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रोंढा की माटी के लाल श्री रामकिशोर पवार पत्रकार की “पुस्तक मेरा बैतूल” का विमोचन आज


बैतूल। जिले में बीते 40 वर्षो से सक्रिय एवं लगातार समाचार पत्रो एवं पत्रिकाओ में छपते चले आ रहे रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढावाला की पुस्तक मेरा बैतूल का विमोचन आज गुरुवार 11 बजे मीडिया सेंटर में किया जाएगा। इस पुस्तक की खास बात यह है कि इसमें बैतूल के 200 वर्ष के इतिहास की जानकारी है। उल्लेखनीय है कि ग्राम रोंढा में 23 मई 1964 को जन्मे रामकिशोर पंवार बीते चार दशक से जिले से सक्रिय पत्रकार लेखक, सत्यकथा लेखक एवं कहानीकार रहे है। उनके अनेक सत्यकथाए और कहानियां पूरे देश में विभिन्न भाषाओं के समाचार पत्रो एवं पत्रिकाओं मे छपती चली आ रही है। वर्ष 2004 से जिला मुख्यालय पर दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी दैनिक समाचार पत्र पंजाब केसरी के बैतूल ब्यूरो रहे रामकिशोर पंवार के द्वारा भोपाल से हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्र ताप्ती हलचल का प्रकाशन किया जा रहा है। बैतूल जिले की पत्रकारिता पर उनकी पहली किताब प्रकाशित हुई है। श्री पंवार की तीन अन्य किताबे नदियों का ननिहाल, बेतूल और मेरी जन्मभूमि प्रिंट हो रही है। बैतूल जिले की पत्रकारिता को करीब से जानने वाले रामकिशोर पवार की इस किताब में जिले के गावो और जिले की विशेषता और आजादी के आंदोलन से जुड़े लोगो की जानकारी एवं कई बीती घटनाओ का भी उल्लेख पढऩे को मिलेगा। श्री पंवार की इस किताब में बैतूल जिले में गुरु नानक देव से लेकर महात्मा गांधी के आने तक की घटनाओं की जानकारी पढऩे को मिलेगी। बैतूल जिले की जानकारी और जिले का पर्यटक एवं इतिहासिक मानचित्र को भी जानने का मौका इस किताब में मिलेगा। श्री पंवार ने जिले की इतिहास पुरातत्व धार्मिक भूगोलिक के साथ साथ जिले के 200 साल का लेखा जोखा भी हैं। जिला मुख्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों में आए बदलावो एवं घटनाक्रमो को भी शामिल किया है। मीडिया सेंटर में आयोजित विमोचन समारोह में जिले के सभी पत्रकारो को श्री पंवार ने आमंत्रण पत्र भेजा है।

एक सप्ताह से बंद पडी़ नलजल योजना


एक सप्ताह से बंद पडी़ नलजल योजना ग्रामीणाें काे नहीं मिल रहा पानी

जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम रोंढा में पिछले एक सप्ताह से नलजल योजना की बिजली कट गई है और गांव में जलसंकट पड़ गया है।

रोंढा गांव के ग्रामीण एक सप्ताह से पेयजल के लिए परेशान हो रहे हैं। इसकी वजह नलजल याेजना का बिल जमा नहीं हाेने पर बिजली काट दिया जाना है। इससे पीने के पानी की सप्लाई बंद पड़ी हुई है। महिलाओं काे पेयजल के लिए दूरदराज क्षेत्र और हेन्डपम्पों पर पानी के लिए जाना पड़ रहा है।

ग्रामीण निजी जल स्रोतों पर आश्रित है। वहीं मवेशियों को भी पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्राम के यशवंतराव देशमुख, प्रदीप डिगरसे, जितेन्द्र पवार, रमेश डिगरसे, जगदीश खपरिये ने बताया एक सप्ताह से नल जल योजना बंद है। ग्रामीण समय पर पेयजल का भुगतान करते भी हैं। इसके बाद भी पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि नल जल योजना के संचालन के लिए समिति भी गठित की थी। इसके बावजूद इसका व्यवस्थित संचालन नहीं हाे पा रहा। पंचायत ने अब तक बिजली बिल जमा नहीं किया है और ना ही ग्रामीणों को कोई हिसाब दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत की लापरवाही का खामियाजा आम ग्रामीणाें काे भुगतना पड़ रहा है। उन्हाेंने कहा नल जल याेजना शुरू नहीं हाेने पर ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे।

