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छिंदवाड़ा में कोरोना वायरस का पहला पॉजिटिव मरीज की मौत, इनके पिता भी संक्रमित


84 लोगों को किया संक्रमित, सेम्पल जाँच के लिए भेजा

Multapi Samachar

Coronavirus in Chhindwara

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कोरोना वायरस से पहली मौत का मामला सामने आया है, इसी के साथ प्रदेध में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 9 हो गया है। जानकारी के मुताबिक ये इंदौर में वाणिज्यकर विभाग में पदस्थ थे, मौत की पुष्टि सिविल सर्जन ने की है। मरीज के पिता भी कोरोना पॉजिटिव हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। इन दोनों के संपर्क में आने वाले 31 लोगों के ब्लड सैंपल लिए जा चुके हैं, वहीं 84 लोगों की सूची तैयार की जा चुकी है। इंदौर से 20 मार्च को छिंदवाड़ा के गुलाबरा आए युवक के आइसोलेट किए जाने के बाद उसके सैंपल जांच के लिए जबलपुर भेजा गया था। जबलपुर से आई रिपोर्ट में युवक कोरोना पॉजीटिव पाया गया और शनिवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। हरकत में आए प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल ही युवक की मुलाकात किन-किन लोगों से हुई और कहां-कहां वह रूका जिसको लेकर सभी परिचित और रिश्तेदारों के ब्लड़ सैंपल लिए गए।

इन सैंपल को जांच के लिए जबलपुर भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। साथ ही एहतियात के तौर पर दो निजी अस्पताल फिलहाल बंद हैं। शहर को कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगातार प्रशासनिक अधिकारी प्रयास कर रहे हैं। इस प्रयास के चलते रोजाना हर आने और जाने वालों से पुलिस कर्मी पूछताछ कर रहे हैं। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जिले के अलग-अलग स्थान से शहर में आने वालों की स्केनिंग भी करवाई जा रही है।

गुरुवार को केवलारी निवासी एक युवक संदिग्ध अवस्था में जिला अस्पताल में आईसोलेट होने के बाद उसका सैंपल जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजे गए थे। जहां से देर रात में आई पॉजीटिव रिपोर्ट के बाद हरकत में आए प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार को शहर की सारी दुकानें बंद करवा दी तो वहीं आवाजाही पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी।

Corona virus उज्जैन in : वार्ड का ताला तोड़ते रहे कर्मचारी, एंबुलेंस में महिला की मौत


मुलतापी समाचार । उज्जैन । Corona virus in Ujjain

कोरोना वायरस संक्रमण के बीच संदिग्ध मरीजों के इलाज में लापरवाही उजागर हुई है। दानीगेट निवासी 58 साल की महिला को गुरुवार देर रात जिला अस्पताल के बाद माधवनगर अस्पताल में भेजा गया। यहां से उसे आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज भर्ती के लिए रैफर किया गया, मगर यहां वार्ड के ताले की चाबी ही नहीं मिली।

मौजूद कर्मचारी ताला तोड़ते रहे। इस दौरान महिला बाहर एंबुलेंस में तड़पती रही। करीब 45 मिनट बाद ताला टूटा और उसे वार्ड में भर्ती कराया गया। तब तक देर हो चुकी थी। महिला की मौत हो गई। इधर, गुरुवार रात को ही माधवनगर अस्पताल में भी दो संदिग्ध मरीजों की मौत हो गई।

इसमें लक्कड़गंज निवासी एक व्यक्ति और बड़नगर की एक महिला मरीज शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार बड़नगर की महिला को सांस लेने में अधिक तकलीफ हो रही थी। देर रात उसकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। वह तड़पती रही। वेंटिलेटर नहीं मिला।

इधर, मौके पर कोई डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। कुछ देर महिला की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उसका शव पलंग के पास नीचे पड़ा मिला। थोड़ी ही देर बाद महिला के पड़ोस के बेड पर भर्ती लक्कड़गंज निवासी व्यक्ति की भी मौत हो गई। कोताही सामने आने के बाद अस्पताल के प्रभारी और सिविल सर्जन आरपी परमार को पद से हटा दिया गया।

शास्त्रीनगर के युवक की भी मौत, परिजन बोले- इलाज नहीं मिला

इंदौर । शास्त्री नगर निवासी 39 साल के युवक की भी शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्वजन का कहना है कि निजी अस्पतालों ने इलाज करने से मना कर दिया था। गुरुवार रात परिजन उसे लेकर इंदौर के एमवाय अस्पताल पहुंचे थे, मगर यहां उसकी मौत हो गई। युवक इंदौर में होटल मैनेजर था और पत्नी के साथ वहीं रहता था। लॉकडाउन में वह उज्जैन आ गया था।

गुरुवार रात को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, मगर यहां इलाज से मना कर दिया गया। इस पर उसे माधवनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां स्वास्थ्य अधिक खराब होने पर इंदौर रैफर कर दिया। स्वजन उसे लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचे ही थे कि उसकी मौत हो गई। एमवाय अस्पताल में मृत युवक का सैंपल भी लिया गया। डॉक्टरों का कहना था कि युवक में कोरोना के लक्षण मिले हैं। रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि होगी।

