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MP Shajapur – बुजुर्ग मरीज को बिल वसूली के लिए ही बनाया था बंधक


MULTAPI SAMACHAR

Shajapur News : शाजापुर। अस्पताल का बिल नहीं चुकाने से बुजुर्ग मरीज को बंधक बनाने के मामले में शाजापुर के साथ ही राजगढ़ प्रशासन भी जांच कर रहा है। शनिवार रात और रविवार को राजगढ़ व शाजापुर के अधिकारियों की टीम बुजुर्ग के गांव रनारा पहुंची और बयान लिए।

बुजुर्ग मरीज और बेटी ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा बिल की राशि नहीं चुकाने से बंधक बनाने के आरोप दोहराए हैं। राजगढ़ प्रशासन ने पीड़ित को छह हजार रुपए आर्थिक सहायता दी है। साथ ही शासकीय योजनाओं के तहत अन्य लाभ देने की कवायद भी चल रही है। इधर, शाजापुर प्रशासन अब तक जांच में ही जुटा है। जिम्मेदार कार्रवाई को लेकर स्पष्ट बताने से बच रहे हैं।

राजगढ़ जिले के गांव रनारा निवासी लक्ष्मीनारायण दांगी को पेट में तकलीफ होने से 1 जून को शाजापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कि या गया था। आराम होने के बाद वे घर जाना चाहते थे, लेकिन अस्पताल का बिल नहीं चुकाने से स्टाफ ने उन्हें जाने नहीं दिया। मरीज की बेटी सीमा का कहना है कि अस्पताल वालों ने पिता को पलंग पर रस्सी से बांध दिया था। दो बार हमने यहां रुपए जमा कि ए थे। हमारे पास रुपए नहीं थे, लेकिन अस्पताल वाले 11 हजार रुपए मांग रहे थे।

शनिवार को मामले ने तूल पकड़ा और मुख्यमंत्री ने अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई किए जाने को लेकर ट्वीट किया। शनिवार रात खिलचीपुर एसडीएम रमेश पांडे, तहसीलदार एवं छापीहेड़ा नायब तहसीलदार मोहित सीनम छापीहेड़ा के समीपस्थ रनारा पहुंचे और लक्ष्मीनारायण दांगी एवं उनकी बेटी सीमा के बयान लिए। रविवार को शाजापुर के नायब तहसीलदार ब्रजेश मालवीय सहित अन्य अधिकारियों की टीम भी रनारा पहुंची और बुजुर्ग व बेटी के बयान लिए।

बीपीएल कार्ड है, पर सुविधा नहीं

बुजुर्ग की आर्थिक स्थिति खराब है। उसके पास बीपीएल कार्ड है, किंतु योजनाओं के लाभ से वंचित है। ना तो इलाज कराने के लिए आयुष्मान योजना का कार्ड बना है और ना ही प्रधानमंत्री आवास की लाभ उन्हें मिल सका है। प्रशासन द्वारा आयुष्मान कार्ड बनवाने और पीएम आवास देने की कवायद की जा रही है।

“अस्पताल का पक्ष भी जाना जाए”

निजी अस्पताल पर लगे आरोप और जांच बैठाए जाने को लेकर शाजापुर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर का पक्ष जाने बगैर सिर्फ मरीज, अटेंडर और सोशल मीडिया की कूटरचित कहानी के आधार पर कोई कार्रवाई की गई तो कड़ा विरोध करेंगे। जरूरत पड़ने पर सभी सामान्य और इमरजेंसी सेवाओं को तत्काल बंद कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन से अनुरोध है कि मेडिकल टीम से मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। जांच समिति में एसोसिएशन का भी एक प्रतिनिधि शामिल हो। एसोसिएशन के सचिव डॉ. प्रवीण सिंह के नाम से यह मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सहायता की है

जानकारी लगने के बाद शनिवार रात एसडीएम व हम रनारा गए थे। बुजुर्ग व उनकी बेटी ने बिल की राशि के लिए शाजापुर के निजी अस्पताल में बंधक बनाने की बात कही है। प्रारंभिक तौर पर 6 हजार की आर्थिक मदद की है। आयुष्मान योजना कार्ड व पीएम आवास के लिए प्रयास किए जाएंगे।

– मोहित सीनम, नायब तहसीलदार छापीहेड़ा

मैं वहां पहुंचा था मामले में संबंधितों के बयान लिए हैं। रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगे। कार्रवाई उन्हें ही करना है।

– ब्रजेश मालवीय, नायब तहसीलदार