जिले में धूमधाम से मना गया भुजलिया पर्व


फोटो – ग्राम भडूस में मनाया भुजलिया पर्व।

बैतूल। बैतूल जिले में प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी धूमधाम से भुजलिया पर्व मनाया गया और भुजलिया का विसर्जन पारंपरिक रूप से किया गया।

फोटो – ग्राम खेड़ीसाँवलीगढ़ में मनाया भुजलिया पर्व।

भुजलिया पर्व रक्षाबंधन के दूसरे दिन मनाया जाने वाला त्यौहार है जिसे शहर से लेकर गांव तक में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है और भुजलिया विसर्जन के लिये महिलाओ में खूब हर्षोल्लास रहता है।

महिलाओं के द्वारा भुजलिया विसर्जन से पूर्व भुजलिया की आरती की जाती है और अपनी कामनाओं के साथ भुजलिया का विसर्जन किया जाता है। जिसके लिए माताएं-बहनें भारी संख्या में जुड़ती है और अपनी पारंपरिक रूप से भुजलिया का विसर्जन किया जाता है। महिलाओं के द्वारा एक दूसरे के ऊपर पानी की बौछार की जाती है और एक दूसरे को भुजलिया देकर सुख समृद्धि की कामना की जाती है।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल

75 वें स्वाधीनता दिवस पर दृष्टि एजुकेशन प्वाइंट में सम्पन्न हुआ रक्तदान शिविर


बैतूल। 75 वें स्वाधीनता दिवस की शुभ अवसर पर दृष्टि एजुकेशन संस्थान में जिला चिकित्सालय बैतूल, दृष्टि एजुकेशन संस्थान और पूर्व सैनिक संघ के संयुक्त प्रयास से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें युवाओं ने जोश और जुनून के साथ रक्तदान कर देश भक्ति, समाज सेवा और देश के प्रति बलिदान का जोरदार नमूना पेश करते हुए 25 यूनिट रक्त दान कर स्वाधीनता दिवस मनाया गया।

इस शुभ अवसर पर ब्लड बैंक अधिकारी डॉक्टर अंकिता शीते जिला अस्पताल बैतूल के द्वारा रक्तदान करने वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। मंच पर उपस्थित विजय नरवरे, संजय नरवरे, सचिव पूर्व सैनिक संघ सुदामा जी सूर्यवंशी के द्वारा युवाओं को देश के प्रति देश भक्ति की शिक्षा दी गई।

संस्था के पूर्व शिक्षक श्री प्रदीप डिगरसे ने अपने जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान कर शिविर का शुभारंभ किया साथ ही संस्था के शिक्षक श्री प्रदीप सिंह कुशवाह, सुश्री रिचा बहेरिया, श्री रुपेश पवार, श्री दीपक साहू ने रक्तदान किया। जिसमें दृष्टि एजुकेशन के छात्र छात्राओं ने भरपूर उत्साह के साथ भारत माता के जय घोष के साथ रक्तदान किया। संस्था के शिक्षक निखिल घोड़की, कुमारी शालू लिखितकर, कुमारी विद्या कवड़कर ने रक्तदाताओं का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए स्वल्पाहार वितरित किया।

दृष्टि एजुकेशन संस्था के संचालक श्री कमलेश निरापुरे ने बताया कि स्वाधीनता दिवस के अवसर पर यह कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आगे आने वाले वर्षों में बढ़ते क्रम में रक्तदान शिविर को सफल बनाने का पूर्ण प्रयास किया जाएगा। श्री निरापुरे ने बताया की दृष्टि एजुकेशन संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को देशभक्ति, समाज सेवा से जोड़ने का भरपूर प्रयास किया जाता है।

