतों को l

ऐसी क्या विडंबना है पंचायती राज की

।।। जहां सक्षम सूचना के अधिकार के अधिकारी होने के बावजूद दिया गया ग्रामीण सहायक रोजगार को प्रभार ? ।।।

Multapi Samachar

घोड़ाडोंगरी । मध्यप्रदेश के बैतूल जिला घोड़ाडोंगरी विकासखंड में आए दिन नए-नए कारनामे होते रहते हैं। कोई रोड का रोड हजम कर जाता है तो कोई चौपाल। कहीं रिकवरी निकलती है चौपाल की तो सिर्फ मात्र 30,000 देखने में यह भी आया है कि पंचायती राज के कई कर्मचारी नालियों को तो पूरी तरह से हजम कर चुके हैं। तो कहीं खेत तालाब के नाम पर किस्तों में पूरी राशि हजम कर ली जाती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायतों में आजकल एक दौर चल पड़ा है शासकीय फंड को किस तरह से हजम किया जाए। खेत तालाब के नाम पर निकाला जा रहा हैं फंड।
हमने भाग 1 में दर्शाया था आर ई एस तालाबों की एक बाढ़ सी आई। जिसको पाने के लिए क्षेत्र के छूट भैय्ये नेताओं में एक होड़ सी लगी हुई थी। हर कोई अपने अपने छूट भैय्ये साथियों को साथ लेकर आर ई एस के कार्यालय में अपनी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हुए किसी ने जिले से तो किसी ने प्रदेश से जुगाड़ लगाया। आर ई एस तालाब निर्माण कार्यों को अपने हाथों या अपने साथियों के हाथ में लेने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाते हुए कुछ छूट भैय्ये नेताओं ने आर् ई एस के तालाबों पर अपना कब्जा जमा लिया। नतीजा यह हुआ क्षेत्र के कई तालाबो की हल्की सी बारिश ने पंचायती राज के अधिकारियों के साथ ही साथ पंचायत के यंत्री हो या आर ई एस के उपयंत्री की पोल खोलते हुए करप्शन किस तरह किया गया प्रशासन को सच का आइना दिखाया। क्षेत्र वासियों में आक्रोश देखने को मिल रहा है पंचायती राज के प्रति। वरिष्ठ सूचना के अधिकार के अधिकारियों की जिसे पंचायती राज में सचिव के नाम से जाना जाता है कद्र नहीं करते हुए ग्रामीण सहायक रोजगार को दिए जा रहे हैं दो-दो ग्राम पंचायते। जिस तरह से ग्राम पंचायत सलैया एवं छतरपुर में सक्षम अधिकारी होते हुए ग्रामीण सहायक रोजगार को दिए गए प्रभार।

सच को सच झूठ को झूठ लिखता हूं इसलिए लोगों को मैं बुरा लगता हूं

विगत 5 वर्षों की ग्राम पंचायत सलैया एवं छतरपुर की जांच की जाए तो कहीं तरह के बड़े मामले सामने आ सकते हैं। जिसे बड़े पैमाने पर पंचायती राज के फंड को किस तरह से हजम किया गया।

डॉ जाकिर शेख एडिटर मध्य प्रदेश