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क्षत्रिय पवार समाज के पूर्व सैनिक संघ का नववर्ष मिलन समारोह हुआ संपन्न।


क्षत्रिय पवार समाज के पूर्व सैनिक संघ का नववर्ष मिलन समारोह केसर बाग में हुआ संपन्न।

1965, 1971 और 1999 के ऑपरेशन विजय कारगिल में सम्मिलित पूर्व सैनिकों को किया गया सम्मानित।

बैतूल। सतपुड़ा की सुरम्य वादियों और मांँ ताप्ती की गोद में बसे बैतूल जिले में 65 से अधिक जल, थल और वायु सेना के सैनिक एवं उनके परिवार के सदस्यों द्वारा 9 जनवरी 2022 को केसरबाग बैतूल में नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन किया गया।

जिसमें 1965 और 1971 की लड़ाई में शामिल थाना साईंखेड़ा के कैप्टन एल. आर. पवार, 1965 के युद्ध में शामिल सिपाही किशोर कुमार खवसे, 1971 में जूनियर वारंट ऑफिसर गणपति पवार, नायक शिवजी कोड़ले, 1999 ऑपरेशन विजय में सूबेदार भरत देशमुख,

नायब सूबेदार हरिराम पवार, हवलदार घुडन पवार सहित समाज के फिजियोथेरिपिस्ट डॉक्टर संदीप परिहार को जिला क्षत्रिय पवार समाज संगठन बैतूल के जिलाध्यक्ष बाबूलाल कालभोर, उपाध्यक्ष बाबूराव पवार, कोषाध्यक्ष मुन्नालाल डहारे एवं पवार समाज के पत्रकार रामकिशोर पवार, शंकर पवार, प्रदीप डिगरसे, जगदीश चंद्र पवार द्वारा सम्मानित किया गया।

साथ ही जिले के सभी पवार पत्रकारों नन्दकिशोर पवार, मनोज देशमुख, हेमंत पवार, अजय पवार, मोहित पवार, अमित गोलू पवार, रानू हजारे को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम पूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष हरिराम पवार की अध्यक्षता में जिला क्षत्रिय पवार समाज के पदाधिकारियों, पूर्व सैनिक संघ के पदाधिकारीयों और पत्रकार बंधुओं की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

जिला क्षत्रिय पवार समाज के मिडिया प्रभारी प्रदीप डिगरसे ने बताया कि कार्यक्रम का आरंभ मांँ गढ़कालिका और चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज का पूजन और आरती के साथ किया गया। इस अवसर पर छोटे बच्चों द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्रतिभागी बच्चों को पूर्व सैनिकों के द्वारा पुरस्कृत भी किया गया।

इस अवसर पर रामकिशोर पवार पत्रकार द्वारा वर्ष 2022 के ताप्ती हलचल कलैन्डर, हस्त लिखित पुस्तक “अजब गाँव की गजब दास्तां” और कहानियों का संग्रह “काला गुलाब” को सभी सैनिक बंधुओं को वितरित की गई। और अगले नववर्ष तक जिले के सभी सैनिकों के जीवन पर एक पुस्तक का प्रकाशन कर समर्पित करने की बात कही।

पत्रकार शंकर पवार, कैप्टन एल.आर. पवार, बाबूलाल कालभोर ने अपने उद्बोधन के माध्यम से अपने अनुभव को साझा किए। इस अवसर पर कोरोना के समय काल के गाल में समाये सभी मृत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी सैनिक बंधुओं ने केशर बाग के संचालक अतीत पवार का आभार और धन्यवाद प्रेषित किया। संचालन श्रीमती रेखा पवार ने एवं आभार प्रदर्शन केप्टन एल. आर. पंवार द्वारा किया गया।

आयोजन को सफल बनाने में सैनिक हेमंत गोहिते, गजानन पवार, नारायणराव पवार, प्रवीण पवार, पूरण पवार, केवराम पवार, बन्नूलाल हिगवें, अशोक पवार सहित सभी सैनिकों का सराहनीय योगदान रहा।