75 वें स्वाधीनता दिवस और जन्मदिन के अवसर पर किया रक्तदान और वृक्षारोपण


75 वें स्वाधीनता दिवस और जन्मदिन के अवसर पर किया रक्तदान और वृक्षारोपण

बैतूल। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम रोंढा के पर्यावरणप्रेमी और समाजसेवी प्रदीप डिगरसे ने अपने जन्मदिन और 75 वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर दृष्टि एजुकेशन पाईट तत्वावधान और ब्लड बैक के सहयोग से होने वाले रक्तदान शिविर में पहुँच कर रक्तदान किया और ब्लड बैंक अधिकारी डॉक्टर अंकिता शीते से प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया।

उसके बाद अपने परिवारजनों के साथ वृक्षारोपण कर पालन पोषण करने का संकल्प लिया।

पर्यावरण प्रेमी और समाजसेवी प्रदीप डिगरसे का कहना है कि सभी लोगों को अपने जन्मदिन, विवाह, राष्ट्रीय पर्व, त्यौहार सहित शुभ अवसरों पर रक्तदान और वृक्षारोपण का चाहिए, दोनों ही कार्य एक प्रकार से गुप्त दान है। इसलिए ऐसे कार्यों को सहज ही कर लेना चाहिए। श्री डिगरसे ने सभी देशवासियों को 75 वें स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी है।

नन्हे बालकों और युवाओं ने मिलकर किया सड़क के गड्ढे भरने का काम


बैतूल। मामला है बैतूल जिले के समीपस्थ ग्राम रोंढा का जहां रोंढा से भडूस की ओर जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क को नहर की पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी द्वारा खोद दिया गया है और क्षतिग्रस्त कर दिया है। जो अब बरसात के दरमियान और भी खस्ताहाल हो चुकी है जिसके कारण सड़क से आने जाने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस स्थान पर से आने जाने ग्रामीण बुजुर्ग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं और ऐसी स्थिति को देखते हुए ग्राम के नन्हे बालकों और युवाओं ने मिलकर सड़क के बाजू पड़ी मुरूम और मिट्टी से सड़क में गड्ढे भरने का काम किया है। सड़क में बने इस गहरे गड्ढे की सूचना ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधि और नहर की पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी को भी मौखिक रूप से अवगत कराया गया पर किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया और आगे आने वाले समय में कोई बड़ी दुर्घटना ना हो इस कारण ग्राम के नन्हें बालकों और युवाओं ने अपने जन सहयोग से इस सड़क में हुए गड्ढे को भरने का कार्य किया है।

विधायक धरमुसिंग सिरसाम फिल्म जंगल सत्याग्रह मे बतौर अभिनेता के रूप मे निभाएंगे किरदार


बैतूल- बगडोना बस्ती में सामुदायिक भवन में द्वितीय ऑडिशन संपन्न किया गया, फिल्म के लेखक एवं निर्देशक प्रदीप उइके ने बताया कि मध्यभारत (गोंडवाना प्रांत) वर्तमान मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी क्षेत्र मे जन्मे सरदार गंजन सिंग कोरकू और सरदार विष्णुसिंग उइके हजारों आदिवासी के साथ मिलकर अंग्रेजो से लोहा लेकर देश के आजादी में अमूल्य योगदान दिया, नमक सत्याग्रह के समतुल्य आदिवासी नेतृत्व ने पुरे देश में घास पर लगे कर के विरोध मे जंगल सत्याग्रह कर अंग्रेजों को दांतो तले चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया था, शराब दुकान लूटना, रेल्वे जलाना अनेक आंदोलन किये।

इस पर जंगल सत्याग्रह फिल्म बनाया जाना है, उसके लिए ऑडिशन रखे जा रहे है, निर्देशक लेखक प्रदीप उइके ने ये भी बताया कि विधायक धरमु सिंग सिरसाम भी फिल्म मे अहम भूमिका निभाते दिखाई देंगे, 150 से अधिक नागपुर, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, हरदा, बैतूल के कलाकारों ने हुनर पेश किया, फिल्म में 20-25 मुख्य कलाकार दिखाएंगे अपनी भूमिका उन्ही कि तलाश में कर रहे जगह जगह ऑडिशन, ऑडिशन मे जिले के वरिष्ठ जन विधायक धरमु सिंग सिरसाम, पूर्व जिला सदस्य श्यामू परते, जनपद अध्यक्ष आठनेर रामचरण इरपाचे, जनपद अध्यक्ष भैंसदेही संजय मावस्कर, जनपद उपाध्यक्ष घोड़ाडोंगरी, मिश्री परते, डॉ राजा धुर्वे, सरवन परते, सुभाष उइके, जयचंद सरियाम, इंजी. राजा धुर्वे, मुकेश धुर्वे मौजूद थे,

