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Bhopal कलेक्टर एवं डीआईजी ने सीमा नाकों व सम्पूर्ण शहर का भ्रमण कर चेकिंग व लॉकडाउन व्यवस्था का जायजा लिया


कोरोना की रोकथाम व शहर में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अधिकारियों ने सीमा नाकों व सम्पूर्ण शहर का भ्रमण कर चेकिंग व लॉकडाउन व्यवस्था का जायजा लिया-

भोपाल : डीआईजी शहर श्री इरशाद वली, कलेक्टर भोपाल श्री तरुण पिथोड़े व एसपी नार्थ श्री शैलेंद्र सिंह चौहान ने आज दोपहर शहर में लगे विभिन्न चेकिंग पॉइंट व नाकों का भ्रमण किया व सम्पूर्ण शहर में भ्रमण कर लॉकडाउन स्थिति का जायजा लिया। उपरांत भोपाल जिले की सभी सीमाओं पर बने चेकिंग नाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व चेकिंग व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान विभिन्न पॉइंट/नाकों पर चेकिंग में लगे अधिकारी/कर्मचारियों को ब्रीफ़ कर कोरोना से बचाव के सभी उपायों एवं विशेषकर सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान रखकर संवेदनशीलता व गहनता से वाहनों/लोगों की चेकिंग करने हेतु दिशा निर्देश दिए गए। भारत सरकार की एडवायजरी अनुसार लॉकडाउन के सभी नियमों का सख्ती से अनिवार्यत पालन करवाने एवं बगैर अनुमति/इमरजेंसी बाहरी वाहनों शहर बिल्कुल भी प्रवेश न होने देने हेतु निर्देशित किया गया।

Vyapam Scam : चार और FIR, आरक्षक भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी


भोपाल। मुलतापी समाचार। 

Madhya Pradesh Vyapam Scam व्यापमं घोटाले की पुरानी शिकायतों की जांच में अब चार और एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें आरक्षक भर्ती परीक्षा 2013 में एक आरक्षक तथा अन्य लोगों पर एक एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा पीएमटी की 2009 व 2010 के तीन अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र बनवाकर प्रवेश लिए जाने पर धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इन्हें मिलाकर एसटीएफ द्वारा पुरानी शिकायतों की जांच में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

मप्र पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के एडीजी अशोक अवस्थी ने सोमवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि 197 पुरानी शिकायतों की जांच में विभिन्न् परीक्षाओं में चार और अभ्यर्थियों तथा उनके साथियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2013 में शामिल हुए मंदसौर निवासी बिजेंद्र रावत की ओएमआर शीट पर किए गए हस्ताक्षर और उसकी हस्तलिपि में अंतर पाया गया। बिजेंद्र रावत अभी नीमच जिले में आरक्षक के तौर पर पदस्थ है।

अवस्थी ने दावा किया है कि व्यापमं द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में बिजेंद्र रावत के स्थान पर किसी दूसरे ने परीक्षा दी होगी, जिससे उसकी हस्तलिपि व ओएमआर शीट के हस्ताक्षरों में अंतर पाया गया। उन्होंने कहा कि ओएमआर शीट में गड़बड़ी व्यापमं की परीक्षा स्तर पर हुई है। पुलिस मुख्यालय की चयन भर्ती शाखा में भर्ती होने वाला असल अभ्यर्थी ही उपस्थित हुआ होगा। इसके बाद भी सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

फर्जी मूल निवासी वाले दूसरे राज्य के होने की आशंका

एडीजी अवस्थी ने बताया है कि पीएमटी 2009 के दो और पीएमटी 2010 में एक अभ्यर्थी फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र के माध्यम से शामिल हुए थे, ये लोग चयनित भी हो गए हैं। इनमें पीएमटी 2009 में सौरभ सचान व बेनजीर शाह फारुखी और पीएमटी 2010 में विपिन कुमार सिंह के प्रवेश फर्जी प्रमाण पत्र द्वारा हुए थे।

सचान ने त्योंथर (रीवा), फारुखी ने हुजूर (रीवा) और विपिन ने गोपदबनास (सीधी) के मूल निवासी प्रमाण पत्र से परीक्षा दी थी। ये सभी एमबीबीएस कर चुके हैं, लेकिन कहां पदस्थ हैं, इस बारे में एसटीएफ विवेचना कर रही है। एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी करने वाले शासकीय कार्यालयों ने तीनों अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट को उनके कार्यालयों से जारी नहीं होने के पत्र दिए हैं।

मुलतापी समाचार न्‍युज नेटवर्क