पंचायती राज में पहली बार बेमिसाल बना रोंढा, 14 वार्ड मेम्बर चुने गए निर्विरोध, चुनाव निरस्त होने के बाद भी बने चर्चा का बने केन्द्र ।


प्रदीप डिगरसे, कविता डिगरसे

रोंढा बैतूल। पंचायत चुनाव में अब तस्वीर साफ हो गई है । पहले और दूसरे चरण के लिए होने वाले चुनाव में उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह दे दिए गए है । उम्मीदवार भी अब चुनावी सरगर्मी में कूद गए हैं और मतदाताओं से जनसंपर्क में जुट गए हैं । पंचायत चुनाव की रोचकता रोज बढ़ने लगी है और इसमें अलग-अलग तस्वीरें सामने आएंगी ।

ऐसा ही एक नजारा जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पंचायत रोंढा में सामने आया है जहाँ जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों को निर्विरोध पंच चुन लिया है । वार्ड क्रमांक 17 में रहने वाले श्यामकिशोर डिगरसे के दो पुत्रों और दो पुत्रवधुओं, जिसमें वार्ड क्रमांक 4 से संदीप डिगरसे, वार्ड क्रमांक 14 से प्रदीप डिगरसे गणित, वार्ड क्रमांक 3 से निर्मला डिगरसे और वार्ड क्रमांक 17 से कविता डिगरसे को निर्विरोध पंच चुन लिया गया है। प्रदीप डिगरसे गणित और कम्प्यूटर में पोस्ट ग्रेजुएट हैं तो उनकी पत्नी कविता डिगरसे एमसीए ( मास्टर ऑफ कम्प्यूटर ऐप्लिकेशन) है।

संदीप डिगरसे, निर्मला डिगरसे

रोंढा के वार्ड क्रमांक 5 में रहने वाले मोहनलाल पवार की पत्नी रामकला पवार वार्ड क्रमांक 15 और पुत्र शैलेंद्र पवार वार्ड क्रमांक 5 से निर्विरोध पंच चुने गए। वार्ड क्रमांक 18 में रहने वाले स्व. मारुतीराव कोड़ले के दो पुत्रों राजेश कोड़ले को वार्ड क्रमांक 10 और दिनेश कोड़ले को वार्ड क्रमांक 18 से निर्विरोध चुन लिया गया। साथ ही वार्ड क्रमांक 2 से निर्विरोध चुनी गई मालती चौधरी पेशे से वकील है।

वैसे तो पंच का चुनाव बड़ा नहीं होता है लेकिन इस पंच के चुनाव में बड़ी बात है कि यहां से चुनाव लड़ रहे ज्यादा पढ़े लिखे होने के बाद भी पंच का चुनाव लड़ने मैदान में आए हैं । इतना पढ़ा-लिखा होने के बाद भी अगर कोई पंच का चुनाव लड़ रहा है। तो विचारधारा खास ही होगी।

निर्विरोध चुने गए अभ्यर्थी प्रदीप डिगरसे ने बताया कि कोई चुनाव छोटा या बड़ा नहीं होता है । मैं चुनाव मैदान में इसलिए आया हूँ कि जिला मुख्यालय से महज 10 किमी दूर होने के बावजूद भी गांव में विकास दूर-दूर तक नजर नही आता है तो कही ना कही शासन की योजना का सही लाभ जनता तक ना पहुँच पाना है। गाँव की गरीब जनता को अपने अधिकारों से अवगत कराने और हक दिलाने, उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने, गांव के विकास को लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मैंने और मेरी पत्नी ने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। वैसे हम दोनों ही प्रत्याशी चुनाव में निर्विरोध विजयी हो गए है अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा होना शेष है।