ऑडिशन समापन पर विधायक धरमुसिंग सिरसाम ने अपने वक्तव्य में कहाँ कि 1947 से आज प्रयन्त तक आदिवासियों के इतिहास को उजागर नहीं किया, मेरे बेटे तुल्य प्रदीप उइके ने आदिवासी क्रांतिकारियों पर फिल्म लिख इतिहास रच दिया, उन्हें फिल्म बनाने के लिए आर्थिक सहयोग किया जायेगा, श्यामू परते ने कहाँ कि गीत के माध्यम से बैतूल जिला आज भी गौरवान्वित महसूस करता है पहली बार हमारे इतिहास पर फिल्म बन रही है हमें गर्व महसूस हो रहा है सपना सच होते दिखाई दे रहा है, रामचरण इरपाचे ने बताया कि हमारे क्षेत्र आठनेर के जुगरु गोंड आष्टी के रहने वाले थे, उनके मित्र गंजन, विष्णु थे और इन्होने मिलकर इतिहास रच दिया, इससे युवावों को प्रेरणा लेनी चाहिए, तन, मन और धन से पूर्ण सहयोग किया जायेगा, संजय मावस्कार ने कहाँ कि कोरकू समुदाय आर्थिक पिछड़ा जरूर है मगर आज भी एकता मजबूत है, हमारे पूर्वजों ने विरासत में ये गुण हमें दिये, मिश्री परते जी सम्बोधन करते हुये कहने लगे ये दिन देखने के लिए हम राह देख रहे थे, कोई तो समाज में पैदा होगा जो समाज पर फिल्म लेखन कर बनायेंगा, देर है पर अंधेर नहीं, सुभाष उइके ने कलाकारों का हौशल बढ़ाते हुये कहाँ कि कोई कलाकार छोटा और बड़ा नहीं होता, सभी को लगन से काम करने कि जरूरत, इंजी. राजा धुर्वे ने थिएटर एक्टर कि कहानी बताते हुये कहाँ शुरुआत एक बंद कमरे से होती है और पहचान पुरे देश में मिलती है, ये फिल्म आपकी किस्मत बदलकर ऊँचाई पर ले जाएंगी, अंतिम मे श्यामू परते ने सभी कलाकारों को उनके उज्जवल भविष्य कि शुभकामनायें दी।

रचित विजयकर का सुयश


बैतूल – सीबीएसई केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित कक्षा बारहवीं के नतीजों के तहत लिटिल फ्लावर सीनियर सेकेंडरी स्कूल सदर बैतूल मध्य प्रदेश के रचित विजयकर पिता श्री आर. के.विजयकर, माता श्रीमती ज्योति विजयकर ने कक्षा 12वीं में विज्ञान संकाय 92% अंक लाकर कक्षा में अव्वल स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि पर एस. एम्पलाई वेलफेयर सोसाइटी मध्य प्रदेश बैतूल के पदाधिकारियों ने उनके निज निवास पर पहुंचकर छात्र की सफलता पर पुष्पगुच्छ भेंट करते हुए उनका अभिनंदन एवं स्मृतिचिन्ह स्वरूप “विजिटिंग डायरी विद स्मार्ट पेन” भेंट किया। छात्र से अपनी सफलता का श्रेय माता पिता और गुरुजनों एवं कड़ी मेहनत और परिश्रम को दिया। छात्र रचित विजयकर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष श्री आर.के.विजयकर (आदिवासी विकास बैतूल) के कनिष्ठ पुत्र हैं इस अवसर पर अपने शुभकामना संदेश में सजाक्स संगठन के जिलाध्यक्ष एस. ब्राह्मणे ने छात्र रचित के उज्जवल सुखद और स्वर्णिम भविष्य के लिए अनंत अपार शुभकामनाएं दी।
बधाई देने वालों में श्री हेमराज पाटिल श्री गजानंद पंडाग्रे, श्रीमती माला खातरकर, श्रीमती उषा सातनकर, श्रीमती निर्मला भटनाकर, श्री सुरेश गायकवाड, श्री सतीश जोंधलेकर, श्री देवेंद्र बरथे आदि पदाधिकारियों ने छात्र की सफलता पर छात्र एवं उनके माता पिता को बधाई और शुभकामनाएं दी है साथ ही उज्जवल भविष्य की कामना की है।