घर के बाहर निकल कर और एक जगह एकत्रित होकर हम मौत को ही न्यौता दे रहे हैं


इंसान की तरह मौत धोखा नहीं देती , लोग स्वयं बेमौत मरते हैं।

लॉकडाउन के समय घर से निकले लोगों की फाइल फोटो

मौत तो निर्धारित होती है, पर नासमझ लोग इसको अनिर्धारित कर देते हैं

एक फ़कीर शाम के वक़्त अपने दरवाज़े पर बैठा था, तभी उसने देखा कि एक छाया वहाँ से गुज़र रही है। फ़कीर ने उसे रोककर पूछा- कौन हो तुम ? छाया ने उत्तर दिया- मैं मौत हूँ और गाँव जा रही हूँ क्योंकि गाँव में महामारी आने वाली है। छाया के इस उत्तर से फ़कीर उदास हो गया और पूछा, कितने लोगों को मरना होगा इस महामारी में। मौत ने कहा बस हज़ार लोग। इतना कहकर मौत गाँव में प्रवेश कर गयी। महीने भर के भीतर उस गाँव में महामारी फैली और लगभग तीस हज़ार लोग मारे गए।

फ़कीर बहुत क्षुब्ध हुआ और क्रोधित भी कि पहले तो केवल इंसान धोखा देते थे, अब मौत भी धोखा देने लगी। फ़कीर मौत के वापस लौटने की राह देखने लगा ताकि वह उससे पूछ सके कि उसने उसे धोखा क्यूँ दिया। कुछ समय बाद मौत वापस जा रही थी तो फ़कीर ने उसे रोक लिया और कहा, अब तो तुम भी धोखा देने लगे हो। तुमने तो बस हज़ार के मरने की बात की थी लेकिन तुमने तीस हज़ार लोगों को मार दिया। इस पर मौत ने जो जवाब दिया वह गौरतलब है।
मौत बोली- मैंने तो बस हज़ार ही मारे हैं, बाकी के लोग (उनतीस हज़ार) तो नादानी और नासमझी से मारे गए। महामारी से बचाव जरुरी है,सुरक्षा जरुरी है। मौत के मुंह में खुद जाने वालों से मौत का कोई वास्ता नहीं। वे बेमौत मर कर उन्होंने भगवान की सृष्टि का अपमान ही किया। इसमें मेरा कोई दोष नहीं ,दोषी वे सब स्वयं है ।

दिल्ली की जनाजे की फाइल फ़ोटो

सही है, आज की संकट की इस घड़ी में देश के प्रधानमंत्री की बात न मानकर और घर के बाहर निकल कर,एक जगह एकत्रित होकर हम मौत को ही तो न्यौता दे रहे हैं।
मुलतापी समाचार

Coronavirus in Indore : इंदौर में मरीजों का आंकड़ा बडा , छह की हालत अभी भी गंभीर


इंदौर में कोरोना के कहर से दो लेागों की और मौत, अब तक पांच लोगों की इस वायरस से गई जान।

मुलतापी समाचार

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Coronavirus in Indore गुरुवार सुबह इंदौर में कोरोना संक्रमण से 2 मौत और हो गई। मृतक 65 वर्षीय महिला निवासी खजराना और 54 वर्षीय पुरुष मोती तबेला निवासी हैं। अभी छह मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 75 हो चुकी है।

सूत्रों के अनुसार इन सभी से संक्रमित होने वाले लोगों की जानकारी तो मिल रही है, लेकिन नए मरीज किसके संपर्क में आए यह जानकारी नहीं मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी भी अपर सेकेंड स्टेज में ही इसे नियंत्रण में लाने का विश्वास दिला रहे हैं।

सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया के अनुसार जो लोग पॉजिटिव मिल रहे हैं उनमें से कई लोग पहले से ही आइसोलेशन और क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती हैं। इससे इनके कम्युनिटी में संक्रमण फैलाने की संभावना कम होगी। इंदौर में कोरोना से पहली मौत 25 मार्च को 65 वर्ष पुरुष निवासी सिलावटपुरा की हुई थी।

उसके बाद 30 मार्च को राजकुमार कॉलोनी निवासी 41 वर्षीय पुरुष की मौत हुई थी। 30 मार्च को 49 वर्ष की महिला निवासी धार रोड की मौत हो चुकी है। 24 मरीजों की हालत में सुधार एमजीएम मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार 24 मरीजों की हालत में सुधार नजर आ रहा है। 8 मरीजों की हालत गंभीर थी जिनमें से दो की मौत हो चुकी है।

अभी भी 6 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। अन्य मरीजों की हालत स्थित है। 17 मरीजों को किया शिफ्ट भोपाल एम्स द्वारा भेजी गई 40 जांच रिपोर्ट में से 17 पॉजिटिव मरीज सामने आए थे। दो दिनों से लिस्ट नहीं मिलने से इन्हें असरावद के सेंटर में ही रखा गया था। इनमें से 11 एक ही परिवार के थे। इनके अलावा भी 8 अन्य पॉजिटिव मरीजों को शिफ्ट किया गया है।

मरीजों के परिजन क्वारंटाइन

टाटपट्टी बाखल में अपर कलेक्टर दिनेश जैन और एडिशनल एपी राजेश व्यास और अन्य अधिकारियों व जवानों की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे शुरू किया है। यहां से गुरुवार को 11 और लोगों को चोइथराम अस्पताल के पास अमरदास बैंक्वेट हॉल में क्वारंटाइन किया।

वहीं दौलतगंज में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के परिवार से पत्नी, बच्चों सहित 4 और स्नेहलतागंज से 5, लोगों को एमटीएच हॉस्पिटल में क्वारंटाइन किया गया है। अपर कलेक्टर पवन जैन ने बताया कि इलाके में सख्ती से कर्फ्यू का पालन कराया जा रहा है।