प्रदीप डिगरसे ने बताया है कि उनका लक्ष्य पहले गांव में निर्विरोध सरपंच और पंच का चुनाव करवा कर पूरे प्रदेश और जिले में गांव का गौरव बढ़ाना था। जिसके बाद शासन से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग ग्राम विकास के लिए करवाना था, साथ ही जिले सहित प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को संदेश देना था कि वह भी अपने गांव के विकास के लिए इसी प्रकार से पढ़े लिखे सरपंच और पंचों का निर्विरोध चुनाव कर एकता की मिसाल पेश करे। जिसमें वे काफी हद तक सफल भी हुई है परंतु पेच तब फँस गया जब सरपंच की सीट अनुसूचित जनजाति की महिला होने और उनके पीछे रहने वाले पार्टीगत नेताओं के साथ भी बातचीत की परन्तु पार्टीगत नेताओं ने अपनी कुर्सी और पार्टी में अपनी साख बचाने के लिए अपने अपने सरपंच प्रत्याशियों का नामांकन वापस लेने से इंकार कर दिया और सरपंच का चुनाव दो अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के बीच रह गया।

अभी ग्राम के 19 वार्डों में से 14 वार्डो पर निर्विरोध पंच चुन लिए गए जबकि 5 वार्ड ओबीसी आरक्षण के तहत अभी प्रत्याशियों का नामांकन भरना शेष है। प्रदीप डिगरसे का कहना है कि आगे आने वाले समय में वे उन 5 वार्ड़ो में होने वाले चुनाव को भी निर्विरोध कराने का सफल प्रयास करेंगे।

सरपंच के लिए इन दो प्रत्याशियों में मुकाबला
रोंढा पंचायत में सरपंच के चयन के लिए जरूर मुकाबला होगा। सरपंच पद अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। यहां सरपंच बनने 2 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें सविता सालकू कवड़े और विमला संजू धुर्वे शामिल हैं। सविता कवड़े को चश्मा और विमला धुर्वे को गिलास चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ है।

यह 14 उम्मीदवार चुने गए निर्विरोध पंच
पंचायत में 14 पंच निर्विरोध चुन लिए गए है और केवल 5 ओबीसी के लिए आरक्षित पंचों का ही चुनाव बाकी हैं। निर्विरोध चुन लिए गए पंचों में सुमित्रा महेंद्र पवार, मालती प्रदीप चौधरी, निर्मला संदीप डिगरसे, संदीप श्यामकिशोर डिगरसे, शैलेंद्र मोहनलाल पवार, सरोज चुन्नीलाल चौधरी, वंदना भीम डोंगरे, राजेश मारुतीराव कोड़ले, प्रदीप श्यामकिशोर डिगरसे, रामकला मोहनलाल पवार, आशा चन्द्रेश ओमकार, कविता प्रदीप डिगरसे, दिनेश मारुतीराव कोड़ले और मुन्नी बाई बलदेव शामिल है।

“अजब गांव की गजब दास्तां – रोंढा” पुस्तक का सांसद श्री डी डी उइके ने किया विमोचन


बैतूल। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम रोंढा में रविवार को रामकिशोर दयाराम पंवार लिखित पुस्तक “अजब गांव की गजब दास्तां” का विमोचन बैतूल-हरदा-हरसूद सांसद श्री डीडी उइके और रामकिशोर पवार की माँ श्रीमती कसिया बाई पवार की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

रामकिशोर ने अपने गांव के बारे किताब लिख कर देश – दुनियां को रोंढ़ा के बारे में वह जानकारी देने का काम किया है। जिसे आने वाली पीढ़ी को गांव के बारे में पता चल सकेगा, कि यह गांव कितना समृद्ध एवं विकासशील था।