अजब है एमपी गजब है एमपी


अजब है एमपी गजब है एमपी दिल टूटने पर चाय की दुकान खोल ली और चाय दुकान का नाम रखा “बेबफा चाय वाला” , दुकान की फोटो जमकर हो रही है वायरल


बैतूल- आपने दिल टूटने के काफी किस्से सुने होंगे दिल टूटने पर टूटे दिल का आशिक क्या नही कर बैठता टूटे दिल का आशिक ठीक जख्मी खूंखार शेर के माफिक हो जाता है, पर आज हम आपको एक ऐसे आशिक की कहानी बताने जा रहे हैं जिसका दिल टूट गया पर उसने अपना- संयम नहीं छोड़ा ओर एक चाय की दुकान खोली और उसका नाम रखा “बेवफा चाय वाला” ।

दिल टूटने पर चाय की दुकान खोल ले और नाम रख दे बेवफा चायवाला आपको भले ही आश्चर्य हो रहा होगा लेकिन यहां हकीकत है। शाहपुर क्षेत्र के नेशनल हाईवे 69 पर स्थित डोडरामोहर गांव में एक चाय की दुकान है जिसका नाम है बेवफा चायवाला इस दुकान की फोटो सोशल मीडिया पर इन दिनों जमकर वायरल हो रही है। यहां तक कि लोग चाय पीने जाते हैं तो सेल्फी खींचना भी नहीं भूलते हैं क्योंकि इस नाम का बड़ा ही आकर्षक लोगों में बना हुआ है । बताया जाता है कि डोडरामोहर गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग के पास एक लड़का जिसका नाम मंगल है उसने चाय की गुमटी खोल रखी है दुकान का नाम बेवफा चायवाला स्पेशल चाय कार्नर है।  जब चाय पीने वाले लड़के से पूछते हैं कि अपने दुकान का नाम बेवफा चाय क्यों रखा तब उसने बताया कि वह गांव की लड़की से प्रेम करता था उसने उसे धोखा दे दिया और शादी कर ली इसके बाद से ही उसने कोई गलत कदम नहीं उठाते हुए उनकी याद में बेवफा के नाम पर अपनी चाय की गुमटी खोल ली और गुमटी का नाम बेवफा चायवाला रख लिया। मंगल करीब 6 महीने से चाय की दुकान चला रहा है और अपना एवं अपने परिवार का जीवन यापन कर रहा है।

दिव्यांग जियालाल खपरिये ने लगवाया कोरोना का दूसरा टीका


बैतूल- जिले में लगातार अब सभी वर्ग के नागरिक कोविड टीकाकरण हेतु सहमत हो रहे हैं। सोमवार 19 जुलाई 2021 को रोंढा निवासी 56 वर्षीय जियालाल खपरिये के द्वारा ग्राम पंचायत रोंढा स्थित कोविड टीकाकरण सत्र स्थल पर कोरोना से बचाव हेतु द्वितीय टीका लगवाया गया।
श्री जियालाल खपरिये दोनों आँखों से दिव्यांग हैं उसके बावजूद कोविड टीकाकरण कराने स्वयं आगे आये और स्वास्थ विभाग की एएनएम श्रीमती आभा डिगरसे द्वारा वैक्सीन लगाने का कार्य किया गया।

जियालाल खपरिये का कहा कि कोरोना बीमारी से बचाव के लिये शासन द्वारा नि:शुल्क टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में सभी पात्र नागरिकों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिये। उन्होंने संदेश दिया कि टीका लगवाकर इस बीमारी से स्वयं भी बचें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।