बैतूल-हरदा-हरसूद संसदीय क्षेत्र से सासंद श्री डीडी उइके ने ग्राम रोंढ़ा में पहली बार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर रोंढ़ा में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मां सरस्वती एवं पुण्य सलिला मां सूर्यपुत्री ताप्ती की पूजा अर्चना और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में आमंत्रित सभी अतिथियों का पुष्पमाला से स्वागत सत्कार होने के बाद पत्रकार / लेखक रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढ़ावाला की पुस्तक “अजब गांव की गजब दास्तां” का विमोचन करते हुए मध्यप्रदेश – महाराष्ट्र की सीमा पर बसे आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले से चुने गए भाजपा सासंद श्री दुर्गादास उइके ने अपने धारा प्रवाह भाषण में कहा कि जन्म देने वाली माँ की महिमा का बखान करते हुए कहा कि मै उन सौभाग्यशाली लोगों में से एक हूँ, जिसने अपने और लेखक रामकिशोर दयाराम पंवार के माता – पिता के संग चार धामों की यात्रा की है।

लेखक और उसके परिवार के साथ-साथ अपने पुराने सबंधो का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि आज के कार्यक्रम में उपस्थित लेखक की माता श्रीमति कसिया बाई पंवार को सम्बोधित करते हुए कहा कि माँ की मौजूदगी किसी भी कार्यक्रम में चार चाँद लगा देती है। माता – पिता की सेवा का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता है। जननी और जन्मभूमि दोनो माता है। आज रामकिशोर पंवार ने अपनी जन्मभूमि की महिमा को किताब का रूप देकर उसका कर्ज अदा कर दिया है। सासंद श्री उइके ने कहा कि माँ की महीमा अपरमपार है।

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में ग्राम रोंढ़ा में जन्मे दो दर्जन से अधिक शासकीय सेवानिवृत एवं शासकीय सेवारत लोगो तथा सेना के सेवानिवृत सैनिको का शाल श्री फल से सम्मान किया। गांव से निकल कर गांव की पहचान बनाने वाले, जिनका सम्मान किया गया वे अपने सम्मान को पाकर भाव विभोर हो गए।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से महाकौशल की संस्कारधनी नगरी जबलपुर से पधारे अंतराष्ट्रीय कवि माथुरकर जबलपुरी, पवार समाज संगठन के जिलाध्यक्ष बाबूलाल कालभोर, रोंढ़ा के श्री गुलाबराव कालभोर, श्री दीलिप ओमकार, श्री अशोक बारंगे, श्री चन्द्रशेखर मुल्लू देवासे, श्री मिसरू देवासे, बैतूल के नामचीन अधिवक्ता श्री प्रशांत गर्ग, ग्राम रोंढ़ा में पढ़े पूूर्व जिला भाजपा महामंत्री एवं शासकीय अधिवक्ता बलराम कुंभारे, अधिवक्ता संजय शुक्ला, पत्रकार सुनील पलेरिया,

मुलताई से जगदीश चन्द्र पवार, श्री कमल पवार, भाजपा मीडिया प्रभारी अखलेश परिहार, युवा कवि अजय पवार, इंजीनियर अनिल डिगरसे, सहायक इंजीनियर लक्ष्मण पवार, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी श्री दिनेश डिगरसे, लाडो फाऊडेंशन के अनिल यादव पहलवान, रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष डाँ अरूण जयसिंहपुरे, श्री वायुसेना में कार्यरत रहे कैप्टन अशोक पंवार, मुन्नालाल डहारे, जनकलाल कड़वे, श्यामराव देशमुख जामठी,

ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तरूण कालभोर,जनपद सदस्य ललीत बांरगे, तरूण पाठा, सुभाष कालभोर, विजेन्द्र पाठा, रमेश डिगरसे, जगदीश खपरिये, पत्रकार नीतिन अग्रवाल, राज मालवीय, मनोज अतुलकर, गौदन कालभोर, चन्द्रेश ओमंकार, युगेश देशमुख, कल्लू कोड़ले, प्रवीण चौधरी, संतोष कालभोर, राजेश तावरे, दयाराम चौधरी, मोहन डोंगरदिये, तोषण खपरिये, अनुकुल डिगरसे, रोशन देशमुख, सचिन हजारे, दुर्गाप्रसाद कसरादे आदि उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन श्री बी. आर. पंवार शिक्षक एवं श्री संजय पठाडे शेष और आभार प्रदर्शन श्री प्रदीप डिगरसे रोंढा द्वारा किया गया।

रोंढा की माटी के लाल श्री रामकिशोर पवार पत्रकार की “पुस्तक मेरा बैतूल” का विमोचन आज


बैतूल। जिले में बीते 40 वर्षो से सक्रिय एवं लगातार समाचार पत्रो एवं पत्रिकाओ में छपते चले आ रहे रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढावाला की पुस्तक मेरा बैतूल का विमोचन आज गुरुवार 11 बजे मीडिया सेंटर में किया जाएगा। इस पुस्तक की खास बात यह है कि इसमें बैतूल के 200 वर्ष के इतिहास की जानकारी है। उल्लेखनीय है कि ग्राम रोंढा में 23 मई 1964 को जन्मे रामकिशोर पंवार बीते चार दशक से जिले से सक्रिय पत्रकार लेखक, सत्यकथा लेखक एवं कहानीकार रहे है। उनके अनेक सत्यकथाए और कहानियां पूरे देश में विभिन्न भाषाओं के समाचार पत्रो एवं पत्रिकाओं मे छपती चली आ रही है। वर्ष 2004 से जिला मुख्यालय पर दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी दैनिक समाचार पत्र पंजाब केसरी के बैतूल ब्यूरो रहे रामकिशोर पंवार के द्वारा भोपाल से हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्र ताप्ती हलचल का प्रकाशन किया जा रहा है। बैतूल जिले की पत्रकारिता पर उनकी पहली किताब प्रकाशित हुई है। श्री पंवार की तीन अन्य किताबे नदियों का ननिहाल, बेतूल और मेरी जन्मभूमि प्रिंट हो रही है। बैतूल जिले की पत्रकारिता को करीब से जानने वाले रामकिशोर पवार की इस किताब में जिले के गावो और जिले की विशेषता और आजादी के आंदोलन से जुड़े लोगो की जानकारी एवं कई बीती घटनाओ का भी उल्लेख पढऩे को मिलेगा। श्री पंवार की इस किताब में बैतूल जिले में गुरु नानक देव से लेकर महात्मा गांधी के आने तक की घटनाओं की जानकारी पढऩे को मिलेगी। बैतूल जिले की जानकारी और जिले का पर्यटक एवं इतिहासिक मानचित्र को भी जानने का मौका इस किताब में मिलेगा। श्री पंवार ने जिले की इतिहास पुरातत्व धार्मिक भूगोलिक के साथ साथ जिले के 200 साल का लेखा जोखा भी हैं। जिला मुख्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों में आए बदलावो एवं घटनाक्रमो को भी शामिल किया है। मीडिया सेंटर में आयोजित विमोचन समारोह में जिले के सभी पत्रकारो को श्री पंवार ने आमंत्रण पत्र भेजा है।

एक सप्ताह से बंद पडी़ नलजल योजना


एक सप्ताह से बंद पडी़ नलजल योजना ग्रामीणाें काे नहीं मिल रहा पानी

जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम रोंढा में पिछले एक सप्ताह से नलजल योजना की बिजली कट गई है और गांव में जलसंकट पड़ गया है।

रोंढा गांव के ग्रामीण एक सप्ताह से पेयजल के लिए परेशान हो रहे हैं। इसकी वजह नलजल याेजना का बिल जमा नहीं हाेने पर बिजली काट दिया जाना है। इससे पीने के पानी की सप्लाई बंद पड़ी हुई है। महिलाओं काे पेयजल के लिए दूरदराज क्षेत्र और हेन्डपम्पों पर पानी के लिए जाना पड़ रहा है।

ग्रामीण निजी जल स्रोतों पर आश्रित है। वहीं मवेशियों को भी पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्राम के यशवंतराव देशमुख, प्रदीप डिगरसे, जितेन्द्र पवार, रमेश डिगरसे, जगदीश खपरिये ने बताया एक सप्ताह से नल जल योजना बंद है। ग्रामीण समय पर पेयजल का भुगतान करते भी हैं। इसके बाद भी पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि नल जल योजना के संचालन के लिए समिति भी गठित की थी। इसके बावजूद इसका व्यवस्थित संचालन नहीं हाे पा रहा। पंचायत ने अब तक बिजली बिल जमा नहीं किया है और ना ही ग्रामीणों को कोई हिसाब दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत की लापरवाही का खामियाजा आम ग्रामीणाें काे भुगतना पड़ रहा है। उन्हाेंने कहा नल जल याेजना शुरू नहीं हाेने पर ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे।

जिले में धूमधाम से मना गया भुजलिया पर्व


फोटो – ग्राम भडूस में मनाया भुजलिया पर्व।

बैतूल। बैतूल जिले में प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी धूमधाम से भुजलिया पर्व मनाया गया और भुजलिया का विसर्जन पारंपरिक रूप से किया गया।

फोटो – ग्राम खेड़ीसाँवलीगढ़ में मनाया भुजलिया पर्व।

भुजलिया पर्व रक्षाबंधन के दूसरे दिन मनाया जाने वाला त्यौहार है जिसे शहर से लेकर गांव तक में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है और भुजलिया विसर्जन के लिये महिलाओ में खूब हर्षोल्लास रहता है।

महिलाओं के द्वारा भुजलिया विसर्जन से पूर्व भुजलिया की आरती की जाती है और अपनी कामनाओं के साथ भुजलिया का विसर्जन किया जाता है। जिसके लिए माताएं-बहनें भारी संख्या में जुड़ती है और अपनी पारंपरिक रूप से भुजलिया का विसर्जन किया जाता है। महिलाओं के द्वारा एक दूसरे के ऊपर पानी की बौछार की जाती है और एक दूसरे को भुजलिया देकर सुख समृद्धि की कामना की जाती है।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल

75 वें स्वाधीनता दिवस पर दृष्टि एजुकेशन प्वाइंट में सम्पन्न हुआ रक्तदान शिविर


बैतूल। 75 वें स्वाधीनता दिवस की शुभ अवसर पर दृष्टि एजुकेशन संस्थान में जिला चिकित्सालय बैतूल, दृष्टि एजुकेशन संस्थान और पूर्व सैनिक संघ के संयुक्त प्रयास से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें युवाओं ने जोश और जुनून के साथ रक्तदान कर देश भक्ति, समाज सेवा और देश के प्रति बलिदान का जोरदार नमूना पेश करते हुए 25 यूनिट रक्त दान कर स्वाधीनता दिवस मनाया गया।

इस शुभ अवसर पर ब्लड बैंक अधिकारी डॉक्टर अंकिता शीते जिला अस्पताल बैतूल के द्वारा रक्तदान करने वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। मंच पर उपस्थित विजय नरवरे, संजय नरवरे, सचिव पूर्व सैनिक संघ सुदामा जी सूर्यवंशी के द्वारा युवाओं को देश के प्रति देश भक्ति की शिक्षा दी गई।

संस्था के पूर्व शिक्षक श्री प्रदीप डिगरसे ने अपने जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान कर शिविर का शुभारंभ किया साथ ही संस्था के शिक्षक श्री प्रदीप सिंह कुशवाह, सुश्री रिचा बहेरिया, श्री रुपेश पवार, श्री दीपक साहू ने रक्तदान किया। जिसमें दृष्टि एजुकेशन के छात्र छात्राओं ने भरपूर उत्साह के साथ भारत माता के जय घोष के साथ रक्तदान किया। संस्था के शिक्षक निखिल घोड़की, कुमारी शालू लिखितकर, कुमारी विद्या कवड़कर ने रक्तदाताओं का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए स्वल्पाहार वितरित किया।

दृष्टि एजुकेशन संस्था के संचालक श्री कमलेश निरापुरे ने बताया कि स्वाधीनता दिवस के अवसर पर यह कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आगे आने वाले वर्षों में बढ़ते क्रम में रक्तदान शिविर को सफल बनाने का पूर्ण प्रयास किया जाएगा। श्री निरापुरे ने बताया की दृष्टि एजुकेशन संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को देशभक्ति, समाज सेवा से जोड़ने का भरपूर प्रयास किया जाता है।

75 वें स्वाधीनता दिवस और जन्मदिन के अवसर पर किया रक्तदान और वृक्षारोपण


75 वें स्वाधीनता दिवस और जन्मदिन के अवसर पर किया रक्तदान और वृक्षारोपण

बैतूल। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम रोंढा के पर्यावरणप्रेमी और समाजसेवी प्रदीप डिगरसे ने अपने जन्मदिन और 75 वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर दृष्टि एजुकेशन पाईट तत्वावधान और ब्लड बैक के सहयोग से होने वाले रक्तदान शिविर में पहुँच कर रक्तदान किया और ब्लड बैंक अधिकारी डॉक्टर अंकिता शीते से प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया।

उसके बाद अपने परिवारजनों के साथ वृक्षारोपण कर पालन पोषण करने का संकल्प लिया।

पर्यावरण प्रेमी और समाजसेवी प्रदीप डिगरसे का कहना है कि सभी लोगों को अपने जन्मदिन, विवाह, राष्ट्रीय पर्व, त्यौहार सहित शुभ अवसरों पर रक्तदान और वृक्षारोपण का चाहिए, दोनों ही कार्य एक प्रकार से गुप्त दान है। इसलिए ऐसे कार्यों को सहज ही कर लेना चाहिए। श्री डिगरसे ने सभी देशवासियों को 75 वें स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी है।

नन्हे बालकों और युवाओं ने मिलकर किया सड़क के गड्ढे भरने का काम


बैतूल। मामला है बैतूल जिले के समीपस्थ ग्राम रोंढा का जहां रोंढा से भडूस की ओर जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क को नहर की पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी द्वारा खोद दिया गया है और क्षतिग्रस्त कर दिया है। जो अब बरसात के दरमियान और भी खस्ताहाल हो चुकी है जिसके कारण सड़क से आने जाने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस स्थान पर से आने जाने ग्रामीण बुजुर्ग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं और ऐसी स्थिति को देखते हुए ग्राम के नन्हे बालकों और युवाओं ने मिलकर सड़क के बाजू पड़ी मुरूम और मिट्टी से सड़क में गड्ढे भरने का काम किया है। सड़क में बने इस गहरे गड्ढे की सूचना ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधि और नहर की पाइप लाइन बिछाने वाली कंपनी को भी मौखिक रूप से अवगत कराया गया पर किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया और आगे आने वाले समय में कोई बड़ी दुर्घटना ना हो इस कारण ग्राम के नन्हें बालकों और युवाओं ने अपने जन सहयोग से इस सड़क में हुए गड्ढे को भरने का कार्य किया है।

विधायक धरमुसिंग सिरसाम फिल्म जंगल सत्याग्रह मे बतौर अभिनेता के रूप मे निभाएंगे किरदार


बैतूल- बगडोना बस्ती में सामुदायिक भवन में द्वितीय ऑडिशन संपन्न किया गया, फिल्म के लेखक एवं निर्देशक प्रदीप उइके ने बताया कि मध्यभारत (गोंडवाना प्रांत) वर्तमान मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी क्षेत्र मे जन्मे सरदार गंजन सिंग कोरकू और सरदार विष्णुसिंग उइके हजारों आदिवासी के साथ मिलकर अंग्रेजो से लोहा लेकर देश के आजादी में अमूल्य योगदान दिया, नमक सत्याग्रह के समतुल्य आदिवासी नेतृत्व ने पुरे देश में घास पर लगे कर के विरोध मे जंगल सत्याग्रह कर अंग्रेजों को दांतो तले चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया था, शराब दुकान लूटना, रेल्वे जलाना अनेक आंदोलन किये।

इस पर जंगल सत्याग्रह फिल्म बनाया जाना है, उसके लिए ऑडिशन रखे जा रहे है, निर्देशक लेखक प्रदीप उइके ने ये भी बताया कि विधायक धरमु सिंग सिरसाम भी फिल्म मे अहम भूमिका निभाते दिखाई देंगे, 150 से अधिक नागपुर, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, हरदा, बैतूल के कलाकारों ने हुनर पेश किया, फिल्म में 20-25 मुख्य कलाकार दिखाएंगे अपनी भूमिका उन्ही कि तलाश में कर रहे जगह जगह ऑडिशन, ऑडिशन मे जिले के वरिष्ठ जन विधायक धरमु सिंग सिरसाम, पूर्व जिला सदस्य श्यामू परते, जनपद अध्यक्ष आठनेर रामचरण इरपाचे, जनपद अध्यक्ष भैंसदेही संजय मावस्कर, जनपद उपाध्यक्ष घोड़ाडोंगरी, मिश्री परते, डॉ राजा धुर्वे, सरवन परते, सुभाष उइके, जयचंद सरियाम, इंजी. राजा धुर्वे, मुकेश धुर्वे मौजूद थे,

ऑडिशन समापन पर विधायक धरमुसिंग सिरसाम ने अपने वक्तव्य में कहाँ कि 1947 से आज प्रयन्त तक आदिवासियों के इतिहास को उजागर नहीं किया, मेरे बेटे तुल्य प्रदीप उइके ने आदिवासी क्रांतिकारियों पर फिल्म लिख इतिहास रच दिया, उन्हें फिल्म बनाने के लिए आर्थिक सहयोग किया जायेगा, श्यामू परते ने कहाँ कि गीत के माध्यम से बैतूल जिला आज भी गौरवान्वित महसूस करता है पहली बार हमारे इतिहास पर फिल्म बन रही है हमें गर्व महसूस हो रहा है सपना सच होते दिखाई दे रहा है, रामचरण इरपाचे ने बताया कि हमारे क्षेत्र आठनेर के जुगरु गोंड आष्टी के रहने वाले थे, उनके मित्र गंजन, विष्णु थे और इन्होने मिलकर इतिहास रच दिया, इससे युवावों को प्रेरणा लेनी चाहिए, तन, मन और धन से पूर्ण सहयोग किया जायेगा, संजय मावस्कार ने कहाँ कि कोरकू समुदाय आर्थिक पिछड़ा जरूर है मगर आज भी एकता मजबूत है, हमारे पूर्वजों ने विरासत में ये गुण हमें दिये, मिश्री परते जी सम्बोधन करते हुये कहने लगे ये दिन देखने के लिए हम राह देख रहे थे, कोई तो समाज में पैदा होगा जो समाज पर फिल्म लेखन कर बनायेंगा, देर है पर अंधेर नहीं, सुभाष उइके ने कलाकारों का हौशल बढ़ाते हुये कहाँ कि कोई कलाकार छोटा और बड़ा नहीं होता, सभी को लगन से काम करने कि जरूरत, इंजी. राजा धुर्वे ने थिएटर एक्टर कि कहानी बताते हुये कहाँ शुरुआत एक बंद कमरे से होती है और पहचान पुरे देश में मिलती है, ये फिल्म आपकी किस्मत बदलकर ऊँचाई पर ले जाएंगी, अंतिम मे श्यामू परते ने सभी कलाकारों को उनके उज्जवल भविष्य कि शुभकामनायें दी।